बलरामपुर में संयुक्त जिला कार्यालय के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर आज सुबह गिट्टी से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान की दीवार से जा टकराया। इस हादसे में घर में मौजूद एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए, जबकि चार गायों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचीं और घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा। इसके पश्चात कलेक्टर दुर्घटनास्थल भी पहुंचीं, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने विशेष रूप से घायल परिवार की महिला श्रीमती लालमुनि से मुलाकात कर घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा पूरे मामले पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
बलरामपुर में संयुक्त जिला कार्यालय के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर आज सुबह गिट्टी से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान की दीवार से जा टकराया। इस हादसे में घर में मौजूद एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए, जबकि चार गायों की मौके पर
ही मौत हो गई। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचीं और घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा। इसके पश्चात कलेक्टर दुर्घटनास्थल भी पहुंचीं, जहां उन्होंने पीड़ित
परिवार से मुलाकात की। उन्होंने विशेष रूप से घायल परिवार की महिला श्रीमती लालमुनि से मुलाकात कर घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा पूरे मामले पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
- बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र विकासखंड कुसमी के अंतर्गत स्थित प्राथमिक शाला फुतूरटोली में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने खुद एक शिक्षिका की भूमिका निभाई। उन्होंने स्कूल का दौरा कर बच्चों की पढ़ाई का स्तर परखा, उनसे सीधे संवाद किया और अंग्रेजी व गणित के सवाल पूछकर उनके सीखने की क्षमता का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि विद्यालय में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं और कुल 13 नामांकित विद्यार्थियों में से 9 विद्यार्थी उपस्थित हैं। इस पर कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने अनुपस्थित बच्चों के पालकों से संपर्क कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बच्चों से पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछे, जहां कक्षा चौथी की छात्रा गुंजन केरकेट्टा ने ब्लैकबोर्ड पर गुणा के प्रश्नों का सही उत्तर दिया और 12 तक का पहाड़ा सुनाया। वहीं, कक्षा पांचवीं के छात्र टार्जन किंडो ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाया। इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों से अंग्रेजी में विभिन्न जानवरों के नाम पूछे और उन्हें अंग्रेजी शब्दों के सही एवं स्पष्ट उच्चारण का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित अभ्यास से भाषा पर अच्छी पकड़ बनती है। बच्चों के आत्मविश्वास और उत्साह की सराहना करते हुए कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय और विशेष मार्गदर्शन प्रदान करें, ताकि नियमित उपस्थिति और सतत अभ्यास से बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव तैयार की जा सके।3
- विशेष रूप से जानने के लिए लोगों से 'संत रामपाल जी महाराज' (SANT RAMPAL JI MAHARAJ) का यूट्यूब चैनल अवश्य देखने की अपील की गई है।1
- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा अपने बस्तर प्रवास के दौरान 17 जुलाई को सुबह 11 बजे शासकीय विश्राम गृह कांकेर पहुंचे। यहाँ कांकेर के कलेक्टर निलेशकुमार महादेव, एसपी निखिल राखेचा और जिला एवं सत्र न्यायालय कांकेर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भास्कर मिश्र ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा को 'गॉर्ड ऑफ ऑनर' देकर सलामी भी दी गई। इस स्वागत समारोह के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुमार कुर्रे, एएसपी योगेश साहू और संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सरस्वती बंजारे उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और जिला न्यायालय के अन्य तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी भी वहां मौजूद थे।1
- धमतरी के गोकुलपुर वार्ड स्थित कृदत्त कॉलोनी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर बच्चों ने एक अनूठी पहल की है। यहाँ अयांश सिंह की अगुवाई में बच्चों ने साइकिल पर भगवान जगन्नाथ की एक मिनी रथयात्रा निकाली, जिसने सभी कॉलोनीवासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चों के इस अनूठे प्रयास, उनकी अटूट श्रद्धा और उत्साह की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। इस अनोखी रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की लकड़ी से निर्मित प्रतिमाओं को साइकिल पर सुसज्जित किया गया और पूरे कॉलोनी क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चे बाजे-गाजे के साथ 'जय जगन्नाथ' का जयघोष करते हुए पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ रथयात्रा में शामिल हुए। रथयात्रा के समापन पर बच्चों ने कॉलोनीवासियों के बीच पारंपरिक गजामूंग और पेड़े का प्रसाद वितरित कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी तक पहुंचाया। इस आयोजन में अनय जायसवाल, गेविश साहू, विभु, चेतस चंद्राकर, आरो जायसवाल, सिम्मी साहू और फवी चंद्राकर सहित कई बच्चों ने बड़ी श्रद्धा के साथ भाग लिया। बच्चों की इस पहल ने धार्मिक परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी की आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक सुंदर संदेश दिया है।2
- गरियाबंद जिले के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत बेगरपाला के आश्रित ग्राम पंडरीपानी में शिक्षा व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। यहां प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के नाम पर महीनों पहले पुराने भवन की छत तो तोड़ दी गई, लेकिन आज तक नया निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे बारिश, गर्मी और अन्य कठिन परिस्थितियों के बीच एक अस्थायी छप्पर के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय भवन की छत तोड़ने के बाद निर्माण एजेंसी ने काम बंद कर दिया। स्कूल खुल जाने के बावजूद न तो नया भवन बन पाया और न ही बच्चों के लिए कोई वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था की गई। मजबूरी में शिक्षक और विद्यार्थी छप्पर के नीचे ही कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। बरसात के मौसम में तेज बारिश और हवा के दौरान बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होती है, जिससे अभिभावकों में उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका। ग्रामीण तुमलेश कुमार नेताम और अन्य पालकों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेता है और एक साल से अधूरे पड़े विद्यालय भवन का निर्माण कार्य कब शुरू होता है।2
- बस्तर की प्राचीन राजधानी और कोण्डागांव के फरसगांव स्थित बड़ेडोंगर में 16 जुलाई 2026 को 600 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक गोंचा पर्व की परंपरा को बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुजारियों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस भव्य पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी आस्था प्रकट की। यह ऐतिहासिक गोंचा पर्व बस्तर की लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और सदियों पुरानी परंपराओं का एक जीवंत प्रतीक है।1
- बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र विकासखंड कुसमी के अंतर्गत प्राथमिक शाला फुतूरटोली में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी अचानक निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां उन्होंने खुद एक शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए बच्चों की पढ़ाई के स्तर को परखा। कलेक्टर ने सीधे बच्चों से संवाद स्थापित किया, उनसे गणित और अंग्रेजी के सवाल पूछे और उनके सीखने की क्षमता का बारीकी से आकलन किया। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षिका ने बताया कि यहां पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं, जिसमें कुल 13 विद्यार्थी नामांकित हैं और निरीक्षण के दिन 9 विद्यार्थी उपस्थित थे। इस पर कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अनुपस्थित बच्चों के पालकों से संपर्क करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ब्लैकबोर्ड पर बच्चों से गणित के सवाल हल करवाए, जिसमें चौथी कक्षा की छात्रा गुंजन केरकेट्टा ने गुणा के प्रश्नों का सही उत्तर देकर 12 तक का पहाड़ा सुनाया। वहीं पांचवीं कक्षा के छात्र टार्जन किंडो ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाया। इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों से अंग्रेजी में जानवरों के नाम पूछे और उन्हें अंग्रेजी शब्दों के सही व स्पष्ट उच्चारण का नियमित अभ्यास कराया। बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय और विशेष मार्गदर्शन दें, ताकि नियमित उपस्थिति और सतत अभ्यास से बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव मजबूत हो सके और उनका बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।3
- बलरामपुर में संयुक्त जिला कार्यालय के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर आज सुबह गिट्टी से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान की दीवार से जा टकराया। इस हादसे में घर में मौजूद एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए, जबकि चार गायों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचीं और घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा। इसके पश्चात कलेक्टर दुर्घटनास्थल भी पहुंचीं, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने विशेष रूप से घायल परिवार की महिला श्रीमती लालमुनि से मुलाकात कर घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा पूरे मामले पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।3