क़ेदमा में दशहरा मेला और रावण दहन का भव्य आयोजन, रातभर उमड़ा जनसैलाब चार अलग-अलग मंचों पर हुआ नाटक का मंचन, शानदार आतिशबाजी ने मोहा लोगों का मन; क़ेदमा। क़ेदमा में आयोजित दशहरा मेला एवं रावण दहन का कार्यक्रम इस वर्ष बेहद भव्य, ऐतिहासिक और आकर्षक रहा। आयोजन में दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मेले में उमड़ी भारी भीड़, चार अलग-अलग स्थानों पर नाटक का मंचन और आसमान को रोशन करती शानदार आतिशबाजी ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। इस भव्य आयोजन में पहली बार शामिल हुए लोगों के लिए भी यह नजारा बेहद खास रहा। आमतौर पर दशहरा मेले में रावण दहन के बाद धीरे-धीरे भीड़ कम होने लगती है और देर रात तक मेला लगभग खाली हो जाता है, लेकिन क़ेदमा में इसका बिल्कुल उलट नजारा देखने को मिला। यहां जैसे-जैसे रात गहराती गई, वैसे-वैसे मेले में लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई। दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे लोग, दिखा अभूतपूर्व उत्साह क़ेदमा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों के आने का सिलसिला शाम से ही शुरू हो गया था। कोई ट्रैक्टर में सवार होकर पहुंचा, तो कोई पिकअप वाहन से, जबकि बड़ी संख्या में लोग पैदल ही मेले का आनंद लेने पहुंचे। लोगों के उत्साह और मेले के प्रति आकर्षण ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। रात लगभग 9 बजे के बाद मेले में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ने लगी। चार अलग-अलग स्थानों पर नाटक का मंचन किया जा रहा था और चारों मंचों पर दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली। देर रात तक लोगों का उत्साह बना रहा और सुबह तक मेले में चहल-पहल जारी रही। भारी भीड़ के बावजूद शांतिपूर्ण रहा आयोजन मेले में हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति के बावजूद पूरे आयोजन में शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल देखने को मिला। इतने बड़े स्तर पर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संपन्न होना आयोजन समिति की बेहतर व्यवस्था, मेहनत और समर्पण को दर्शाता है। समिति के सदस्यों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों की भूमिका सराहनीय रही। वहीं, शानदार आतिशबाजी और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में लोगों का उत्साह और सहभागिता देखते ही बन रही थी। आयोजन समिति और सहयोगियों को दी बधाई क़ेदमा का दशहरा मेला और रावण दहन कार्यक्रम अपनी भव्यता, जनभागीदारी और शानदार व्यवस्थाओं के कारण लोगों के लिए यादगार बन गया। दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना इस आयोजन के प्रति उनके आकर्षण को दर्शाता है। इतने भव्य और सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, सहयोगियों और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। यह आयोजन क्षेत्र की सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का एक शानदार उदाहरण बनकर सामने आया।
क़ेदमा में दशहरा मेला और रावण दहन का भव्य आयोजन, रातभर उमड़ा जनसैलाब चार अलग-अलग मंचों पर हुआ नाटक का मंचन, शानदार आतिशबाजी ने मोहा लोगों का मन; क़ेदमा। क़ेदमा में आयोजित दशहरा मेला एवं रावण दहन का कार्यक्रम इस वर्ष बेहद भव्य, ऐतिहासिक और आकर्षक रहा। आयोजन में दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मेले में उमड़ी भारी भीड़, चार अलग-अलग स्थानों पर नाटक का मंचन और आसमान को रोशन करती शानदार आतिशबाजी ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। इस भव्य आयोजन में पहली बार शामिल हुए लोगों के लिए भी यह नजारा बेहद खास रहा। आमतौर पर दशहरा मेले में रावण दहन के बाद धीरे-धीरे भीड़ कम होने लगती है और देर रात तक मेला लगभग खाली हो जाता है, लेकिन क़ेदमा में इसका बिल्कुल उलट नजारा देखने को मिला। यहां जैसे-जैसे रात गहराती गई, वैसे-वैसे मेले में लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई। दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे लोग, दिखा अभूतपूर्व उत्साह क़ेदमा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों के आने का सिलसिला शाम से ही शुरू हो गया था। कोई ट्रैक्टर में सवार होकर पहुंचा, तो कोई पिकअप वाहन से, जबकि बड़ी संख्या में लोग पैदल ही मेले का आनंद लेने पहुंचे। लोगों के उत्साह और मेले के प्रति आकर्षण ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। रात लगभग 9 बजे के बाद मेले में लोगों की
भीड़ लगातार बढ़ने लगी। चार अलग-अलग स्थानों पर नाटक का मंचन किया जा रहा था और चारों मंचों पर दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली। देर रात तक लोगों का उत्साह बना रहा और सुबह तक मेले में चहल-पहल जारी रही। भारी भीड़ के बावजूद शांतिपूर्ण रहा आयोजन मेले में हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति के बावजूद पूरे आयोजन में शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल देखने को मिला। इतने बड़े स्तर पर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संपन्न होना आयोजन समिति की बेहतर व्यवस्था, मेहनत और समर्पण को दर्शाता है। समिति के सदस्यों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों की भूमिका सराहनीय रही। वहीं, शानदार आतिशबाजी और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में लोगों का उत्साह और सहभागिता देखते ही बन रही थी। आयोजन समिति और सहयोगियों को दी बधाई क़ेदमा का दशहरा मेला और रावण दहन कार्यक्रम अपनी भव्यता, जनभागीदारी और शानदार व्यवस्थाओं के कारण लोगों के लिए यादगार बन गया। दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना इस आयोजन के प्रति उनके आकर्षण को दर्शाता है। इतने भव्य और सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, सहयोगियों और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। यह आयोजन क्षेत्र की सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का एक शानदार उदाहरण बनकर सामने आया।
- क़ेदमा में दशहरा मेला और रावण दहन का भव्य आयोजन, रातभर उमड़ा जनसैलाब चार अलग-अलग मंचों पर हुआ नाटक का मंचन, शानदार आतिशबाजी ने मोहा लोगों का मन; क़ेदमा। क़ेदमा में आयोजित दशहरा मेला एवं रावण दहन का कार्यक्रम इस वर्ष बेहद भव्य, ऐतिहासिक और आकर्षक रहा। आयोजन में दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मेले में उमड़ी भारी भीड़, चार अलग-अलग स्थानों पर नाटक का मंचन और आसमान को रोशन करती शानदार आतिशबाजी ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। इस भव्य आयोजन में पहली बार शामिल हुए लोगों के लिए भी यह नजारा बेहद खास रहा। आमतौर पर दशहरा मेले में रावण दहन के बाद धीरे-धीरे भीड़ कम होने लगती है और देर रात तक मेला लगभग खाली हो जाता है, लेकिन क़ेदमा में इसका बिल्कुल उलट नजारा देखने को मिला। यहां जैसे-जैसे रात गहराती गई, वैसे-वैसे मेले में लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई। दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे लोग, दिखा अभूतपूर्व उत्साह क़ेदमा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों के आने का सिलसिला शाम से ही शुरू हो गया था। कोई ट्रैक्टर में सवार होकर पहुंचा, तो कोई पिकअप वाहन से, जबकि बड़ी संख्या में लोग पैदल ही मेले का आनंद लेने पहुंचे। लोगों के उत्साह और मेले के प्रति आकर्षण ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। रात लगभग 9 बजे के बाद मेले में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ने लगी। चार अलग-अलग स्थानों पर नाटक का मंचन किया जा रहा था और चारों मंचों पर दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली। देर रात तक लोगों का उत्साह बना रहा और सुबह तक मेले में चहल-पहल जारी रही। भारी भीड़ के बावजूद शांतिपूर्ण रहा आयोजन मेले में हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति के बावजूद पूरे आयोजन में शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल देखने को मिला। इतने बड़े स्तर पर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संपन्न होना आयोजन समिति की बेहतर व्यवस्था, मेहनत और समर्पण को दर्शाता है। समिति के सदस्यों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों की भूमिका सराहनीय रही। वहीं, शानदार आतिशबाजी और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में लोगों का उत्साह और सहभागिता देखते ही बन रही थी। आयोजन समिति और सहयोगियों को दी बधाई क़ेदमा का दशहरा मेला और रावण दहन कार्यक्रम अपनी भव्यता, जनभागीदारी और शानदार व्यवस्थाओं के कारण लोगों के लिए यादगार बन गया। दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना इस आयोजन के प्रति उनके आकर्षण को दर्शाता है। इतने भव्य और सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, सहयोगियों और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। यह आयोजन क्षेत्र की सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का एक शानदार उदाहरण बनकर सामने आया।2
- 🎉 विधायक राजेश चौधरी ने देशवासियों एवं मांट की जनता को दी विजयदशमी की शुभकामनाएं 🚩 🎉 विधायक राजेश चौधरी ने देशवासियों एवं मांट की जनता को दी विजयदशमी की शुभकामनाएं 🚩 मांट विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश चौधरी ने समस्त देशवासियों एवं मांट विधानसभा क्षेत्र की जनता जनार्दन को विजयदशमी (दशहरा) के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 💐 उन्होंने इस पावन अवसर पर सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। ✨ बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है विजयदशमी। 📍 *संवाददाता: राहुल शर्मा* 🎬 *डायरेक्टर: रुचि शर्मा के साथ* 📰 *प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क* #राजेशचौधरी #मांटविधानसभा #विजयदशमी #दशहरा #शुभकामनाएं #मथुरान्यूज़ #MathuraNews #PradeshKhabar #प्रदेशखबरन्यूज़नेटवर्क1
- UCC समान नागरिक संहिता कानून आदिवासी अधिकारों को छीनने का कार्य करता है। UCC समान नागरिक संहिता कानून अनुसूचित क्षेत्र में लागू नहीं होना चाहिए।1
- बुराई पर अच्छाई की जीत, अधर्म पर धर्म की विजय और अहंकार के अंत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले चिरमिरी में धूमधाम से मनाया गया1
- गुड़ी चौक बोईदा का मां दुर्गा को नम आंखों में भक्तों ने दिया विदाई1
- 🌺🚩 कांसाबेल में मां दुर्गा की भव्य विदाई! 🙏🔥 हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, भक्ति का उत्साह और जयकारों की गूंज… मां दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा से भक्तिमय हुआ कांसाबेल। 🎉 विसर्जन के बाद भव्य रावण दहन और आतिशबाजी के साथ गूंजे जय श्रीराम के जयकारे! 🚩🎆 ✨ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता दशहरा पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न। 📍 कांसाबेल, जशपुर Jashpur Times | सच सब तक #Kansabel #JashpurTimes #DurgaVisarjan #RavanDahan #Dussehra #जयश्रीराम Make the caption shorter and catchierAdd a strong news-style opening lineCreate separate Facebook and Instagram versions 🌺🚩 कांसाबेल में मां दुर्गा की भव्य विदाई! 🙏🔥 हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, भक्ति का उत्साह और जयकारों की गूंज… मां दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा से भक्तिमय हुआ कांसाबेल। 🎉 विसर्जन के बाद भव्य रावण दहन और आतिशबाजी के साथ गूंजे जय श्रीराम के जयकारे! 🚩🎆 ✨ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता दशहरा पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न। 📍 कांसाबेल, जशपुर Jashpur Times | सच सब तक #Kansabel #JashpurTimes #DurgaVisarjan #RavanDahan #Dussehra #जयश्रीराम Make the caption shorter and catchierAdd a strong news-style opening lineCreate separate Facebook and Instagram versions1
- सक्ती में विजयादशमी पर हुई शस्त्र पूजा, जिले की सुख-समृद्धि की कामना। सक्ती में विजयादशमी पर हुई शस्त्र पूजा, जिले की सुख-समृद्धि की कामना।1
- विजयादशमी यानी असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। देशभर में दशहरे पर रावण दहन किया जाता है, लेकिन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी स्थित कोरिया कॉलरी में रावण दहन का अंदाज बेहद अनोखा है। यहां मैदान में नहीं, बल्कि गहरे तालाब के बीचों-बीच बने टापू पर रावण का दहन किया जाता है। पानी के बीच रावण दहन का यह नजारा देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं।1