रीवा जिले में रेत परिवहन कर रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने एक बार फिर मौत का तांडव मचाया है। सोहागी थाना क्षेत्र के बुदामा गांव के पास एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे उस पर सवार एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश का माहौल है। यह भीषण हादसा तब हुआ जब रेत से लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक पर सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया और दूसरे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डीह घाट क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन का धंधा बेलगाम गति से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पर कोई कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही सोहागी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
रीवा जिले में रेत परिवहन कर रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने एक बार फिर मौत का तांडव मचाया है। सोहागी थाना क्षेत्र के बुदामा गांव के पास एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे उस पर सवार एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश का माहौल है। यह भीषण हादसा तब हुआ जब रेत से लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक पर सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया और दूसरे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डीह घाट क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन का धंधा बेलगाम गति से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पर कोई कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही सोहागी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
- प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सतना कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह ने हिस्सा लिया। यह जानकारी एक सैटेलाइट टीवी चैनल की विशेष रिपोर्ट के तौर पर सामने आई है।1
- रीवा में आलोक पटेल द्वारा दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर एक बड़ा विवाद पैदा हो गया है। इस मामले के सामने आने के बाद आलोक पटेल के पिता ने सार्वजनिक रूप से ब्राह्मण समाज से माफी मांगी है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनका परिवार ब्राह्मण समाज का बेहद सम्मान करता है, नियमित रूप से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता है, और वर्षों से सैकड़ों ब्राह्मणों को सम्मानपूर्वक भोजन कराता आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके बेटे ने शराब के नशे में एक बड़ी गलती की है, जिसके लिए वे पूरे समाज से क्षमा चाहते हैं। यह जानकारी एक वीडियो में सामने आई है, जिसमें उनके पूरे बयान की प्रमुख बातें और इस मामले पर लोगों की प्रतिक्रियाएँ दिखाई गई हैं। वीडियो के साथ यह भी नोट किया गया है कि इसका उद्देश्य केवल घटना की जानकारी देना है, न कि किसी जाति, धर्म या समुदाय के प्रति नफरत फैलाना।1
- सतना जिले के चेन्नई गाँव में सरकारी ज़मीन पर अवैध तरीके से निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। इस अवैध निर्माण को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर यह किसके संरक्षण में हो रहा है। प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है कि शासन और प्रशासन बहरा तथा गूंगा बना हुआ है, वहीं अधिकारियों ने अपने खुद के अधिकार भी भुला दिए हैं। इस स्थिति के मद्देनज़र, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने का निवेदन किया गया है, ताकि इस जारी अवैध निर्माण को तुरंत रोका जा सके।2
- रीवा के अस्पताल की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, खासकर यह देखते हुए कि यह क्षेत्र डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला का गृहक्षेत्र है। एक पत्रकार ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर डिप्टी सीएम के क्षेत्र में स्थित अस्पताल की यह हालत है, तो अन्य जगहों पर स्वास्थ्य सेवाओं का क्या हाल होगा, यह सोचने वाली बात है। पत्रकार ने निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा कि वे केवल खबरें दिखा रहे हैं, किसी के पक्ष में नहीं हैं।1
- रीवा जिले के जवा थाना अंतर्गत सितलहा में मुहर्रम का पर्व पारंपरिक तरीके से अमन और भाईचारे के साथ मनाया गया। इस दौरान भव्य ताजिया भी निकाली गई। पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जवा थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह के नेतृत्व में जवा पुलिस बल संवेदनशील स्थानों पर मुस्तैद रहा और हर जगह कड़ी निगरानी रखी गई। मुहर्रम कमेटी के लोगों ने आयोजन की शांतिपूर्ण संपन्नता पर प्रशासन और पुलिस का आभार व्यक्त किया।1
- मध्यप्रदेश के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित जिला स्तरीय चिकित्सा शिविर के व्यय को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आरटीआई (सूचना का अधिकार) के माध्यम से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस शिविर की व्यवस्थाओं पर, जिसमें चाय, नाश्ता, लंच पैकेट और पानी शामिल थे, कुल ₹20,100 का भुगतान किया गया है। यह शिविर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चला था, जिसमें जिला स्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञ, ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी सेवाएँ दी थीं। प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, यह कार्य सीधे श्रीराम स्वीट/संबंधित वेंडर को आदेशित किया गया था। बिल में ₹1,500 की चाय (155 कप), ₹1,000 की कॉफी (50 कप), ₹450 के बिस्किट (3 पैकेट), ₹500 के 1 लीटर पानी की बोतलें (25 बोतलें), ₹1,500 के 250 मिलीलीटर पानी की बोतलें (150 बोतलें), ₹1,600 के समोसे (160 पीस), और ₹13,500 के लंच पैकेट (90 पैकेट) सहित कुल ₹20,100 का उल्लेख है। हालांकि, इस बिल में जीएसटी नंबर का जिक्र नहीं है और यह भी प्रतीत होता है कि अन्य वेंडरों से कोटेशन लेने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, शासकीय खरीदी और व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है। स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग में सार्वजनिक धन के उपयोग पर ऐसे सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जिम्मेदार अधिकारियों से यह पूछा जा रहा है कि क्या नियमानुसार कोटेशन लिए गए थे, क्या भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है, और क्या इस पूरे व्यय की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जनता के पैसों से होने वाले हर खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।1
- पिछले चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक नारा दिया था। इस नारे के माध्यम से पार्टी ने मतदाताओं से अपील की थी कि 'जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए'।1
- मनगवां में वरिष्ठ समाजसेवी और पूर्व विधानसभा विधायक प्रत्याशी हजरत हाफिज कारी मोहम्मद अली ने मोहर्रम के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए इस्लामी तारीख के पहले महीने मोहर्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस महीने में हक और बातिल की लड़ाई में शहीदाने कर्बला में हजरत इमाम हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ कुर्बानी दी। इस कुर्बानी के माध्यम से इंसानियत और मानवता का संदेश दिया गया, साथ ही जालिम यजीद बादशाह के खिलाफ आवाज उठाई गई और गरीब, असहाय, निर्बल और दुर्बल लोगों की आवाज को बुलंद किया गया। मोहम्मद अली ने जोर दिया कि भूखे को खाना खिलाना और असहाय तथा निर्बल की मदद करना ही इस्लाम है। मोहर्रमुल हराम की 10 तारीख, आशूरा के दिन, रजा ए मुस्तफा तकिया मस्जिद में हजरत हाफिज कारी मोहम्मद अली साहब के द्वारा दुआएं आशूरा पढ़ी गईं। इस अवसर पर लोगों के लिए देश में अमन, सुकून, शांति और देश की हिफाजत के लिए विशेष दुआएं की गईं। इस दौरान जगह-जगह फातिहा खानी और लंगरे आम (सामुदायिक भोजन) का भी आयोजन किया गया। इन आयोजनों में निजाम भाई बीड़ी वाले, मंसूर अली शाह, खुर्शीद अली शाह, मोहम्मद शरीफ उर्फ बाबा, मोहम्मद रसीद अंडा वाले, मोहम्मद सलमान उर्फ लाला मोबाइल वाले, मोहम्मद शब्बीर उर्फ शरीफ उद्दीन, मोहम्मद रजा मंसूरी, मोहम्मद निजाम मंसूरी, मकसूद मिस्त्री, कयामुद्दीन शाह, मुन्ना ताज अंसारी, अनवर अली शाह, ईशा मंसूरी, जलालुद्दीन अंसारी, मोहम्मद नईम भाई, अब्दुल रशीद मंसूरी समेत कई लोग शामिल रहे। पूर्व निर्माण कमेटी अध्यक्ष शमा परवीन बानो, जो नगर परिषद मनगवा के वार्ड क्रमांक 2 की पार्षद भी हैं, ने इस अवसर पर थाना प्रभारी महोदय और मुख्य नगर पालिका अधिकारी महोदय की सराहना की। उन्होंने मनगवा थाना प्रभारी द्वारा अपने भारी पुलिस बल के साथ चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहकर दी गई अच्छी खासी व्यवस्था और इंतजाम के लिए उनका धन्यवाद किया। इस पूरे आयोजन के माध्यम से लोगों में खुशी का संदेश दिया गया और आपसी भाईचारे की मिसाल कायम की गई।1