निश्चय रथ पर सवार निशांत कुमार का सियासी आगाज़, 3 मई से ‘सद्भाव यात्रा’ के जरिए बिहार में नई पारी की शुरुआत बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं, जहां पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार कल 3 मई से अपनी बहुप्रतीक्षित ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह यात्रा पश्चिम चंपारण की ऐतिहासिक धरती से शुरू होगी और खास बात यह है कि निशांत कुमार उसी चर्चित ‘निश्चय रथ’ पर सवार होंगे, जो कभी नीतीश कुमार के बिहार भ्रमण और ‘सात निश्चय’ अभियान का प्रतीक रहा है। राजनीति में औपचारिक एंट्री के बाद निशांत कुमार की यह पहली बड़ी सार्वजनिक और सियासी यात्रा मानी जा रही है, जिसे जेडीयू संगठन के लिए भी एक बड़े प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। इस यात्रा के जरिए निशांत कुमार न सिर्फ अपने पिता के 20 वर्षों के विकास कार्यों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे, बल्कि सीधे जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और मौके पर समाधान की दिशा में पहल करेंगे। इस पूरी यात्रा को हाईटेक अंदाज में तैयार किया गया है। ‘निश्चय रथ’ को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिसमें आरामदायक सफर के लिए बेड, सोफा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, जिससे यह सिर्फ एक प्रचार वाहन नहीं बल्कि चलता-फिरता संवाद मंच बन चुका है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने साफ किया है कि यह यात्रा केवल जनसंपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असली मकसद संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करना है। उन्होंने याद दिलाया कि यही ‘निश्चय रथ’ कभी ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम का गवाह बना था और अब उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए निशांत कुमार, नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में पार्टी और जनता के बीच एक मजबूत सेतु बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। वहीं, पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने बेतिया के जिला अतिथि गृह में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इस यात्रा की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे बिहार की राजनीति में एक नए नेतृत्व के उभार के तौर पर पेश किया। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि निशांत कुमार की यह ‘सद्भाव यात्रा’ जनता के बीच कितनी पैठ बना पाती है और बिहार की सियासत में किस तरह का नया समीकरण तैयार करती है।
निश्चय रथ पर सवार निशांत कुमार का सियासी आगाज़, 3 मई से ‘सद्भाव यात्रा’ के जरिए बिहार में नई पारी की शुरुआत बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं, जहां पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार कल 3 मई से अपनी बहुप्रतीक्षित ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह यात्रा पश्चिम चंपारण की ऐतिहासिक धरती से शुरू होगी और खास बात यह है कि निशांत कुमार उसी चर्चित ‘निश्चय रथ’ पर सवार होंगे, जो कभी नीतीश कुमार के बिहार भ्रमण और ‘सात निश्चय’ अभियान का प्रतीक रहा है। राजनीति में औपचारिक एंट्री के बाद निशांत कुमार की यह पहली बड़ी सार्वजनिक और सियासी यात्रा मानी जा रही है, जिसे जेडीयू संगठन के लिए भी एक बड़े प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। इस यात्रा के जरिए निशांत कुमार न सिर्फ अपने पिता के 20 वर्षों के विकास कार्यों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे, बल्कि सीधे जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और मौके पर समाधान की दिशा में पहल करेंगे। इस पूरी यात्रा को हाईटेक अंदाज में तैयार किया गया है। ‘निश्चय रथ’ को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिसमें आरामदायक सफर के लिए बेड, सोफा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, जिससे यह सिर्फ एक प्रचार वाहन नहीं बल्कि चलता-फिरता संवाद मंच बन चुका है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने साफ किया है कि यह यात्रा केवल जनसंपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असली मकसद संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करना है। उन्होंने याद दिलाया कि यही ‘निश्चय रथ’ कभी ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम का गवाह बना था और अब उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए निशांत कुमार, नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में पार्टी और जनता के बीच एक मजबूत सेतु बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। वहीं, पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने बेतिया के जिला अतिथि गृह में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इस यात्रा की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे बिहार की राजनीति में एक नए नेतृत्व के उभार के तौर पर पेश किया। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि निशांत कुमार की यह ‘सद्भाव यात्रा’ जनता के बीच कितनी पैठ बना पाती है और बिहार की सियासत में किस तरह का नया समीकरण तैयार करती है।
- पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के भवानीपुर पंचायत अंतर्गत जगदम्बापुर भरपटीया गांव स्थित शिव मंदिर शनिवार को अचानक चर्चा का केंद्र बन गया, जब एक प्रेमी जोड़े ने ग्रामीणों और दोनों पक्षों के परिजनों की मौजूदगी में विवाह के बंधन में बंधकर अपने रिश्ते को नया नाम दे दिया। मोबाइल फोन से शुरू हुई बातचीत का यह सफर प्यार तक पहुंचा और फिर सामाजिक स्वीकृति के साथ शादी में बदल गया, जिसे देखने के लिए आसपास के लोगों की भारी भीड़ मंदिर परिसर में जुट गई। मिली जानकारी के अनुसार बैरिया थाना क्षेत्र के बलुआ रामपुरवा गांव निवासी 25 वर्षीय झुन्नू चौधरी, पिता रामेश्वर चौधरी, पिछले करीब चार महीनों से श्रीनगर पुजाहां थाना क्षेत्र के भवानीपुर पंचायत के भरपटिया नवका बसीना टोला निवासी भागमनी कुमारी, पिता नरेश चौधरी, से मोबाइल पर बातचीत कर रहा था। बातचीत का सिलसिला धीरे-धीरे गहराया और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं, जो अंततः प्रेम संबंध में बदल गईं। शनिवार को युवक अपनी प्रेमिका से मिलने उसके गांव पहुंचा, जिसकी जानकारी जैसे ही ग्रामीणों और परिजनों को हुई, उन्होंने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को अपनी सहमति दे दी। इसके बाद गांव के ही शिव मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाज और सामाजिक मान्यताओं के अनुसार दोनों की शादी विधिवत संपन्न कराई गई। विवाह के दौरान मंदिर परिसर में उत्सुकता और खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों की भीड़ पूरे समय मौजूद रही और सभी ने इस सादगीपूर्ण विवाह में अपना सहयोग दिया। बिना किसी तामझाम के, सामाजिक सौहार्द और आपसी सहमति के साथ संपन्न हुई यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और एक सकारात्मक संदेश भी दे रही है कि आपसी समझ और परिवार की सहमति से हर रिश्ता सम्मानजनक तरीके से मुकाम पा सकता है।1
- बेतिया में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, देवनगर में जलजमाव से बढ़ी परेशानी बेतिया: शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश से रेलवे यात्रियों, आम लोगों और किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ा, जहां शादी समारोह की तैयारियां चल रही थीं। कई जगहों पर लग्न मंडप और पंडाल भीगकर खराब हो गए, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम भी बारिश की भेंट चढ़ गया। मझौलिया थाना परिसर, अंचल कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग परिसर में जलजमाव की स्थिति बन गई। वहीं, मौसम में बढ़ी नमी के कारण ठंडक भी महसूस की गई। स्थानीय निवासी एवं चीनी मिल कर्मी विक्रम प्रसाद चौरसिया ने बताया कि उनके घर बारात आनी थी, लेकिन मूसलाधार बारिश से तैयारियों को काफी नुकसान पहुंचा है। नगर निगम क्षेत्र के बानूछापर स्थित देवनगर मोहल्ले में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। वार्ड-29 के निवासियों ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक संपत्ति कर वसूली के बावजूद अब तक सड़क और नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। स्थानीय लोगों—अरुण कुमार सिंह, सुमन श्रीवास्तव, मृत्युंजय उपाध्याय, गुड्डू श्रीवास्तव, नागेंद्र सिंह एवं अधिवक्ता रंजीत रमन—ने महापौर गरिमा देवी सिकारिया से इस समस्या में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट।1
- गैस सिलेंडर के दाम बढ़े तो पाली (राजस्थान) में अर्थी ही निकाल दी। यह गुस्सा है व्यापारियों का। बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद महंगाई का जबरदस्त वार होने वाला है। विपक्ष के नेता भी इस मुद्दे पर सोशल मिडिया पोस्ट कर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं ।1
- अपडेट न्यूज़ बिहार' की खबर का बड़ा असर,बेतिया में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर बेतिया।शहर की सब्जी मंडी और हॉस्पिटल रोड में व्याप्त अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या को मेरे द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन में है। हमारे चैनल द्वारा इस जनसमस्या को उजागर करने के बाद जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया। उनके निर्देश पर आज बेतिया एसडीएम और ट्रैफिक डीएसपी अतनु दत्ता के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की गई। इस अभियान के दौरान नगर थाना प्रभारी धीरज कुमार अपने दलबल और बुलडोजर के साथ सड़कों पर उतरे। सब्जी मंडी से लेकर हॉस्पिटल रोड तक जिन लोगों ने अवैध रूप से सड़कों को घेर रखा था, उन पर प्रशासन का डंडा चला। सड़कों को जाम मुक्त कराने के लिए अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि सड़कों पर अतिक्रमण कर आम जनता के लिए परेशानी खड़ी करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि सजग पत्रकारिता और प्रशासनिक मुस्तैदी मिलकर शहर की व्यवस्था बदल सकते हैं।1
- बीते 3-4 दिन पहले आंधी से बिजली व्यवस्था खराब 3, 4दिनबाद भी नहीं सुधरा बिजली व्यवस्था अंधेरा में गुजर बसर कर रहे लोग1
- गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गांव स्थित प्राचीन काली मंदिर परिसर में एक 17 वर्षीय किशोर का शव फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मंदिर परिसर में ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। मृतक की पहचान शंकरपुर गांव निवासी रंजीत सिंह के पुत्र रोहन कुमार के रूप में की गई है। किशोर की संदिग्ध मौत को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। परिजनों के मुताबिक रोहन कुमार गुरुवार की देर शाम घर से बारात जाने की बात कहकर निकला था। देर रात तक जब वह बारात में नहीं पहुंचा1
- बैरिया थाना क्षेत्र के बगही रतनपुर पंचायत अंतर्गत बगही वार्ड नंबर16 के दर्जनों ग्रामीणों ने शनिवार के दोपहर करीब दो बजे बैरिया थाना पर पहुंच गए एवं बगही पुलवा टोला चौक पर बगही रतनपुर वार्ड नंबर 17 निवासी उमेश साह के द्वारा आर्केस्ट्रा का संचालन करने के विरोध में आवेदन दिए उसके बाद उन्होंने थाना के समक्ष विरोध प्रदर्शन भी किया दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने यह बताया है कि गांव के ही उमेश साह के द्वारा बगही पुलवा टोला चौक पर आर्केस्ट्रा का संचालन किया जाता है वहां से विद्यालय भी नजदीक है जिससे छात्र-छात्राओं सहित ग्रामीणों के बच्चे बच्चियों के माहौल पर बुरा असर पड़ता है इसके साथ ही ग्रामीणों ने दिए गए आवेदन में प्रशासन से गुहार लगाया है कि आर्केस्ट्रा के संचालन से दिन प्रतिदिन गांव का माहौल बिगड़ते जा रहा है वहीं उन्होंने आरोप लगाया है कि आर्केस्ट्रा संचालक उमेश साह ने चार पांच सालों से आर्केस्ट्रा का संचालन करता है और अश्लील गाना एवं अश्लील हरकत से गांव एवं समाज के बच्चे बच्चियों सहित महिलाओं पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है जिससे तंग आकर ग्रामीणों ने शनिवार के दिन बैरिया थाना पहुंच गए एवं आर्केस्ट्रा के संचालन गांव में नहीं करने का आवेदन देकर विरोध प्रदर्शन भी किया प्रदर्शनकारियो मे चंद्रमा देवी, अक्षय कुमार ,आलोक कुमार छोटेलाल प्रसाद, असेसर चौधरी, चंदेश्वर चौधरी, पप्पू पटेल, योगेंद्र प्रसाद, रामदेव चौधरी, ममता देवी, दुलारी देवी, मराछो देवी , सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे मामले में थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है जांच कर अग्रेतर करवाई किया जाएगा1
- पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट, IMD ने दी आंधी-बिजली से सावधान रहने की सलाह1
- बिहार में सिर्फ सरकार का ऐलान करना है लेकिन ये भ्रष्ट अधिकारी काम नहीं करना चाहते ये सिर्फ मलाई चाटने के लिए बैठा है इन लोगों को सिर्फ मलाई से मतलब है इसीलिए तो ऐसा हालत है बिहार के सरकारी स्कूलों का सरकार बोल रही है कि प्राइवेट स्कूल बंद होगा लेकिन जैसे सरकारी स्कूल की ऐसा हालत रहेगा1