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विंध्याचल के घमहापुर में जलभराव से हाहाकार, हर घर में घुसा पानी, प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग मीरजापुर। विंध्याचल क्षेत्र के अटल चौक से 200 मीटर दूरी पर स्थित घमहापुर गांव में लगातार हो रही बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है। गांव के कई घरों में बरसात का पानी घुस जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि पीड़ित परिवारों को अपने ही घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पीड़ित महिलाओं ने ग्राम प्रधान बबलू यादव को अपनी समस्या बताते हुए सवाल किया कि घर खाली करने के बाद वे लोग कहां जाएं। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान बबलू यादव ने बताया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्लाटिंग होने के कारण जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हुई है। आसपास के कई गांवों का बरसात का पानी एक जगह इकट्ठा होने से घमहापुर में जलभराव हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश में इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। रिपोर्ट - पत्रकार मंजय वर्मा

42 min ago
user_Manjay Varma
Manjay Varma
लालगंज, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
42 min ago
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विंध्याचल के घमहापुर में जलभराव से हाहाकार, हर घर में घुसा पानी, प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग मीरजापुर। विंध्याचल क्षेत्र के अटल चौक से 200 मीटर दूरी पर स्थित घमहापुर गांव में लगातार हो रही बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है। गांव

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के कई घरों में बरसात का पानी घुस जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि पीड़ित परिवारों को अपने ही घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पीड़ित महिलाओं ने ग्राम

प्रधान बबलू यादव को अपनी समस्या बताते हुए सवाल किया कि घर खाली करने के बाद वे लोग कहां जाएं। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान बबलू यादव ने बताया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्लाटिंग होने के कारण जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हुई है। आसपास

के कई गांवों का बरसात का पानी एक जगह इकट्ठा होने से घमहापुर में जलभराव हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश में इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। रिपोर्ट - पत्रकार मंजय वर्मा

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  • विंध्याचल के घमहापुर में जलभराव से हाहाकार, हर घर में घुसा पानी, प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग मीरजापुर। विंध्याचल क्षेत्र के अटल चौक से 200 मीटर दूरी पर स्थित घमहापुर गांव में लगातार हो रही बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है। गांव के कई घरों में बरसात का पानी घुस जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि पीड़ित परिवारों को अपने ही घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पीड़ित महिलाओं ने ग्राम प्रधान बबलू यादव को अपनी समस्या बताते हुए सवाल किया कि घर खाली करने के बाद वे लोग कहां जाएं। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान बबलू यादव ने बताया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्लाटिंग होने के कारण जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हुई है। आसपास के कई गांवों का बरसात का पानी एक जगह इकट्ठा होने से घमहापुर में जलभराव हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश में इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। रिपोर्ट - पत्रकार मंजय वर्मा
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    विंध्याचल के घमहापुर में जलभराव से हाहाकार, हर घर में घुसा पानी, प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
मीरजापुर। विंध्याचल क्षेत्र के अटल चौक से 200 मीटर दूरी पर स्थित घमहापुर गांव में लगातार हो रही बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है। गांव के कई घरों में बरसात का पानी घुस जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
हालात ऐसे हो गए हैं कि पीड़ित परिवारों को अपने ही घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पीड़ित महिलाओं ने ग्राम प्रधान बबलू यादव को अपनी समस्या बताते हुए सवाल किया कि घर खाली करने के बाद वे लोग कहां जाएं।
मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान बबलू यादव ने बताया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्लाटिंग होने के कारण जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हुई है। आसपास के कई गांवों का बरसात का पानी एक जगह इकट्ठा होने से घमहापुर में जलभराव हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश में इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है।
रिपोर्ट - पत्रकार मंजय वर्मा
    user_Manjay Varma
    Manjay Varma
    लालगंज, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    42 min ago
  • अदवा डैम के चार गेट खुलने से बढ़ी सतर्कता प्रशासन ने ग्रामीणों से सुरक्षित रहने की कि अपील हलिया मीरजापुर हलिया विकास खंड स्थित अदवा डैम के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद मंगलवार को चार गेट खोलकर पानी नदी में छोड़ा जा रहा है डैम से पानी छोड़े जाने के बाद अदवा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नदी किनारे बसे गांवों में सूचना पहुंचाकर लोगों को सावधान करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी के आसपास जाने से बचें और बच्चों व पशुओं को नदी के किनारे न जाने दें।जनहित एवं सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है इसलिए जान जोखिम में न डालें सतर्क रहें सुरक्षित रहे प्रशासन विभाग द्वारा जनहित में जारी।
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    अदवा डैम के चार गेट खुलने से बढ़ी सतर्कता प्रशासन ने ग्रामीणों से सुरक्षित रहने की कि अपील 
हलिया मीरजापुर हलिया विकास खंड स्थित अदवा डैम के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद  मंगलवार को चार गेट खोलकर पानी नदी में छोड़ा जा रहा है डैम से पानी छोड़े जाने के बाद अदवा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नदी किनारे बसे गांवों में सूचना पहुंचाकर लोगों को सावधान करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी के आसपास जाने से बचें और बच्चों व पशुओं को नदी के किनारे न जाने दें।जनहित एवं सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है इसलिए जान जोखिम में न डालें सतर्क रहें सुरक्षित रहे प्रशासन विभाग द्वारा जनहित में जारी।
    user_रमेश शुक्ला
    रमेश शुक्ला
    Newspaper publisher लालगंज, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के बढ़ते आर्थिक विकास पर
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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के बढ़ते आर्थिक विकास पर
    user_Journalist S N Yadav
    Journalist S N Yadav
    Local News Reporter मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • भीषण बारिश में भी दिन रात खेत की रखवाली को मजबूर अन्नदाता,95,% आबादी किसानी पर निर्भर *बारा / प्रयागराज: अमिलिया और नौढ़ीया तरहार में आवारा पशुओं का आतंक, किसान लाचार* *भीषण बारिश में भी दिन-रात खेत की रखवाली को मजबूर अन्नदाता, 95% आबादी किसानी पर निर्भर* *बारा (प्रयागराज)।* तहसील बारा की ग्राम सभा *अमिलिया और नौढ़ीया तरहार* में आवारा पशुओं के आतंक से किसान बेबस और लाचार हो गए हैं। भीषण बारिश के बीच किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि दिन में तो किसी तरह फसल बचा लेते हैं, लेकिन रात होते ही आवारा पशुओं का झुंड खेतों में घुसकर उनकी खून-पसीने की कमाई को चौपट कर देता है। यह बारा क्षेत्र का सबसे पिछड़ा गांव बताया जा रहा है, जहां *95 प्रतिशत लोग खेती पर ही आश्रित हैं।* किसानों ने महंगाई के दौर में कर्ज लेकर धान की रोपाई, खाद, तार और खंभा की व्यवस्था की थी, लेकिन आवारा पशु सब बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी ग्राम सभा में *एक भी पशु बाड़ा या गौशाला नहीं है* और सरकार द्वारा इस पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लहलहाती फसल रातों-रात बर्बाद हो रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर यही स्थिति रही तो वे परिवार के भरण-पोषण में असमर्थ होकर खुदकुशी करने को मजबूर होंगे। उनकी दुर्दशा सुनने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने विधायक, सांसद और प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल *गौशाला और पशु बाड़े* की व्यवस्था कराकर किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाई जाए।
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    भीषण बारिश में भी दिन रात खेत की रखवाली को मजबूर अन्नदाता,95,% आबादी किसानी पर निर्भर
*बारा / प्रयागराज: अमिलिया और नौढ़ीया तरहार में आवारा पशुओं का आतंक, किसान लाचार*
*भीषण बारिश में भी दिन-रात खेत की रखवाली को मजबूर अन्नदाता, 95% आबादी किसानी पर निर्भर*
*बारा (प्रयागराज)।* तहसील बारा की ग्राम सभा *अमिलिया और नौढ़ीया तरहार* में आवारा पशुओं के आतंक से किसान बेबस और लाचार हो गए हैं। भीषण बारिश के बीच किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।
किसानों का कहना है कि दिन में तो किसी तरह फसल बचा लेते हैं, लेकिन रात होते ही आवारा पशुओं का झुंड खेतों में घुसकर उनकी खून-पसीने की कमाई को चौपट कर देता है।
यह बारा क्षेत्र का सबसे पिछड़ा गांव बताया जा रहा है, जहां *95 प्रतिशत लोग खेती पर ही आश्रित हैं।* किसानों ने महंगाई के दौर में कर्ज लेकर धान की रोपाई, खाद, तार और खंभा की व्यवस्था की थी, लेकिन आवारा पशु सब बर्बाद कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी ग्राम सभा में *एक भी पशु बाड़ा या गौशाला नहीं है* और सरकार द्वारा इस पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लहलहाती फसल रातों-रात बर्बाद हो रही है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर यही स्थिति रही तो वे परिवार के भरण-पोषण में असमर्थ होकर खुदकुशी करने को मजबूर होंगे। उनकी दुर्दशा सुनने वाला कोई नहीं है।
ग्रामीणों ने विधायक, सांसद और प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल *गौशाला और पशु बाड़े* की व्यवस्था कराकर किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाई जाए।
    user_रवीन्द्र श्रीवास्तव
    रवीन्द्र श्रीवास्तव
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मेजा में झमाझम बारिश से जगह-जगह जलजमाव, आवागमन प्रभावित मेजा, प्रयागराज। मंगलवार दोपहर अचानक मौसम परिवर्तित हो गया। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बारिश ने मूसलाधार रूप ले लिया। करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद मेजा क्षेत्र में जगह-जगह जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेजा के प्रमुख बाजारों, संपर्क मार्गों और निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। इससे पैदल राहगीरों के साथ ही बाइक और अन्य छोटे वाहनों से आवागमन करने वाले लोगों को भी दिक्कत हुई। अचानक हुई बारिश के कारण बाजार में भी चहल-पहल कम हो गई। दुकानदारों को भी बारिश के चलते परेशानी उठानी पड़ी। कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और प्रतिष्ठानों की छतों के नीचे खड़े नजर आए। वहीं, सड़क पर जलजमाव के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या बार-बार सामने आती है। लोगों ने संबंधित विभाग से नालियों की नियमित सफाई और बेहतर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बारिश के समय आवागमन बाधित न हो।
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    मेजा में झमाझम बारिश से जगह-जगह जलजमाव, आवागमन प्रभावित
मेजा, प्रयागराज। मंगलवार दोपहर अचानक मौसम परिवर्तित हो गया। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बारिश ने मूसलाधार रूप ले लिया। करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद मेजा क्षेत्र में जगह-जगह जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मेजा के प्रमुख बाजारों, संपर्क मार्गों और निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। इससे पैदल राहगीरों के साथ ही बाइक और अन्य छोटे वाहनों से आवागमन करने वाले लोगों को भी दिक्कत हुई।
अचानक हुई बारिश के कारण बाजार में भी चहल-पहल कम हो गई। दुकानदारों को भी बारिश के चलते परेशानी उठानी पड़ी। कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और प्रतिष्ठानों की छतों के नीचे खड़े नजर आए। वहीं, सड़क पर जलजमाव के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या बार-बार सामने आती है। लोगों ने संबंधित विभाग से नालियों की नियमित सफाई और बेहतर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बारिश के समय आवागमन बाधित न हो।
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • 12 साल पहले मां का साया उठा, पिता ही बने मां-बाप, अब बेटी के नदी में डूबने से बदहवास मांडा। कर्णावती नदी में लापता शुभी मिश्रा गांव स्थित निजी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। तीन बहनों में सबसे बड़ी शुभी के नदी में डूबने की खबर से मां सोनी, बहन श्रेया और सृष्टि का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शैलेंद्र पूना शहर में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए। वहीं, दूसरी लापता किशोरी अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी राजकीय इंटर कॉलेज सुरवां दलापुर में कक्षा दस की छात्रा है। तीन बहनों में दूसरे नंबर की अंकिता के नदी में डूबने से बहन हर्षिता और अर्चिता का रो-रोकर बुरा हाल है। निजी स्कूल में शिक्षक पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल बेटी के नदी में डूबने की खबर के बाद गुमसुम खड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले राजेश की पत्नी निर्मला की मौत हो गई थी। इसके दो माह के भीतर उनके माता-पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद राजेश ने तीनों बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अकेले संभाली। वह बेटियों के लिए मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते रहे। सोमवार को बेटी के नदी में लापता होने के बाद वह बदहवास नजर आए। संवाद। 12 साल पहले मां का साया उठा, पिता ही बने मां-बाप, अब बेटी के नदी में डूबने से बदहवास मांडा। कर्णावती नदी में लापता शुभी मिश्रा गांव स्थित निजी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। तीन बहनों में सबसे बड़ी शुभी के नदी में डूबने की खबर से मां सोनी, बहन श्रेया और सृष्टि का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शैलेंद्र पूना शहर में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए। वहीं, दूसरी लापता किशोरी अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी राजकीय इंटर कॉलेज सुरवां दलापुर में कक्षा दस की छात्रा है। तीन बहनों में दूसरे नंबर की अंकिता के नदी में डूबने से बहन हर्षिता और अर्चिता का रो-रोकर बुरा हाल है। निजी स्कूल में शिक्षक पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल बेटी के नदी में डूबने की खबर के बाद गुमसुम खड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले राजेश की पत्नी निर्मला की मौत हो गई थी। इसके दो माह के भीतर उनके माता-पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद राजेश ने तीनों बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अकेले संभाली। वह बेटियों के लिए मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते रहे। सोमवार को बेटी के नदी में लापता होने के बाद वह बदहवास नजर आए। संवाद।
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    12 साल पहले मां का साया उठा, पिता ही बने मां-बाप, अब बेटी के नदी में डूबने से बदहवास मांडा। कर्णावती नदी में लापता शुभी मिश्रा गांव स्थित निजी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। तीन बहनों में सबसे बड़ी शुभी के नदी में डूबने की खबर से मां सोनी, बहन श्रेया और सृष्टि का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शैलेंद्र पूना शहर में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए। वहीं, दूसरी लापता किशोरी अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी राजकीय इंटर कॉलेज सुरवां दलापुर में कक्षा दस की छात्रा है। तीन बहनों में दूसरे नंबर की अंकिता के नदी में डूबने से बहन हर्षिता और अर्चिता का रो-रोकर बुरा हाल है। निजी स्कूल में शिक्षक पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल बेटी के नदी में डूबने की खबर के बाद गुमसुम खड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले राजेश की पत्नी निर्मला की मौत हो गई थी। इसके दो माह के भीतर उनके माता-पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद राजेश ने तीनों बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अकेले संभाली। वह बेटियों के लिए मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते रहे। सोमवार को बेटी के नदी में लापता होने के बाद वह बदहवास नजर आए। संवाद।
12 साल पहले मां का साया उठा, पिता ही बने मां-बाप, अब बेटी के नदी में डूबने से बदहवास मांडा। कर्णावती नदी में लापता शुभी मिश्रा गांव स्थित निजी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। तीन बहनों में सबसे बड़ी शुभी के नदी में डूबने की खबर से मां सोनी, बहन श्रेया और सृष्टि का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शैलेंद्र पूना शहर में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए। वहीं, दूसरी लापता किशोरी अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी राजकीय इंटर कॉलेज सुरवां दलापुर में कक्षा दस की छात्रा है। तीन बहनों में दूसरे नंबर की अंकिता के नदी में डूबने से बहन हर्षिता और अर्चिता का रो-रोकर बुरा हाल है। निजी स्कूल में शिक्षक पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल बेटी के नदी में डूबने की खबर के बाद गुमसुम खड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले राजेश की पत्नी निर्मला की मौत हो गई थी। इसके दो माह के भीतर उनके माता-पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद राजेश ने तीनों बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अकेले संभाली। वह बेटियों के लिए मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते रहे। सोमवार को बेटी के नदी में लापता होने के बाद वह बदहवास नजर आए। संवाद।
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम  #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन
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    #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम  #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन
    user_CHAIRMAN CRIME CONTROL
    CHAIRMAN CRIME CONTROL
    मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पुत्रों की मंगल कामना के लिए महिलाओं ने रखा गणेश चतुर्थी का ब्रत विधि-विधान से की पूजा हलिया मीरजापुर स्थानीय विकास खंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी लोक परंपरा को निभाते हुए मंगलवार को गणेश चतुर्थी का ब्रत धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने अपने पुत्रों की दीर्घायु के लिए दिनभर निर्जला व्रत रखा। चंद्र दर्शन के बाद महिलाओं ने शंखनाद के बीच भगवान गणेश और सकट देवी की विधि विधान से पूजा की। इसके बाद तिल-गुड़, सिंघाड़े के आटे, रामदाना व शकरकंद से बने पकवानों को खाकर व्रत समाप्त किया गणेश चतुर्थी (सकट) पर्व महिलाओं द्वारा सदियों से मनाया जा रहा है। इसके पीछे मान्यता है कि विघ्न विनाशक भगवान लंबोदर का जन्म इसी दिन हुआ था। मान्यता है कि जो माताएं इस व्रत का नियमपूर्वक पालन कर शाम को चंद्र दर्शन के बाद पूजन-अर्चन करती हैं तो उनके पुत्रों को दीर्घायु के साथ धन-धान्य से संपन्नता मिलती है। इसके अलावा कभी भी उनके जीवन में बाधाएं नहीं आती। पुत्रों की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने गणेश चतुर्थी का निर्जला व्रत रखा। शाम को महिलाओं ने तिल-गुड़, शकरकंद, रामदाना, सिंघाड़े के आटे आदि से तरह-तरह के पकवान बनाए। इसके बाद शाम 8.33 बजे चतुर्थी के चांद का दर्शन कर सकट महरानी की गन्ने, काले तिल-गुड़ से बने पहाड़, बैगन, अमरूद आदि फलों को रखकर पूजन-अर्चन किया। पूजन के बाद महिलाओं ने देर रात फलाहारी पकवान रूपी प्रसाद को ग्रहण कर व्रत समाप्त किया। पर्व को लेकर महिलाओं के साथ-साथ बच्चों में भी काफी उत्साह देखने को मिला।
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    पुत्रों की मंगल कामना के लिए महिलाओं ने रखा गणेश चतुर्थी का ब्रत विधि-विधान से की पूजा 
हलिया मीरजापुर स्थानीय विकास खंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी लोक परंपरा को निभाते हुए मंगलवार को गणेश चतुर्थी का ब्रत धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने अपने पुत्रों की दीर्घायु के लिए दिनभर निर्जला व्रत रखा। चंद्र दर्शन के बाद महिलाओं ने शंखनाद के बीच भगवान गणेश और सकट देवी की विधि विधान से पूजा की। इसके बाद तिल-गुड़, सिंघाड़े के आटे, रामदाना व शकरकंद से बने पकवानों को खाकर व्रत समाप्त किया गणेश चतुर्थी (सकट) पर्व महिलाओं द्वारा सदियों से मनाया जा रहा है। इसके पीछे मान्यता है कि विघ्न विनाशक भगवान लंबोदर का जन्म इसी दिन हुआ था। मान्यता है कि जो माताएं इस व्रत का नियमपूर्वक पालन कर शाम को चंद्र दर्शन के बाद पूजन-अर्चन करती हैं तो उनके पुत्रों को दीर्घायु के साथ धन-धान्य से संपन्नता मिलती है। इसके अलावा कभी भी उनके जीवन में बाधाएं नहीं आती। पुत्रों की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने गणेश चतुर्थी का निर्जला व्रत रखा। शाम को महिलाओं ने तिल-गुड़, शकरकंद, रामदाना, सिंघाड़े के आटे आदि से तरह-तरह के पकवान बनाए। इसके बाद शाम 8.33 बजे चतुर्थी के चांद का दर्शन कर सकट महरानी की गन्ने, काले तिल-गुड़ से बने पहाड़, बैगन, अमरूद आदि फलों को रखकर पूजन-अर्चन किया। पूजन के बाद महिलाओं ने देर रात फलाहारी पकवान रूपी प्रसाद को ग्रहण कर व्रत समाप्त किया। पर्व को लेकर महिलाओं के साथ-साथ बच्चों में भी काफी उत्साह देखने को मिला।
    user_रमेश शुक्ला
    रमेश शुक्ला
    Newspaper publisher लालगंज, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
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