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खाद्य सुरक्षा विभाग ने की छापामार कार्रवाई,महुआ की गुली की मिलावट की शिकायत पर सरसों का तेल जब्त मौ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रीना बंसल द्वारा शनिवार को लगभग 1 बजे कार्यवाही की गई। जिसमें शिकायत मिल रही थी कि तेल कारोबारी अवैध रूप से महुआ की गुली मिलाकर सरसों का तेल बना रहे हैं। जिसके चलते तारोली रोड़ वार्ड 14 में पवन अग्रवाल के प्रतिष्ठान पर छापामार कार्यवाही की।जांच में पाया गया कि तेल कारोबारी बिना लाइसेंस के अवैध रूप से तेल का कारोबार चला रहा था। जांच में लगभग 7 लाख रुपये कीमत का तेल जब्त किया है। मौके से सरसों के तेल के नमूने जांच हेतु एकत्रित किए गए जो जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे।
Devendra jain
खाद्य सुरक्षा विभाग ने की छापामार कार्रवाई,महुआ की गुली की मिलावट की शिकायत पर सरसों का तेल जब्त मौ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रीना बंसल द्वारा शनिवार को लगभग 1 बजे कार्यवाही की गई। जिसमें शिकायत मिल रही थी कि तेल कारोबारी अवैध रूप से महुआ की गुली मिलाकर सरसों का तेल बना रहे हैं। जिसके चलते तारोली रोड़ वार्ड 14 में पवन अग्रवाल के प्रतिष्ठान पर छापामार कार्यवाही की।जांच में पाया गया कि तेल कारोबारी बिना लाइसेंस के अवैध रूप से तेल का कारोबार चला रहा था। जांच में लगभग 7 लाख रुपये कीमत का तेल जब्त किया है। मौके से सरसों के तेल के नमूने जांच हेतु एकत्रित किए गए जो जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे।
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- शासकीय शिक्षक ने ₹4500 महीने में ‘ठेके’ पर दे रखा विद्यालय हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही कैलारस। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कैलारस ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर अमरलाल रावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्थान पर प्रीति रावत को कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह देकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है। बताया जा रहा है कि हेडमास्टर अमरलाल रावत स्वयं विद्यालय में आकर उपस्थिति दर्ज कराते हैं और इसके बाद अपने अन्य कार्यों के लिए चले जाते हैं, जबकि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने और स्कूल की व्यवस्था संभालने का काम प्रीति रावत द्वारा किया जाता है। स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था कथित तौर पर लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण से खुली पोल! मामले की गंभीरता उस समय बढ़ गई जब कैलारस ब्लॉक के जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल सामने आए। आरोप है कि शासकीय शिक्षक द्वारा अपने स्थान पर निजी व्यक्ति से विद्यालय का संचालन करवाना शासन के नियमों और शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अवहेलना है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता बनती है। बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षक की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को मामूली राशि देकर विद्यालय में पढ़ाने के लिए रखता है, तो इससे सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस कथित व्यवस्था की लंबे समय से जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी तो विद्यालय की नियमित निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। जांच और कार्रवाई की मांग मामले में स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच करने की मांग उठ रही है कि हेडमास्टर की विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति कितनी रही, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज समय और मौके की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है तथा कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह पर दूसरे व्यक्ति से विद्यालय में कार्य कराने का मामला सामने आया है गौर करने वाली बातें हैं की प्रीति रावत ना तो अतिथि शिक्षक है और ना ही कोई विद्यालय से विद्यालय संबंधित है प्रीति रावत का कहना है कि मुझे तो 4: 500 रुपए महीने देती है स्कूल में पढ़ने के लिए कहते हैं कि मेरी जगह तुम पढ़ाओ तुम्हें 4500 हर महीने दूंगा अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- 🩺 GBS ने छीनी थी चलने-फिरने की ताकत, फिजियोथेरेपी ने लौटाया आत्मविश्वास! 💪 मुरैना जिला चिकित्सालय की फिजियोथेरेपी ने सबलगढ़ निवासी आदित्य बंसल की जिंदगी में फिर से उम्मीद जगाई। गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के कारण आदित्य के हाथ-पैरों में इतनी कमजोरी आ गई थी कि वे चलना-फिरना, उठना-बैठना, सामान पकड़ना और यहां तक कि खुद भोजन करना भी नहीं कर पा रहे थे। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। जिला चिकित्सालय मुरैना के फिजियोथेरेपी विभाग में नियमित उपचार, लगातार अभ्यास और चिकित्सकीय निगरानी के बाद उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ। आज आदित्य करीब 90 प्रतिशत तक स्वस्थ हो चुके हैं। वे बिना सहारे चल-फिर सकते हैं और अपने दैनिक कार्य स्वयं करने में सक्षम हैं। 🙏 डॉ. अनिल इंदौलिया एवं डॉ. विकास सविता के मार्गदर्शन में हुए उपचार ने आदित्य को सिर्फ शारीरिक ताकत ही नहीं दी, बल्कि खोया हुआ आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता भी वापस दिलाई। 🎥 देखिए आदित्य की संघर्ष से स्वस्थ होने तक की पूरी कहानी वायरल वीडियो में।2
- भाण्डेर पहुंचे कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े जनविश्वास अभियान कार्यक्रम में आमजनों की सुनी समस्याएं किया निरीक्षण1
- ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल पर कांग्रेस का सवाल,जनता पर दोहरा आर्थिक बोझ क्यों : रामशेष बघेल* ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल पर कांग्रेस का सवाल,जनता पर दोहरा आर्थिक बोझ क्यों : रामशेष बघेल* *सात दिन में जांच और कार्रवाई की मांग,आंदोलन की चेतावनी* भिण्ड । ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल बूथ को लेकर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने शासन - प्रशासन और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) से पूरे मामले की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है । बघेल ने कहा कि जब इसी मार्ग पर पहले से टोल शुल्क लिया जा रहा है,तो उसी क्षेत्र में नया टोल लगाने का औचित्य क्या है । उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित टोल की परियोजना,सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति,टोल वसूली का वैधानिक आधार और शुल्क निर्धारण से संबंधित दस्तावेज जनता के सामने रखे जाएं। उन्होंने कहा कि उमरी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नियमित आवागमन करना पड़ता है। इसलिए स्थानीय ग्रामीणों,किसानों, विद्यार्थियों,कर्मचारियों और नियमित यात्रियों के लिए प्रस्तावित टोल में छूट अथवा राहत का क्या प्रावधान है,यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि संबंधित विभाग से प्रस्तावित टोल की वैधानिकता,स्वीकृति, परियोजना दस्तावेज और शुल्क निर्धारण के आधार की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि सात दिन के भीतर नियमानुसार कार्रवाई कर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) जनता के हित में शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ स्वीकार नहीं किया जाएगा। भिण्ड की जनता पर दोहरा टोल भार किसी भी कीमत पर उचित नहीं है। जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ के खिलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती से जनता के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ेगी।1
- मौ में मिलावटी तेल के खिलाफ खाद्य विभाग की कार्रवाई, करीब 7 लाख का तेल और मिल फिल्टर मशीन सील पुष्पांजलि टुडे संवाददाता बेताल सिंह गौड़ भिंड जिले के मौ कस्बे में सरसों के तेल में कथित मिलावट और बिना लाइसेंस खाद्य तेल का कारोबार किए जाने की शिकायतों के बीच खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है। मीडिया में मामला सामने आने के बाद खाद्य अधिकारी रीना बंसल ने मौ-तारौली रोड स्थित पवन अग्रवाल के परिसर पर पहुंचकर जांच की।जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम को बड़ी मात्रा में तेल एवं तेल फिल्टर करने वाली मशीन मिली। विभागीय कार्रवाई के तहत करीब 7 लाख रुपये कीमत के तेल एवं फिल्टर मशीन को सील कर दिया गया। खाद्य अधिकारी ने मौके से तेल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। अधिकारी के मुताबिक प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि मौ कस्बे में कई स्थानों पर सरसों के तेल के कारोबार में सस्ते कच्चे माल की मिलावट कर अधिक मुनाफा कमाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। आरोप यह भी है कि कुछ ऑयल मिल संचालक बिना आवश्यक लाइसेंस और अनुमति के खाद्य तेल का कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता प्रयोगशाला जांच और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।महुआ की गुली मिलाने के आरोपों ने बढ़ाई चिंता स्थानीय स्तर पर यह शिकायत भी सामने आई है कि कुछ मिलों में सरसों के साथ महुआ की गुली मिलाकर तेल निकाला जाता है। यदि खाद्य तेल में ऐसी सामग्री निर्धारित खाद्य मानकों के विपरीत मिलाई जाती है तो यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। फिलहाल संबंधित तेल के नमूने की रिपोर्ट आने का इंतजार है।बिना लाइसेंस कारोबार की भी जांच खाद्य विभाग की कार्रवाई में बिना लाइसेंस कारोबार किए जाने की शिकायत भी जांच के दायरे में है। विभाग द्वारा मौके पर उपलब्ध तेल, मशीन और अन्य सामग्री को सील किए जाने के बाद अब दस्तावेजों और नमूने की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।खाद्य अधिकारी रीना बंसल ने स्पष्ट किया कि तेल का सैंपल लिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौ नगर में खाद्य तेल और मिलावट से संबंधित प्रतिष्ठानों पर जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद मौ क्षेत्र में तेल कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कस्बे में बड़ी संख्या में खाद्य तेल का कारोबार हो रहा है तो विभाग को सभी ऑयल मिलों और तेल विक्रेताओं की जांच करानी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य तेल उपलब्ध हो सके।1
- भाजपा द्वारा चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान के तहत युवाओं ने की तिरंगा लगाने की तैयारी भाजपा द्वारा हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है।जिसके चलते भाजपा युवा नेता हरेंद्र सोवरन सिंह,मंडल अध्यक्ष विवेक जैन,चितोरा मंडल अध्यक्ष रवि शर्मा, सहित अन्य पदाधिकारी तिरंगा लगाने की तैयारी में जुट गए हैं।तथा सभी को तिरंगा वितरण किया जा रहा है। शनिवार को लगभग 5 बजे युवा नेताओं ने तैयारी शुरू कर दी है।1
- गोहद चोराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत बंजारे का पुरा के पास सड़क दुर्घटना में महिला की मौत, मर्ग कायम गोहद चोराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत भिंड ग्वालियर हाइवे रोड पर बंजारे का पु.रा के पास शुक्रवार को हुए सड़क हादसे में गोमा डुगना नाम की महिला की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शनिवार को लगभग 6 बजे महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सुपुर्द किया गया।1