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ये Saree Business आपको मालामाल कर देगा
Reporter Ravinder
ये Saree Business आपको मालामाल कर देगा
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- ये Saree Business आपको मालामाल कर देगा1
- सुल्तानपुर जिले के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम वजुपुर में 18 वर्षीय युवक अनिल निषाद द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी लम्भुआ ऋतिक कपूर ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।1
- #कोई बेरोजगार आदमी रोजगार वाली #पत्नी से शादी कभी भी न करे 😢मेरी पत्नी मेरे शव को छूने न पाए पत्नी के अफेयर ,तानों एवं गलत #हरकतों से त्रस्त पति ने की #हृदयविदारक वारदात गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र के निवासी पति ने नोतनवा महाराज गंज में दो मासूम बच्चो सहित दे दी जान,#एसएसबी में तैनात है पत्नी के #तैनाती स्थल पर बच्चो के साथ रहता था #पति 😢😢1
- संग्रामपुर। सहजीपुर में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन वृहस्पतिवार को प्रवाचक स्वामी ओमानंद जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्ति, प्रेम और सच्ची मित्रता का संदेश दिया। कथा के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आरती के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रवाचक ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता कैसी होती है, यह भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की कथा से समझा जा सकता है। उन्होंने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने बालसखा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। जब वे द्वारिकाधीश के महल के द्वार पर पहुंचे तो द्वारपालों ने उन्हें साधारण भिक्षुक समझकर रोक दिया। सुदामा ने कहा कि वह भगवान श्रीकृष्ण के मित्र हैं। जब द्वारपाल ने महल में जाकर भगवान से कहा कि कोई व्यक्ति अपना नाम सुदामा बताकर आपसे मिलने आया है, तो यह सुनते ही भगवान श्रीकृष्ण सिंहासन से उठकर तेजी से द्वार की ओर दौड़ पड़े। सामने अपने मित्र सुदामा को देखकर उन्होंने उन्हें प्रेम से गले लगा लिया। सुदामा भी “कन्हैया-कन्हैया” कहते हुए भावविभोर हो गए। दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाकर उनका सम्मान किया और उन्हें अपार धन-संपदा प्रदान कर मालामाल कर दिया। महाराज जी ने कहा कि जब भी भक्तों पर विपत्ति आती है तो भगवान स्वयं उनका उद्धार करने के लिए अवश्य आते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और सत्कर्म को अपनाकर सदमार्ग पर चलना चाहिए। भगवान की सच्चे मन से भक्ति करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है। कथा के समापन पर विधि-विधान से आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे पांडाल में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर श्यामकृष्ण, राधेकृष्ण, राम कृष्ण तिवारी, त्रियुगी तिवारी, कल्लू पांडेय, शैलेंद्र तिवारी, सुधांशु, कुलदीप, संदीप, अभिनव, शुभम, सत्यम शुक्ला, आदित्य मिश्र, सौरभ, अनूप, अनिल तिवारी, उत्कर्ष, शिवांशु, दीपांशु, विवेक दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
- Post by Raju.u.p.441
- : वर्दी की धमक! नारियल पानी के पैसे मांगने पर दरोगा ने दुकानदार को जड़ा थप्पड़ खबरें उत्तर प्रदेश की खबरें उत्तर प्रदेश khabrein Uttar Pradesh ki1
- अमेठी में बुधवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में अपहरण व फिरौती के मामले में वांछित चल रहा 50 हजार का इनामी बदमाश मच्छर उर्फ इस्लाम अहमद उर्फ सोनू की बाईं टांग में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक तमंचा के साथ एक जिंदा व खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक बाइक बरामद किया है। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। दरअसल बीती 10 फरवरी को मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के एक कबाड़ी रमन अग्रहरि का अपहरण उस समय हो किया गया था जब वे सुबह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने गए थे। बेटे को छोड़ने के बाद वापस लौटते समय सफेद चार पहिया वाहन सवार बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था और नौ लाख अट्ठाइस हजार रुपए की फिरौती लेने के बाद उन्हें सकुशल छोड़ दिया था। रमन ने अपहरण कर्ताओं में दो को पहचान लिया था जो इनके गांव के बगल के गांव के ही रहने वाले थे, लेकिन इनका आतंक इतना था कि दो दिन तक रमन की हिम्मत ही नहीं पड़ी इन बदमाशों के बारे में शिकायत करने की लेकिन परिवार वालों के दबाव में रमन ने दो दिन बाद मुसाफिरखाना थाने में अज्ञात के विरुद्ध तहरीर देकर घटना का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस एक्टिव हुई तो पता चला कि इस मामले में कुल छह लोग इन्वॉल्व थे । उसमें एक नाबालिक भी था जो घटना के पहले रमन की रेकी कर पूरी सूचना बदमाशों को दे रहा था। घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज और और डिटेल्स निकालने के बाद पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास रहे साढ़े चार लाख रुपए बरामद कर लिया था। उसी दौरान इस मामले में आरोपित दो बदमाश अयोध्या पुलिस के हत्थे पहले ही चढ़ गए थे। इसके बाद छठवें बदमाश के लिए पुलिस लगातार पड़ताल में लगी रही। बुधवार को देर रात मुखबिर से थाना मुसाफिरखाना पुलिस सूचना मिली कि रमन अपहरण कांड का अंतिम आरोपी मच्छर इसौली घाट की तरफ से बाइक से आएगा। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी कर उसका इंतजार करने लगे तभी एक बाइक आती दिखी तो पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। तभी वह बाइक मोड़कर कच्चे रास्ते से होकर गांव की तरफ भागने के प्रयास में बाइक सहित गिर पड़ा। उसने गिरते ही पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली उसकी बाईं टांग में जा धंसी और फिर गिर पड़ा तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जामा तलाशी में उसके पास सिर्फ एक तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस ही मिल सका। बड़ा ताज्जुब होता है इन बदमाशों के लिए कि इतनी बड़ी बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं लेकिन साथ में सिर्फ एक तमंचा और दो कारतूस ही रखते हैं जो पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक गोली खर्च होने के बाद एक जिंदा बचा कर रखते हैं। अक्सर ऐसा सारे गिरफ्तार बदमाशों के बारे में बताया जाता है। बहरहाल, पुलिस की पूछताछ में रमन अग्रहरि अपहरण कांड में शामिल होना बदमाश ने स्वीकार करते हुए बताया कि कबाड़ व्यापारी से रंगदारी कर 9,28,000 रुपये वसूले थे। घटना के बाद अनुज प्रताप सिंह द्वारा घटना में शामिल सभी को रुपये बांट दिया था। उस समय मुझे 60 हजार रुपये मिले थे जिसको लेकर मैं मुम्बई चला गया था। बाद में राजकुमार यादव निवासी लोहरौली मजरे जीतीपुर थाना पैकोलिया जिला बस्ती द्वारा मेरे हिस्से के शेष 1 लाख रुपये देने के लिए बुलाया था वही पैसे लेकर मैं लखनऊ जाने वाला था तब तक मुठभेड़ हो गई।1
- Post by Raju.u.p.441