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मौ में मिलावटी तेल के खिलाफ खाद्य विभाग की कार्रवाई, करीब 7 लाख का तेल और मिल फिल्टर मशीन सील पुष्पांजलि टुडे संवाददाता बेताल सिंह गौड़ भिंड जिले के मौ कस्बे में सरसों के तेल में कथित मिलावट और बिना लाइसेंस खाद्य तेल का कारोबार किए जाने की शिकायतों के बीच खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है। मीडिया में मामला सामने आने के बाद खाद्य अधिकारी रीना बंसल ने मौ-तारौली रोड स्थित पवन अग्रवाल के परिसर पर पहुंचकर जांच की।जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम को बड़ी मात्रा में तेल एवं तेल फिल्टर करने वाली मशीन मिली। विभागीय कार्रवाई के तहत करीब 7 लाख रुपये कीमत के तेल एवं फिल्टर मशीन को सील कर दिया गया। खाद्य अधिकारी ने मौके से तेल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। अधिकारी के मुताबिक प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि मौ कस्बे में कई स्थानों पर सरसों के तेल के कारोबार में सस्ते कच्चे माल की मिलावट कर अधिक मुनाफा कमाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। आरोप यह भी है कि कुछ ऑयल मिल संचालक बिना आवश्यक लाइसेंस और अनुमति के खाद्य तेल का कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता प्रयोगशाला जांच और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।महुआ की गुली मिलाने के आरोपों ने बढ़ाई चिंता स्थानीय स्तर पर यह शिकायत भी सामने आई है कि कुछ मिलों में सरसों के साथ महुआ की गुली मिलाकर तेल निकाला जाता है। यदि खाद्य तेल में ऐसी सामग्री निर्धारित खाद्य मानकों के विपरीत मिलाई जाती है तो यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। फिलहाल संबंधित तेल के नमूने की रिपोर्ट आने का इंतजार है।बिना लाइसेंस कारोबार की भी जांच खाद्य विभाग की कार्रवाई में बिना लाइसेंस कारोबार किए जाने की शिकायत भी जांच के दायरे में है। विभाग द्वारा मौके पर उपलब्ध तेल, मशीन और अन्य सामग्री को सील किए जाने के बाद अब दस्तावेजों और नमूने की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।खाद्य अधिकारी रीना बंसल ने स्पष्ट किया कि तेल का सैंपल लिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौ नगर में खाद्य तेल और मिलावट से संबंधित प्रतिष्ठानों पर जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद मौ क्षेत्र में तेल कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कस्बे में बड़ी संख्या में खाद्य तेल का कारोबार हो रहा है तो विभाग को सभी ऑयल मिलों और तेल विक्रेताओं की जांच करानी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य तेल उपलब्ध हो सके।

13 hrs ago
user_Betal Singh gaur
Betal Singh gaur
मऊ, भिंड, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

मौ में मिलावटी तेल के खिलाफ खाद्य विभाग की कार्रवाई, करीब 7 लाख का तेल और मिल फिल्टर मशीन सील पुष्पांजलि टुडे संवाददाता बेताल सिंह गौड़ भिंड जिले के मौ कस्बे में सरसों के तेल में कथित मिलावट और बिना लाइसेंस खाद्य तेल का कारोबार किए जाने की शिकायतों के बीच खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है। मीडिया में मामला सामने आने के बाद खाद्य अधिकारी रीना बंसल ने मौ-तारौली रोड स्थित पवन अग्रवाल के परिसर पर पहुंचकर जांच की।जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम को बड़ी मात्रा में तेल एवं तेल फिल्टर करने वाली मशीन मिली। विभागीय कार्रवाई के तहत करीब 7 लाख रुपये कीमत के तेल एवं फिल्टर मशीन को सील कर दिया गया। खाद्य अधिकारी ने मौके से तेल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। अधिकारी के मुताबिक प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि मौ कस्बे में कई स्थानों पर सरसों के तेल के कारोबार में सस्ते कच्चे माल की मिलावट कर अधिक मुनाफा कमाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। आरोप यह भी है कि कुछ ऑयल मिल संचालक बिना आवश्यक लाइसेंस और अनुमति के खाद्य तेल का कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता प्रयोगशाला जांच और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।महुआ की गुली मिलाने के आरोपों ने बढ़ाई चिंता स्थानीय स्तर पर यह शिकायत भी सामने आई है कि कुछ मिलों में सरसों के साथ महुआ की गुली मिलाकर तेल निकाला जाता है। यदि खाद्य तेल में ऐसी सामग्री निर्धारित खाद्य मानकों के विपरीत मिलाई जाती है तो यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। फिलहाल संबंधित तेल के नमूने की रिपोर्ट आने का इंतजार है।बिना लाइसेंस कारोबार की भी जांच खाद्य विभाग की कार्रवाई में बिना लाइसेंस कारोबार किए जाने की शिकायत भी जांच के दायरे में है। विभाग द्वारा मौके पर उपलब्ध तेल, मशीन और अन्य सामग्री को सील किए जाने के बाद अब दस्तावेजों और नमूने की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।खाद्य अधिकारी रीना बंसल ने स्पष्ट किया कि तेल का सैंपल लिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौ नगर में खाद्य तेल और मिलावट से संबंधित प्रतिष्ठानों पर जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद मौ क्षेत्र में तेल कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कस्बे में बड़ी संख्या में खाद्य तेल का कारोबार हो रहा है तो विभाग को सभी ऑयल मिलों और तेल विक्रेताओं की जांच करानी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य तेल उपलब्ध हो सके।

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  • मौ में मिलावटी तेल के खिलाफ खाद्य विभाग की कार्रवाई, करीब 7 लाख का तेल और मिल फिल्टर मशीन सील पुष्पांजलि टुडे संवाददाता बेताल सिंह गौड़ भिंड जिले के मौ कस्बे में सरसों के तेल में कथित मिलावट और बिना लाइसेंस खाद्य तेल का कारोबार किए जाने की शिकायतों के बीच खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है। मीडिया में मामला सामने आने के बाद खाद्य अधिकारी रीना बंसल ने मौ-तारौली रोड स्थित पवन अग्रवाल के परिसर पर पहुंचकर जांच की।जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम को बड़ी मात्रा में तेल एवं तेल फिल्टर करने वाली मशीन मिली। विभागीय कार्रवाई के तहत करीब 7 लाख रुपये कीमत के तेल एवं फिल्टर मशीन को सील कर दिया गया। खाद्य अधिकारी ने मौके से तेल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। अधिकारी के मुताबिक प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि मौ कस्बे में कई स्थानों पर सरसों के तेल के कारोबार में सस्ते कच्चे माल की मिलावट कर अधिक मुनाफा कमाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। आरोप यह भी है कि कुछ ऑयल मिल संचालक बिना आवश्यक लाइसेंस और अनुमति के खाद्य तेल का कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता प्रयोगशाला जांच और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।महुआ की गुली मिलाने के आरोपों ने बढ़ाई चिंता स्थानीय स्तर पर यह शिकायत भी सामने आई है कि कुछ मिलों में सरसों के साथ महुआ की गुली मिलाकर तेल निकाला जाता है। यदि खाद्य तेल में ऐसी सामग्री निर्धारित खाद्य मानकों के विपरीत मिलाई जाती है तो यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। फिलहाल संबंधित तेल के नमूने की रिपोर्ट आने का इंतजार है।बिना लाइसेंस कारोबार की भी जांच खाद्य विभाग की कार्रवाई में बिना लाइसेंस कारोबार किए जाने की शिकायत भी जांच के दायरे में है। विभाग द्वारा मौके पर उपलब्ध तेल, मशीन और अन्य सामग्री को सील किए जाने के बाद अब दस्तावेजों और नमूने की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।खाद्य अधिकारी रीना बंसल ने स्पष्ट किया कि तेल का सैंपल लिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौ नगर में खाद्य तेल और मिलावट से संबंधित प्रतिष्ठानों पर जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद मौ क्षेत्र में तेल कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कस्बे में बड़ी संख्या में खाद्य तेल का कारोबार हो रहा है तो विभाग को सभी ऑयल मिलों और तेल विक्रेताओं की जांच करानी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य तेल उपलब्ध हो सके।
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    मौ में मिलावटी तेल के खिलाफ खाद्य विभाग की कार्रवाई, करीब 7 लाख का तेल और मिल फिल्टर मशीन सील

पुष्पांजलि टुडे संवाददाता बेताल सिंह गौड़

भिंड जिले के मौ कस्बे में सरसों के तेल में कथित मिलावट और बिना लाइसेंस खाद्य तेल का कारोबार किए जाने की शिकायतों के बीच खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है। मीडिया में मामला सामने आने के बाद खाद्य अधिकारी रीना बंसल ने मौ-तारौली रोड स्थित पवन अग्रवाल के परिसर पर पहुंचकर जांच की।जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम को बड़ी मात्रा में तेल एवं तेल फिल्टर करने वाली मशीन मिली। विभागीय कार्रवाई के तहत करीब 7 लाख रुपये कीमत के तेल एवं फिल्टर मशीन को सील कर दिया गया। खाद्य अधिकारी ने मौके से तेल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। अधिकारी के मुताबिक प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि मौ कस्बे में कई स्थानों पर सरसों के तेल के कारोबार में सस्ते कच्चे माल की मिलावट कर अधिक मुनाफा कमाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। आरोप यह भी है कि कुछ ऑयल मिल संचालक बिना आवश्यक लाइसेंस और अनुमति के खाद्य तेल का कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता प्रयोगशाला जांच और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।महुआ की गुली मिलाने के आरोपों ने बढ़ाई चिंता स्थानीय स्तर पर यह शिकायत भी सामने आई है कि कुछ मिलों में सरसों के साथ महुआ की गुली मिलाकर तेल निकाला जाता है। यदि खाद्य तेल में ऐसी सामग्री निर्धारित खाद्य मानकों के विपरीत मिलाई जाती है तो यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। फिलहाल संबंधित तेल के नमूने की रिपोर्ट आने का इंतजार है।बिना लाइसेंस कारोबार की भी जांच खाद्य विभाग की कार्रवाई में बिना लाइसेंस कारोबार किए जाने की शिकायत भी जांच के दायरे में है। विभाग द्वारा मौके पर उपलब्ध तेल, मशीन और अन्य सामग्री को सील किए जाने के बाद अब दस्तावेजों और नमूने की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।खाद्य अधिकारी रीना बंसल ने स्पष्ट किया कि तेल का सैंपल लिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौ नगर में खाद्य तेल और मिलावट से संबंधित प्रतिष्ठानों पर जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद मौ क्षेत्र में तेल कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कस्बे में बड़ी संख्या में खाद्य तेल का कारोबार हो रहा है तो विभाग को सभी ऑयल मिलों और तेल विक्रेताओं की जांच करानी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य तेल उपलब्ध हो सके।
    user_Betal Singh gaur
    Betal Singh gaur
    मऊ, भिंड, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • यह डाक कांवड़ यात्रा पिछले करीब 14 वर्षों से निकाली जा रही है। लोकेशन - खरगोन सवांददाता -रविन्द्र परमार ब्रेकिंग..... खरगोन खरगोन से निकली अनूठी कावड़ यात्रा बमनाला से महाराष्ट्र के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग त्रयंबकेश्वर के लिए रवाना हुई डाक कावड़ यात्रा डाक कांवड़ यात्रा, शिवभक्ति में दौडकर निकालते हैं कावड़िए यात्रा पैदल दौड़कर करीब 36 घंटे में 400 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे 200 श्रद्धालु. डाक कांवड़ यात्रा मे करीब 500 से 600 किलोमीटर की इस लंबी यात्रा मे लगभग 200 से 250 युवा कांवड़िए होते हैं शामिल । यह डाक कांवड़ यात्रा पिछले करीब 14 वर्षों से निकाली जा रही है। हरियाणा और बिहार की तर्ज पर शुरू हुई इस यात्रा में शामिल कांवड़िए निर्धारित समय में त्र्यंबकेश्वर पहुंचकर भगवान शिव का करेंगे जलाभिषेक । डाक कांवड़ यात्रा में शामिल युवा अनुशासन के साथ शिवभक्ति में आगे बढ़ेंगे। यात्रा को लेकर युवाओं में खासा उत्साह है। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के साथ कांवड़िए त्र्यंबकेश्वर की ओर हुए रवाना।
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    यह डाक कांवड़ यात्रा पिछले करीब 14 वर्षों से निकाली जा रही है। 

लोकेशन - खरगोन
सवांददाता -रविन्द्र परमार
ब्रेकिंग..... खरगोन
खरगोन से निकली अनूठी कावड़ यात्रा बमनाला से महाराष्ट्र के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग त्रयंबकेश्वर के लिए रवाना हुई डाक कावड़ यात्रा
डाक कांवड़ यात्रा, शिवभक्ति में दौडकर निकालते हैं कावड़िए यात्रा
पैदल दौड़कर करीब 36 घंटे में 400 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे 200 श्रद्धालु.
डाक कांवड़ यात्रा मे करीब 500 से 600 किलोमीटर की इस लंबी यात्रा मे लगभग 200 से 250 युवा कांवड़िए होते हैं शामिल ।
यह डाक कांवड़ यात्रा पिछले करीब 14 वर्षों से निकाली जा रही है। 
हरियाणा और बिहार की तर्ज पर शुरू हुई इस यात्रा में शामिल कांवड़िए निर्धारित समय में त्र्यंबकेश्वर पहुंचकर भगवान शिव का करेंगे जलाभिषेक ।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल युवा अनुशासन के साथ शिवभक्ति में आगे बढ़ेंगे। यात्रा को लेकर युवाओं में खासा उत्साह है। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के साथ कांवड़िए त्र्यंबकेश्वर की ओर हुए रवाना।
    user_राम बाबू
    राम बाबू
    Abundant Life church सेंवढ़ा, दतिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल पर कांग्रेस का सवाल, जनता पर डबल मार भिण्ड । ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल बूथ को लेकर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने शासन - प्रशासन और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) से पूरे मामले की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है । बघेल ने कहा कि जब इसी मार्ग पर पहले से टोल शुल्क लिया जा रहा है,तो उसी क्षेत्र में नया टोल लगाने का औचित्य क्या है । उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित टोल की परियोजना,सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति,टोल वसूली का वैधानिक आधार और शुल्क निर्धारण से संबंधित दस्तावेज जनता के सामने रखे जाएं। उन्होंने कहा कि उमरी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नियमित आवागमन करना पड़ता है। इसलिए स्थानीय ग्रामीणों,किसानों, विद्यार्थियों,कर्मचारियों और नियमित यात्रियों के लिए प्रस्तावित टोल में छूट अथवा राहत का क्या प्रावधान है,यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि संबंधित विभाग से प्रस्तावित टोल की वैधानिकता,स्वीकृति, परियोजना दस्तावेज और शुल्क निर्धारण के आधार की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि सात दिन के भीतर नियमानुसार कार्रवाई कर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) जनता के हित में शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ स्वीकार नहीं किया जाएगा। भिण्ड की जनता पर दोहरा टोल भार किसी भी कीमत पर उचित नहीं है। जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ के खिलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती से जनता के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ेगी।
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    ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल पर कांग्रेस का सवाल, जनता पर डबल मार 
भिण्ड । ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल बूथ को लेकर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने शासन - प्रशासन और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) से पूरे मामले की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है ।
बघेल ने कहा कि जब इसी मार्ग पर पहले से टोल शुल्क लिया जा रहा है,तो उसी क्षेत्र में नया टोल लगाने का औचित्य क्या है । उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित टोल की परियोजना,सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति,टोल वसूली का वैधानिक आधार और शुल्क निर्धारण से संबंधित दस्तावेज जनता के सामने रखे जाएं।
उन्होंने कहा कि उमरी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नियमित आवागमन करना पड़ता है। इसलिए स्थानीय ग्रामीणों,किसानों, विद्यार्थियों,कर्मचारियों और नियमित यात्रियों के लिए प्रस्तावित टोल में छूट अथवा राहत का क्या प्रावधान है,यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि संबंधित विभाग से प्रस्तावित टोल की वैधानिकता,स्वीकृति, परियोजना दस्तावेज और शुल्क निर्धारण के आधार की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि सात दिन के भीतर नियमानुसार कार्रवाई कर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) जनता के हित में शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ स्वीकार नहीं किया जाएगा। भिण्ड की जनता पर दोहरा टोल भार किसी भी कीमत पर उचित नहीं है। जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ के खिलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती से जनता के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ेगी।
    user_कृष्ण कांत शर्मा
    कृष्ण कांत शर्मा
    Media company भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    12 min ago
  • ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल पर कांग्रेस का सवाल,जनता पर दोहरा आर्थिक बोझ क्यों : रामशेष बघेल* ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल पर कांग्रेस का सवाल,जनता पर दोहरा आर्थिक बोझ क्यों : रामशेष बघेल* *सात दिन में जांच और कार्रवाई की मांग,आंदोलन की चेतावनी* भिण्ड । ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल बूथ को लेकर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने शासन - प्रशासन और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) से पूरे मामले की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है । बघेल ने कहा कि जब इसी मार्ग पर पहले से टोल शुल्क लिया जा रहा है,तो उसी क्षेत्र में नया टोल लगाने का औचित्य क्या है । उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित टोल की परियोजना,सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति,टोल वसूली का वैधानिक आधार और शुल्क निर्धारण से संबंधित दस्तावेज जनता के सामने रखे जाएं। उन्होंने कहा कि उमरी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नियमित आवागमन करना पड़ता है। इसलिए स्थानीय ग्रामीणों,किसानों, विद्यार्थियों,कर्मचारियों और नियमित यात्रियों के लिए प्रस्तावित टोल में छूट अथवा राहत का क्या प्रावधान है,यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि संबंधित विभाग से प्रस्तावित टोल की वैधानिकता,स्वीकृति, परियोजना दस्तावेज और शुल्क निर्धारण के आधार की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि सात दिन के भीतर नियमानुसार कार्रवाई कर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) जनता के हित में शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ स्वीकार नहीं किया जाएगा। भिण्ड की जनता पर दोहरा टोल भार किसी भी कीमत पर उचित नहीं है। जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ के खिलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती से जनता के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ेगी।
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    ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल पर कांग्रेस का सवाल,जनता पर दोहरा आर्थिक बोझ क्यों : रामशेष बघेल*
ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल पर कांग्रेस का सवाल,जनता पर दोहरा आर्थिक बोझ क्यों : रामशेष बघेल*
*सात दिन में जांच और कार्रवाई की मांग,आंदोलन की चेतावनी*
भिण्ड । ऊमरी के पास प्रस्तावित नए टोल बूथ को लेकर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने शासन - प्रशासन और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) से पूरे मामले की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है ।
बघेल ने कहा कि जब इसी मार्ग पर पहले से टोल शुल्क लिया जा रहा है,तो उसी क्षेत्र में नया टोल लगाने का औचित्य क्या है । उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित टोल की परियोजना,सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति,टोल वसूली का वैधानिक आधार और शुल्क निर्धारण से संबंधित दस्तावेज जनता के सामने रखे जाएं।
उन्होंने कहा कि उमरी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नियमित आवागमन करना पड़ता है। इसलिए स्थानीय ग्रामीणों,किसानों, विद्यार्थियों,कर्मचारियों और नियमित यात्रियों के लिए प्रस्तावित टोल में छूट अथवा राहत का क्या प्रावधान है,यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि संबंधित विभाग से प्रस्तावित टोल की वैधानिकता,स्वीकृति, परियोजना दस्तावेज और शुल्क निर्धारण के आधार की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि सात दिन के भीतर नियमानुसार कार्रवाई कर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) जनता के हित में शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ स्वीकार नहीं किया जाएगा। भिण्ड की जनता पर दोहरा टोल भार किसी भी कीमत पर उचित नहीं है। जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ के खिलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती से जनता के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ेगी।
    user_Dinesh soni
    Dinesh soni
    Television Channel भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सीजेएम के खिलाफ शिकायत के बाद दर्ज अपराध की विवेचना रोकने की मांग भिंड। जिला अधिवक्ता संघ भिंड के अध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर थाना देहात में दर्ज अपराध क्रमांक 536/26 की विवेचना वरिष्ठ न्यायालय से दिशा-निर्देश मिलने तक रोकने की मांग की है। अध्यक्ष विनीत मिश्रा नें बताया कि सीजेएम श्रीमती निधि नीलेश श्रीवास्तव और जेएमएफसी श्रीमती मुनमुन सिंह शर्मा के संबंध में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दर्ज अपराध को झूठा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।आवेदन में कहा गया है कि सीजेएम के रूप में पदस्थ श्रीमती निधि नीलेश श्रीवास्तव तथा तत्कालीन बाबू सुवीर जोशी के संबंध में भ्रष्टाचार एवं दलाली से जुड़ी शिकायतें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष पूर्व में की जा चुकी हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन्हीं शिकायतों से क्षुब्ध होकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के उद्देश्य से उनके खिलाफ बिना जांच के अपराध दर्ज कराया गया है। उन्होंने घटना से स्वयं तथा अन्य अधिवक्ताओं का कोई संबंध नहीं होने की बात कही है।अध्यक्ष विनीत मिश्रा ने आशंका जताई कि मामले की फरियादी न्यायिक अधिकारी होने के कारण विवेचना प्रभावित हो सकती है तथा पुलिस पर दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्च न्यायालय जबलपुर और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भी पत्र दिया गया है।आवेदन में पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश अथवा संबंधित न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण तक अपराध क्रमांक 536/26 की विवेचना रोक दी जाए। अधिवक्ता संघ द्वारा इस संबंध में ठहराव प्रस्ताव पारित किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है।
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    सीजेएम के खिलाफ शिकायत के बाद दर्ज अपराध की विवेचना रोकने की मांग
भिंड। जिला अधिवक्ता संघ भिंड के अध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर थाना देहात में दर्ज अपराध क्रमांक 536/26 की विवेचना वरिष्ठ न्यायालय से दिशा-निर्देश मिलने तक रोकने की मांग की है। अध्यक्ष विनीत मिश्रा नें बताया कि सीजेएम श्रीमती निधि नीलेश श्रीवास्तव और जेएमएफसी श्रीमती मुनमुन सिंह शर्मा के संबंध में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दर्ज अपराध को झूठा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।आवेदन में कहा गया है कि सीजेएम के रूप में पदस्थ श्रीमती निधि नीलेश श्रीवास्तव तथा तत्कालीन बाबू सुवीर जोशी के संबंध में भ्रष्टाचार एवं दलाली से जुड़ी शिकायतें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष पूर्व में की जा चुकी हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन्हीं शिकायतों से क्षुब्ध होकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के उद्देश्य से उनके खिलाफ बिना जांच के अपराध दर्ज कराया गया है। उन्होंने घटना से स्वयं तथा अन्य अधिवक्ताओं का कोई संबंध नहीं होने की बात कही है।अध्यक्ष विनीत मिश्रा ने आशंका जताई कि मामले की फरियादी न्यायिक अधिकारी होने के कारण विवेचना प्रभावित हो सकती है तथा पुलिस पर दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्च न्यायालय जबलपुर और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भी पत्र दिया गया है।आवेदन में पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश अथवा संबंधित न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण तक अपराध क्रमांक 536/26 की विवेचना रोक दी जाए। अधिवक्ता संघ द्वारा इस संबंध में ठहराव प्रस्ताव पारित किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है।
    user_Praveen parihar
    Praveen parihar
    भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • संबंधित अधिकारी नहीं दे रहे ईश्वर ध्यान बड़ी खबर सामने आई है, जहां एंबुलेंस के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। पोरसा की थोक सब्जी मंडी में एंबुलेंस से प्याज की बोरियां उतारते हुए वीडियो वायरल हुआ है। मुरैना से बड़ी खबर सामने आई है, जहां एंबुलेंस के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। पोरसा की थोक सब्जी मंडी में एंबुलेंस से प्याज की बोरियां उतारते हुए वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मरीजों के लिए बनी एंबुलेंस में माल ढुलाई की जा रही है। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं के दुरुपयोग पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि एंबुलेंस का गलत इस्तेमाल आम जनता के साथ अन्याय है। हालांकि इस वायरल वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
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    संबंधित अधिकारी नहीं दे रहे ईश्वर ध्यान बड़ी खबर सामने आई है, जहां एंबुलेंस के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
पोरसा की थोक सब्जी मंडी में एंबुलेंस से प्याज की बोरियां उतारते हुए वीडियो वायरल हुआ है।
मुरैना से बड़ी खबर सामने आई है, जहां एंबुलेंस के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
पोरसा की थोक सब्जी मंडी में एंबुलेंस से प्याज की बोरियां उतारते हुए वीडियो वायरल हुआ है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मरीजों के लिए बनी एंबुलेंस में माल ढुलाई की जा रही है।
इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं के दुरुपयोग पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
लोगों का कहना है कि एंबुलेंस का गलत इस्तेमाल आम जनता के साथ अन्याय है।
हालांकि इस वायरल वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
    user_राम बाबू
    राम बाबू
    Abundant Life church सेंवढ़ा, दतिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रपटा पर जलस्तर एवं आवागमन की स्थिति का जायजा लिया। अतिवृष्टि के चलते भांडेर-मोंठ मार्ग स्थित रपटा का अधिकारियों ने किया भांडेर के निकट भांडेर-मोंठ मार्ग पर स्थित रपटा का एसडीएम भांडेर श्री विजेंद्र यादव एवं डिप्टी कलेक्टर श्री सूरज सिंह गुर्जर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रपटा पर जलस्तर एवं आवागमन की स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा की दृष्टि से रपटा पर किसी भी प्रकार का आवागमन नहीं पाया गया। साथ ही संबंधित पुलिस थाना द्वारा मौके पर पुलिस बल की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी व्यक्ति को जोखिम लेकर रपटा पार करने से रोका जा सके। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस बल को सतत निगरानी रखने तथा जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि जलभराव एवं नदी-नालों के बढ़े हुए जलस्तर वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं तथा प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करें।
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    मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रपटा पर जलस्तर एवं आवागमन की स्थिति का जायजा लिया।
अतिवृष्टि के चलते भांडेर-मोंठ मार्ग स्थित रपटा का अधिकारियों ने किया 
भांडेर के निकट भांडेर-मोंठ मार्ग पर स्थित रपटा का एसडीएम भांडेर श्री विजेंद्र यादव एवं डिप्टी कलेक्टर श्री सूरज सिंह गुर्जर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रपटा पर जलस्तर एवं आवागमन की स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा की दृष्टि से रपटा पर किसी भी प्रकार का आवागमन नहीं पाया गया। साथ ही संबंधित पुलिस थाना द्वारा मौके पर पुलिस बल की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी व्यक्ति को जोखिम लेकर रपटा पार करने से रोका जा सके।
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस बल को सतत निगरानी रखने तथा जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि जलभराव एवं नदी-नालों के बढ़े हुए जलस्तर वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं तथा प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करें।
    user_Kamalkishor mahaur
    Kamalkishor mahaur
    Court reporter सेंवढ़ा, दतिया, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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