किसान आक्रोश: अब निवेदन नहीं, आंदोलन होगा—मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, दी बड़ी चेतावनी कन्नौद, कन्नौद मे किसानों ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे अपनी सुलगती समस्याओं को लेकर हुंकार भर दी है अनुविभागीय अधिकारी कन्नौद केएल तिलवारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक कड़ा ज्ञापन सौंपते हुए किसानों ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि अब वे 'निवेदन' के दौर से बाहर निकल चुके हैं। किसानों का आरोप है कि शासन-प्रशासन उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रहा है, जिससे खेती और किसान दोनों अस्तित्व के संकट में हैं। प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा किसान संगठन ज्ञापन में किसानों ने चार मुख्य बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है: गेहूं, चना और रायडा की खरीदी बड़े कांटों पर तुरंत शुरू कर पूरी उपज की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जब तक संसाधन न मिलें, नरवाई जलाने पर जुर्माना और FIR बंद हो। पुरानी FIR वापस ली जाएं। सेवा सहकारी संस्थाओं की 'ड्यू डेट' 30 मई तक बढ़ाई जाए और कर्ज जमा करने वालों को तुरंत लिमिट अनुसार नया ऋण मिले। डोकाकोई सोसायटी में गेहूं तुलाई के लिए तत्काल वेयरहाउस मैपिंग की जाए। प्रशासन को सीधी चेतावनी किसानों ने स्पष्ट किया है कि नरवाई प्रबंधन जैसे मुद्दों पर किसानों को अपराधी बनाना बंद किया जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि इन मांगों पर समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो क्षेत्र का किसान सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगा। किसानों ने दो टूक कहा है कि आंदोलन की स्थिति में बिगड़ने वाली कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
किसान आक्रोश: अब निवेदन नहीं, आंदोलन होगा—मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, दी बड़ी चेतावनी कन्नौद, कन्नौद मे किसानों ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे अपनी सुलगती समस्याओं को लेकर हुंकार भर दी है अनुविभागीय अधिकारी कन्नौद केएल तिलवारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक कड़ा ज्ञापन सौंपते हुए किसानों ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि अब वे 'निवेदन' के दौर से बाहर निकल चुके हैं। किसानों का आरोप है कि शासन-प्रशासन उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रहा है, जिससे खेती और किसान दोनों अस्तित्व के संकट में हैं। प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा किसान संगठन ज्ञापन में किसानों ने चार मुख्य बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है: गेहूं, चना और रायडा की खरीदी बड़े कांटों पर तुरंत शुरू कर पूरी उपज की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जब तक संसाधन न मिलें, नरवाई जलाने पर जुर्माना और FIR बंद हो। पुरानी FIR वापस ली जाएं। सेवा सहकारी संस्थाओं की 'ड्यू डेट' 30 मई तक बढ़ाई जाए और कर्ज जमा करने वालों को तुरंत लिमिट अनुसार नया ऋण मिले। डोकाकोई सोसायटी में गेहूं तुलाई के लिए तत्काल वेयरहाउस मैपिंग की जाए। प्रशासन को सीधी चेतावनी किसानों ने स्पष्ट किया है कि नरवाई प्रबंधन जैसे मुद्दों पर किसानों को अपराधी बनाना बंद किया जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि इन मांगों पर समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो क्षेत्र का किसान सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगा। किसानों ने दो टूक कहा है कि आंदोलन की स्थिति में बिगड़ने वाली कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- किसान आक्रोश: अब निवेदन नहीं, आंदोलन होगा—मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, दी बड़ी चेतावनी कन्नौद, कन्नौद मे किसानों ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे अपनी सुलगती समस्याओं को लेकर हुंकार भर दी है अनुविभागीय अधिकारी कन्नौद केएल तिलवारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक कड़ा ज्ञापन सौंपते हुए किसानों ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि अब वे 'निवेदन' के दौर से बाहर निकल चुके हैं। किसानों का आरोप है कि शासन-प्रशासन उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रहा है, जिससे खेती और किसान दोनों अस्तित्व के संकट में हैं। प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा किसान संगठन ज्ञापन में किसानों ने चार मुख्य बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है: गेहूं, चना और रायडा की खरीदी बड़े कांटों पर तुरंत शुरू कर पूरी उपज की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जब तक संसाधन न मिलें, नरवाई जलाने पर जुर्माना और FIR बंद हो। पुरानी FIR वापस ली जाएं। सेवा सहकारी संस्थाओं की 'ड्यू डेट' 30 मई तक बढ़ाई जाए और कर्ज जमा करने वालों को तुरंत लिमिट अनुसार नया ऋण मिले। डोकाकोई सोसायटी में गेहूं तुलाई के लिए तत्काल वेयरहाउस मैपिंग की जाए। प्रशासन को सीधी चेतावनी किसानों ने स्पष्ट किया है कि नरवाई प्रबंधन जैसे मुद्दों पर किसानों को अपराधी बनाना बंद किया जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि इन मांगों पर समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो क्षेत्र का किसान सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगा। किसानों ने दो टूक कहा है कि आंदोलन की स्थिति में बिगड़ने वाली कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- satvas news Aandhi Hawa Ke Karan1
- पुलिस अधीक्षक सीहोर द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित बैठक में अजाक शाखा, यातायात एवं महिला सुरक्षा शाखा के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के प्रारंभ में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित अपराध, चालान, राहत प्रकरण एवं दोषसिद्धि के पश्चात राहत राशि से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई । समीक्षा बैठक में उपस्थित समस्त प्रभारी अधिकारीयों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। *महत्वपूर्ण निर्देश:* - एससी/एसटी एक्ट के लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। - गुम बालक/बालिकाओं की बरामदगी के लिए ऑपरेशन मुस्कान चलाया जा रहा है, जिसमें अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। - सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात चैकिंग का मुख्य उद्देश्य चैकिंग के दौरान यातायात व्यवस्था व सड़क दुर्घटना में कमी लाना है। - प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत निःशुक्ल उपचार हेतु 1,50,000/-रुपए तक की राशि का लाभ संबंधित पीड़ित/घायल को मिलेगा। - सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में जिले में चिन्हित 08 ब्लैक स्पॉट्स पर चेतावनी एवं संकेतक बोर्ड लगाने ,सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों जैसे शराब पीकर वाहन चलाना, तेज गति एवं ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात व्यवस्था व सड़क दुर्घटना में कमी लाने हेतु कार्ययोजना के संबंध निर्देश दिए। *आंकड़े:* - विगत 15 माह में 274 राहत प्रकरणों में 5,07,55,000/रु.की राशि पीड़ितों को दिलाई गई है। - दोषसिद्धि उपरांत राहत राशि के 264 प्रकरणों में 7,88,65,500/- की राशि पीड़ितों को दिलाई गई। - विगत तीन माह में 51 गुम बालक/बालिकाओं को सकुशल ढूंढकर कर उनके परिजनों तक पहुंचाया जा चुका है। - विदित हो कि प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार हेतु मिलने वाली 1,50,000/-रुपए की राशि का लाभ के संबंध में अब तक 21 प्रकरणों में पुलिस विभाग द्वारा सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण किए जाने से संबंधित व्यक्तियों को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है । बैठक में समस्त प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।1
- आष्टा शहर में हनुमान जन्मोत्सव पर भव्य जुलूस निकाला गया आष्टा शहर में हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भव्य जुलूस बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ निकाला गया। इस दौरान शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया और जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा जुलूस का भव्य स्वागत किया गया। जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के कलाकारों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिसमें करतब, व्यायाम और पारंपरिक प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। ढोल-नगाड़ों और जय श्रीराम के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। शहर के कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा फूलों की वर्षा कर जुलूस का स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए और भगवान हनुमान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हुआ।1
- आगर मालवा इस वर्ष अप्रैल मई 2026 में मक्का मदीना हज पर जाने वाले आगर पीपलोंन के हज यात्रियों का अंजुमन कमेटी सदर शमीउल्लाह कुरेशी के छोटे भाई अमीन उल्लाह कुरेशी ने अपने निवास पर पुष्पमाला से स्वागत कर सम्मान किया व सभी को भोजन करवाया मक्का-मदीना की ये हज यात्रा इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, जो हर शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम मुसलमान के लिए जीवन में कम से कम एक बार करना अनिवार्य है। यह सऊदी अरब में स्थित पवित्र स्थल है, जहाँ काबा (इस्लाम का सबसे पवित्र स्थान) की परिक्रमा तवाफ़ किया जाता है और यह आध्यात्मिक शुद्धि, समानता और पापों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। यहाँ हर हज यात्री अपने गुनाहों की माफी मांगता है और दुआए करता है यहाँ मांगी जाने वाली दुआए कभी खाली नही जाती। हज के दौरान सभी हाजी 'एहराम' (सफेद वस्त्र) पहनते हैं, जो अमीर-गरीब, काले-गोरे के भेद को मिटाकर भाईचारे और समानता को बढ़ावा देता है। हज यात्रियों के सम्मान समारोह में विशेष रूप से शहर काजी वसीउद्दीन,अंजुमन कमेटी सदर शमीउल्लाह कुरेशी,त्योहार कमेटी जिला अध्यक्ष नज़ीर अहमद वक्फबोर्ड कमेटी जिला अध्यक्ष आमीर खान राही,जामा मस्जिद के पेश इमाम मुबारक़ खान,अमीन उल्लाह कुरेशी सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण मौजूद थे।2
- Post by Manohar Malviya4
- discipline 20 sal ki age me nhi 2 sal ki age me sikhaya Jarta hai💯📝1
- आष्टा शहर में हनुमान जन्मोत्सव पर भव्य जुलूस निकाला गया आष्टा शहर में हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भव्य जुलूस बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ निकाला गया। इस दौरान शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया और जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा जुलूस का भव्य स्वागत किया गया। जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के कलाकारों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिसमें करतब, व्यायाम और पारंपरिक प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। ढोल-नगाड़ों और जय श्रीराम के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। शहर के कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा फूलों की वर्षा कर जुलूस का स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए और भगवान हनुमान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हुआ।1