जौनपुर के उच्च गांव में मौजूद जलाशय हुआ जलमग्न गंदगी हुई नदारद, ग्रामीणों का ग्राम प्रधान के मुंह पर करारा तमाचा, ग्रामीण विकास की इकाइयां भी हुई शर्मसार जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में स्थित सुइथाकला विकासखंड की ग्राम पंचायत ऊचगांव का वह तालाब, जो कभी सूखा पड़ा रहता था और जहां बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते थे, आज पानी से लबालब है। बच्चे अब उसी तालाब में नहाते और आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। यह बदलाव स्थानीय मुद्दों को उठाने वाले प्लेटफॉर्म ई रेडियो इंडिया की खबर का असर माना जा रहा है। तालाब में पानी भरने के बाद गांव का माहौल भी बदल गया है और लोगों में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब मीडिया ने इस मुद्दे को उठाया, तब प्रशासन और स्थानीय स्तर पर ध्यान गया और अब तालाब फिर से जीवंत हो गया है। #Jaunpur #Shahganj #ERadioIndia #VillageDevelopment #WaterConservation #Uchgaon #PositiveNews #GroundReport
जौनपुर के उच्च गांव में मौजूद जलाशय हुआ जलमग्न गंदगी हुई नदारद, ग्रामीणों का ग्राम प्रधान के मुंह पर करारा तमाचा, ग्रामीण विकास की इकाइयां भी हुई शर्मसार जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में स्थित सुइथाकला विकासखंड की ग्राम पंचायत ऊचगांव का वह तालाब, जो कभी सूखा पड़ा रहता था और जहां बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते थे, आज पानी से लबालब है। बच्चे अब उसी तालाब में नहाते और आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। यह बदलाव स्थानीय मुद्दों को उठाने वाले प्लेटफॉर्म ई रेडियो इंडिया की खबर का असर माना जा रहा है। तालाब में पानी भरने के बाद गांव का माहौल भी बदल गया है और लोगों में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब मीडिया ने इस मुद्दे को उठाया, तब प्रशासन और स्थानीय स्तर पर ध्यान गया और अब तालाब फिर से जीवंत हो गया है। #Jaunpur #Shahganj #ERadioIndia #VillageDevelopment #WaterConservation #Uchgaon #PositiveNews #GroundReport
- सुल्तानपुर जिले के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम वजुपुर में 18 वर्षीय युवक अनिल निषाद द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी लम्भुआ ऋतिक कपूर ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।1
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- : वर्दी की धमक! नारियल पानी के पैसे मांगने पर दरोगा ने दुकानदार को जड़ा थप्पड़ खबरें उत्तर प्रदेश की खबरें उत्तर प्रदेश khabrein Uttar Pradesh ki1
- आपको बता दे कि अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच हो रहे भीषण युद्ध को दो हफ़्ते हो गए हैं लेकिन अभी तक किसी भी तरह से शांति प्रियता की कोई बात सामने नहीं आई है।1
- ये Saree Business आपको मालामाल कर देगा1
- #कोई बेरोजगार आदमी रोजगार वाली #पत्नी से शादी कभी भी न करे 😢मेरी पत्नी मेरे शव को छूने न पाए पत्नी के अफेयर ,तानों एवं गलत #हरकतों से त्रस्त पति ने की #हृदयविदारक वारदात गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र के निवासी पति ने नोतनवा महाराज गंज में दो मासूम बच्चो सहित दे दी जान,#एसएसबी में तैनात है पत्नी के #तैनाती स्थल पर बच्चो के साथ रहता था #पति 😢😢1
- संग्रामपुर। सहजीपुर में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन वृहस्पतिवार को प्रवाचक स्वामी ओमानंद जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्ति, प्रेम और सच्ची मित्रता का संदेश दिया। कथा के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आरती के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रवाचक ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता कैसी होती है, यह भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की कथा से समझा जा सकता है। उन्होंने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने बालसखा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। जब वे द्वारिकाधीश के महल के द्वार पर पहुंचे तो द्वारपालों ने उन्हें साधारण भिक्षुक समझकर रोक दिया। सुदामा ने कहा कि वह भगवान श्रीकृष्ण के मित्र हैं। जब द्वारपाल ने महल में जाकर भगवान से कहा कि कोई व्यक्ति अपना नाम सुदामा बताकर आपसे मिलने आया है, तो यह सुनते ही भगवान श्रीकृष्ण सिंहासन से उठकर तेजी से द्वार की ओर दौड़ पड़े। सामने अपने मित्र सुदामा को देखकर उन्होंने उन्हें प्रेम से गले लगा लिया। सुदामा भी “कन्हैया-कन्हैया” कहते हुए भावविभोर हो गए। दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाकर उनका सम्मान किया और उन्हें अपार धन-संपदा प्रदान कर मालामाल कर दिया। महाराज जी ने कहा कि जब भी भक्तों पर विपत्ति आती है तो भगवान स्वयं उनका उद्धार करने के लिए अवश्य आते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और सत्कर्म को अपनाकर सदमार्ग पर चलना चाहिए। भगवान की सच्चे मन से भक्ति करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है। कथा के समापन पर विधि-विधान से आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे पांडाल में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर श्यामकृष्ण, राधेकृष्ण, राम कृष्ण तिवारी, त्रियुगी तिवारी, कल्लू पांडेय, शैलेंद्र तिवारी, सुधांशु, कुलदीप, संदीप, अभिनव, शुभम, सत्यम शुक्ला, आदित्य मिश्र, सौरभ, अनूप, अनिल तिवारी, उत्कर्ष, शिवांशु, दीपांशु, विवेक दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
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