*मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत जनपद में उड़द, मूंग एवं मूंगफली की खरीद हेतु कुल 17 क्रय केंद्र अनुमोदित।* कानपुर देहात 3 अगस्त 2026 किसानों को उनकी उपज का लाभकारी एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्रीष्म जायद विपणन मौसम वर्ष 2026-27 के अंतर्गत मूल्य समर्थन योजना के तहत जनपद कानपुर देहात में उड़द, मूंग एवं मूंगफली (जायद) की खरीद के लिए विभिन्न क्रय एजेंसियों के माध्यम से अब तक कुल 17 क्रय केंद्रों का अनुमोदन किया गया है। जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा संबंधित क्रय एजेंसियों को नियमानुसार खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी क्रय केंद्रों पर पारदर्शी, सुचारु एवं किसान हितैषी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जनपद में पीसीएफ के माध्यम से कुल 04 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। इनमें पीसीएफ मूंग खरीद केंद्र पुखरायां, बी-पैक्स लक्ष्मणपुर पिलख, किसान एग्रो विजन मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड (झींझक) तथा प्रकृति एग्रो एण्ड एलाइड मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड (अकबरपुर) शामिल हैं। इसी प्रकार यूपीपीसीयूएस के माध्यम से 03 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें दिव्यांचल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (झींझक), तड़ियावन अन्नपूर्णा एफपीओ (पुखरायां) तथा बी-पैक्स बनीपारा (झींझक) शामिल हैं। जेफेड के माध्यम से 02 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे, जिनमें बहुआयामी एग्रो फार्मर एफपीओ (पुखरायां) तथा एम-पैक्स डीग (भोगनीपुर) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पीसीयू (PCU) के माध्यम से 08 क्रय केंद्रों का अनुमोदन किया गया है। इनमें चार बी-पैक्स क्रय केंद्र—बी-पैक्स बानबाजार (डेरापुर), बी-पैक्स गौरीहसनपुर (सिकंदरा), बी-पैक्स सैथा (अकबरपुर) एवं बी-पैक्स विशायकपुर (अकबरपुर) तथा चार एफपीओ/प्रोड्यूसर कंपनी आधारित क्रय केंद्र—जनरेशन ग्रीन्स फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड (पुखरायां मंडी), इण्डो आर्या एग्रो प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड (झींझक मंडी), नित्या फेस एग्रो प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड (अकबरपुर मंडी) तथा अच्युत प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड (झींझक मंडी) शामिल हैं। जिलाधिकारी श्री कपिल सिंह ने सभी क्रय एजेंसियों को निर्देशित किया है कि क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, तौल, भुगतान एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं तथा खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो। उन्होंने जनपद के किसानों से अपील की है कि वे अपनी उड़द, मूंग एवं मूंगफली की उपज केवल अधिकृत क्रय केंद्रों पर ही विक्रय करें तथा किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए संबंधित केंद्र प्रभारी अथवा कृषि विभाग से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि शासन किसानों के हितों के संरक्षण एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है तथा प्रत्येक पात्र किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।
*मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत जनपद में उड़द, मूंग एवं मूंगफली की खरीद हेतु कुल 17 क्रय केंद्र अनुमोदित।* कानपुर देहात 3 अगस्त 2026 किसानों को उनकी उपज का लाभकारी एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्रीष्म जायद विपणन मौसम वर्ष 2026-27 के अंतर्गत मूल्य समर्थन योजना के तहत जनपद कानपुर देहात में उड़द, मूंग एवं मूंगफली (जायद) की खरीद के लिए विभिन्न क्रय एजेंसियों के माध्यम से अब तक कुल 17 क्रय केंद्रों का अनुमोदन किया गया है। जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा संबंधित क्रय एजेंसियों को नियमानुसार खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी क्रय केंद्रों पर पारदर्शी, सुचारु एवं किसान हितैषी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जनपद में पीसीएफ के माध्यम से कुल 04 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। इनमें पीसीएफ मूंग खरीद केंद्र पुखरायां, बी-पैक्स लक्ष्मणपुर पिलख, किसान एग्रो विजन मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड (झींझक) तथा प्रकृति एग्रो एण्ड एलाइड मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड (अकबरपुर) शामिल हैं। इसी प्रकार यूपीपीसीयूएस के माध्यम से 03 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें दिव्यांचल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (झींझक), तड़ियावन अन्नपूर्णा एफपीओ (पुखरायां) तथा बी-पैक्स बनीपारा
(झींझक) शामिल हैं। जेफेड के माध्यम से 02 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे, जिनमें बहुआयामी एग्रो फार्मर एफपीओ (पुखरायां) तथा एम-पैक्स डीग (भोगनीपुर) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पीसीयू (PCU) के माध्यम से 08 क्रय केंद्रों का अनुमोदन किया गया है। इनमें चार बी-पैक्स क्रय केंद्र—बी-पैक्स बानबाजार (डेरापुर), बी-पैक्स गौरीहसनपुर (सिकंदरा), बी-पैक्स सैथा (अकबरपुर) एवं बी-पैक्स विशायकपुर (अकबरपुर) तथा चार एफपीओ/प्रोड्यूसर कंपनी आधारित क्रय केंद्र—जनरेशन ग्रीन्स फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड (पुखरायां मंडी), इण्डो आर्या एग्रो प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड (झींझक मंडी), नित्या फेस एग्रो प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड (अकबरपुर मंडी) तथा अच्युत प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड (झींझक मंडी) शामिल हैं। जिलाधिकारी श्री कपिल सिंह ने सभी क्रय एजेंसियों को निर्देशित किया है कि क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, तौल, भुगतान एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं तथा खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो। उन्होंने जनपद के किसानों से अपील की है कि वे अपनी उड़द, मूंग एवं मूंगफली की उपज केवल अधिकृत क्रय केंद्रों पर ही विक्रय करें तथा किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए संबंधित केंद्र प्रभारी अथवा कृषि विभाग से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि शासन किसानों के हितों के संरक्षण एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है तथा प्रत्येक पात्र किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।
- पमा कट के पास जुआ खेलते 7 लोग गिरफ्तार, ₹8 हजार नकद बरामद जालौन। कोतवाली क्षेत्र की छिरिया चौकी पुलिस ने ग्राम पमा के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे स्थित पमा कट पर जुआ खेल रहे 7 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से करीब ₹8 हजार नकद और ताश के पत्ते बरामद किए। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने कहा कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। #जालौन #JalaunPolice #जुआ_अधिनियम #पुलिस_कार्रवाई #BreakingNews1
- 3 से 4 घंटे ही मिल रही बिजली, सूखने लगीं धान और तिल की फसलें ककहरा और बिनौरा के किसानों का आरोप—जेई बना रहे ओवरलोड का बहाना, कलेक्ट्रेट पहुंच डीएम से लगाई गुहार उरई। भीषण गर्मी और फसलों को पानी की सख्त जरूरत के बीच जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या विकराल रूप धारण करने लगी है। जालौन जिले के ककहरा और बिनौरा-वैद्य गांव में पिछले एक सप्ताह से निजी नलकूपों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि 24 घंटे में महज 3 से 4 घंटे ही सप्लाई दी जा रही है, जिससे किसानों की खड़ी फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। सोमवार को आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और अनवरत बिजली आपूर्ति की मांग की। जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में किसानों ने बिजली विभाग के क्षेत्रीय जूनियर इंजीनियर (J.E.) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे आपूर्ति में सुधार के लिए जेई से शिकायत करते हैं, तो वे ओवरलोड का बहाना बनाकर ककहरा और बिनौरा-वैद्य गांव की ही बिजली कटवा देते हैं। किसान रामपाल सिंह और कृष्ण पाल सिंह ने बताया कि कृषि फीडर औता (नंबर-2) से औता, हजरतपुर, जगतपुरा-बुजुर्ग और सिहारी दाऊदपुर गांव भी जुड़े हुए हैं। आरोप है कि इन गांवों के 10 से 15 किसानों को नियम विरुद्ध ग्रामीण फीडर से जोड़कर लगातार बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जबकि ककहरा और बिनौरा के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। बिजली की बेतरतीब कटौती से किसान बेहद परेशान हैं। इस समय खेतों में धान, उर्द, तिल, मूंग और ज्वार की फसलों को पानी की सख्त जरूरत है। नलकूप न चलने के कारण सिंचाई का काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में पानी नहीं मिला, तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी, जिससे भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि ककहरा और बिनौरा-वैद्य गांवों के नलकूपों को रोजाना कम से कम 10 से 12 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जाए। साथ ही औता कृषि फीडर के जिन उपभोक्ताओं को ग्रामीण फीडर से चलाया जा रहा है, उन्हें तुरंत अलग करके वापस कृषि फीडर से जोड़ा जाए ताकि लोड संतुलित रहे और सभी को समान रूप से बिजली मिल सके।ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से कृष्ण पाल सिंह, रामपाल सिंह, आशीष, संजय कुमार, अजीत सिंह, ब्रजकिशोर, रामकुमार, सुनील कुमार, कुलदीप, भारत, अभय प्रताप, अमन तिवारी, जितेन्द्र सिंह, ललिता प्रसाद, प्रवीन कुमार, शिवबहादुर, शूरनारायण, सोहनलाल, जयेन्द्र सिंह व अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।1
- 🇮🇳 हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा देशभक्ति और एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश लखनऊ। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान देश के प्रति सम्मान, एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। इस अभियान का उद्देश्य देशवासियों को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के प्रति सम्मान और गौरव की भावना से जोड़ना है। ‘हर घर तिरंगा’ के माध्यम से लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह अभियान भारत की विविधता में एकता, राष्ट्रीय गौरव और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। तिरंगा केवल देश का राष्ट्रीय ध्वज ही नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता, एकता और गौरव का प्रतीक है। ‘हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा’ का संदेश प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित और राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करता है। जालौन संवाददाता – पंकज गुप्ता1
- जालौन जालौन में हादसों के बाद भी बाज नहीं आ रहे रीलबाज, युवतियों पर सिर चढ़कर बोल रहा रीलबाजी का नशा जालौन में हादसों के बाद भी बाज नहीं आ रहे रीलबाज, युवतियों पर सिर चढ़कर बोल रहा रीलबाजी का नशा, यमुना नदी के ऊपर बने ओवरब्रिज पर बने रेलवे ट्रैक पर रील बना रही युवतियां, सोशल मीडिया पर लाइक व्यू और फेमस होने की चाह में रेलवे ट्रैक जैसे खतरनाक प्लेस पर रील बना रही युवतियां, यमुना ब्रिज पर बने रेलवे ट्रैक पर युवतियों की रीलबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के यमुना ओवरब्रिज पर बने रेलवे ट्रैक का मामला।3
- पाइप लाइन बिछाने में फसल नुकसान का सही मुआवजा न मिलने पर किसानों ने डीएम से की शिकायत उरई। गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा पाइप लाइन बिछाने के दौरान फसलों के हुए नुकसान का उचित और सही मुआवजा न मिलने से नाराज दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। किसानों ने आरोप लगाया है कि सर्वेक्षण में दर्ज फसल के स्थान पर दूसरी फसल का कम मुआवजा दिया गया है। माधौगढ़ तहसील व जालौन क्षेत्र के ग्राम गुलाबपुरा और छिुरिया सलेमपुर निवासी किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि गेल इंडिया लि. (शाखा दिबियापुर) द्वारा उनकी जमीनों (गाटा सं. 1415, 1402, 1404 और मौजा गुलाबपुरा के गाटा सं. 218 व 1618) से होकर नई पाइप लाइन बिछाई जा रही है। किसानों के अनुसार, कंपनी के अधिकारियों ने सर्वे के दौरान ऑनलाइन फोटो खींची थी, जिसमें उनके खेतों में तरोई और लौकी की फसल दर्ज की गई थी। इसके बावजूद गेल इंडिया द्वारा उन्हें तरोई व लौकी की जगह किसी अन्य साधारण फसल की दर से मुआवजा दे दिया गया है, जो कि सरासर गलत है। पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि गेल इंडिया लि. शाखा दिबियापुर को निर्देशित कर सर्वे रिपोर्ट में दर्ज असल फसल (तरोई व लौकी) के आधार पर उचित मुआवजा दिलाया जाए। शिकायत करने वालों में शामिल रहे। प्रार्थना पत्र सौंपने वालों में मुख्य रूप से हिम्मतराम कुशवाहा (गुलाबपुरा), सन्तोष कुमार (कुतलूपुर), रामशंकर, संजय सिंह (छिरिया), शेषनारायण, दिनेश कुमार (बदनपुरा सरावन), अर्जुन सिंह, शेर बहादुर सिंह (छिरिया सलेमपुर), मलखान सिंह सहित कई अन्य पीड़ित किसान शामिल रहे।1
- जालौन के नदीगांव थाना क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम। जालौन के नदीगांव थाना क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव रखकर कोंच-नदीगांव मार्ग पर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने 5 नामजद समेत 10–12 अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सूचना पर चार थानों की पुलिस और क्षेत्राधिकारी परमेश्वर प्रसाद मौके पर पहुंचे, परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया और हालात को नियंत्रित किया l1