*बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. तुलसीदास मेहता जी की स्मृति सभा सम्पन्न, वक्ताओं ने किया नमन* आज दिनांक 12 सितंबर 2026 को बिहार सरकार के पूर्व मंत्री, समता-सादगी और समाजवाद के प्रखर नायक स्वर्गीय तुलसीदास मेहता की स्मृति दिवस पर समस्तीपुर विकास मंच के द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यवसायी सह समाजसेवी हरेंद्र कुमार राय, संचालन छात्र राजद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सह समाजसेवी मो. शाहिद हुसैन ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समस्तीपुर विकास मंच के जिला संयोजक सह राजद जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर जी ने कहा कि स्व. तुलसीदास मेहता जी 1962 में सोशलिस्ट पार्टी से पहला चुनाव जीते और 1969, 1985, 1990, 1995 में लगातार जीत दर्ज की। वे जननायक कर्पूरी ठाकुर जी और बाद में लालू प्रसाद यादव जी के कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने आजीवन गरीब, वंचित, पिछड़े और किसानों की लड़ाई लड़ी। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका सादगी भरा जीवन आज के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। हम सब उनके बताए समाजवाद के रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं। इस अवसर पर व्यवसायी हरेंद्र कुमार राय , छात्र नेता मुकेश यादव , अधिवक्ता मो. शाहिद हुसैन , वरीय पत्रकार शिवचंद्र झा, समाजसेवी संदीप सरकार एवं स्थानीय गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में स्व. मेहता जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। *भवदीय* *राकेश कुमार ठाकुर* *जिला संयोजक, समस्तीपुर विकास मंच सह प्रवक्ता, जिला राजद समस्तीपुर
*बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. तुलसीदास मेहता जी की स्मृति सभा सम्पन्न, वक्ताओं ने किया नमन* आज दिनांक 12 सितंबर 2026 को बिहार सरकार के पूर्व मंत्री, समता-सादगी और समाजवाद के प्रखर नायक स्वर्गीय तुलसीदास मेहता की स्मृति दिवस पर समस्तीपुर विकास मंच के द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यवसायी सह समाजसेवी हरेंद्र कुमार राय, संचालन छात्र राजद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सह समाजसेवी मो. शाहिद हुसैन ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समस्तीपुर विकास मंच के जिला संयोजक सह राजद जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर जी ने कहा कि स्व. तुलसीदास मेहता जी 1962 में सोशलिस्ट पार्टी से पहला चुनाव जीते और 1969, 1985, 1990, 1995 में लगातार जीत दर्ज की। वे जननायक कर्पूरी ठाकुर जी और बाद में लालू प्रसाद यादव जी के कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने आजीवन गरीब, वंचित, पिछड़े और किसानों की लड़ाई लड़ी। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका सादगी भरा जीवन आज के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। हम सब उनके बताए समाजवाद के रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं। इस अवसर पर व्यवसायी हरेंद्र कुमार राय , छात्र नेता मुकेश यादव , अधिवक्ता मो. शाहिद हुसैन , वरीय पत्रकार शिवचंद्र झा, समाजसेवी संदीप सरकार एवं स्थानीय गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में स्व. मेहता जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। *भवदीय* *राकेश कुमार ठाकुर* *जिला संयोजक, समस्तीपुर विकास मंच सह प्रवक्ता, जिला राजद समस्तीपुर
- बिहार में परिवर्तन राजनीतिक नहीं समाजिक होना चाहिए तभी एक बेहतर समाज का निर्माण होगा1
- बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिला परिषद सदस्या विभा देवी की ओर से राहत सामग्री वितरण कार्य अभी भी जारी। सैंकड़ों से उपर पीड़ित परिवारों को दिया गया चुरा गूर। जी हां यह ताजा समाचार समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र के तेतारपुर पंचायत समेत अन्य कई पंचायतों में जिला परिषद क्षेत्र संख्या 22 के सदस्या विभा देवी की सौजन्य से चलाई जा रही राहत सामग्री वितरण कार्य को लेकर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में वितरण कार्य जारी है, जिसे लेकर आज प्रतिनिधि सह समाज सेवी भाई लालबाबू पासवान ने मोहिउद्दीन नगर के तैयारपुर पंचायत में सैंकड़ों बाढ़ पीड़ित परिवार एवं पशुपालक किसानों के बीच सूखा राहत सामग्री का वितरण करते हुए देखा गया। जहां काफी संख्या में बाढ़ से प्रभावित लोगों ने लाभ लिया। इस दौरान श्री पासवान ने बताया कि यह सेवा आज ही नहीं बल्कि बीते कई दिनों से क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में जरूरत मंद लोगों के बीच यह राहत सामग्री कार्य चलाई जा रही है और आगे भी फिलहाल जारी रहेगी। इस मौके पर श्री पासवान ने क्या कुछ कहा देखें इस खास रिपोर्ट में।1
- महावीर मन्दिर पटना के सौजन्य से बिदुपुर में बाढ़ पीड़ितों के बीच अल्पाहार का हुआ वितरण1
- कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक (स्व.) बशिष्ठ नारायण सिंह के पुत्र नरेन्द्र प्रसाद सिंह के कथित अपहरण के प्रयास और मारपीट के मामले में पुलिस ने सतमलपुर के ईट भट्टा एवं राज पेट्रोल के संचालक, मो. शोएब आजम को किया गिरफ्तार.1
- लड़की को लगातार फोन करने, अश्लील मैसेज और वीडियो भेजने के आरोपों के बीच जिम.... दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर स्थित फिटनेस 24 जिम से जुड़े विवाद में नया मोड़ सामने आया है। महिला थाना में दर्ज FIR और लड़की के बयान में लगाए गए आरोपों का जिम संचालक आरिफ मोहम्मद ने खंडन किया है। आरिफ मोहम्मद का कहना है कि FIR में जिस शराफत हुसैन को जिम संचालक बताया गया है, वह जिम के संचालक नहीं हैं, बल्कि जिम में व्यायाम करने के लिए आने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिटनेस 24 जिम उनके स्वामित्व में है। जिम संचालक ने यह भी कहा कि लड़की ने जिस घटना का जिक्र किया है, वह जिम के अंदर हुई ही नहीं है। उनका दावा है कि जिम पूरी तरह CCTV कैमरों से लैस है और जांच के दौरान CCTV फुटेज से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। आरिफ मोहम्मद के मुताबिक, लड़की और शराफत हुसैन दोनों जिम में एक्सरसाइज करने आते थे। दोनों के बीच मोबाइल फोन और व्हाट्सऐप के जरिए क्या बातचीत हुई, यह उनका व्यक्तिगत मामला है। हालांकि, जब मामला जिम संचालक के संज्ञान में आया तो दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद को आपसी स्तर पर सुलझाने की कोशिश की गई। जिम संचालक का आरोप है कि इसी दौरान लड़की की ओर से 10 लाख रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, इसके बाद क्या हुआ, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं होने की बात उन्होंने कही। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और इसमें लड़की तथा उसके कथित बॉयफ्रेंड अकरम की भूमिका होने का आरोप लगाया। वहीं, FIR में नामजद अभियुक्त शराफत हुसैन ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शराफत का दावा है कि लड़की का कथित बॉयफ्रेंड अकरम उनके मित्रवत संबंध में था और दोनों काफी समय साथ बिताते थे। शराफत के अनुसार, इसी दौरान उनके मोबाइल और व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर कुछ मैसेज भेजे गए, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। शराफत का कहना है कि विवाद बढ़ने और लड़की की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद जब उन्होंने व्हाट्सऐप देखा तो उसमें अश्लील बातचीत सामने आई। इसके बाद कथित तौर पर मामले को सुलझाने के लिए बातचीत हुई और 10 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप शराफत ने लगाया। शराफत के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर 5 लाख रुपये का भुगतान भी किया और इसी बीच एक समझौता पत्र बनाए जाने की बात भी कही। उनका आरोप है कि जब बाकी रकम देने में विलंब हुआ तो लड़की की ओर से FIR दर्ज करा दी गई। फिलहाल इस पूरे मामले में लड़की की ओर से लगाए गए आरोप, जिम संचालक का पक्ष और FIR में नामजद अभियुक्त के दावे—तीनों अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक सच्चाई पुलिस जांच, CCTV फुटेज, मोबाइल एवं व्हाट्सऐप चैट और कथित समझौता पत्र की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी,प्रो, (डॉ) अमित कुमार उर्फ बच्चा राय तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी,प्रो, (डॉ) अमित कुमार उर्फ बच्चा राय1
- बिदुपुर में भाजपा का सेवा संकल्प अभियान कार्यशाला आयोजित, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे 13 कार्यक्रम1
- समस्तीपुर मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र के राजपुर जौनापुर पंचायत में तीज महापर्व पर समाज सेवी भाई सुजीत भगत ने घर घर जाकर बाढ़ पीड़ित सुहागिन महिलाओं को पहुंचाया पूजन सामग्री। वर्ती महिलाओं ने इस कार्य को लेकर जमकर किया सराहना।1
- दरभंगा में बंदरों से क्रूरता के मामले में कोर्ट सख्त, नगर थाना से मांगी रिपोर्ट। दरभंगा में बंदरों को कथित तौर पर क्रूर तरीके से पकड़कर रखने के मामले में अब न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। समाज सुधारक एवं पूर्व मानद राज्य पशु कल्याण अधिकारी, भारत सरकार, सुजीत चौधरी की ओर से दरभंगा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। परिवाद पर 11 सितंबर 2026 को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने नगर थाना, दरभंगा से रिपोर्ट तलब की है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 26 अगस्त 2026 से दरभंगा में बंदरों को कथित रूप से बिना वैध अनुमति के पकड़ा जा रहा है। आरोप है कि इनमें छोटे बच्चे और गर्भवती बंदर भी शामिल हैं और उन्हें हाथ-पैर पीछे मोड़कर, गर्दन दबाकर तथा रस्सियों से बांधकर छोटे बांस के पिंजरों में रखा जा रहा है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पिंजरों में बड़ी संख्या में बंदरों को ठूंसकर रखने, पर्याप्त भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण कई बंदरों की मौत हुई है। सुजीत चौधरी के मुताबिक, मामले की सूचना पुलिस, एसएसपी, जिलाधिकारी, वन विभाग और पशुपालन विभाग समेत कई अधिकारियों को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद 8 सितंबर को न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। परिवाद में कुछ लोगों पर बंदरों को अवैध रूप से पकड़ने और रात के अंधेरे में आसपास के गांवों में छोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। शिकायतकर्ता ने न्यायालय से बंदरों को तत्काल सुरक्षित कराने, उनकी स्वास्थ्य जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। अब न्यायालय द्वारा नगर थाना से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद इस मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है। फिलहाल बड़ा सवाल यही है—दरभंगा में बंदरों को पकड़ने की अनुमति किसके आदेश से दी गई थी और उनके साथ कथित क्रूरता के आरोपों में सच्चाई कितनी है? इसका जवाब जांच और न्यायालय के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट से सामने आएगा।1