चेचट माइंस क्षेत्र में सरेण्डर खदानों को भरवाने की मांग, गौ सेवकों ने खनिज अभियंता को सौंपा ज्ञापन चेचट माइंस क्षेत्र में सरेण्डर हो चुकी खदानों को भरवाने की मांग को लेकर गौ सेवकों और ग्रामीणों ने खान एवं भू-विज्ञान विभाग के खनि अभियंता को ज्ञापन सौंपा गौ सेवकों ने बताया कि क्षेत्र में करीब 815 बीघा चरागाह भूमि माइंस क्षेत्र में आती है। इनमें से लगभग 450 बीघा भूमि पर खनन कार्य हो चुका है और करीब 300 बीघा क्षेत्र की माइंस सरेण्डर की जा चुकी है। इसके बावजूद कई खदानें अब भी खुली पड़ी हैं और उनमें पानी भरा हुआ है। खेडली रोड़ से कोटड़ी रोड तक कई स्थानों पर खदानों के पास ही सड़क और बस्ती होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के अनुसार खदान सरेण्डर होने के बाद उन्हें मिट्टी डालकर समतल किया जाना चाहिए, ताकि वहां घास उग सके और भूमि का उपयोग फिर से चरागाह के रूप में किया जा सके। लेकिन कई स्थानों पर चरागाह भूमि पर मलबा डाल दिया गया है, जिससे गौवंश के चरने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में वर्ष 2021 से अब तक कई बार जिला कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। वर्ष 2022 में भूमि का सीमांकन भी कराया गया था, जिसमें करीब 400 बीघा भूमि खनन से प्रभावित पाई गई थी। गौ सेवकों और ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन खदानों में खनन कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द भरवाकर समतल किया जाए और भूमि को चरने योग्य बनाकर ग्राम पंचायत को सौंपा जाए। साथ ही दोषी खनन पट्टाधारकों को ब्लैकलिस्ट कर भविष्य में उन्हें माइंस लीज नहीं देने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गौ सेवक और ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
चेचट माइंस क्षेत्र में सरेण्डर खदानों को भरवाने की मांग, गौ सेवकों ने खनिज अभियंता को सौंपा ज्ञापन चेचट माइंस क्षेत्र में सरेण्डर हो चुकी खदानों को भरवाने की मांग को लेकर गौ सेवकों और ग्रामीणों ने खान एवं भू-विज्ञान विभाग के खनि अभियंता को ज्ञापन सौंपा गौ सेवकों ने बताया कि क्षेत्र में करीब 815 बीघा चरागाह भूमि माइंस क्षेत्र में आती है। इनमें से लगभग 450 बीघा भूमि पर खनन कार्य हो चुका है और करीब 300 बीघा क्षेत्र की माइंस सरेण्डर की जा चुकी है। इसके बावजूद कई खदानें अब भी खुली पड़ी हैं और उनमें पानी भरा हुआ है। खेडली रोड़ से कोटड़ी रोड तक कई स्थानों पर खदानों के पास ही सड़क और बस्ती होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के अनुसार खदान सरेण्डर होने के बाद उन्हें मिट्टी डालकर समतल किया जाना चाहिए, ताकि वहां घास उग सके और भूमि का उपयोग फिर से चरागाह के रूप में किया जा सके। लेकिन कई स्थानों पर चरागाह भूमि पर मलबा डाल दिया गया है, जिससे गौवंश के चरने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में वर्ष 2021 से अब तक कई बार जिला कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। वर्ष 2022 में भूमि का सीमांकन भी कराया गया था, जिसमें करीब 400 बीघा भूमि खनन से प्रभावित पाई गई थी। गौ सेवकों और ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन खदानों में खनन कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द भरवाकर समतल किया जाए और भूमि को चरने योग्य बनाकर ग्राम पंचायत को सौंपा जाए। साथ ही दोषी खनन पट्टाधारकों को ब्लैकलिस्ट कर भविष्य में उन्हें माइंस लीज नहीं देने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गौ सेवक और ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- रामगंजमंडी क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। सुकेत के अधीन आने वाले ढाबादेह, सहरावदा, गुजरियाखेड़ी और मानपुरा गांवों में विशेष अभियान चलाया गया। बुधवार शाम करीब 5 बजे विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता सुकेत के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने करीब दर्जनभर अवैध आंकड़े हटाए। वहीं दूसरी टीम ने रामगंजमंडी और सातलखेड़ी क्षेत्र में पीडीसी चेकिंग करते हुए करीब 20 से 25 लोगों के अवैध तार जब्त किए और वीसीआर की कार्रवाई भी की। अधिकारियों ने मौके पर ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन कटे हुए हैं, वे अपनी बकाया राशि सहायक अभियंता कार्यालय सुकेत में या 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत रामगंजमंडी के माध्यम से जमा करवाकर अपने घरेलू कनेक्शन दोबारा जुड़वा सकते हैं। डिस्कॉम अधिकारियों ने बताया कि बिजली चोरी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और उपभोक्ताओं से समय पर बिल जमा कराने की अपील की गई है।1
- चेचट माइंस क्षेत्र में सरेण्डर हो चुकी खदानों को भरवाने की मांग को लेकर गौ सेवकों और ग्रामीणों ने खान एवं भू-विज्ञान विभाग के खनि अभियंता को ज्ञापन सौंपा गौ सेवकों ने बताया कि क्षेत्र में करीब 815 बीघा चरागाह भूमि माइंस क्षेत्र में आती है। इनमें से लगभग 450 बीघा भूमि पर खनन कार्य हो चुका है और करीब 300 बीघा क्षेत्र की माइंस सरेण्डर की जा चुकी है। इसके बावजूद कई खदानें अब भी खुली पड़ी हैं और उनमें पानी भरा हुआ है। खेडली रोड़ से कोटड़ी रोड तक कई स्थानों पर खदानों के पास ही सड़क और बस्ती होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के अनुसार खदान सरेण्डर होने के बाद उन्हें मिट्टी डालकर समतल किया जाना चाहिए, ताकि वहां घास उग सके और भूमि का उपयोग फिर से चरागाह के रूप में किया जा सके। लेकिन कई स्थानों पर चरागाह भूमि पर मलबा डाल दिया गया है, जिससे गौवंश के चरने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में वर्ष 2021 से अब तक कई बार जिला कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। वर्ष 2022 में भूमि का सीमांकन भी कराया गया था, जिसमें करीब 400 बीघा भूमि खनन से प्रभावित पाई गई थी। गौ सेवकों और ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन खदानों में खनन कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द भरवाकर समतल किया जाए और भूमि को चरने योग्य बनाकर ग्राम पंचायत को सौंपा जाए। साथ ही दोषी खनन पट्टाधारकों को ब्लैकलिस्ट कर भविष्य में उन्हें माइंस लीज नहीं देने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गौ सेवक और ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- सीट के नीचे छिपे सांप ने काटा: बाइक सवार दो बच्चे अस्पताल पहुंचे, इलाज जारी कोटा। शहर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बाइक की सीट के नीचे छिपे सांप ने अचानक एक बच्चे को काट लिया। घटना के बाद घबराए दोनों बच्चे बाइक छोड़कर तुरंत अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका इलाज जारी है। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि नया गांव निवासी दो बच्चे, जो लाइट का काम सीखते हैं, बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक की सीट के नीचे छिपा स्किल वाइपर सांप बाहर निकल आया और सामने बैठे एक बच्चे को दो जगह पर काट लिया ।अचानक हुए हमले से दोनों बच्चे घबरा गए और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंच गए। समय रहते अस्पताल पहुंचने से बड़ी अनहोनी टल गई। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में बच्चे का इलाज जारी है। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वाहनों को चलाने से पहले सीट और आसपास की जगह जरूर देख लें, क्योंकि कई बार सांप या अन्य जीव वहां छिपे हो सकते हैं।1
- झालावाड़। समाज में सेवा और संस्कारों की भावना को बढ़ावा देने वाली एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। गौपुत्र सेना द्वारा संचालित नवीन गौशाला में नरेंद्र जी स्वामी की पुत्री जीविका स्वामी का जन्मदिन सादगी और गौसेवा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परिवारजनों और गौसेवकों की मौजूदगी में गौमाताओं को हरी सब्जियां और चारा खिलाकर जन्मदिन की खुशियां साझा की गईं। जन्मदिन के इस खास अवसर पर जीविका स्वामी अपने परिवार के साथ गौशाला पहुंचीं, जहां उन्होंने गौमाताओं की सेवा कर उन्हें हरी सब्जियां और पौष्टिक चारा खिलाया। इस दौरान गौशाला का वातावरण भक्ति और सेवा भावना से ओत-प्रोत नजर आया। गौसेवकों और उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जहां जन्मदिन अक्सर केवल केक और पार्टियों तक सीमित रह गए हैं, वहीं इस तरह के आयोजन समाज को एक सकारात्मक और संस्कारपूर्ण संदेश देते हैं।कार्यक्रम के दौरान गौपुत्र सेना से जुड़े गौसेवकों ने गौसंरक्षण और गौसेवा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गौशाला में गौमाताओं की सेवा करना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में करुणा, सेवा और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करता है।इस मौके पर गौपुत्र विनीत पोरवाल ने सभी अभिभावकों से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों के जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों को समाजसेवा से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे बचपन से ही गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों से जुड़ते हैं तो उनके भीतर अच्छे संस्कार और संवेदनशीलता का विकास होता है।उन्होंने कहा कि जन्मदिन केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर हो सकता है। यदि अधिक से अधिक लोग अपने बच्चों का जन्मदिन गौशालाओं, अनाथालयों, वृद्धाश्रमों या अन्य सेवा कार्यों के साथ मनाएं तो इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आ सकता है और आने वाली पीढ़ी संस्कारवान बन सकती है।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने जीविका स्वामी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही गौसेवा और सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया। संदेश: आइए, हम भी अपने बच्चों का जन्मदिन केवल उत्सव तक सीमित न रखकर सेवा, संस्कार और समाजहित के कार्यों के साथ मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाएं।1
- रायपुर 10 मार्च। राजस्थान में सरसों व चना की समर्थन मूल्य पर खरीद शीघ्र शुरू की जा रही है। राजफेड के चार क्षेत्रीय कार्यालयों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 मार्च से व खरीद 25 मार्च से शुरू होगी। राजफेड के 4 क्षेत्रीय कार्यालयों कोटा, अजमेर, भरतपुर एवं श्रीगंगानगर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 मार्च से व खरीद 25 मार्च से शुरू होगी। जबकि, शेष 4 क्षेत्रीय कार्यालयों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर एवं बीकानेर नें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 20 मार्च एवं खरीद 1 अप्रेल से शुरू होगी। सरसों एवं चना विक्रय के इच्छुक किसान स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकेंगे। समर्थन मूल्य पर ख़रीद किसानों की आधार आधारित बायोमीट्रिक पहचान के माध्यम से ही की जाएगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार नैफेड और एनसीसीएफ के लिए समर्थन मूल्य पर ख़रीद 60 दिवस की अवधि में की जाएगी। सहकारिता मंत्री ने राजफेड को निर्देश दिए हैं कि खरीद केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कर ली जाए। भारतीय किसान संघ के जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर ने बताया है कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए राजफेड में कॉल सेन्टर 18001806001 स्थापित किया गया है।उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे अपनी फसल को साफ-सुथरा कर तथा छानकर क्रय केन्द्रों पर लाएं ताकि गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप जिंस विक्रय कर सकें।1
- पालिका अधिशाषी अधिकारी मुकेश नागर द्वारा मौखिक निर्माण स्वीकृति प्रदान कर किया जा रहा कब्जा धीरज गोठवाल के लड़के ने रावतभाटा थाने में बताया मुकेश अंकल ने बोला हे बना के कब्जा करने के लिए धीरज गोठवाल ने सन 2004 में रातों रात दीवार तोड़ दरवाजा लगाया और कब्जा करने की कोशिश की तहसीलदार पारिक साहब ने पाबंद किया तो जमीन पिछले 20 वर्षो से यथा स्थित पड़ी थी दो नवंबर 2025 को भी धीरज गोठवाल ने रातों रात निर्मित दीवार तोड़ कब्जा करने की कोशिश चालू की जिसकी तुरंत सूचना उपखंड अधिकारी महोदया तहसीलदार साहब को सूचित करने पर भी आज चार महीने गुजर जाने पर भी अतिक्रमी धीरज गोठवाल पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं1
- खानपुर क्षेत्र के लडानिया गांव में किसान मन्नालाल नागर की अज्ञात बोलेरो की टक्कर से मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने नागोरिया टोल प्लाजा के पास मेगा हाईवे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश कर मामला शांत कराने की कोशिश की।1
- रामगंजमंडी उपखंड क्षेत्र में एक 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। दो युवकों ने पिछले 5 महीनों तक डरा-धमकाकर किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाया जिससे वह 4 माह की गर्भवती हो गई। पीड़िता की तबीयत बिगड़ने और परिजनों द्वारा डॉक्टर को दिखाने पर इस पूरी वारदात का खुलासा हुआ।1