नवादा जिला मुख्यालय के डीआरडीए सभागार में जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव धीमान की संयुक्त अध्यक्षता में मुहर्रम पर्व 2026 को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और विधि-सम्मत वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी ने मुहर्रम को त्याग, बलिदान और समर्पण का पर्व बताते हुए इसे पूरी श्रद्धा और शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों को प्रशासन का सहयोगी एवं शांति दूत बताते हुए युवाओं को संयम व अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने सभी से अफवाहों से बचने और किसी भी गलत गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने की अपील की, ताकि स्थिति को घटना से पूर्व ही नियंत्रित किया जा सके। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लाइसेंसधारी ससमय अपने निर्धारित समय पर ही जुलूस निकालना सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित समय पर जुलूस न निकालने वाले लाइसेंसधारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में उन्हें लाइसेंस दिए जाने पर भी विचार नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था संबंधी कई विस्तृत निर्देश दिए गए। स्वयंसेवकों को पहचान-पत्र धारण करने को कहा गया, जिससे प्रशासन और पुलिस बल द्वारा उनकी पहचान आसानी से की जा सके। नगर परिषद नवादा, हिसुआ, वारिसलीगंज और नगर पंचायत रजौली के कार्यपालक पदाधिकारियों को जुलूस मार्गों और मेला स्थलों की साफ-सफाई, चूना एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव समय पर सुनिश्चित कराने का निर्देश मिला। विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को अनुमंडल पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर जुलूस मार्गों का निरीक्षण करने और लटके अथवा ढीले बिजली तारों की मरम्मत कराने को कहा गया। सिविल सर्जन, नवादा को सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट मोड में रखने, पर्याप्त जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, जुलूस मार्गों एवं मेला स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई एवं चलंत शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव धीमान ने मुहर्रम को आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सद्भाव के साथ मनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि जिला, अनुमंडल एवं थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं और संवेदनशील व अतिसंवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, साथ ही पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। आवश्यकतानुसार ड्रोन कैमरों एवं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की व्यवस्था होगी। मुहर्रम जुलूसों में डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन अथवा उपयोग अनुमान्य नहीं होगा। ताजिया की ऊंचाई एवं स्वरूप पूर्व वर्षों के अनुरूप ही रखने का निर्देश दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, नवादा सदर ने सोशल मीडिया पर प्रशासन की विशेष नजर रखने और अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने जुलूस में मोटरसाइकिलों के उपयोग और किसी प्रकार के राजनीतिक पोस्टर, बैनर अथवा आपत्तिजनक सामग्री के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया। भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक स्थानों पर ड्रॉप गेट एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी और पूर्व वर्षों की भांति नियंत्रण कक्ष भी कार्यरत रहेगा। अनुमंडल पदाधिकारी, रजौली ने जुलूसों को निर्धारित एवं स्वीकृत मार्गों से ही निकालने, स्वयंसेवकों को आधार कार्ड या अन्य पहचान-पत्र रखने तथा जुलूस के दौरान किसी भी अन्य धर्मस्थल के समीप अनावश्यक रूप से न रुकने व किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने वाली गतिविधियों से बचने की सलाह दी। शांति समिति के सदस्यों ने बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों की जानकारी प्रशासन के साथ साझा की। उन्होंने जुलूस मार्गों, मेला स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई एवं चलंत शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया, साथ ही डीजे एवं अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर पूर्व वर्षों की भांति पूर्ण प्रतिबंध जारी रखने की मांग की। जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि मुहर्रम पर्व 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी तथा सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी नवादा एवं रजौली, गोपनीय शाखा प्रभारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नवादा सदर, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जिला स्तरीय शांति समिति के सम्मानित सदस्य उपस्थित थे।
नवादा जिला मुख्यालय के डीआरडीए सभागार में जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव धीमान की संयुक्त अध्यक्षता में मुहर्रम पर्व 2026 को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और विधि-सम्मत वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी ने मुहर्रम को त्याग, बलिदान और समर्पण का पर्व बताते हुए इसे पूरी श्रद्धा और शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों को प्रशासन का सहयोगी एवं शांति दूत बताते हुए युवाओं को संयम व अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने सभी से अफवाहों से बचने और किसी भी गलत गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने की अपील की, ताकि स्थिति को घटना से पूर्व ही नियंत्रित किया जा सके। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लाइसेंसधारी ससमय अपने निर्धारित समय पर ही जुलूस निकालना सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित समय पर जुलूस न निकालने वाले लाइसेंसधारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में उन्हें लाइसेंस दिए जाने पर भी विचार नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था संबंधी कई विस्तृत निर्देश दिए गए। स्वयंसेवकों को पहचान-पत्र धारण करने को कहा गया, जिससे प्रशासन और पुलिस बल द्वारा उनकी पहचान आसानी से की जा सके। नगर परिषद नवादा, हिसुआ, वारिसलीगंज और नगर पंचायत रजौली के कार्यपालक पदाधिकारियों को जुलूस मार्गों और मेला स्थलों की साफ-सफाई, चूना एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव समय पर सुनिश्चित कराने का निर्देश मिला। विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को अनुमंडल पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर जुलूस मार्गों का निरीक्षण करने और लटके अथवा ढीले बिजली तारों की मरम्मत कराने को कहा गया। सिविल सर्जन, नवादा को सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट मोड में रखने, पर्याप्त जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, जुलूस मार्गों एवं मेला स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई एवं चलंत शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव धीमान ने मुहर्रम को आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सद्भाव के साथ मनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि जिला, अनुमंडल एवं थाना स्तर
पर शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं और संवेदनशील व अतिसंवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, साथ ही पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। आवश्यकतानुसार ड्रोन कैमरों एवं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की व्यवस्था होगी। मुहर्रम जुलूसों में डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन अथवा उपयोग अनुमान्य नहीं होगा। ताजिया की ऊंचाई एवं स्वरूप पूर्व वर्षों के अनुरूप ही रखने का निर्देश दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, नवादा सदर ने सोशल मीडिया पर प्रशासन की विशेष नजर रखने और अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने जुलूस में मोटरसाइकिलों के उपयोग और किसी प्रकार के राजनीतिक पोस्टर, बैनर अथवा आपत्तिजनक सामग्री के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया। भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक स्थानों पर ड्रॉप गेट एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी और पूर्व वर्षों की भांति नियंत्रण कक्ष भी कार्यरत रहेगा। अनुमंडल पदाधिकारी, रजौली ने जुलूसों को निर्धारित एवं स्वीकृत मार्गों से ही निकालने, स्वयंसेवकों को आधार कार्ड या अन्य पहचान-पत्र रखने तथा जुलूस के दौरान किसी भी अन्य धर्मस्थल के समीप अनावश्यक रूप से न रुकने व किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने वाली गतिविधियों से बचने की सलाह दी। शांति समिति के सदस्यों ने बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों की जानकारी प्रशासन के साथ साझा की। उन्होंने जुलूस मार्गों, मेला स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई एवं चलंत शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया, साथ ही डीजे एवं अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर पूर्व वर्षों की भांति पूर्ण प्रतिबंध जारी रखने की मांग की। जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि मुहर्रम पर्व 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी तथा सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी नवादा एवं रजौली, गोपनीय शाखा प्रभारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नवादा सदर, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जिला स्तरीय शांति समिति के सम्मानित सदस्य उपस्थित थे।
- राजगीर में हुई झुनुकिया बाबा मंदिर घटना के संबंध में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष अमर ज्योति ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस भेंट के दौरान, प्रदेश अध्यक्ष अमर ज्योति ने प्रभावित परिवार के लिए न्याय की पुरजोर मांग उठाई।1
- नवादा के मोगलाखार निवासी दो युवक एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घंटों तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए और समय पर उपचार न मिलने के कारण एक नौजवान की जान नहीं बचाई जा सकी, जिससे घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जहाँ एक अनमोल जिंदगी का अंत हो गया और पीछे बिलखता परिवार तथा सूना आंगन रह गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि बिहार में सत्ताधारी दल JDU के स्वास्थ्य मंत्री और नवादा विधानसभा (237) के विधायक होने के बावजूद सदर अस्पताल का यह हाल क्यों है, जो बेहद अफसोसजनक है। यह घटना कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है, जिनमें प्रमुख है कि क्या समय पर इलाज मिलने से उस युवक की जान बच सकती थी।1
- नवादा शहर में मुहर्रम पर्व के अवसर पर रविवार को मुस्लिम रोड स्थित कसाई मोहल्ला से ताजिया निर्माण के लिए मिट्टी लाने हेतु एक जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और उन्होंने पारंपरिक तरीके से मुहर्रम की रस्मों का पालन किया। जुलूस कसाई मोहल्ला से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए निर्धारित स्थल तक पहुँचा, जहाँ से ताजिया बनाने के लिए मिट्टी लाई गई। इस दौरान युवाओं और बुजुर्गों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। जुलूस के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहे। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुहर्रम का पर्व मनाने की अपील की। शहर के विभिन्न इलाकों में मुहर्रम को लेकर धार्मिक गतिविधियाँ जारी हैं और ताजिया निर्माण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।1
- पकरीबरावां में धर्मेंद्र यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर वृक्षारोपण करके एक अनूठी पहल की है। इस कार्य से उन्होंने एक मिसाल पेश की।1
- दिनांक 21 जून 2026 को नवादा के सुदामा नगर में माझी परिवार का विस्तार हुआ, जिसमें सभी माझी परिवार एक साथ एकजुट हुए। इस अवसर पर शिक्षा को मजबूत करने और आर्थिक विषयों पर गहन चर्चा की गई। इस जुटान में सभी प्रखंडों से माझी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। मंच का संचालन करण माझी मुखिया जी ने किया, और राजाराम माझी मुखिया जी, रामविलास माझी मुखिया जी तथा संतोष माझी सहित माझी परिवार के अन्य सभी सदस्य भी इस बैठक में मौजूद थे।4
- पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने नालंदा में एक पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान, उन्होंने पीड़ित परिवार के पैर पर अपना सिर रखा और कहा कि 'ये लोग भगवान हैं'।2
- दिल्ली के स्वतंत्र विचारक और समाजसेवी विजय प्रधान ने, जिन्हें 'दिल्ली का शेर' भी कहा जा रहा है, बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टर संजय वर्मा के माध्यम से 'आज की सच्ची खबर' में बताया गया कि विजय प्रधान पिछले लगभग दो महीनों से बिहार में रहकर राज्य के विकास और गरीबों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। इसी कड़ी में, उन्होंने पावापुरी से लेकर पीएमसीएच पटना तक विभिन्न अस्पतालों का जायजा लिया, मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को सुना, और स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को उजागर कर सुधार की मुहिम शुरू करने का दावा किया है। विजय प्रधान ने आरोप लगाया कि आजादी के 79 वर्षों बाद भी बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच सकी है, जिसके कारण गरीब लोग इलाज के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त आधुनिक अस्पतालों और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। इसके साथ ही, अस्पतालों की सीमित संख्या, डॉक्टरों का असहयोगात्मक व्यवहार, तथा आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की कमी भी एक बड़ी समस्या है। प्रधान ने बताया कि अधिकांश मरीजों को दवाइयां और जांच सेवाएं अस्पताल के बाहर से लेनी पड़ती हैं। उन्होंने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। विजय प्रधान के अनुसार, यदि बिहार के 40 सांसद और 243 विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति गंभीरता से कार्य करते, तो स्थिति कहीं बेहतर हो सकती थी। उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य विभाग के आधुनिकीकरण, प्रत्येक जिले में बेहतर अस्पतालों की स्थापना और गरीबों को सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रधान ने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की इस मुहिम को राज्य सरकार और केंद्र सरकार तक मजबूती से पहुँचाया जाएगा।1
- अहमदाबाद के गीता मंदिर इलाके में स्थित एक गैस एजेंसी में गैस रिसाव के बाद भीषण आग लग गई, जिसके परिणामस्वरूप कई एलपीजी सिलेंडरों में विस्फोट हुआ। इस घटना में एजेंसी मालिक सहित कुल तीन लोग घायल हुए हैं। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के निवासियों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ लगाई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से बड़ी संख्या में सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक संभावित बड़े और अधिक विनाशकारी हादसे को टाल दिया गया। प्रारंभिक जाँच में इस दुर्घटना का कारण गैस रिफिलिंग के दौरान हुए गैस रिसाव को माना जा रहा है। प्रशासन ने इस मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है और गैस एजेंसी में सुरक्षा मानकों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों से कड़े और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।1