बचाव: रेस्क्यू टीम ने बचाई पानी वाले सांप की जान, समय रहते किया गया सुरक्षित Near Madarsa check, 01/05/26 स्थानीय रेस्क्यू टीम की मुस्तैदी और समय पर की गई कार्रवाई से आज एक 'चेकर्ड कीलबैक' (Checkered Keelback), जिसे आम भाषा में पानी वाला सांप कहा जाता है, को मरने से बचा लिया गया। बचाव: रेस्क्यू टीम ने बचाई पानी वाले सांप की जान, समय रहते किया गया सुरक्षित Near Madarsa check, 01/05/26 स्थानीय रेस्क्यू टीम की मुस्तैदी और समय पर की गई कार्रवाई से आज एक 'चेकर्ड कीलबैक' (Checkered Keelback), जिसे आम भाषा में पानी वाला सांप कहा जाता है, को मरने से बचा लिया गया। कैसे हुआ रेस्क्यू? यह घटना उस समय हुई जब स्थानीय निवासियों ने एक सांप को जाल में बुरी तरह फँसा हुआ देखा। गर्मी और धूप के कारण सांप काफी सुस्त पड़ चुका था और खुद को आजाद करने की कोशिश में वह और ज्यादा जख्मी हो रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन्यजीव विशेषज्ञों को दी। विशेषज्ञों की राय रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि सांप एक मछली पकड़ने वाले जाल के टुकड़े में उलझा हुआ था। "अगर हमें सूचना मिलने में थोड़ी और देरी होती, तो सांप दम तोड़ देता। वह काफी घबराया हुआ था और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का शिकार हो रहा था।"
बचाव: रेस्क्यू टीम ने बचाई पानी वाले सांप की जान, समय रहते किया गया सुरक्षित Near Madarsa check, 01/05/26 स्थानीय रेस्क्यू टीम की मुस्तैदी और समय पर की गई कार्रवाई से आज एक 'चेकर्ड कीलबैक' (Checkered Keelback), जिसे आम भाषा में पानी वाला सांप कहा जाता है, को मरने से बचा लिया गया। बचाव: रेस्क्यू टीम ने बचाई पानी वाले सांप की जान, समय रहते किया गया सुरक्षित Near Madarsa check, 01/05/26 स्थानीय रेस्क्यू टीम की मुस्तैदी और समय पर की गई कार्रवाई से आज एक 'चेकर्ड कीलबैक' (Checkered Keelback), जिसे आम भाषा में पानी वाला सांप कहा जाता है, को मरने से बचा लिया गया। कैसे हुआ रेस्क्यू? यह घटना उस समय हुई जब स्थानीय निवासियों ने एक सांप को जाल में बुरी तरह फँसा हुआ देखा। गर्मी और धूप के कारण सांप काफी सुस्त पड़ चुका था और खुद को आजाद करने की कोशिश में वह और ज्यादा जख्मी हो रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन्यजीव विशेषज्ञों को दी। विशेषज्ञों की राय रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि सांप एक मछली पकड़ने वाले जाल के टुकड़े में उलझा हुआ था। "अगर हमें सूचना मिलने में थोड़ी और देरी होती, तो सांप दम तोड़ देता। वह काफी घबराया हुआ था और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का शिकार हो रहा था।"
- युवक ने फांसी का फंदा बना किया आत्महत्या सूचना पर पुलिस जांच में जुटी घटना कल्हैपाट डीपा टोली में हुआ1
- Post by Sanjay kumar1
- महुआडांड़ आंधी-तूफान के बाद महुआडांड़ में गिरे बिजली के तार और पोल अब भी जमीन पर पड़े हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक गहरी नींद में है। 24 घंटे से ज्यादा समय गुजर जाने के बावजूद न तो तार हटाए गए और न ही टूटे पोल उठाए गए हैं।ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि खुले में पड़े बिजली के तार कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं, लेकिन विभाग की लापरवाही चरम पर है। बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर रोज इसी खतरे के बीच गुजरने को मजबूर हैं।लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे साफ है कि विभाग को आम जनता की सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं।1
- तेज आंधी से तुरी टोला में भारी तबाही, पेड़ गिरने से खपरैल मकान ध्वस्त, बेटी की शादी से पहले टूटा आशियाना, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार लातेहार: सदर प्रखंड के सांसग पंचायत के समीप तुरी टोला ग्राम में अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवा और मूसलधार बारिश के कारण एक विशाल सखुआ का पेड़ संजय तुरी के खपरैल मकान पर गिर पड़ा, जिससे उनका घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से पीड़ित परिवार के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।घटना के संबंध में भुक्तभोगी संजय तुरी ने बताया कि अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बगल में खड़ा सखुआ का बड़ा पेड़ उनके घर पर गिर पड़ा, जिससे छत सहित पूरा खपरैल मकान बर्बाद हो गया। घर में रखे खाने-पीने के सामान सहित दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी नष्ट हो गईं।संजय तुरी ने बताया कि वे एक गरीब परिवार से हैं और मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष उनकी बेटी की शादी तय हुई है और अब शादी में मात्र 12 दिन ही शेष हैं। ऐसे में यह घटना उनके लिए किसी बड़ी विपत्ति से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि अब उनके सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि वे बेटी की शादी की तैयारी करें या फिर अपने उजड़े हुए घर की मरम्मत। पीड़ित परिवार ने इस घटना में लगभग 2 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है, ताकि वे इस कठिन परिस्थिति से उबर सकें। इस संबंध में जब अंचलाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि आपदा प्रबंधन के तहत उन्हें मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।ताकि प्रभावित परिवार को राहत मिल सके और वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। *क्या कहते हैं मुखिया पति मंगलदेव उरांव* इस संबंध में मुखिया पति मंगलदेव उरांव ने कहा कि यह जानकारी मुझे मिली है पंचायत स्तर से पीड़ित परिवार के लिए जो भी हमसे बन पाएगा हम उनके लिए करेंगे अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी से बात कर उनको मुआवजा दिलाने का काम भी हम करेंगे1
- लातेहार में राहुल गांधी का पुतला फूका गया4
- *माय दिवस के अमर शहीदों को लाल सलाम *अस्तित्व और अधिकारों के लिए जूझते आंदोलनकारी मजदूरों को लाल सलाम। आज 1 में विश्व मजदूर दिवस के अवसर पर भाकपा माले का केंद्र सरकार के काले कानून के खिलाफ राँची हरमू में जोरदार प्रदर्शन किया गया मंजूर संग ने 1886 तरह काम के घंटों को 8 से अधिक नहीं करने की मांग रखी, भारत में समकालीन मजदूर आंदोलन की मांग, बन गया चार श्रम कोर्ट के विनाशकारी बताया है, विश्व में युद्ध की परस्थिति मजदूरों के लिए कोरोना कल जैसी स्थिति पैदा कर दिया है, उन्होंने कहा भारत सरकार ने फिर के माध्यम से या घुसपैठियों आदि का हवा खड़ा कर दिया, महिला कामगारों की सुरक्षा की मांग, मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी प्रतिमा 26000 रुपए हो, मजदुर के लिए वृद्धा पेंशन की व्यस्था हो, मजदूर के बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था अच्छे स्वास्थ्य किस प्रकार से कई अनगिनत मांगे रखि गई जो कि पूरे विश्व के मजदूरों के लिए सही है।2
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने गुरुवार को ग्राम चटकपुर में सामुदायिक भवन और पीसीसी सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा रांची जिला और रातू मंडल के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। शिलान्यास समारोह में दीपक प्रकाश ने ग्रामीण विकास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए कटिबद्ध है। सामुदायिक भवन से ग्रामीणों को सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक मजबूत मंच मिलेगा, जबकि पीसीसी सड़क से यातायात सुगम होगा।1
- *स्कूली बच्चों से भरे टेंपो हादसे के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 8 सूत्री मांगों के साथ 4 घंटे सड़क जाम* *प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार के पहल पर हटा जाम* संवाद सूत्र जागरण महुआडांड़ (लातेहार): स्कूली बच्चों से भरी टेंपो के पलटने से एक बच्चे की मौत और स्वास्थ्य विभाग के लचर व्यवस्था के बाद अक्सी गांव में ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। घटना के विरोध में ग्राम अक्सी के सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह 5:00 बजे से ही महुआडांड़ डाल्टेनगंज मुख्य मार्ग जाम कर धरना-प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक लिखित मांग पत्र प्रशासन को सौंपा।धरना स्थल पर पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार बैठा एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता के दौरान अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मौके पर ही स्वास्थ्य प्रभारी से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली और आवश्यक सुधार का भरोसा दिलाया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपनी मांग पत्र उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपते हुए सड़क जाम समाप्त कर दिया। धरना प्रदर्शन समाप्ति के पश्चात धरना स्थल पर ही मृतक बच्चे की मां अपने इकलौते पुत्र की मृत्यु पर बिलख पड़ी, जिसपर प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार ढांढ़स बंधाते मृतक बच्चे के स्वजनों के साथ उनके घर पहुंचे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।1
- भारत की धरती में खजाना था, लेकिन फायदा दूसरे उठाते रहे। दशकों तक हम Rare Earth minerals निकालकर बाहर भेजते रहे। चीन उनसे मैग्नेट बनाता रहा, और हम वही मैग्नेट महंगे दामों पर खरीदते रहे। लेकिन 2025 में मोदी सरकार ने खेल बदल दिया। ₹7,280 करोड़ की रेयर अर्थ मैग्नेट प्रोडक्शन योजना को मंजूरी मिली। अब सिर्फ खनन नहीं, पूरी वैल्यू चेन भारत में बनेगी: * खनन * प्रोसेसिंग * धातु और मिश्र धातु * तैयार मैग्नेट यानी कच्चा माल नहीं, अब तैयार उत्पाद दुनिया तक जाएगा। इन्हीं मैग्नेट से चलेंगे इलेक्ट्रिक वाहन, घूमेंगी पवन चक्कियां, मजबूत होंगे रक्षा सिस्टम और आगे बढ़ेगा भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर। ⚡ यही है असली आत्मनिर्भर भारत, जहां अपनी धरती का खजाना, अपने ही हाथों की ताकत बनता है। 🇮🇳1