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झोपड़ी से निकलकर बड़े दफ्तरों तक पहुंचे। सपने धौलपुर। जब एक बच्चा, जिसने अब तक जिंदगी को केवल अभावों में देखा हो… जब वह पहली बार किसी बड़े ऑफिस, बड़े स्कूल या बड़े संस्थान के अंदर कदम रखता है… तो सिर्फ उसकी आँखें ही नहीं, बल्कि उसके सपने भी बदल जाते हैं। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब हर घर शिक्षा संस्था ने जिलास्तरीय वार्षिक कौशल बाल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक एवं जीवन बदलने वाला भ्रमण आयोजित किया। इस भ्रमण की सबसे खास बात यह रही कि इसमें कई ऐसे बच्चे शामिल थे, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है… कुछ बच्चे ऐसे भी थे जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है। जो बच्चे कभी अपनी झोपड़ी और छोटे से गाँव से बाहर नहीं निकल पाए थे, आज वे बड़े-बड़े ऑफिस, संस्थान और ऐतिहासिक धरोहरों को अपनी आँखों से देख रहे थे। उनके लिए यह सिर्फ एक टूर नहीं, बल्कि “जिंदगी को नए नजरिए से देखने का पहला मौका” था। भ्रमण की शुरुआत पुलिस थाना बाड़ी से हुई, जहां थानाधिकारी देवेंद्र कुमार शर्मा ने बच्चों को आत्मीयता से थाना परिसर का भ्रमण कराया। जब बच्चों ने पुलिस अधिकारियों को नजदीक से देखा, उनकी जिम्मेदारियों को समझा, तो कई मासूम आँखों में एक नया सपना जन्म ले चुका था — “एक दिन हम भी वर्दी पहनेंगे।” इसके बाद जब बच्चे पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचे, तो वहां का अनुशासन, विशाल परिसर और आधुनिक सुविधाएं उनके लिए किसी सपने से कम नहीं थीं। प्राचार्य अर्चना सिंह के प्रेरणादायक शब्दों ने बच्चों के मन में यह विश्वास जगा दिया कि गरीबी या परिस्थिति किसी के सपनों की सीमा नहीं बन सकती। केंद्रीय मिलिट्री विद्यालय में बच्चों ने अनुशासन और देशभक्ति को महसूस किया, वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और विद्यार्थियों से बातचीत कर कई बच्चों के मन में डॉक्टर बनने का सपना जाग उठा। यह वह पल था, जब बच्चों ने पहली बार खुद को उन जगहों पर खड़ा देखा, जहां पहुंचना वे कभी सोच भी नहीं पाते थे। समाजसेवी मन्नू मीणा जैन द्वारा स्नेहपूर्वक कराए गए भोजन ने इस यात्रा को और भी मानवीय बना दिया—यह एहसास दिलाया कि समाज साथ हो, तो कोई बच्चा पीछे नहीं रह सकता। इसके बाद एसपी कार्यालय में अधिकारियों से सीधा संवाद बच्चों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। एडिशनल एसपी वैभव कुमार शर्मा के प्रेरणादायक शब्दों ने बच्चों को यह भरोसा दिलाया कि वे भी एक दिन इन ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। भ्रमण के दौरान बच्चों ने साइंस म्यूजियम में विज्ञान को समझा और मचकुंड एवं तालाबशाही जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर जाकर अपनी विरासत से जुड़ाव महसूस किया। यह अनुभव उनके लिए ज्ञान के साथ-साथ आत्मगौरव का भी स्रोत बना। पूरे दिन बच्चों के चेहरों पर जो खुशी, आश्चर्य और आत्मविश्वास झलक रहा था, वह शब्दों में बयान करना मुश्किल है। कई बच्चों की आँखों में चमक थी… जैसे उन्होंने पहली बार अपने सपनों को सच होते हुए देखा हो। संस्था के संस्थापक रोहित मीणा ने कहा— “हमारा उद्देश्य सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि उन बच्चों को सपने देना है, जिनके पास सपने देखने का भी अवसर नहीं होता। जब एक गरीब बच्चा बड़े ऑफिस में कदम रखता है, तो उसके भीतर यह विश्वास जन्म लेता है कि ‘मैं भी यहां तक पहुंच सकता हूँ।’ यही विश्वास ही उसके भविष्य की असली शुरुआत है।” इस पूरे आयोजन में प्रशासन, शिक्षकों, समाजसेवियों और स्थानीय सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा। अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने इस पहल को न केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम, बल्कि गरीब और वंचित बच्चों के जीवन में उम्मीद जगाने वाला ऐतिहासिक प्रयास बताया। हर घर शिक्षा संस्था का यह कदम यह साबित करता है कि अगर समाज मिलकर ठान ले, तो झोपड़ी में रहने वाला बच्चा भी एक दिन बड़े सपनों की उड़ान भर सकता

2 hrs ago
user_Shakeel Dholpur
Shakeel Dholpur
Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

झोपड़ी से निकलकर बड़े दफ्तरों तक पहुंचे। सपने धौलपुर। जब एक बच्चा, जिसने अब तक जिंदगी को केवल अभावों में देखा हो… जब वह पहली बार किसी बड़े ऑफिस, बड़े स्कूल या बड़े संस्थान के अंदर कदम रखता है… तो सिर्फ उसकी आँखें ही नहीं, बल्कि उसके सपने भी बदल जाते हैं। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब हर घर शिक्षा संस्था ने जिलास्तरीय वार्षिक कौशल बाल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक एवं जीवन बदलने वाला भ्रमण आयोजित किया। इस भ्रमण की सबसे खास बात यह रही कि इसमें कई ऐसे बच्चे शामिल थे, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है… कुछ बच्चे ऐसे भी थे जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है। जो बच्चे कभी अपनी झोपड़ी और छोटे से गाँव से बाहर नहीं निकल पाए थे, आज वे बड़े-बड़े ऑफिस, संस्थान और ऐतिहासिक धरोहरों को अपनी आँखों से देख रहे थे। उनके लिए यह सिर्फ एक टूर नहीं, बल्कि “जिंदगी को नए नजरिए से देखने का पहला मौका” था। भ्रमण की शुरुआत पुलिस थाना बाड़ी से हुई, जहां थानाधिकारी देवेंद्र कुमार शर्मा ने बच्चों को आत्मीयता से थाना परिसर का भ्रमण कराया। जब बच्चों ने पुलिस अधिकारियों को नजदीक से देखा, उनकी जिम्मेदारियों को समझा, तो कई मासूम आँखों में एक नया सपना जन्म ले चुका था — “एक दिन हम भी वर्दी पहनेंगे।” इसके बाद जब बच्चे पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचे, तो वहां का अनुशासन, विशाल परिसर और आधुनिक सुविधाएं उनके लिए किसी सपने से कम नहीं थीं। प्राचार्य अर्चना सिंह के प्रेरणादायक शब्दों ने बच्चों के मन में यह विश्वास जगा दिया कि गरीबी या परिस्थिति किसी के सपनों की सीमा नहीं बन सकती। केंद्रीय मिलिट्री विद्यालय में बच्चों ने अनुशासन और देशभक्ति को महसूस किया, वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और विद्यार्थियों से बातचीत कर कई

बच्चों के मन में डॉक्टर बनने का सपना जाग उठा। यह वह पल था, जब बच्चों ने पहली बार खुद को उन जगहों पर खड़ा देखा, जहां पहुंचना वे कभी सोच भी नहीं पाते थे। समाजसेवी मन्नू मीणा जैन द्वारा स्नेहपूर्वक कराए गए भोजन ने इस यात्रा को और भी मानवीय बना दिया—यह एहसास दिलाया कि समाज साथ हो, तो कोई बच्चा पीछे नहीं रह सकता। इसके बाद एसपी कार्यालय में अधिकारियों से सीधा संवाद बच्चों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। एडिशनल एसपी वैभव कुमार शर्मा के प्रेरणादायक शब्दों ने बच्चों को यह भरोसा दिलाया कि वे भी एक दिन इन ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। भ्रमण के दौरान बच्चों ने साइंस म्यूजियम में विज्ञान को समझा और मचकुंड एवं तालाबशाही जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर जाकर अपनी विरासत से जुड़ाव महसूस किया। यह अनुभव उनके लिए ज्ञान के साथ-साथ आत्मगौरव का भी स्रोत बना। पूरे दिन बच्चों के चेहरों पर जो खुशी, आश्चर्य और आत्मविश्वास झलक रहा था, वह शब्दों में बयान करना मुश्किल है। कई बच्चों की आँखों में चमक थी… जैसे उन्होंने पहली बार अपने सपनों को सच होते हुए देखा हो। संस्था के संस्थापक रोहित मीणा ने कहा— “हमारा उद्देश्य सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि उन बच्चों को सपने देना है, जिनके पास सपने देखने का भी अवसर नहीं होता। जब एक गरीब बच्चा बड़े ऑफिस में कदम रखता है, तो उसके भीतर यह विश्वास जन्म लेता है कि ‘मैं भी यहां तक पहुंच सकता हूँ।’ यही विश्वास ही उसके भविष्य की असली शुरुआत है।” इस पूरे आयोजन में प्रशासन, शिक्षकों, समाजसेवियों और स्थानीय सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा। अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने इस पहल को न केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम, बल्कि गरीब और वंचित बच्चों के जीवन में उम्मीद जगाने वाला ऐतिहासिक प्रयास बताया। हर घर शिक्षा संस्था का यह कदम यह साबित करता है कि अगर समाज मिलकर ठान ले, तो झोपड़ी में रहने वाला बच्चा भी एक दिन बड़े सपनों की उड़ान भर सकता

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  • धौलपुर। सदस्य सचिव राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव द्वारा वाटर बॉक्स चौराहे के पास स्थित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया तथा वृद्धाश्रम में आवासित वरिष्ठजनों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को सुना एवं वृद्धजनों को प्राथमिक उपचार किट एवं मैनू अनुसार समय पर भोजन एवं सुरक्षा व्यवस्था इत्यादि का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान सचिव ने वृद्धाश्रम में रह रहे वृद्धजनों की समस्याएं सुनी तथा वृद्धजनों की संख्या, पंजीयन स्थिति, स्वास्थ्य परीक्षण रजिस्टर एवं आगंतुक रजिस्टर की जांच की गई तो रजिस्टरों में वृद्धाश्रम में 8 पुरुष एवं 2 महिला वृद्धजन दर्ज थे, लेकिन निरीक्षण दौरान दो महिलाएं वृद्धाश्रम में उपस्थित नहीं थी सचिव द्वारा इंचार्ज से पूछने पर बताया कि महिलाएं केवल यहां खाना खाने आती हैं एवं वह ज्यादातर अपने घर में रहती हैं एवं सचिव द्वारा पुरुष वृद्धजनों से भी जानकारी ली। उनसे आज के खाने के बारे में पूछा तो बताया कि सुबह चाय एवं बिस्कुट दिए गए थे एवं उसके बाद दलिया दिया गया था। सचिव द्वारा इंचार्ज से पिछले निरीक्षण के दौरान मिले अस्थमा के मरीजों के बारे में भी जानकारी ली तो बताया कि डॉक्टर की टीम देखने आती है उनके द्वारा इलाज किया जा रहा हैं एवं दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है। साथ ही वृद्धजनों के लिए रसोईघर का भी निरीक्षण किया एवं रसोईघर को व्यवस्थित रखने एवं साफ-सफाई रखने के भी निर्देश दिए। सचिव ने निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम इंचार्ज को नालसा द्वारा संचालित वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2016 का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक वृद्धजन को निःशुल्क विधिक सहायता, पेंशन, भरण-पोषण, एवं अन्य वैधानिक अधिकारों से संबंधित सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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    धौलपुर। सदस्य सचिव राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव द्वारा वाटर बॉक्स चौराहे के पास स्थित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया तथा वृद्धाश्रम में आवासित वरिष्ठजनों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को सुना एवं वृद्धजनों को प्राथमिक उपचार किट एवं मैनू अनुसार समय पर भोजन एवं सुरक्षा व्यवस्था इत्यादि का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान सचिव ने वृद्धाश्रम में रह रहे वृद्धजनों की समस्याएं सुनी तथा वृद्धजनों की संख्या, पंजीयन स्थिति, स्वास्थ्य परीक्षण रजिस्टर एवं आगंतुक रजिस्टर की जांच की गई तो रजिस्टरों में वृद्धाश्रम में 8 पुरुष एवं 2 महिला वृद्धजन दर्ज थे, लेकिन निरीक्षण दौरान दो महिलाएं वृद्धाश्रम में उपस्थित नहीं थी सचिव द्वारा इंचार्ज से पूछने पर बताया कि महिलाएं केवल यहां खाना खाने आती हैं एवं वह ज्यादातर अपने घर में रहती हैं एवं सचिव द्वारा पुरुष वृद्धजनों से भी जानकारी ली। उनसे आज के खाने के बारे में पूछा तो बताया कि सुबह चाय एवं बिस्कुट दिए गए थे एवं उसके बाद दलिया दिया गया था। सचिव द्वारा इंचार्ज से पिछले निरीक्षण के दौरान मिले अस्थमा के मरीजों के बारे में भी जानकारी ली तो बताया कि डॉक्टर की टीम देखने आती है उनके द्वारा इलाज किया जा रहा हैं एवं दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है। साथ ही वृद्धजनों के लिए रसोईघर का भी निरीक्षण किया एवं रसोईघर को व्यवस्थित रखने एवं साफ-सफाई रखने के भी निर्देश दिए।
सचिव ने निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम इंचार्ज को नालसा द्वारा संचालित वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2016 का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक वृद्धजन को निःशुल्क विधिक सहायता, पेंशन, भरण-पोषण, एवं अन्य वैधानिक अधिकारों से संबंधित सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    user_ANURAG BAGHEL
    ANURAG BAGHEL
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • धौलपुर। जब एक बच्चा, जिसने अब तक जिंदगी को केवल अभावों में देखा हो… जब वह पहली बार किसी बड़े ऑफिस, बड़े स्कूल या बड़े संस्थान के अंदर कदम रखता है… तो सिर्फ उसकी आँखें ही नहीं, बल्कि उसके सपने भी बदल जाते हैं। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब हर घर शिक्षा संस्था ने जिलास्तरीय वार्षिक कौशल बाल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक एवं जीवन बदलने वाला भ्रमण आयोजित किया। इस भ्रमण की सबसे खास बात यह रही कि इसमें कई ऐसे बच्चे शामिल थे, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है… कुछ बच्चे ऐसे भी थे जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है। जो बच्चे कभी अपनी झोपड़ी और छोटे से गाँव से बाहर नहीं निकल पाए थे, आज वे बड़े-बड़े ऑफिस, संस्थान और ऐतिहासिक धरोहरों को अपनी आँखों से देख रहे थे। उनके लिए यह सिर्फ एक टूर नहीं, बल्कि “जिंदगी को नए नजरिए से देखने का पहला मौका” था। भ्रमण की शुरुआत पुलिस थाना बाड़ी से हुई, जहां थानाधिकारी देवेंद्र कुमार शर्मा ने बच्चों को आत्मीयता से थाना परिसर का भ्रमण कराया। जब बच्चों ने पुलिस अधिकारियों को नजदीक से देखा, उनकी जिम्मेदारियों को समझा, तो कई मासूम आँखों में एक नया सपना जन्म ले चुका था — “एक दिन हम भी वर्दी पहनेंगे।” इसके बाद जब बच्चे पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचे, तो वहां का अनुशासन, विशाल परिसर और आधुनिक सुविधाएं उनके लिए किसी सपने से कम नहीं थीं। प्राचार्य अर्चना सिंह के प्रेरणादायक शब्दों ने बच्चों के मन में यह विश्वास जगा दिया कि गरीबी या परिस्थिति किसी के सपनों की सीमा नहीं बन सकती। केंद्रीय मिलिट्री विद्यालय में बच्चों ने अनुशासन और देशभक्ति को महसूस किया, वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और विद्यार्थियों से बातचीत कर कई बच्चों के मन में डॉक्टर बनने का सपना जाग उठा। यह वह पल था, जब बच्चों ने पहली बार खुद को उन जगहों पर खड़ा देखा, जहां पहुंचना वे कभी सोच भी नहीं पाते थे। समाजसेवी मन्नू मीणा जैन द्वारा स्नेहपूर्वक कराए गए भोजन ने इस यात्रा को और भी मानवीय बना दिया—यह एहसास दिलाया कि समाज साथ हो, तो कोई बच्चा पीछे नहीं रह सकता। इसके बाद एसपी कार्यालय में अधिकारियों से सीधा संवाद बच्चों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। एडिशनल एसपी वैभव कुमार शर्मा के प्रेरणादायक शब्दों ने बच्चों को यह भरोसा दिलाया कि वे भी एक दिन इन ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। भ्रमण के दौरान बच्चों ने साइंस म्यूजियम में विज्ञान को समझा और मचकुंड एवं तालाबशाही जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर जाकर अपनी विरासत से जुड़ाव महसूस किया। यह अनुभव उनके लिए ज्ञान के साथ-साथ आत्मगौरव का भी स्रोत बना। पूरे दिन बच्चों के चेहरों पर जो खुशी, आश्चर्य और आत्मविश्वास झलक रहा था, वह शब्दों में बयान करना मुश्किल है। कई बच्चों की आँखों में चमक थी… जैसे उन्होंने पहली बार अपने सपनों को सच होते हुए देखा हो। संस्था के संस्थापक रोहित मीणा ने कहा— “हमारा उद्देश्य सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि उन बच्चों को सपने देना है, जिनके पास सपने देखने का भी अवसर नहीं होता। जब एक गरीब बच्चा बड़े ऑफिस में कदम रखता है, तो उसके भीतर यह विश्वास जन्म लेता है कि ‘मैं भी यहां तक पहुंच सकता हूँ।’ यही विश्वास ही उसके भविष्य की असली शुरुआत है।” इस पूरे आयोजन में प्रशासन, शिक्षकों, समाजसेवियों और स्थानीय सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा। अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने इस पहल को न केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम, बल्कि गरीब और वंचित बच्चों के जीवन में उम्मीद जगाने वाला ऐतिहासिक प्रयास बताया। हर घर शिक्षा संस्था का यह कदम यह साबित करता है कि अगर समाज मिलकर ठान ले, तो झोपड़ी में रहने वाला बच्चा भी एक दिन बड़े सपनों की उड़ान भर सकता
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    धौलपुर।
जब एक बच्चा, जिसने अब तक जिंदगी को केवल अभावों में देखा हो…
जब वह पहली बार किसी बड़े ऑफिस, बड़े स्कूल या बड़े संस्थान के अंदर कदम रखता है…
तो सिर्फ उसकी आँखें ही नहीं, बल्कि उसके सपने भी बदल जाते हैं।
ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब हर घर शिक्षा संस्था ने जिलास्तरीय वार्षिक कौशल बाल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक एवं जीवन बदलने वाला भ्रमण आयोजित किया।
इस भ्रमण की सबसे खास बात यह रही कि इसमें कई ऐसे बच्चे शामिल थे, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है… कुछ बच्चे ऐसे भी थे जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है।
जो बच्चे कभी अपनी झोपड़ी और छोटे से गाँव से बाहर नहीं निकल पाए थे, आज वे बड़े-बड़े ऑफिस, संस्थान और ऐतिहासिक धरोहरों को अपनी आँखों से देख रहे थे।
उनके लिए यह सिर्फ एक टूर नहीं, बल्कि “जिंदगी को नए नजरिए से देखने का पहला मौका” था।
भ्रमण की शुरुआत पुलिस थाना बाड़ी से हुई, जहां थानाधिकारी देवेंद्र कुमार शर्मा ने बच्चों को आत्मीयता से थाना परिसर का भ्रमण कराया। जब बच्चों ने पुलिस अधिकारियों को नजदीक से देखा, उनकी जिम्मेदारियों को समझा, तो कई मासूम आँखों में एक नया सपना जन्म ले चुका था — “एक दिन हम भी वर्दी पहनेंगे।”
इसके बाद जब बच्चे पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचे, तो वहां का अनुशासन, विशाल परिसर और आधुनिक सुविधाएं उनके लिए किसी सपने से कम नहीं थीं।
प्राचार्य अर्चना सिंह के प्रेरणादायक शब्दों ने बच्चों के मन में यह विश्वास जगा दिया कि गरीबी या परिस्थिति किसी के सपनों की सीमा नहीं बन सकती।
केंद्रीय मिलिट्री विद्यालय में बच्चों ने अनुशासन और देशभक्ति को महसूस किया, वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और विद्यार्थियों से बातचीत कर कई बच्चों के मन में डॉक्टर बनने का सपना जाग उठा।
यह वह पल था, जब बच्चों ने पहली बार खुद को उन जगहों पर खड़ा देखा, जहां पहुंचना वे कभी सोच भी नहीं पाते थे।
समाजसेवी मन्नू मीणा जैन द्वारा स्नेहपूर्वक कराए गए भोजन ने इस यात्रा को और भी मानवीय बना दिया—यह एहसास दिलाया कि समाज साथ हो, तो कोई बच्चा पीछे नहीं रह सकता।
इसके बाद एसपी कार्यालय में अधिकारियों से सीधा संवाद बच्चों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया।
एडिशनल एसपी वैभव कुमार शर्मा के प्रेरणादायक शब्दों ने बच्चों को यह भरोसा दिलाया कि वे भी एक दिन इन ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।
भ्रमण के दौरान बच्चों ने साइंस म्यूजियम में विज्ञान को समझा और मचकुंड एवं तालाबशाही जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर जाकर अपनी विरासत से जुड़ाव महसूस किया।
यह अनुभव उनके लिए ज्ञान के साथ-साथ आत्मगौरव का भी स्रोत बना।
पूरे दिन बच्चों के चेहरों पर जो खुशी, आश्चर्य और आत्मविश्वास झलक रहा था, वह शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
कई बच्चों की आँखों में चमक थी… जैसे उन्होंने पहली बार अपने सपनों को सच होते हुए देखा हो।
संस्था के संस्थापक रोहित मीणा ने कहा—
“हमारा उद्देश्य सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि उन बच्चों को सपने देना है, जिनके पास सपने देखने का भी अवसर नहीं होता।
जब एक गरीब बच्चा बड़े ऑफिस में कदम रखता है, तो उसके भीतर यह विश्वास जन्म लेता है कि ‘मैं भी यहां तक पहुंच सकता हूँ।’
यही विश्वास ही उसके भविष्य की असली शुरुआत है।”
इस पूरे आयोजन में प्रशासन, शिक्षकों, समाजसेवियों और स्थानीय सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।
अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने इस पहल को न केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम, बल्कि गरीब और वंचित बच्चों के जीवन में उम्मीद जगाने वाला ऐतिहासिक प्रयास बताया।
हर घर शिक्षा संस्था का यह कदम यह साबित करता है कि अगर समाज मिलकर ठान ले, तो झोपड़ी में रहने वाला बच्चा भी एक दिन बड़े सपनों की उड़ान भर सकता
    user_Shakeel Dholpur
    Shakeel Dholpur
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • बाड़ी शहर में सफाई व्यवस्था की पोल खुली: “चार दिन की चांदनी फिर वही अंधेरी रात” कहावत हुई चरितार्थ, धौलपुर बाड़ी ,शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि “चार दिन की चांदनी फिर वही अंधेरी रात” वाली कहावत बाड़ी शहर पर पूरी तरह लागू होती नजर आ रही है। कुछ दिनों की सक्रियता के बाद नगर पालिका की व्यवस्थाएं फिर से पटरी से उतरती दिख रही हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के गुमट क्षेत्र का दौरा करने पर स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। कई नालियां लंबे समय से जाम पड़ी हैं, जिनकी सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। गुमट क्षेत्र स्थित मंदिरों में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें गंदगी और बदबू के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे धार्मिक आस्था भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। मौके पर पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि होतम सिंह जाटव भी मौजूद रहे, जिन्होंने स्थिति पर चिंता जताई। वहीं गुमट वो पुराना। बाजार मोहल्ला के नागरिकों ने बताया कि क्षेत्र में कूड़ा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। कूड़ा संग्रहण के लिए आने वाले टेंपो महीने में मुश्किल से 15 दिन ही पहुंचते हैं, जबकि बाकी 15 दिन अनुपस्थित रहते हैं। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा पूरा भुगतान किया जा रहा है, जो गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था केवल कागजों में ही दिखाई दे रही है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद खराब है। गंदगी के चलते मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है, जिससे लोग खासे चिंतित हैं। नवागत अधिशासी अधिकारी उत्तमचंद बंसल ने शुरुआत में कुछ दिन व्यवस्थाओं को संभालने का प्रयास जरूर किया, लेकिन अब हालात फिर से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। शहर में बढ़ती गंदगी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सफाई व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, नालियों की नियमित सफाई करवाई जाए और कूड़ा उठाने की व्यवस्था को पारदर्शी व नियमित बनाया जाए। अन्यथा आने वाले समय में जनआक्रोश बढ़ सकता है।
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    बाड़ी शहर में सफाई व्यवस्था की पोल खुली: “चार दिन की चांदनी फिर वही अंधेरी रात” कहावत हुई चरितार्थ,
धौलपुर बाड़ी ,शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि “चार दिन की चांदनी फिर वही अंधेरी रात” वाली कहावत बाड़ी शहर पर पूरी तरह लागू होती नजर आ रही है। कुछ दिनों की सक्रियता के बाद नगर पालिका की व्यवस्थाएं फिर से पटरी से उतरती दिख रही हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के गुमट क्षेत्र का दौरा करने पर स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। कई नालियां लंबे समय से जाम पड़ी हैं, जिनकी सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
गुमट क्षेत्र स्थित मंदिरों में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें गंदगी और बदबू के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे धार्मिक आस्था भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
मौके पर पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि होतम सिंह जाटव भी मौजूद रहे, जिन्होंने स्थिति पर चिंता जताई। वहीं  गुमट वो  पुराना। बाजार मोहल्ला के नागरिकों ने बताया कि क्षेत्र में कूड़ा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। कूड़ा संग्रहण के लिए आने वाले टेंपो महीने में मुश्किल से 15 दिन ही पहुंचते हैं, जबकि बाकी 15 दिन अनुपस्थित रहते हैं। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा पूरा भुगतान किया जा रहा है, जो गंभीर अनियमितता को दर्शाता है।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था केवल कागजों में ही दिखाई दे रही है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद खराब है। गंदगी के चलते मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है, जिससे लोग खासे चिंतित हैं।
नवागत अधिशासी अधिकारी उत्तमचंद बंसल ने शुरुआत में कुछ दिन व्यवस्थाओं को संभालने का प्रयास जरूर किया, लेकिन अब हालात फिर से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। शहर में बढ़ती गंदगी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सफाई व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, नालियों की नियमित सफाई करवाई जाए और कूड़ा उठाने की व्यवस्था को पारदर्शी व नियमित बनाया जाए। अन्यथा आने वाले समय में जनआक्रोश बढ़ सकता है।
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • धौलपुर। जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में धौलपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 40 हजार रुपये के इनामी बदमाश अमित गौतम को गिरफ्तार कर लिया है, जो करीब 6 साल से फरार चल रहा था। आरोपी अमित गौतम पर करीब 12 करोड़ 69 लाख रुपये की धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। उसके खिलाफ जयपुर और उदयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर करीब 20 मामले दर्ज हैं, जिनमें वह लंबे समय से वांछित था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी आरोपी की काफी समय से तलाश कर रही थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को बड़ा निवेशक (इन्वेस्टर) दिखाने के लिए लग्जरी गाड़ियों और महंगे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था, जिससे वह बड़े लोगों को अपने जाल में फंसा सके। वह डॉक्टर, इंजीनियर, व्यापारी और उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत लोगों को बैंक ले जाकर विभिन्न शाखाओं से एक साथ बड़े लोन दिलवाता था और बाद में धोखाधड़ी को अंजाम देता था।
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    धौलपुर। जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में धौलपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 40 हजार रुपये के इनामी बदमाश अमित गौतम को गिरफ्तार कर लिया है, जो करीब 6 साल से फरार चल रहा था।
आरोपी अमित गौतम पर करीब 12 करोड़ 69 लाख रुपये की धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। उसके खिलाफ जयपुर और उदयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर करीब 20 मामले दर्ज हैं, जिनमें वह लंबे समय से वांछित था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी आरोपी की काफी समय से तलाश कर रही थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को बड़ा निवेशक (इन्वेस्टर) दिखाने के लिए लग्जरी गाड़ियों और महंगे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था, जिससे वह बड़े लोगों को अपने जाल में फंसा सके। वह डॉक्टर, इंजीनियर, व्यापारी और उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत लोगों को बैंक ले जाकर विभिन्न शाखाओं से एक साथ बड़े लोन दिलवाता था और बाद में धोखाधड़ी को अंजाम देता था।
    user_Star24rajasthan news chennal
    Star24rajasthan news chennal
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • Bollywood Super Star- Jeetendra Today -7 April he turned 84 years & he birth place - Amritsar- Punjab India
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    Bollywood Super Star- Jeetendra Today -7 April he turned 84 years & he birth place - Amritsar- Punjab India
    user_Vimal Kashyap
    Vimal Kashyap
    Artist धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • मुरैना में जेसीबी से टूटी LPG पाइपलाइन, आग भड़की—हलवाई की भट्टी तक पहुंची, कई झुलसे 📍 खबर: मुरैना शहर में बड़ा हादसा उस समय हो गया जब पानी की लाइन दुरुस्त करने के दौरान जेसीबी मशीन से एलपीजी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। घटना नेहरू पार्क के पास हुई, जहां अचानक गैस रिसाव के बाद आग भड़क उठी। तेजी से फैली आग पास में स्थित एक हलवाई की भट्टी तक पहुंच गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कुछ लोग झुलस गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए भेजा गया। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एमएस रोड पर एक तरफ का यातायात बंद कर दिया। सूचना मिलते ही नगर निगम और गैस कंपनी की टीमें मौके पर पहुंच गईं और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गईं। फिलहाल गैस पाइपलाइन की मरम्मत का काम जारी है और प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल के आसपास न जाएं और सावधानी बरतें।
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    मुरैना में जेसीबी से टूटी LPG पाइपलाइन, आग भड़की—हलवाई की भट्टी तक पहुंची, कई झुलसे
📍 खबर:
मुरैना शहर में बड़ा हादसा उस समय हो गया जब पानी की लाइन दुरुस्त करने के दौरान जेसीबी मशीन से एलपीजी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। घटना नेहरू पार्क के पास हुई, जहां अचानक गैस रिसाव के बाद आग भड़क उठी।
तेजी से फैली आग पास में स्थित एक हलवाई की भट्टी तक पहुंच गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कुछ लोग झुलस गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए भेजा गया।
घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एमएस रोड पर एक तरफ का यातायात बंद कर दिया। सूचना मिलते ही नगर निगम और गैस कंपनी की टीमें मौके पर पहुंच गईं और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गईं।
फिलहाल गैस पाइपलाइन की मरम्मत का काम जारी है और प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल के आसपास न जाएं और सावधानी बरतें।
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    मीडिया Morena, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • बेटियों के साथ हुए हर अन्याय की सजा मिलेगी, कोई बच नहीं पाएगा!
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    बेटियों के साथ हुए हर अन्याय की सजा मिलेगी, कोई बच नहीं पाएगा!
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    Political party office Morena, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • धौलपुर। करीब ढाई साल पुराने जानलेवा फायरिंग के एक मामले में अपर जिला सेशन न्यायालय धौलपुर ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है। साथ ही 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अपर लोक अभियोजक मुकेश सिकरवार ने बताया कि मामला 21 अक्टूबर 2022 राजाखेड़ा थाना क्षेत्र का है। जिसमें राजाखेड़ा निवासी राजू पुत्र फरेंद्र सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेरा भाई पुष्पेंद्र हॉट मैदान राजाखेड़ा में मैच खेलने गया था। तभी तपेन्द्र पुत्र हरि सिंह निवासी राजाखेड़ा ने जान से मारने की नीयत से पुष्पेंद्र पर कट्टे से फायर कर दिया। जिसकी गोली पुष्पेंद्र के पैर में जाकर लगी। अपर लोक अभियोजक मुकेश सिकरवार ने बताया कि राजाखेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तफ्तीश अनुसंधान कर कोर्ट में चालान पेश किया। जिसमें अपर जिला सेशन न्यायालय धौलपुर के न्यायाधीश राकेश गोयल ने 9 अप्रैल 2026 को सुनवाई करते हुए आरोपी तपेंद्र पुत्र हरि सिंह को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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    धौलपुर। करीब ढाई साल पुराने जानलेवा फायरिंग के एक मामले में अपर जिला सेशन न्यायालय धौलपुर ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है। साथ ही 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अपर लोक अभियोजक मुकेश सिकरवार ने बताया कि मामला 21 अक्टूबर 2022 राजाखेड़ा थाना क्षेत्र का है। जिसमें राजाखेड़ा निवासी राजू पुत्र फरेंद्र सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेरा भाई पुष्पेंद्र हॉट मैदान राजाखेड़ा में मैच खेलने गया था। तभी तपेन्द्र पुत्र हरि सिंह निवासी राजाखेड़ा ने जान से मारने की नीयत से पुष्पेंद्र पर कट्टे से फायर कर दिया। जिसकी गोली पुष्पेंद्र के पैर में जाकर लगी।
अपर लोक अभियोजक मुकेश सिकरवार ने बताया कि राजाखेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तफ्तीश अनुसंधान कर कोर्ट में चालान पेश किया। जिसमें अपर जिला सेशन न्यायालय धौलपुर के न्यायाधीश राकेश गोयल ने 9 अप्रैल 2026 को सुनवाई करते हुए आरोपी तपेंद्र पुत्र हरि सिंह को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
    user_Shakeel Dholpur
    Shakeel Dholpur
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
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