अम्बाह में पत्नी की गोली मारकर हत्या का मामला, फौजी पति समेत तीन आरोपी गिरफ्तार मुरैना/ अम्बाह थाना क्षेत्र में पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी फौजी पति समेत तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी सोहन सिकरवार के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को ग्राम करके कापुरा मौजा बड़ी कोथर निवासी सुरेश सिंह तोमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी रानी सिकरवार की उसके पति सोहन सिकरवार ने अपने माता-पिता के उकसावे में आकर लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट पर थाना अम्बाह में अपराध क्रमांक 361/26 के तहत धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी के लिए टीम गठित की गई। 7 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मामले में वांछित तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सोहन सिकरवार ने हत्या करना स्वीकार किया। उसके कब्जे से करीब ₹40 हजार कीमत की लाइसेंसी पिस्टल बरामद की गई। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अम्बाह में पत्नी की गोली मारकर हत्या का मामला, फौजी पति समेत तीन आरोपी गिरफ्तार मुरैना/ अम्बाह थाना क्षेत्र में पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी फौजी पति समेत तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी सोहन सिकरवार के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को ग्राम करके कापुरा मौजा बड़ी कोथर निवासी सुरेश सिंह तोमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी रानी सिकरवार की उसके पति सोहन सिकरवार ने अपने माता-पिता के उकसावे में आकर लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट पर थाना अम्बाह में अपराध क्रमांक 361/26 के तहत धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी के लिए टीम गठित की गई। 7 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मामले में वांछित तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सोहन सिकरवार ने हत्या करना स्वीकार किया। उसके कब्जे से करीब ₹40 हजार कीमत की लाइसेंसी पिस्टल बरामद की गई। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अम्बाह में पत्नी की गोली मारकर हत्या का मामला, फौजी पति समेत तीन आरोपी गिरफ्तार मुरैना/ अम्बाह थाना क्षेत्र में पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी फौजी पति समेत तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी सोहन सिकरवार के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को ग्राम करके कापुरा मौजा बड़ी कोथर निवासी सुरेश सिंह तोमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी रानी सिकरवार की उसके पति सोहन सिकरवार ने अपने माता-पिता के उकसावे में आकर लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट पर थाना अम्बाह में अपराध क्रमांक 361/26 के तहत धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी के लिए टीम गठित की गई। 7 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मामले में वांछित तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सोहन सिकरवार ने हत्या करना स्वीकार किया। उसके कब्जे से करीब ₹40 हजार कीमत की लाइसेंसी पिस्टल बरामद की गई। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अम्बाह में पत्नी की गोली मारकर हत्या का मामला, फौजी पति समेत तीन आरोपी गिरफ्तार मुरैना/ अम्बाह थाना क्षेत्र में पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी फौजी पति समेत तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी सोहन सिकरवार के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को ग्राम करके कापुरा मौजा बड़ी कोथर निवासी सुरेश सिंह तोमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी रानी सिकरवार की उसके पति सोहन सिकरवार ने अपने माता-पिता के उकसावे में आकर लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट पर थाना अम्बाह में अपराध क्रमांक 361/26 के तहत धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी के लिए टीम गठित की गई। 7 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मामले में वांछित तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सोहन सिकरवार ने हत्या करना स्वीकार किया। उसके कब्जे से करीब ₹40 हजार कीमत की लाइसेंसी पिस्टल बरामद की गई। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
- नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को दिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश 📍 पोरसा | कौथर कला सहित कई गांवों में जागरूकता कार्यक्रम 🎭 महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को बेटियों के महत्व, शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम संगीता थापक के मार्गदर्शन में ग्राम कौथर कला, कौथर खुर्द, गढ़िया पोरसा, मटियापुरा सहित अन्य स्थानों पर आयोजित किए गए। 🎭 नुक्कड़ नाटक के जरिए कलाकारों ने बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने, बेटा-बेटी में भेदभाव खत्म करने और बालिकाओं को शिक्षा के समान अवसर देने का संदेश दिया। 📚 ‘बेटी है तो कल है’ ग्रामीणों को बताया गया कि शिक्षित बेटी न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बालिकाओं की शिक्षा बीच में न रोकने, उन्हें विद्यालय भेजने, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रखने और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की अपील की गई। 👧 बेटियों को बोझ नहीं, समाज की ताकत समझें। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया। 🎥 देखिए कैसे नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों तक पहुंचाया गया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश।3
- नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को दिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश पोरसा,,,, ,,,,,,,महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल, कौथर कला सहित कई गांवों में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम पोरसा,,,,,,,,,,महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को बेटियों के महत्व, उनकी शिक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। यह जागरूकता कार्यक्रम संगीता थापक के मार्गदर्शन में ग्राम कौथर कला, कौथर खुर्द, गढ़िया पोरसा, मटियापुरा सहित अन्य स्थानों पर आयोजित किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने ग्रामीणों के बीच बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और समाज में व्याप्त भेदभाव को दूर करने का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। ‘बेटी है तो कल है’ का दिया संदेश नुक्कड़ नाटक के दौरान बताया गया कि बेटी परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर है। बेटी है तो कल है। बेटियां केवल परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने वाली नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, खेल, विज्ञान, प्रशासन और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा के दम पर समाज एवं देश का नाम रोशन कर रही हैं। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को समझाया गया कि बेटियों और बेटों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। जिस प्रकार बेटों को शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर दिए जाते हैं, उसी प्रकार बेटियों को भी समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की जिम्मेदारी है। शिक्षा से मजबूत होगा बेटियों का भविष्य जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि बेटी की शिक्षा केवल एक व्यक्ति को शिक्षित करना नहीं, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को मजबूत बनाना है। शिक्षित बेटी अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझने के साथ-साथ परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को बालिकाओं की शिक्षा को बीच में न रोकने, उन्हें विद्यालय भेजने तथा उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखने का संदेश दिया गया। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया गया। बेटियां दो परिवारों की बढ़ाती हैं शान कार्यक्रम में कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि बेटियां दो परिवारों की लाज और सम्मान को आगे बढ़ाती हैं। बेटियां अपने संस्कार, शिक्षा और प्रतिभा से माता-पिता का गौरव बढ़ाती हैं तथा समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ग्रामीणों को बताया गया कि बेटियों को बोझ समझने की मानसिकता को समाप्त करने की आवश्यकता है। उन्हें जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता तक हर स्तर पर समान अवसर मिलना चाहिए। ग्रामीणों ने लिया जागरूकता का संकल्प कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिए गए संदेश को गंभीरता से सुना और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच रखने का संकल्प लिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों ने भी ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने आसपास के परिवारों को बेटियों की शिक्षा एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। महिला एवं बाल विकास विभाग की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करना और समाज में लैंगिक भेदभाव को कम करना है। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों तक एक स्पष्ट संदेश पहुंचाया गया कि बेटी को बचाना ही नहीं, बल्कि उसे पढ़ाकर शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है,,,,,,1
- राजाखेड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई। अवैध गांजे के साथ 60 वर्षीय व्यक्ति गिरफ्तार। आरोपी लंबे समय से अवैध गांजे की कर रहा था तस्करी। पुलिस ने मामले में दिनेश पुत्र ईश्वरी प्रसाद निवासी राजाखेड़ा को किया गिरफ्तार। आरोपी के कब्जे से 1 किलो 185 ग्राम अवैध गांजा,39 हजार रुपये की नगदी और गांजा सप्लाई करने के दो पैकेट पॉलिथीन व कांटा किया जप्त। मुखबिर की सूचना पर राजाखेड़ा पुलिस और डीएसटी टीम ने की संयुक्त कार्रवाई। इससे पहले भी आरोपी पर 2022 में एनडीपीएस में मुकदमा है दर्ज।राजाखेड़ा थानाधिकारी वीर सिंह ने दी जानकारी। राजाखेड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई। अवैध गांजे के साथ 60 वर्षीय व्यक्ति गिरफ्तार। आरोपी लंबे समय से अवैध गांजे की कर रहा था तस्करी। पुलिस ने मामले में दिनेश पुत्र ईश्वरी प्रसाद निवासी राजाखेड़ा को किया गिरफ्तार। आरोपी के कब्जे से 1 किलो 185 ग्राम अवैध गांजा,39 हजार रुपये की नगदी और गांजा सप्लाई करने के दो पैकेट पॉलिथीन व कांटा किया जप्त। मुखबिर की सूचना पर राजाखेड़ा पुलिस और डीएसटी टीम ने की संयुक्त कार्रवाई। इससे पहले भी आरोपी पर 2022 में एनडीपीएस में मुकदमा है दर्ज।राजाखेड़ा थानाधिकारी वीर सिंह ने दी जानकारी।1
- फतेहाबाद में बड़ा हादसा टला फतेहाबाद के बेदपुरा में जर्जर प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग धराशायी, बाल-बाल बचे बच्चे फतेहाबाद। थाना क्षेत्र के मीटपुरा गांव के उपगांव बेदपुरा में करीब तीन साल से जर्जर हालत में पड़ी प्राथमिक विद्यालय की बिल्डिंग शनिवार सुबह अचानक भरभराकर गिर गई। बिल्डिंग गिरने के समय आसपास बच्चे खेल रहे थे। तेज आवाज के साथ स्कूल की इमारत को गिरता देख बच्चों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। स्कूल की जर्जर बिल्डिंग गिरने की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई बच्चा बिल्डिंग के अंदर या उसके ठीक पास मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग पिछले करीब तीन वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी थी। ग्रामीणों द्वारा कई बार जर्जर भवन की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद समय रहते भवन को हटाने या सुरक्षित कराने की कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवन के मलबे को तत्काल हटाया जाए और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ऐसे सभी जर्जर भवनों का निरीक्षण कराया जाए।1
- 15 साल से पक्की सड़क का इंतजार, हर बार आश्वासन की गिट्टी भी नहीं पहुंची दुर्गा कॉलोनी के रहवासियों की परेशानी बरकरार, जनप्रतिनिधि बदले लेकिन नहीं बदली सड़क की तस्वीर पोरसा। शहर में विकास के दावों के बीच इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के सामने स्थित दुर्गा कॉलोनी के रहवासी पिछले करीब 15 वर्षों से पक्की सड़क का इंतजार कर रहे हैं। वर्षों के दौरान कई सरपंच और जनप्रतिनिधि बदले, लेकिन मुख्य सड़क से कॉलोनी तक पहुंचने वाला रास्ता आज भी पक्का नहीं हो सका। रहवासियों के मुताबिक कॉलोनी तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता बारिश के दिनों में परेशानी का कारण बन जाता है। बारिश होते ही रास्ते पर कीचड़ और गड्ढों की स्थिति बन जाती है, जिससे पैदल चलने के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों से आवागमन भी मुश्किल हो जाता है। एक साल पहले मिला था गिट्टी का भरोसा स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने अपनी मांग रखी। करीब एक वर्ष पहले क्षेत्रीय विधायक के समक्ष भी कॉलोनी तक पक्का रास्ता बनवाने की मांग रखी गई थी। उस समय रास्ते पर कम से कम गिट्टी डलवाने का आश्वासन दिया गया था, ताकि बारिश में लोगों को राहत मिल सके। लेकिन रहवासियों का आरोप है कि एक साल गुजर जाने के बाद भी रास्ते पर गिट्टी तक नहीं डाली गई। ऐसे में कॉलोनी के लोगों के सामने वही पुरानी समस्या खड़ी है। 15 साल में नहीं बदली सड़क की तस्वीर रहवासियों का कहना है कि सड़क कोई नई मांग नहीं है। करीब 15 वर्षों से वे इसी समस्या से जूझ रहे हैं। हर बार उम्मीद रहती है कि अब सड़क बन जाएगी, लेकिन समय बीतने के साथ आश्वासन ही मिलते रहे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि कॉलोनी की सड़क का स्थायी समाधान कराया जाए। जब तक पक्की सड़क का निर्माण संभव नहीं है, तब तक कम से कम गिट्टी और मुरम डालकर रास्ते को आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी से राहत मिल सके।2
- 15 साल से पक्की सड़क का इंतजार, जनप्रतिनिधियों से गुहार के बाद भी नहीं बनी दुर्गा कॉलोनी की राह पोरसा। मुरैना जिले की पोरसा तहसील क्षेत्र में इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के सामने स्थित दुर्गा कॉलोनी के रहवासी पिछले करीब 15 वर्षों से पक्के रास्ते की समस्या से जूझ रहे हैं। कॉलोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि कई सरपंच और जनप्रतिनिधि बदल गए, लेकिन मुख्य सड़क से कॉलोनी तक पहुंचने के लिए आज तक पक्का रास्ता नहीं बन पाया। रहवासियों के मुताबिक बारिश के दिनों में कच्चा रास्ता और अधिक खराब हो जाता है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का दावा है कि करीब एक वर्ष पहले उन्होंने क्षेत्रीय विधायक से भी पक्के रास्ते की मांग की थी। उस समय विधायक की ओर से रास्ते पर गिट्टी डलवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी गिट्टी नहीं डलवाई गई। वहीं, नगर पालिका से संपर्क करने पर रहवासियों के अनुसार उन्हें बताया गया कि रास्ते पर गिट्टी डलवाने के संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र अशोक सिंह तोमर की सहमति आवश्यक है। रहवासियों ने इस संबंध में नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और स्पष्टता की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और नगर पालिका प्रशासन सड़क निर्माण या अस्थायी रूप से गिट्टी डालने की व्यवस्था कर दें तो कॉलोनी के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। मामले को लेकर जब विधायक से बात की गई तो उन्होंने नगर पालिका सीएमओ से अपनी बात करवाने की बात कही। अब देखना होगा कि वर्षों से सड़क की समस्या से जूझ रहे दुर्गा कॉलोनी के रहवासियों को कब तक पक्के रास्ते की सुविधा मिल पाती है। नोट: नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र अशोक सिंह तोमर पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में उनका पक्ष प्राप्त होने पर खबर में शामिल किया जाएगा।2
- फतेहाबाद में भाजपा के 'गांव-गांव रविदास जयंती' कार्यक्रम में हंगामा, विधायक छोटेलाल वर्मा मंडल अध्यक्ष पर भड़के, वीडियो वायरल फतेहाबाद 8 अगस्त । भाजपा द्वारा चलाए जा रहे 'गांव-गांव रविदास जयंती' कार्यक्रम के दौरान फतेहाबाद विधानसभा के दखलीपुरा गांव में उस समय माहौल गरमा गया जब पार्टी के विधायक छोटेलाल वर्मा मंच से नाराज हो गए। नाराजगी की वजह से विधायक भाजपा के मंडल अध्यक्ष पर गुस्सा गए। शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में विधायक छोटेलाल वर्मा भी पहुंचे थे। कार्यक्रम में संत रविदास जयंती के अवसर पर समाज को सम्मानित किया जा रहा था। इसी दौरान विधायक को बोलने का मौका न दिए जाने से वर्मा नाराज हो गए। मंच पर मौजूद मंडल अध्यक्ष से विधायक ने तल्ख लहजे में कहा, "गांव में विधायक को नहीं बोलने दोगे क्या?" विधायक के इस सवाल और नाराजगी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। विधायक द्वारा मंडल अध्यक्ष को हड़काने के बाद माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया था। बाद में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत कराया गया। भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने 'गांव-गांव रविदास जयंती' के तहत अनुसूचित जाति समाज तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने के लिए यह अभियान शुरू किया है। लेकिन इस घटनाक्रम से फतेहाबाद में पार्टी में अंदरूनी नाराजगी भी सामने आ गई है। वायरल वीडियो के बाद कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर चर्चा है कि जयंती जैसे सामाजिक कार्यक्रम में भी समन्वय की कमी दिखी। फिलहाल विधायक छोटेलाल वर्मा और मंडल अध्यक्ष दोनों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।1
- जर्जर जूनियर हाईस्कूल भवन भरभराकर गिरा, बच्चे सुरक्षित फतेहाबाद : क्षेत्र के गांव बादशाह की मढ़ैया स्थित जूनियर हाईस्कूल की जर्जर इमारत शनिवार को करीब 11:30 बजे अचानक भरभराकर गिर गई। भवन की हालत पहले से ही जर्जर होने के कारण विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को प्राथमिक विद्यालय वेदपुरा में शिफ्ट कर दिया गया था। इससे हादसे के समय भवन में कोई बच्चा मौजूद नहीं था और बड़ा हादसा टल गया। बताया गया है कि जूनियर हाईस्कूल बादशाह की मढ़ैया का भवन काफी समय से जर्जर हालत में था। दीवारों और छत में दरारें आने के कारण विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें प्राथमिक विद्यालय वेदपुरा में पढ़ाया जा रहा था। शनिवार को अचानक जर्जर भवन का हिस्सा भरभराकर गिर गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि यदि बच्चे जर्जर भवन में पढ़ रहे होते तो बड़ी घटना हो सकती थी। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से विद्यालय के लिए सुरक्षित भवन की व्यवस्था कराने की मांग की है।1