logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सोशल मीडिया पर इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप का बताया जा रहा एक भावुक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें बाढ़ के तेज़ बहाव में फँसे एक बाघ को बचाने के लिए एक हाथी प्रयास करता दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य अचानक आई भीषण बाढ़ के दौरान का है जहाँ बाघ पानी के तेज़ बहाव में फँस गया था। वीडियो में हाथी अपनी सूँड के सहारे बाघ तक पहुँचने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करता हुआ नज़र आता है। इस मार्मिक दृश्य ने लाखों लोगों को भावुक कर दिया है और पशुओं की संवेदनशीलता के साथ-साथ उनके परस्पर सहयोग की भावना पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। हालाँकि, इस वीडियो के स्थान, समय और इससे जुड़े दावे की अभी तक स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी यह वीडियो लाखों लोगों द्वारा तेज़ी से साझा किया जा रहा है। यह दृश्य एक बार फिर यह संदेश देता है कि प्रकृति के जीव भी संकट की घड़ी में एक-दूसरे की सहायता करने की भावना रखते हैं, जो मानव समाज के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। इस घटना में हाथी ने इंसानियत की मिसाल पेश की है।

22 hrs ago
user_पत्रकार पांडे
पत्रकार पांडे
Comedy club जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
22 hrs ago

सोशल मीडिया पर इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप का बताया जा रहा एक भावुक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें बाढ़ के तेज़ बहाव में फँसे एक बाघ को बचाने के लिए एक हाथी प्रयास करता दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य अचानक आई भीषण बाढ़ के दौरान का है जहाँ बाघ पानी के तेज़ बहाव में फँस गया था। वीडियो में हाथी अपनी सूँड के सहारे बाघ तक पहुँचने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करता हुआ नज़र आता है। इस मार्मिक दृश्य ने लाखों लोगों को भावुक कर दिया है और पशुओं की संवेदनशीलता के साथ-साथ उनके परस्पर सहयोग की भावना पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। हालाँकि, इस वीडियो के स्थान, समय और इससे जुड़े दावे की अभी तक स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी यह वीडियो लाखों लोगों द्वारा तेज़ी से साझा किया जा रहा है। यह दृश्य एक बार फिर यह संदेश देता है कि प्रकृति के जीव भी संकट की घड़ी में एक-दूसरे की सहायता करने की भावना रखते हैं, जो मानव समाज के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। इस घटना में हाथी ने इंसानियत की मिसाल पेश की है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कारी बहार गांव में मृतक बादल वर्मा से जुड़े मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा एक बाइट जारी की गई है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को लेकर अपना बयान दिया है।
    1
    सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कारी बहार गांव में मृतक बादल वर्मा से जुड़े मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा एक बाइट जारी की गई है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को लेकर अपना बयान दिया है।
    user_Ghanshyam Verma
    Ghanshyam Verma
    जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ में वकीलों ने उपजिलाधिकारी प्रीति जैन पर अभद्रता का गंभीर आरोप लगाया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामसागर पाठक ने बताया कि उपजिलाधिकारी ने अधिवक्ता भएन्द्र जीत यादव के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कोर्ट से बाहर निकल जाने के लिए कहा। इस घटना से आक्रोशित वकीलों ने 'उपजिलाधिकारी लम्भुआ मुर्दाबाद' के नारे लगाए और प्रदर्शन किया। अधिवक्ता सुषमा पाल और अन्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उपजिलाधिकारी पर उचित कार्यवाही नहीं की जाती, तब तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। बार एसोसिएशन के सचिव ने यह भी आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी के न्यायालय में आदेश पारित होने के बावजूद महीनों तक कोई कार्यवाही नहीं होती है, जिससे आम जनता को बेवजह परेशान होना पड़ता है। वकीलों ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए न्याय की मांग की है।
    1
    सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ में वकीलों ने उपजिलाधिकारी प्रीति जैन पर अभद्रता का गंभीर आरोप लगाया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामसागर पाठक ने बताया कि उपजिलाधिकारी ने अधिवक्ता भएन्द्र जीत यादव के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कोर्ट से बाहर निकल जाने के लिए कहा। इस घटना से आक्रोशित वकीलों ने 'उपजिलाधिकारी लम्भुआ मुर्दाबाद' के नारे लगाए और प्रदर्शन किया।

अधिवक्ता सुषमा पाल और अन्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उपजिलाधिकारी पर उचित कार्यवाही नहीं की जाती, तब तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। बार एसोसिएशन के सचिव ने यह भी आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी के न्यायालय में आदेश पारित होने के बावजूद महीनों तक कोई कार्यवाही नहीं होती है, जिससे आम जनता को बेवजह परेशान होना पड़ता है। वकीलों ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए न्याय की मांग की है।
    user_भारत समाचार 72
    भारत समाचार 72
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सुलतानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में 29 जून को आजाद वर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आजाद की मौत किसी हमले या साजिश का परिणाम नहीं, बल्कि एक स्कॉर्पियो में अवैध पिस्टल चलाने के दौरान हुई एक्सीडेंटल फायरिंग के कारण हुई थी। जब युवक गाड़ी में मौजूद नई अवैध पिस्टल का परीक्षण कर रहे थे, तब अचानक चली एक गोली सीट को चीरते हुए आजाद वर्मा की कमर में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद आरोपी उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय इधर-उधर घुमाते रहे और अंततः लखनऊ ले गए। पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने घटना को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और झूठी कहानियां फैलाई थीं। वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक को लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त काली स्कॉर्पियो, अवैध पिस्टल, कारतूस का खोखा और सीट पर मौजूद खून के निशान व गोली के प्रवेश-निकास के साक्ष्य बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि घटना में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। सुलतानपुर पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस खुलासे ने यह साबित कर दिया है कि वैज्ञानिक जांच के सामने सोशल मीडिया पर रची गई कोई भी झूठी कहानी टिक नहीं सकती।
    1
    सुलतानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में 29 जून को आजाद वर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आजाद की मौत किसी हमले या साजिश का परिणाम नहीं, बल्कि एक स्कॉर्पियो में अवैध पिस्टल चलाने के दौरान हुई एक्सीडेंटल फायरिंग के कारण हुई थी। जब युवक गाड़ी में मौजूद नई अवैध पिस्टल का परीक्षण कर रहे थे, तब अचानक चली एक गोली सीट को चीरते हुए आजाद वर्मा की कमर में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद आरोपी उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय इधर-उधर घुमाते रहे और अंततः लखनऊ ले गए।

पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने घटना को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और झूठी कहानियां फैलाई थीं। वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक को लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त काली स्कॉर्पियो, अवैध पिस्टल, कारतूस का खोखा और सीट पर मौजूद खून के निशान व गोली के प्रवेश-निकास के साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि घटना में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। सुलतानपुर पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस खुलासे ने यह साबित कर दिया है कि वैज्ञानिक जांच के सामने सोशल मीडिया पर रची गई कोई भी झूठी कहानी टिक नहीं सकती।
    user_Prashant Yadav
    Prashant Yadav
    Local News Reporter कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • गुरुवार को हुई हल्की बारिश ने सुल्तानपुर के लंभुआ विकास खंड परिसर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कुछ ही देर की वर्षा के बाद पूरा ब्लॉक परिसर पानी से लबालब भर गया और तालाब में तब्दील हो गया। कार्यालय आने वाले कर्मचारियों, फरियादियों और आम नागरिकों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और सरकारी कार्यालयों तक पहुँचना भी मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने और नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण हर साल बरसात में ऐसी ही समस्या उत्पन्न होती है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हल्की बारिश में यह स्थिति है, तो लगातार या मूसलाधार बारिश होने पर हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत नालियों की सफाई कराने और ब्लॉक परिसर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। हल्की बारिश में ही विकास खंड परिसर के जलमग्न होने से लोगों में गहरी नाराजगी है और वे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
    1
    गुरुवार को हुई हल्की बारिश ने सुल्तानपुर के लंभुआ विकास खंड परिसर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कुछ ही देर की वर्षा के बाद पूरा ब्लॉक परिसर पानी से लबालब भर गया और तालाब में तब्दील हो गया। कार्यालय आने वाले कर्मचारियों, फरियादियों और आम नागरिकों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और सरकारी कार्यालयों तक पहुँचना भी मुश्किल हो गया।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने और नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण हर साल बरसात में ऐसी ही समस्या उत्पन्न होती है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हल्की बारिश में यह स्थिति है, तो लगातार या मूसलाधार बारिश होने पर हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।

इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत नालियों की सफाई कराने और ब्लॉक परिसर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। हल्की बारिश में ही विकास खंड परिसर के जलमग्न होने से लोगों में गहरी नाराजगी है और वे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
    user_Amarjeet Panday
    Amarjeet Panday
    Security Guard सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप का बताया जा रहा एक भावुक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें बाढ़ के तेज़ बहाव में फँसे एक बाघ को बचाने के लिए एक हाथी प्रयास करता दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य अचानक आई भीषण बाढ़ के दौरान का है जहाँ बाघ पानी के तेज़ बहाव में फँस गया था। वीडियो में हाथी अपनी सूँड के सहारे बाघ तक पहुँचने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करता हुआ नज़र आता है। इस मार्मिक दृश्य ने लाखों लोगों को भावुक कर दिया है और पशुओं की संवेदनशीलता के साथ-साथ उनके परस्पर सहयोग की भावना पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। हालाँकि, इस वीडियो के स्थान, समय और इससे जुड़े दावे की अभी तक स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी यह वीडियो लाखों लोगों द्वारा तेज़ी से साझा किया जा रहा है। यह दृश्य एक बार फिर यह संदेश देता है कि प्रकृति के जीव भी संकट की घड़ी में एक-दूसरे की सहायता करने की भावना रखते हैं, जो मानव समाज के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। इस घटना में हाथी ने इंसानियत की मिसाल पेश की है।
    1
    सोशल मीडिया पर इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप का बताया जा रहा एक भावुक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें बाढ़ के तेज़ बहाव में फँसे एक बाघ को बचाने के लिए एक हाथी प्रयास करता दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य अचानक आई भीषण बाढ़ के दौरान का है जहाँ बाघ पानी के तेज़ बहाव में फँस गया था।

वीडियो में हाथी अपनी सूँड के सहारे बाघ तक पहुँचने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करता हुआ नज़र आता है। इस मार्मिक दृश्य ने लाखों लोगों को भावुक कर दिया है और पशुओं की संवेदनशीलता के साथ-साथ उनके परस्पर सहयोग की भावना पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है।

हालाँकि, इस वीडियो के स्थान, समय और इससे जुड़े दावे की अभी तक स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी यह वीडियो लाखों लोगों द्वारा तेज़ी से साझा किया जा रहा है। यह दृश्य एक बार फिर यह संदेश देता है कि प्रकृति के जीव भी संकट की घड़ी में एक-दूसरे की सहायता करने की भावना रखते हैं, जो मानव समाज के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। इस घटना में हाथी ने इंसानियत की मिसाल पेश की है।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Comedy club जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सुल्तानपुर जीआरपी की कार्यशैली इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था से ज़्यादा चर्चाएँ वसूली, दबंगई और अनुशासनहीनता की हो रही हैं। आरोप है कि पश्चिम से आए कुछ सिपाहियों ने जीआरपी की छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, और सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सब बिना विभागीय संरक्षण के संभव है। चर्चा है कि जीआरपी प्रभारी भोलाशंकर का इन पर पूरा संरक्षण प्राप्त है। यह संरक्षण स्टेशन के बाहर टेम्पो स्टैंड, वेंडरों और कथित टिकट दलालों से होने वाली कथित वसूली के खेल से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क की कमान सिपाही योगेश कुमार यादव के हाथों में है, जो बिना वर्दी के भी दो वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ ऐसे घूमता है, मानो उसे व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए सरकारी एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया गया हो। यदि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे दृश्य वास्तविक हैं, तो तस्वीर और भी चिंताजनक है, जहाँ एक व्यक्ति को जानवरों की तरह बेरहमी से पीटा जा रहा है। ऐसे दृश्य न केवल पुलिस की छवि पर दाग लगाते हैं, बल्कि आम नागरिक के मन में कानून के प्रति भरोसा भी कमजोर करते हैं, जिससे स्टेशन परिसर में दहशत का माहौल है और लोग शिकायत करने से बचते हैं। इसके अतिरिक्त, गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय गौरव के अवसर पर भी अनुशासनहीनता देखने को मिली है, जहाँ सिपाही नितिन कुमार मलिक का आचरण सलामी समारोह के दौरान वर्दी की गरिमा और तिरंगे के सम्मान के अनुरूप नहीं था। इन गंभीर आरोपों को देखते हुए, सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सुल्तानपुर जीआरपी में कानून का राज है या कुछ लोगों की मनमानी का। यदि लगाए जा रहे आरोपों और सीसीटीवी फुटेज में दम है, तो संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लानी चाहिए, क्योंकि वर्दी सम्मान का प्रतीक है, भय और बदनामी का नहीं।
    1
    सुल्तानपुर जीआरपी की कार्यशैली इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था से ज़्यादा चर्चाएँ वसूली, दबंगई और अनुशासनहीनता की हो रही हैं। आरोप है कि पश्चिम से आए कुछ सिपाहियों ने जीआरपी की छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, और सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सब बिना विभागीय संरक्षण के संभव है।

चर्चा है कि जीआरपी प्रभारी भोलाशंकर का इन पर पूरा संरक्षण प्राप्त है। यह संरक्षण स्टेशन के बाहर टेम्पो स्टैंड, वेंडरों और कथित टिकट दलालों से होने वाली कथित वसूली के खेल से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क की कमान सिपाही योगेश कुमार यादव के हाथों में है, जो बिना वर्दी के भी दो वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ ऐसे घूमता है, मानो उसे व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए सरकारी एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया गया हो।

यदि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे दृश्य वास्तविक हैं, तो तस्वीर और भी चिंताजनक है, जहाँ एक व्यक्ति को जानवरों की तरह बेरहमी से पीटा जा रहा है। ऐसे दृश्य न केवल पुलिस की छवि पर दाग लगाते हैं, बल्कि आम नागरिक के मन में कानून के प्रति भरोसा भी कमजोर करते हैं, जिससे स्टेशन परिसर में दहशत का माहौल है और लोग शिकायत करने से बचते हैं। इसके अतिरिक्त, गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय गौरव के अवसर पर भी अनुशासनहीनता देखने को मिली है, जहाँ सिपाही नितिन कुमार मलिक का आचरण सलामी समारोह के दौरान वर्दी की गरिमा और तिरंगे के सम्मान के अनुरूप नहीं था।

इन गंभीर आरोपों को देखते हुए, सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सुल्तानपुर जीआरपी में कानून का राज है या कुछ लोगों की मनमानी का। यदि लगाए जा रहे आरोपों और सीसीटीवी फुटेज में दम है, तो संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लानी चाहिए, क्योंकि वर्दी सम्मान का प्रतीक है, भय और बदनामी का नहीं।
    user_ABHISHEK SINGH
    ABHISHEK SINGH
    Teacher जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.