मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पति की हत्या कर उसके शव के टुकड़े गैस सिलेंडर में छिपाने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, एक महिला पर अपने ही पति की कुल्हाड़ी से कथित रूप से हत्या करने और उसके शव के टुकड़े कर उन्हें गैस सिलेंडर के अंदर छिपाने का संगीन आरोप है। इस खौफनाक वारदात का खुलासा होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे की असली वजह और घटनाक्रम की पूरी सच्चाई जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। कानून से बड़ा कोई नहीं है और इस वारदात ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पति की हत्या कर उसके शव के टुकड़े गैस सिलेंडर में छिपाने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, एक महिला पर अपने ही पति की कुल्हाड़ी से कथित रूप से हत्या करने और उसके शव के टुकड़े कर उन्हें गैस सिलेंडर के अंदर छिपाने का संगीन आरोप है। इस खौफनाक वारदात का खुलासा होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे की असली वजह और घटनाक्रम की पूरी सच्चाई जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। कानून से बड़ा कोई नहीं है और इस वारदात ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
- सीधी जिले के अमिलिया चमरौहा में धर्मांतरण का खेल खुलेआम चल रहा है। इस पूरे खेल की सरगना और मास्टरमाइंड रानी वर्मा को बताया जा रहा है, जो गरीब लोगों को बहला-फुसलाकर और तरह-तरह के लालच देकर उनका धर्मांतरण करा रही है। इतना ही नहीं, कई बार यह भी देखने को मिला है कि धर्मांतरण करने और करवाने वालों के समर्थन में रानी वर्मा खुलकर मैदान में उतर आती है। इस पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि देश आखिर किस ओर जा रहा है। हिंदुत्व के नाम पर सरकार बनाने वाली भाजपा सरकार के राज में भी धर्मांतरण के इस गंदे खेल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस धर्मांतरण को रोकने का प्रयास करने वाले स्थानीय युवाओं और संगठनों के ऊपर ही उल्टा दबाव बनाया जा रहा है।1
- प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत सरस्वती हाईटेक सिटी में पुलिस, नारकोटिक्स टास्क फोर्स और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए तस्कर के पास से 515 ग्राम अवैध स्मैक पाउडर बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 3 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने उसके पास से 7060 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन और एक राउटर भी बरामद किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान 42 वर्षीय आलोक त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो बांदा जिले के नरैनी थाना क्षेत्र के किदवई नगर का निवासी है। पुलिस टीम ने उसे सरस्वती हाईटेक सिटी में यूनिवर्सिटी के पीछे वाली रोड से गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र थाने में मुकदमा अपराध संख्या 108/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ के दौरान अभियुक्त आलोक त्रिपाठी ने बताया कि वह मणिपुर के इम्फाल से आने-जाने वाले ट्रकों के माध्यम से स्मैक मंगवाता था और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपर्क स्थापित कर उसे बेचता था। पकड़े जाने के डर से वह अपने मोबाइल फोन में सिम कार्ड नहीं डालता था, बल्कि राउटर के माध्यम से इंटरनेट चलाकर केवल व्हाट्सएप पर ही बात करता था। बरामद की गई नकदी भी स्मैक की बिक्री की ही है। आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी है; साल 2020 में दिल्ली की रोहिणी थाना पुलिस ने उसे 3 किलो स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। इसके अलावा प्रयागराज के धूमनगंज और दारागंज थानों में भी उसके खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। इस सफल संयुक्त कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में औद्योगिक क्षेत्र थाना के थानाध्यक्ष कमलेश कुमार पटेल, उपनिरीक्षक अफजल सिद्दीकी, उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह यादव और कांस्टेबल रामआधार चौहान, विवेक यादव, प्रेमचन्द्र व रमेश यादव शामिल थे। वहीं नारकोटिक्स टास्क फोर्स की तरफ से प्रभारी उपनिरीक्षक सुरेश गिरी, कांस्टेबल विशाल सिंह, नंदलाल, कुलदीप सिंह और पुष्पेंद्र तेबतिया ने इस अभियान में मुख्य भूमिका निभाई।2
- प्रयागराज को हरित बनाने के लिए इस साल जिले में 90 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इस वृहद वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए प्रयागराज के जिला अधिकारी मनीष वर्मा ने आम जनता से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। इस अभियान के तहत पूरे जिले में फलदार, छायादार और औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। यह रोपण सरकारी जमीनों, स्कूल-कॉलेजों, पंचायत भवनों, सड़क किनारे, नदी-तालाब के किनारों और निजी संस्थानों में किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग, राजस्व, ग्राम पंचायत, शिक्षा विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर एक साझा प्रयास करेंगे। जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए डीएम मनीष वर्मा ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल पौधा लगाना नहीं, बल्कि हर पौधे को बचाना भी है। उन्होंने हर व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी तीन साल तक देखभाल करने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को समय से गड्ढे खोदने और पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में "एक छात्र-एक पौधा" कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। अभियान से जुड़ने के इच्छुक नागरिक और संस्थाएं वन विभाग या तहसील कार्यालय से संपर्क कर निशुल्क पौधे प्राप्त कर सकते हैं।1
- प्रयागराज के शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क परिसर में 12 जुलाई को पर्यावरण संरक्षण के लिए 'एक पेड़ माँ के नाम' वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अपने जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी जी ने त्रिदेव (पीपल, पाकड़ और बरगद) पेड़ लगाकर इस वृक्षारोपण मुहिम की शुरुआत की। इस महत्वपूर्ण मुहिम में जिलाधिकारी श्री मनीष वर्मा जी, उपनियंत्रक श्री नीरज मिश्रा जी, वरिष्ठ ए डी सी श्री राकेश कुमार तिवारी जी, राजेंद्र कुमार तिवारी दुकानजी, रवि द्विवेदी जी, आशीष बाजपेई जी, सुरेंद्र कुमार यादव, कृष्ण कुमार तिवारी जी, पूनम गुप्ता जी, अजय कुमार, रेनू श्रीवास्तव, अंजय कुशवाहा और शिशिर श्रीवास्तव उपस्थित रहे। इनके साथ ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, स्कूली बच्चों, पुलिस और सेना के जवानों ने भी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस पर्यावरण संरक्षण अभियान में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।1
- फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित यादव कॉलोनी में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी विराज पाठक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पुलिस की तेज कार्रवाई और सटीक पैरवी के बल पर कोर्ट ने महज 40 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करके आरोपी को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा का ऐलान किया। इस वारदात के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 5 घंटे के अंदर आरोपी विराज को एक मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। घटना की पृष्ठभूमि में पारिवारिक विवाद था। मृत बच्चे आरव की मां रति का अपने पति सुमित से विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर रति के देवर विराज पाठक ने तलाक दिलाने में मदद के बहाने उससे नजदीकियां बढ़ा ली थीं। जब डेढ़ साल का आरव इस एकतरफा संबंध में बाधा बनने लगा, तो विराज उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने गली में ले गया। वहां उसने बच्चे को एक टेडी बियर की तरह जमीन पर 8 बार बेरहमी से पटका, जिससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। कोर्ट ने इस बर्बर और जघन्य अपराध को ध्यान में रखते हुए हत्यारे को फांसी की सजा सुनाई है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पति की हत्या कर उसके शव के टुकड़े गैस सिलेंडर में छिपाने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, एक महिला पर अपने ही पति की कुल्हाड़ी से कथित रूप से हत्या करने और उसके शव के टुकड़े कर उन्हें गैस सिलेंडर के अंदर छिपाने का संगीन आरोप है। इस खौफनाक वारदात का खुलासा होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे की असली वजह और घटनाक्रम की पूरी सच्चाई जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। कानून से बड़ा कोई नहीं है और इस वारदात ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।1