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Raju.u.p.44
- Raju.u.p.44सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेशgood night9 hrs ago
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- जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में स्थित सुइथाकला विकासखंड की ग्राम पंचायत ऊचगांव का वह तालाब, जो कभी सूखा पड़ा रहता था और जहां बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते थे, आज पानी से लबालब है। बच्चे अब उसी तालाब में नहाते और आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। यह बदलाव स्थानीय मुद्दों को उठाने वाले प्लेटफॉर्म ई रेडियो इंडिया की खबर का असर माना जा रहा है। तालाब में पानी भरने के बाद गांव का माहौल भी बदल गया है और लोगों में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब मीडिया ने इस मुद्दे को उठाया, तब प्रशासन और स्थानीय स्तर पर ध्यान गया और अब तालाब फिर से जीवंत हो गया है। #Jaunpur #Shahganj #ERadioIndia #VillageDevelopment #WaterConservation #Uchgaon #PositiveNews #GroundReport1
- अमेठी में बुधवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में अपहरण व फिरौती के मामले में वांछित चल रहा 50 हजार का इनामी बदमाश मच्छर उर्फ इस्लाम अहमद उर्फ सोनू की बाईं टांग में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक तमंचा के साथ एक जिंदा व खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक बाइक बरामद किया है। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। दरअसल बीती 10 फरवरी को मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के एक कबाड़ी रमन अग्रहरि का अपहरण उस समय हो किया गया था जब वे सुबह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने गए थे। बेटे को छोड़ने के बाद वापस लौटते समय सफेद चार पहिया वाहन सवार बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था और नौ लाख अट्ठाइस हजार रुपए की फिरौती लेने के बाद उन्हें सकुशल छोड़ दिया था। रमन ने अपहरण कर्ताओं में दो को पहचान लिया था जो इनके गांव के बगल के गांव के ही रहने वाले थे, लेकिन इनका आतंक इतना था कि दो दिन तक रमन की हिम्मत ही नहीं पड़ी इन बदमाशों के बारे में शिकायत करने की लेकिन परिवार वालों के दबाव में रमन ने दो दिन बाद मुसाफिरखाना थाने में अज्ञात के विरुद्ध तहरीर देकर घटना का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस एक्टिव हुई तो पता चला कि इस मामले में कुल छह लोग इन्वॉल्व थे । उसमें एक नाबालिक भी था जो घटना के पहले रमन की रेकी कर पूरी सूचना बदमाशों को दे रहा था। घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज और और डिटेल्स निकालने के बाद पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास रहे साढ़े चार लाख रुपए बरामद कर लिया था। उसी दौरान इस मामले में आरोपित दो बदमाश अयोध्या पुलिस के हत्थे पहले ही चढ़ गए थे। इसके बाद छठवें बदमाश के लिए पुलिस लगातार पड़ताल में लगी रही। बुधवार को देर रात मुखबिर से थाना मुसाफिरखाना पुलिस सूचना मिली कि रमन अपहरण कांड का अंतिम आरोपी मच्छर इसौली घाट की तरफ से बाइक से आएगा। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी कर उसका इंतजार करने लगे तभी एक बाइक आती दिखी तो पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। तभी वह बाइक मोड़कर कच्चे रास्ते से होकर गांव की तरफ भागने के प्रयास में बाइक सहित गिर पड़ा। उसने गिरते ही पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली उसकी बाईं टांग में जा धंसी और फिर गिर पड़ा तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जामा तलाशी में उसके पास सिर्फ एक तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस ही मिल सका। बड़ा ताज्जुब होता है इन बदमाशों के लिए कि इतनी बड़ी बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं लेकिन साथ में सिर्फ एक तमंचा और दो कारतूस ही रखते हैं जो पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक गोली खर्च होने के बाद एक जिंदा बचा कर रखते हैं। अक्सर ऐसा सारे गिरफ्तार बदमाशों के बारे में बताया जाता है। बहरहाल, पुलिस की पूछताछ में रमन अग्रहरि अपहरण कांड में शामिल होना बदमाश ने स्वीकार करते हुए बताया कि कबाड़ व्यापारी से रंगदारी कर 9,28,000 रुपये वसूले थे। घटना के बाद अनुज प्रताप सिंह द्वारा घटना में शामिल सभी को रुपये बांट दिया था। उस समय मुझे 60 हजार रुपये मिले थे जिसको लेकर मैं मुम्बई चला गया था। बाद में राजकुमार यादव निवासी लोहरौली मजरे जीतीपुर थाना पैकोलिया जिला बस्ती द्वारा मेरे हिस्से के शेष 1 लाख रुपये देने के लिए बुलाया था वही पैसे लेकर मैं लखनऊ जाने वाला था तब तक मुठभेड़ हो गई।1
- संग्रामपुर। भैरवपुर प्राथमिक विद्यालय के पास बुधवार की देर रात्रि सड़क किनारे लगे विद्युत पोल से अनियंत्रित होकर बाइक टकराने से बारात से शामिल होकर घर लौट रहे। भगतपुर विशेषरगंज निवासी युवक प्रदीप वर्मा (25) पुत्र स्व. धरमवीर वर्मा की मौत हो गई। वही बाइक पर पीछे बैठा युवक कप्तान (21) पुत्र इंद्रपाल मामूली रूप से घायल होते हुए बाल-बाल बच गया। राहगीरों की मदद से दोनों को एम्बुलेंस से संग्रामपुर सीएचसी भर्ती कराया गया। जहां पर प्रदीप वर्मा को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के छोटे भाई विशाल वर्मा ने बताया कि उनके बड़े भाई प्रदीप वर्मा बुधवार की शाम रिश्तेदारी नरी से कटका मानापुर प्रतापगढ़ बारात में शामिल होकर घर वापस लौट रहे थे। करीब साढ़े 10 बजे रात्रि भैरवपुर के पास बाइक विद्युत पोल से टकराकर घायल होने की सूचना मिली। अस्पताल पहुंचने पता चला कि उनके भाई प्रदीप वर्मा की मौत हो गई है। मृतक प्रदीप वर्मा के पिता स्व. धरमवीर वर्मा की 12 साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मां शीला देवी ने बच्चों का पालन पोषण किया। मृतक की दो साल पहले शादी हुई थी। पत्नी गायत्री और नौ महीने का बेटा सनवीर है। जहां घटना से पत्नी रो रोकर बेहोश हो जा रही है तो वही मासूम के सिर उसके जानने से पहले ही पिता का छाया छीन गया। मृतक के दो भाई है। उससे छोटा संदीप वर्मा गुजरात के अहमदाबाद में प्राइवेट नौकरी करके परिवार चलाने में भाई का सहयोग करता था। सबसे छोटा भाई विशाल वर्मा घर रहकर खेती में मां का सहयोग करता है। मृतक प्रदीप वर्मा घर पर ही रहकर प्रतिदिन मजदूरी करके परिवार की जिम्मेदारी संभालता था। मां शीला देवी बड़े बेटे की मौत से सदमे में आ गई है। रो रोकर बस यही कह रही थी पति के जाने के बाद जब बेटा सहारा देने के लायक बना तो भगवान ने उसे भी छीन लिया। घटना से मृतक के चाचा धर्मवीर और अयोध्या प्रसाद वर्मा सहित पूरे परिवार में मातम छा गया है। इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि बुधवार देर रात बाइक पोल से टकराने से हादसा सामने आया है। जिसमें बाइक चला रहे युवक प्रदीप वर्मा की मौत हो गई है जबकि बाइक के पीछे बैठा एक युवक घायल हुआ है। मृतक युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।3
- गरीब बेटियों की शादी या सरकारी अव्यवस्था का मेला? अमेठी में पत्तल के लिए मची छीना-झपटी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में शर्मनाक अव्यवस्था भोजन के लिए मारामारी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल आदित्य मिश्र अमेठी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गौरीगंज में आयोजित कार्यक्रम में उस समय अव्यवस्था का नजारा देखने को मिला जब भोजन वितरण के दौरान लोगों में पत्तल और खाने के लिए छीना-झपटी शुरू हो गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों के बीच भोजन की व्यवस्था चरमरा गई और देखते ही देखते धक्का-मुक्की और अफरातफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि सामूहिक विवाह समारोह में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए सैकड़ों लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन भीड़ के मुकाबले इंतजाम कम पड़ गए। इसी दौरान कुछ लोगों ने पत्तल और भोजन पाने के लिए एक-दूसरे से छीना-झपटी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग पत्तल और खाने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कार्यक्रम की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर मंच से सरकारी योजनाओं की उपलब्धियां गिनाई जा रही थीं, वहीं दूसरी ओर जमीन पर अव्यवस्था का यह नजारा लोगों को शर्मिंदा करने वाला साबित हुआ। सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। जिले के 13 ब्लॉकों और चारों नगर निकायों से चयनित 308 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन में बंधे। विवाह से जुड़ी सभी रस्में पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराई गईं और बेटियों को उपहार व आशीर्वाद देकर विदा किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाण-पत्र और उपहार सामग्री प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी है और सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना है। डीएम संजय चौहान ने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी नवदंपतियों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी शेर बहादुर ने बताया कि योजना के तहत प्रति युगल एक लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें 60 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, जबकि 25 हजार रुपये की उपहार सामग्री में पांच साड़ियां, ब्राइडल लहंगा, चांदी की पायल व बिछिया, डिनर सेट, कुकर, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, आयरन, गद्दा-तकिया आदि दिए जाते हैं। इसके अलावा 15 हजार रुपये समारोह के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। हालांकि इस भव्य आयोजन के बीच अव्यवस्था की तस्वीर भी सामने आई। भोजन वितरण के दौरान भीड़ बढ़ने पर लोगों में पत्तल और खाने के लिए छीना-झपटी शुरू हो गई। कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग भोजन पाने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग पत्तल और भोजन के लिए धक्का-मुक्की कर रहे हैं। इसके बाद कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।1
- नेताओं के नाक कान एवं आंख के नीचे से ये संपर्क मार्ग भूसियावां से विकास खण्ड शाहगढ को जोड़ते हुए रामगंज तक जाता है जो लगभग 5 से 6 वर्षो से निर्माणाधीन है जिस संपर्क मार्ग पर प्रतिदिन 10 हजारों की संख्या स्कूली बच्चों और आप जनमानस का आवागमन होता है I फिर भी आज तक निर्माणाधीन है I1
- कादीपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ी सौगात दी है। दोस्तपुर से सूरापुर तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए लगभग 70 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया गया है। इस संबंध में कादीपुर के भाजपा विधायक Rajesh Gautam ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने पूरा करने का निर्णय लिया है। विधायक ने बताया कि दोस्तपुर से सूरापुर तक फोरलेन सड़क बनने से व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्र के गांवों को भी बेहतर संपर्क मार्ग मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि सरकार लगातार ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में क्षेत्र में और भी विकास कार्य कराए जाएंगे।1
- एक टीवी डिबेट कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने खुलकर बात की उन्होंने कहा है कि इस वक्त देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या बात करते हैं इस पर बहस करने का वक्त आ गया है। उनके ट्विटर पर किस चीज को लेकर बयान बाजी हो रही है यह सोचने का विषय है।1
- अमेठी में रसोई गैस की किल्लत और बढ़ी कीमतों को लेकर समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। अमेठी में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। एक ओर जहां गैस सिलेंडर की कीमत 907 रुपये से बढ़ाकर 967 रुपये कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को सिलेंडर पाने के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं, लेकिन शाम तक भी कई लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि अमेठी में पिछले कुछ दिनों से गैस की आपूर्ति मांग के अनुसार नहीं हो पा रही है। इसके चलते गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। लोग सुबह 10 बजे से ही सिलेंडर लेकर लाइन में लग जाते हैं और शाम 5 बजे तक अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं। इसके बावजूद कई लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पाता। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को लेकर एक अफवाह भी फैल गई कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इस अफवाह ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी। लोगों को लगने लगा कि आने वाले दिनों में गैस की कमी हो सकती है, जिसके चलते पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर अचानक भीड़ बढ़ गई। हाल ही में सरकार द्वारा यह निर्देश भी जारी किया गया कि एक सिलेंडर रिफिल कराने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही रिफिल कराया जा सकेगा। इस फैसले और अफवाहों के चलते उपभोक्ताओं में और भी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर साफ किया कि गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। इसके बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई दे रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारें यह बताने के लिए काफी हैं कि आपूर्ति और मांग के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें कई दिनों से सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके घरों की रसोई पर भी असर पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर बुधवार को समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ अमेठी तहसील पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए गैस की आपूर्ति बढ़ाने और बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद सपा नेत्री ने एसडीएम अमेठी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सुचारु नहीं की गई और लोगों की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो समाजवादी पार्टी अमेठी में बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई और गैस की किल्लत से आम जनता बेहद परेशान है और सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।1
- करौंदीकला (सुल्तानपुर)। क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरायनपुर नागनाथपुर में किसानों की सुविधा के लिए लगाया गया सरकारी नलकूप इन दिनों लगभग बेकार साबित हो रहा है। नलकूप से मात्र करीब 50 मीटर दूरी तक ही खेतों की सिंचाई हो पा रही है, जबकि पूरे गांव के लिए बनाई गई पाइप लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके चलते गांव के किसानों को सरकार की मुफ्त सिंचाई योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नलकूप की पाइप लाइन लंबे समय से टूटी और जर्जर हालत में पड़ी हुई है, लेकिन अभी तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। परिणामस्वरूप नलकूप का पानी आगे खेतों तक नहीं पहुंच पाता और अधिकांश किसान सिंचाई के लिए निजी संसाधनों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। गांव के जागरूक किसान सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि सरकारी नलकूप होने के बावजूद गांव के किसी भी किसान को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि पाइप लाइन को दुरुस्त कर आगे तक बढ़ा दिया जाए तो गांव के अधिकांश खेतों तक पानी आसानी से पहुंच सकता है और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इसी तरह गांव के किसान मनीष पाल ने भी प्रशासन से पाइप लाइन की मरम्मत कराने की मांग की। उनका कहना है कि पाइप लाइन ठीक होने पर नलकूप के पानी की सप्लाई सभी खेतों तक सुनिश्चित हो सकेगी और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। इस समस्या को लेकर गांव के विजय शंकर पाण्डेय, रमाशंकर तिवारी, जगदम्बा तिवारी, कमाल तिवारी, रामकलप, राम केवल उपाध्याय, सुबेदार उपाध्याय, राजाराम पाल, मुन्नर और सीताराम सहित कई किसानों ने रोष व्यक्त किया है। किसानों का कहना है कि सरकारी व्यवस्था होने के बावजूद यदि उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है तो यह प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत कराई जाए और जरूरत पड़ने पर पाइप लाइन को आगे तक बढ़ाया जाए, ताकि सरकारी नलकूप का पानी सभी किसानों के खेतों तक पहुंच सके और उन्हें मुफ्त सिंचाई योजना का लाभ मिल सके।1