शासकीय शिक्षक ने ₹4500 महीने में ‘ठेके’ पर दे रखा विद्यालय हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही कैलारस। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कैलारस ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर अमरलाल रावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्थान पर प्रीति रावत को कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह देकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है। बताया जा रहा है कि हेडमास्टर अमरलाल रावत स्वयं विद्यालय में आकर उपस्थिति दर्ज कराते हैं और इसके बाद अपने अन्य कार्यों के लिए चले जाते हैं, जबकि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने और स्कूल की व्यवस्था संभालने का काम प्रीति रावत द्वारा किया जाता है। स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था कथित तौर पर लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण से खुली पोल! मामले की गंभीरता उस समय बढ़ गई जब कैलारस ब्लॉक के जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल सामने आए। आरोप है कि शासकीय शिक्षक द्वारा अपने स्थान पर निजी व्यक्ति से विद्यालय का संचालन करवाना शासन के नियमों और शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अवहेलना है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता बनती है। बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षक की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को मामूली राशि देकर विद्यालय में पढ़ाने के लिए रखता है, तो इससे सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस कथित व्यवस्था की लंबे समय से जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी तो विद्यालय की नियमित निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। जांच और कार्रवाई की मांग मामले में स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच करने की मांग उठ रही है कि हेडमास्टर की विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति कितनी रही, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज समय और मौके की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है तथा कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह पर दूसरे व्यक्ति से विद्यालय में कार्य कराने का मामला सामने आया है गौर करने वाली बातें हैं की प्रीति रावत ना तो अतिथि शिक्षक है और ना ही कोई विद्यालय से विद्यालय संबंधित है प्रीति रावत का कहना है कि मुझे तो 4: 500 रुपए महीने देती है स्कूल में पढ़ने के लिए कहते हैं कि मेरी जगह तुम पढ़ाओ तुम्हें 4500 हर महीने दूंगा अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
शासकीय शिक्षक ने ₹4500 महीने में ‘ठेके’ पर दे रखा विद्यालय हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही कैलारस। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कैलारस ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर अमरलाल रावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्थान पर प्रीति रावत को कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह देकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है। बताया जा रहा है कि हेडमास्टर अमरलाल रावत स्वयं विद्यालय में आकर उपस्थिति दर्ज कराते हैं और इसके बाद अपने अन्य कार्यों के लिए चले जाते हैं, जबकि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने और स्कूल की व्यवस्था संभालने का काम प्रीति रावत द्वारा किया जाता है। स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था कथित तौर पर लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण से खुली पोल! मामले की गंभीरता उस समय बढ़ गई जब कैलारस ब्लॉक के जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल सामने आए। आरोप है कि शासकीय शिक्षक द्वारा अपने स्थान पर निजी व्यक्ति से विद्यालय का संचालन करवाना शासन के नियमों और शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अवहेलना है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता बनती है। बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षक की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को मामूली राशि देकर विद्यालय में पढ़ाने के लिए रखता है, तो इससे सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस कथित व्यवस्था की लंबे समय से जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी तो विद्यालय की नियमित निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। जांच और कार्रवाई की मांग मामले में स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच करने की मांग उठ रही है कि हेडमास्टर की विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति कितनी रही, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज समय और मौके की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है तथा कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह पर दूसरे व्यक्ति से विद्यालय में कार्य कराने का मामला सामने आया है गौर करने वाली बातें हैं की प्रीति रावत ना तो अतिथि शिक्षक है और ना ही कोई विद्यालय से विद्यालय संबंधित है प्रीति रावत का कहना है कि मुझे तो 4: 500 रुपए महीने देती है स्कूल में पढ़ने के लिए कहते हैं कि मेरी जगह तुम पढ़ाओ तुम्हें 4500 हर महीने दूंगा अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
- नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को दिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश पोरसा,,,, ,,,,,,,महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल, कौथर कला सहित कई गांवों में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम पोरसा,,,,,,,,,,महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को बेटियों के महत्व, उनकी शिक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। यह जागरूकता कार्यक्रम संगीता थापक के मार्गदर्शन में ग्राम कौथर कला, कौथर खुर्द, गढ़िया पोरसा, मटियापुरा सहित अन्य स्थानों पर आयोजित किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने ग्रामीणों के बीच बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और समाज में व्याप्त भेदभाव को दूर करने का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। ‘बेटी है तो कल है’ का दिया संदेश नुक्कड़ नाटक के दौरान बताया गया कि बेटी परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर है। बेटी है तो कल है। बेटियां केवल परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने वाली नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, खेल, विज्ञान, प्रशासन और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा के दम पर समाज एवं देश का नाम रोशन कर रही हैं। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को समझाया गया कि बेटियों और बेटों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। जिस प्रकार बेटों को शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर दिए जाते हैं, उसी प्रकार बेटियों को भी समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की जिम्मेदारी है। शिक्षा से मजबूत होगा बेटियों का भविष्य जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि बेटी की शिक्षा केवल एक व्यक्ति को शिक्षित करना नहीं, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को मजबूत बनाना है। शिक्षित बेटी अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझने के साथ-साथ परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को बालिकाओं की शिक्षा को बीच में न रोकने, उन्हें विद्यालय भेजने तथा उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखने का संदेश दिया गया। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया गया। बेटियां दो परिवारों की बढ़ाती हैं शान कार्यक्रम में कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि बेटियां दो परिवारों की लाज और सम्मान को आगे बढ़ाती हैं। बेटियां अपने संस्कार, शिक्षा और प्रतिभा से माता-पिता का गौरव बढ़ाती हैं तथा समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ग्रामीणों को बताया गया कि बेटियों को बोझ समझने की मानसिकता को समाप्त करने की आवश्यकता है। उन्हें जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता तक हर स्तर पर समान अवसर मिलना चाहिए। ग्रामीणों ने लिया जागरूकता का संकल्प कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिए गए संदेश को गंभीरता से सुना और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच रखने का संकल्प लिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों ने भी ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने आसपास के परिवारों को बेटियों की शिक्षा एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। महिला एवं बाल विकास विभाग की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करना और समाज में लैंगिक भेदभाव को कम करना है। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों तक एक स्पष्ट संदेश पहुंचाया गया कि बेटी को बचाना ही नहीं, बल्कि उसे पढ़ाकर शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है,,,,,,1
- भाजपा द्वारा चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान के तहत युवाओं ने की तिरंगा लगाने की तैयारी भाजपा द्वारा हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है।जिसके चलते भाजपा युवा नेता हरेंद्र सोवरन सिंह,मंडल अध्यक्ष विवेक जैन,चितोरा मंडल अध्यक्ष रवि शर्मा, सहित अन्य पदाधिकारी तिरंगा लगाने की तैयारी में जुट गए हैं।तथा सभी को तिरंगा वितरण किया जा रहा है। शनिवार को लगभग 5 बजे युवा नेताओं ने तैयारी शुरू कर दी है।1
- फतेहाबाद में बड़ा हादसा टला फतेहाबाद के बेदपुरा में जर्जर प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग धराशायी, बाल-बाल बचे बच्चे फतेहाबाद। थाना क्षेत्र के मीटपुरा गांव के उपगांव बेदपुरा में करीब तीन साल से जर्जर हालत में पड़ी प्राथमिक विद्यालय की बिल्डिंग शनिवार सुबह अचानक भरभराकर गिर गई। बिल्डिंग गिरने के समय आसपास बच्चे खेल रहे थे। तेज आवाज के साथ स्कूल की इमारत को गिरता देख बच्चों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। स्कूल की जर्जर बिल्डिंग गिरने की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई बच्चा बिल्डिंग के अंदर या उसके ठीक पास मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग पिछले करीब तीन वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी थी। ग्रामीणों द्वारा कई बार जर्जर भवन की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद समय रहते भवन को हटाने या सुरक्षित कराने की कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवन के मलबे को तत्काल हटाया जाए और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ऐसे सभी जर्जर भवनों का निरीक्षण कराया जाए।1
- राजाखेड़ा में नगरपालिका चुनाव की तैयारी को लेकर प्रशासनिक बैठक नवीन वार्डों के परिसीमन की जानकारी दी गई, निष्पक्ष चुनाव के लिए सहयोग की अपील धौलपुर। जिले की राजाखेड़ा पंचायत समिति सभागार में शनिवार को नगरपालिका चुनाव की तैयारी को लेकर प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों तथा निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता राजाखेड़ा एसडीएम सुशीला मीणा ने की। इस दौरान प्रशासन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और पूर्व पार्षदों को राजाखेड़ा के नवीन वार्डों के परिसीमन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही प्रतिनिधियों से नगरपालिका चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने तथा चुनाव आचार संहिता का पूर्ण पालन करने के लिए सहयोग की अपील की गई। इस दौरान बैठक में एसडीएम सुशीला मीणा, तहसीलदार दीप्ति देव, निवर्तमान पालिक अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह जादौन, भाजपा जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह तोमर,भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष सत्यम गुप्ता, कांग्रेस नेता शकील खान, भूरी सिंह जादौन,सोनू बाँकुरे, जीतू जादौन आदि मौजूद रहे। राजाखेड़ा में नगरपालिका चुनाव की तैयारी को लेकर प्रशासनिक बैठक नवीन वार्डों के परिसीमन की जानकारी दी गई, निष्पक्ष चुनाव के लिए सहयोग की अपील धौलपुर। जिले की राजाखेड़ा पंचायत समिति सभागार में शनिवार को नगरपालिका चुनाव की तैयारी को लेकर प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों तथा निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता राजाखेड़ा एसडीएम सुशीला मीणा ने की। इस दौरान प्रशासन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और पूर्व पार्षदों को राजाखेड़ा के नवीन वार्डों के परिसीमन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही प्रतिनिधियों से नगरपालिका चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने तथा चुनाव आचार संहिता का पूर्ण पालन करने के लिए सहयोग की अपील की गई। इस दौरान बैठक में एसडीएम सुशीला मीणा, तहसीलदार दीप्ति देव, निवर्तमान पालिक अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह जादौन, भाजपा जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह तोमर,भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष सत्यम गुप्ता, कांग्रेस नेता शकील खान, भूरी सिंह जादौन,सोनू बाँकुरे, जीतू जादौन आदि मौजूद रहे।1
- धौलपुर। राजाखेड़ा थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 60 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 किलो 185 ग्राम अवैध गांजा, 39 हजार रुपये नकद और एक इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटा बरामद किया है। धौलपुर। राजाखेड़ा थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 60 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 किलो 185 ग्राम अवैध गांजा, 39 हजार रुपये नकद और एक इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटा बरामद किया है। राजाखेड़ा थाना प्रभारी वीर सिंह ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दिनेश पुत्र ईश्वरी उम्र 60 वर्ष निवासी राजाखेड़ा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 किलो 185 ग्राम अवैध गांजा, 39 हजार रुपये नकद और एक इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटा बरामद किया है। आरोपी गांजे को छोटी-छोटी प्लास्टिक की थैलियों में पैक कर ग्राहकों को सप्लाई करता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी लंबे समय से गांजे की तस्करी और सप्लाई में लिप्त था तथा पुलिस की निगरानी में भी था। आरोपी के खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने गांजा, नकदी और तोल कांटा जब्त कर आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी से पूछताछ कर गांजा सप्लाई नेटवर्क और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।4
- 15 साल से पक्की सड़क का इंतजार, हर बार आश्वासन की गिट्टी भी नहीं पहुंची दुर्गा कॉलोनी के रहवासियों की परेशानी बरकरार, जनप्रतिनिधि बदले लेकिन नहीं बदली सड़क की तस्वीर पोरसा। शहर में विकास के दावों के बीच इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के सामने स्थित दुर्गा कॉलोनी के रहवासी पिछले करीब 15 वर्षों से पक्की सड़क का इंतजार कर रहे हैं। वर्षों के दौरान कई सरपंच और जनप्रतिनिधि बदले, लेकिन मुख्य सड़क से कॉलोनी तक पहुंचने वाला रास्ता आज भी पक्का नहीं हो सका। रहवासियों के मुताबिक कॉलोनी तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता बारिश के दिनों में परेशानी का कारण बन जाता है। बारिश होते ही रास्ते पर कीचड़ और गड्ढों की स्थिति बन जाती है, जिससे पैदल चलने के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों से आवागमन भी मुश्किल हो जाता है। एक साल पहले मिला था गिट्टी का भरोसा स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने अपनी मांग रखी। करीब एक वर्ष पहले क्षेत्रीय विधायक के समक्ष भी कॉलोनी तक पक्का रास्ता बनवाने की मांग रखी गई थी। उस समय रास्ते पर कम से कम गिट्टी डलवाने का आश्वासन दिया गया था, ताकि बारिश में लोगों को राहत मिल सके। लेकिन रहवासियों का आरोप है कि एक साल गुजर जाने के बाद भी रास्ते पर गिट्टी तक नहीं डाली गई। ऐसे में कॉलोनी के लोगों के सामने वही पुरानी समस्या खड़ी है। 15 साल में नहीं बदली सड़क की तस्वीर रहवासियों का कहना है कि सड़क कोई नई मांग नहीं है। करीब 15 वर्षों से वे इसी समस्या से जूझ रहे हैं। हर बार उम्मीद रहती है कि अब सड़क बन जाएगी, लेकिन समय बीतने के साथ आश्वासन ही मिलते रहे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि कॉलोनी की सड़क का स्थायी समाधान कराया जाए। जब तक पक्की सड़क का निर्माण संभव नहीं है, तब तक कम से कम गिट्टी और मुरम डालकर रास्ते को आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी से राहत मिल सके।2
- 15 साल से पक्की सड़क का इंतजार, जनप्रतिनिधियों से गुहार के बाद भी नहीं बनी दुर्गा कॉलोनी की राह पोरसा। मुरैना जिले की पोरसा तहसील क्षेत्र में इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के सामने स्थित दुर्गा कॉलोनी के रहवासी पिछले करीब 15 वर्षों से पक्के रास्ते की समस्या से जूझ रहे हैं। कॉलोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि कई सरपंच और जनप्रतिनिधि बदल गए, लेकिन मुख्य सड़क से कॉलोनी तक पहुंचने के लिए आज तक पक्का रास्ता नहीं बन पाया। रहवासियों के मुताबिक बारिश के दिनों में कच्चा रास्ता और अधिक खराब हो जाता है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का दावा है कि करीब एक वर्ष पहले उन्होंने क्षेत्रीय विधायक से भी पक्के रास्ते की मांग की थी। उस समय विधायक की ओर से रास्ते पर गिट्टी डलवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी गिट्टी नहीं डलवाई गई। वहीं, नगर पालिका से संपर्क करने पर रहवासियों के अनुसार उन्हें बताया गया कि रास्ते पर गिट्टी डलवाने के संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र अशोक सिंह तोमर की सहमति आवश्यक है। रहवासियों ने इस संबंध में नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और स्पष्टता की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और नगर पालिका प्रशासन सड़क निर्माण या अस्थायी रूप से गिट्टी डालने की व्यवस्था कर दें तो कॉलोनी के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। मामले को लेकर जब विधायक से बात की गई तो उन्होंने नगर पालिका सीएमओ से अपनी बात करवाने की बात कही। अब देखना होगा कि वर्षों से सड़क की समस्या से जूझ रहे दुर्गा कॉलोनी के रहवासियों को कब तक पक्के रास्ते की सुविधा मिल पाती है। नोट: नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र अशोक सिंह तोमर पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में उनका पक्ष प्राप्त होने पर खबर में शामिल किया जाएगा।2
- खाद्य सुरक्षा विभाग ने की छापामार कार्रवाई,महुआ की गुली की मिलावट की शिकायत पर सरसों का तेल जब्त मौ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रीना बंसल द्वारा शनिवार को लगभग 1 बजे कार्यवाही की गई। जिसमें शिकायत मिल रही थी कि तेल कारोबारी अवैध रूप से महुआ की गुली मिलाकर सरसों का तेल बना रहे हैं। जिसके चलते तारोली रोड़ वार्ड 14 में पवन अग्रवाल के प्रतिष्ठान पर छापामार कार्यवाही की।जांच में पाया गया कि तेल कारोबारी बिना लाइसेंस के अवैध रूप से तेल का कारोबार चला रहा था। जांच में लगभग 7 लाख रुपये कीमत का तेल जब्त किया है। मौके से सरसों के तेल के नमूने जांच हेतु एकत्रित किए गए जो जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे।1
- अम्बाह में पत्नी की गोली मारकर हत्या का मामला, फौजी पति समेत तीन आरोपी गिरफ्तार मुरैना/ अम्बाह थाना क्षेत्र में पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी फौजी पति समेत तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी सोहन सिकरवार के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को ग्राम करके कापुरा मौजा बड़ी कोथर निवासी सुरेश सिंह तोमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी रानी सिकरवार की उसके पति सोहन सिकरवार ने अपने माता-पिता के उकसावे में आकर लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट पर थाना अम्बाह में अपराध क्रमांक 361/26 के तहत धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी के लिए टीम गठित की गई। 7 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मामले में वांछित तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सोहन सिकरवार ने हत्या करना स्वीकार किया। उसके कब्जे से करीब ₹40 हजार कीमत की लाइसेंसी पिस्टल बरामद की गई। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अम्बाह में पत्नी की गोली मारकर हत्या का मामला, फौजी पति समेत तीन आरोपी गिरफ्तार मुरैना/ अम्बाह थाना क्षेत्र में पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी फौजी पति समेत तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी सोहन सिकरवार के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को ग्राम करके कापुरा मौजा बड़ी कोथर निवासी सुरेश सिंह तोमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी रानी सिकरवार की उसके पति सोहन सिकरवार ने अपने माता-पिता के उकसावे में आकर लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट पर थाना अम्बाह में अपराध क्रमांक 361/26 के तहत धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी के लिए टीम गठित की गई। 7 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मामले में वांछित तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सोहन सिकरवार ने हत्या करना स्वीकार किया। उसके कब्जे से करीब ₹40 हजार कीमत की लाइसेंसी पिस्टल बरामद की गई। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।1