अनुपपुर जिले में आगामी 28 से 30 जून 2026 तक होने वाले पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अर्चना कुमारी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुँचाने के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। सीईओ श्रीमती अर्चना कुमारी ने मॉनिटरिंग अधिकारियों और मैदानी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने में प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका है, और सभी दल सदस्यों को पूरी जिम्मेदारी, समर्पण तथा कर्मठता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से गठित भ्रमण दलों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर प्रत्येक पात्र बच्चे को पोलियो की खुराक दिलाना सुनिश्चित करें। श्रीमती कुमारी ने अभियान की सतत निगरानी, प्रभावी समन्वय और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर विशेष बल दिया, दोहराते हुए कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे का पल्स पोलियो टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
अनुपपुर जिले में आगामी 28 से 30 जून 2026 तक होने वाले पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अर्चना कुमारी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुँचाने के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। सीईओ श्रीमती अर्चना कुमारी ने मॉनिटरिंग अधिकारियों और मैदानी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने में प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका है, और सभी दल सदस्यों को पूरी जिम्मेदारी, समर्पण तथा कर्मठता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से गठित भ्रमण दलों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर प्रत्येक पात्र बच्चे को पोलियो की खुराक दिलाना सुनिश्चित करें। श्रीमती कुमारी ने अभियान की सतत निगरानी, प्रभावी समन्वय और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर विशेष बल दिया, दोहराते हुए कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे का पल्स पोलियो टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
- अनुपपुर जिले में आगामी 28 से 30 जून 2026 तक होने वाले पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अर्चना कुमारी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुँचाने के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। सीईओ श्रीमती अर्चना कुमारी ने मॉनिटरिंग अधिकारियों और मैदानी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने में प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका है, और सभी दल सदस्यों को पूरी जिम्मेदारी, समर्पण तथा कर्मठता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से गठित भ्रमण दलों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर प्रत्येक पात्र बच्चे को पोलियो की खुराक दिलाना सुनिश्चित करें। श्रीमती कुमारी ने अभियान की सतत निगरानी, प्रभावी समन्वय और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर विशेष बल दिया, दोहराते हुए कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे का पल्स पोलियो टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।1
- अनूपपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ थाना बिजुरी पुलिस ने बिजुरी अस्पताल के पास बाइक की डिग्गी से ₹50,000 चुराने वाले अंतर्राज्यीय शातिर आरोपी ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए ₹47,500 नकद और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बिजुरी के अलावा थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदातें करने की बात कबूल की है। आरोपी ओमप्रकाश सिसोदिया के खिलाफ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के तहत 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास सिंह और उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही है। अनूपपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे वाहनों में नकदी, कीमती सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को असुरक्षित न छोड़ें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।1
- अनूपपुर पुलिस महिला सुरक्षा के प्रति सजगता दिखाते हुए त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब के निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारियों को महिला संबंधी घटनाओं में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में, कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने छेड़छाड़ के एक आरोपी को गिरफ्तार कर एक त्वरित और प्रभावी ऑपरेशन को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब दिनांक 23 जून 2026 को कोतवाली अनूपपुर में एक 27 वर्षीय महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि शाम करीब 04:00 से 05:00 बजे के बीच, जब वह अपने घर पर अकेली थी, आरोपी नीरज यादव (लगभग 22 वर्षीय, पिता: प्रहलाद यादव, निवासी ग्राम औढेरा, अनूपपुर) उसके घर पहुंचा। आरोपी ने महिला के साथ अश्लील हरकत तथा छेड़छाड़ का प्रयास किया, जिसके बाद महिला के विरोध करने और आवाज़ लगाने पर वह मौके से भाग गया। महिला की शिकायत पर, थाने में अपराध क्रमांक 380/26 दर्ज करते हुए, भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(va) के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद जैन के नेतृत्व में उपनिरिक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक विनय बैस, प्रधान आरक्षक शिवशंकर प्रजापति और चालक प्रधान आरक्षक खेमराज सिंह की एक टीम ने तत्काल जांच कर आरोपी नीरज यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यक प्रक्रियाएं जारी हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही एक महिला संबंधी प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।2
- लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड हादसे में दिवंगत हुए जयनिल का शव उनके पैतृक घर भालूमाड़ा पहुंच गया है। इस दुखद अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे और सभी ने नम आंखों से जयनिल को अंतिम विदाई दी।1
- SECL हॉस्पिटल कोतमा कोलियरी में पदस्थ एक्स-रे टेक्निशियन जयंत चक्रवर्ती के ज्येष्ठ पुत्र जैनिल चक्रवर्ती लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड का शिकार हो गए। इस दुखद घटना में जैनिल का निधन हो गया। अग्निकांड के बाद, उनके पार्थिव शरीर को उनके निज निवास अनूपपुर जिले के भालूमांडा लाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। इस मुश्किल घड़ी में भगवान से जैनिल की आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की गई है।4
- सूरजपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति ने थाने के भीतर किसी मामले को लेकर वीडियो बनाने की कोशिश की। इस दौरान, एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर उस व्यक्ति का मोबाइल फोन जबरदस्ती छीन लिया और उसमें रिकॉर्ड किया गया वीडियो डिलीट कर दिया। इस घटना के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस किसी व्यक्ति को वीडियो बनाने से कैसे रोक सकती है।1
- छत्तीसगढ़ के कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरिया जिले का दौरा किया है।1
- अनूपपुर जिले में सर्पदंश की घटनाओं को कम करने, अंधविश्वास को मिटाने और मानव-वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में जिलेभर से आए सक्रिय स्नेक कैचर्स के लिए एक विशेष सम्मान एवं 'स्नेक किट' वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान सर्प मित्रों को आधुनिक और सुरक्षित रेस्क्यू उपकरणों से लैस किट प्रदान की गई, ताकि वे संकट के समय अपनी और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए सांप पारिस्थितिकी तंत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और लोग अक्सर भय व जागरूकता की कमी के कारण सांपों को मार देते हैं। उन्होंने इस मानसिकता में बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया और सर्प मित्रों की भूमिका को मार्गदर्शक बताया। कलेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से होने वाली जनहानि को रोकने और त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से आने वाले समय में प्रत्येक गांव में एक ‘सर्प प्रहरी’ तैयार करने की योजना पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। श्री पंचोली ने अमरकंटक क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का उल्लेख करते हुए बताया कि जिले के वनों में विषैली और दुर्लभ सर्प प्रजातियां पाई जाती हैं। उन्होंने वन विभाग और सर्प मित्रों से सुरक्षित सह-अस्तित्व बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय से काम करने का आग्रह किया तथा जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित शासकीय चिकित्सालयों में सर्पदंश उपचार हेतु पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वनमंडलाधिकार डेविड वेंकटेश चनाब ने सर्प मित्रों को रेस्क्यू कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी, यह स्पष्ट करते हुए कि सर्प रेस्क्यू का उद्देश्य किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत प्रसिद्धि पाना नहीं, बल्कि मानव और सर्प दोनों के अनमोल जीवन की रक्षा करना है। डीएफओ ने सर्पदंश के मामलों में पहले एक घंटे को ‘गोल्डन आवर’ बताते हुए नागरिकों से झाड़-फूंक या अंधविश्वास के जाल में न फंसने और पीड़ित को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की अपील की। कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल ने विभिन्न प्रजातियों के सांपों की पहचान, उनके व्यवहार और सुरक्षित व वैज्ञानिक तरीके से सर्प रेस्क्यू करने की तकनीकों तथा बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही जानकारी से सांपों के प्रति अनावश्यक भय को दूर किया जा सकता है, जिससे मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।1