सीहोर जिले के आष्टा स्थित आनंद धाम में भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा के उपरांत भगवान विश्राम हेतु विराजमान हैं। इस पावन अवसर पर आनंद धाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव (प्राकट्य) का अत्यंत भावपूर्ण और भक्तिमय आयोजन किया गया। भागवत कथा व्यास पंडित श्री कन्हैयालाल शर्मा की अमृतमयी वाणी का रसपान करने प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा के दौरान पंडित शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार का महत्व समझाते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, प्रेम, करुणा और मानव कल्याण का दिव्य संदेश है। श्रीकृष्ण जन्म की मंगल बेला पर शंख, घंटा, घड़ियाल और जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के उद्घोष के साथ जन्मोत्सव मनाया और भजनों पर जमकर झूमे। इस विशेष अवसर पर सकल हिंदू समाज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। सकल हिंदू समाज के अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा (पूर्व पार्षद), सचिव मनीष डोंगरे और मीडिया प्रभारी राजीव गुप्ता ने विधि-विधान से भागवत ग्रंथ की पूजा-अर्चना कर पंडित श्री कन्हैयालाल शर्मा का पुष्पमाला व साफा पहनाकर सम्मान किया तथा उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की छायाचित्र प्रतीक चिन्ह भेंट की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पधारे महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास जी महाराज का भी सकल हिंदू समाज के संरक्षक प्रेम नारायण शर्मा और हरि नारायण शर्मा ने साफा व माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। अपने आशीर्वचन में महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा है जो मानव जीवन को सत्य, सेवा, भक्ति, संस्कार और राष्ट्रधर्म का मार्ग दिखाती है। इस भव्य धार्मिक आयोजन में सकल हिंदू समाज के अध्यक्षगण प्रेम नारायण जायसवाल, अचल किरार, मोंटू कौरी, भजन गायक राजीव जायसवाल, देवकरण पहलवान, गोपाल ताम्रकार, मुकेश ताम्रकार, मनोज सोनी काका, हेमराज कुशवाहा, गोविंद सोनी, दिनेश सोनी सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिक और मातृशक्तियां उपस्थित रहीं। कथा के समापन पर भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती की गई और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अंत में आनंद धाम के प्रमुख पंडित भवानी शंकर शर्मा और धर्माधिकारी गजेंद्र शर्मा ने सभी संतों, अतिथियों व श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए इस सात दिवसीय आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की।
सीहोर जिले के आष्टा स्थित आनंद धाम में भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा के उपरांत भगवान विश्राम हेतु विराजमान हैं। इस पावन अवसर पर आनंद धाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव (प्राकट्य) का अत्यंत भावपूर्ण और भक्तिमय आयोजन किया गया। भागवत कथा व्यास पंडित श्री कन्हैयालाल शर्मा की अमृतमयी वाणी का रसपान करने प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा के दौरान पंडित शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार का महत्व समझाते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और
अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, प्रेम, करुणा और मानव कल्याण का दिव्य संदेश है। श्रीकृष्ण जन्म की मंगल बेला पर शंख, घंटा, घड़ियाल और जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के उद्घोष के साथ जन्मोत्सव मनाया और भजनों पर जमकर झूमे। इस विशेष अवसर पर सकल हिंदू समाज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। सकल हिंदू समाज के अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा (पूर्व पार्षद), सचिव मनीष डोंगरे और मीडिया प्रभारी राजीव
गुप्ता ने विधि-विधान से भागवत ग्रंथ की पूजा-अर्चना कर पंडित श्री कन्हैयालाल शर्मा का पुष्पमाला व साफा पहनाकर सम्मान किया तथा उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की छायाचित्र प्रतीक चिन्ह भेंट की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पधारे महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास जी महाराज का भी सकल हिंदू समाज के संरक्षक प्रेम नारायण शर्मा और हरि नारायण शर्मा ने साफा व माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। अपने आशीर्वचन में महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा है जो मानव जीवन को सत्य, सेवा, भक्ति, संस्कार और राष्ट्रधर्म का मार्ग दिखाती है। इस भव्य
धार्मिक आयोजन में सकल हिंदू समाज के अध्यक्षगण प्रेम नारायण जायसवाल, अचल किरार, मोंटू कौरी, भजन गायक राजीव जायसवाल, देवकरण पहलवान, गोपाल ताम्रकार, मुकेश ताम्रकार, मनोज सोनी काका, हेमराज कुशवाहा, गोविंद सोनी, दिनेश सोनी सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिक और मातृशक्तियां उपस्थित रहीं। कथा के समापन पर भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती की गई और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अंत में आनंद धाम के प्रमुख पंडित भवानी शंकर शर्मा और धर्माधिकारी गजेंद्र शर्मा ने सभी संतों, अतिथियों व श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए इस सात दिवसीय आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की।
- सीहोर जिले के आष्टा स्थित आनंद धाम में भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा के उपरांत भगवान विश्राम हेतु विराजमान हैं। इस पावन अवसर पर आनंद धाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव (प्राकट्य) का अत्यंत भावपूर्ण और भक्तिमय आयोजन किया गया। भागवत कथा व्यास पंडित श्री कन्हैयालाल शर्मा की अमृतमयी वाणी का रसपान करने प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा के दौरान पंडित शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार का महत्व समझाते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, प्रेम, करुणा और मानव कल्याण का दिव्य संदेश है। श्रीकृष्ण जन्म की मंगल बेला पर शंख, घंटा, घड़ियाल और जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के उद्घोष के साथ जन्मोत्सव मनाया और भजनों पर जमकर झूमे। इस विशेष अवसर पर सकल हिंदू समाज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। सकल हिंदू समाज के अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा (पूर्व पार्षद), सचिव मनीष डोंगरे और मीडिया प्रभारी राजीव गुप्ता ने विधि-विधान से भागवत ग्रंथ की पूजा-अर्चना कर पंडित श्री कन्हैयालाल शर्मा का पुष्पमाला व साफा पहनाकर सम्मान किया तथा उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की छायाचित्र प्रतीक चिन्ह भेंट की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पधारे महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास जी महाराज का भी सकल हिंदू समाज के संरक्षक प्रेम नारायण शर्मा और हरि नारायण शर्मा ने साफा व माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। अपने आशीर्वचन में महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा है जो मानव जीवन को सत्य, सेवा, भक्ति, संस्कार और राष्ट्रधर्म का मार्ग दिखाती है। इस भव्य धार्मिक आयोजन में सकल हिंदू समाज के अध्यक्षगण प्रेम नारायण जायसवाल, अचल किरार, मोंटू कौरी, भजन गायक राजीव जायसवाल, देवकरण पहलवान, गोपाल ताम्रकार, मुकेश ताम्रकार, मनोज सोनी काका, हेमराज कुशवाहा, गोविंद सोनी, दिनेश सोनी सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिक और मातृशक्तियां उपस्थित रहीं। कथा के समापन पर भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती की गई और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अंत में आनंद धाम के प्रमुख पंडित भवानी शंकर शर्मा और धर्माधिकारी गजेंद्र शर्मा ने सभी संतों, अतिथियों व श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए इस सात दिवसीय आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की।4
- कन्नौद के वरिष्ठ पत्रकार इरफान अली ने देवास के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर अपने भतीजे व पत्रकार फरहान अली की आत्महत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, पत्रकार फरहान अली ने 23 मई 2026 की शाम को सल्फास की गोलियां खा ली थीं, जिससे उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में 24 मई को मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। परिजनों का आरोप है कि जांच के दौरान फरहान के मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग से यह खुलासा हुआ है कि टाकलीखेड़ा निवासी जफर अली ने रुपए-पैसों के लेन-देन को लेकर उस पर मानसिक दबाव बनाया था। वहीं, एक अन्य मोबाइल की रिकॉर्डिंग से एक महिला द्वारा भी मृतक को पैसों के लिए प्रताड़ित किए जाने की बात सामने आई है। परिजनों का दावा है कि ये सभी सबूत पुलिस के पास उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज करने के बजाय मामले में समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में टीआई और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने कलेक्टर से मांग की है कि फरहान अली को खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले आरोपियों पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए और पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाए। आवेदन में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो शिकायतकर्ता भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी।1
- शाजापुर के कालापीपल अंतर्गत ग्राम वाशी तिलियाखेड़ी में आज काशी जी गुरु जी के द्वारा हनुमान जी की स्थापना की जा रही है। हनुमान जी की इस प्राण-प्रतिष्ठा को पूरे गांव के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात बताया गया है, क्योंकि बजरंग बली के आने से गांव में सुख-शांति का वास होता है, रोग-दोष दूर होते हैं और सभी की रक्षा होती है। इस पावन अवसर पर तिलियाखेड़ी गांव को बहुत-बहुत बधाई देते हुए कामना की गई है कि काशी जी गुरु जी की कृपा से विराजमान हुए बजरंग बली पूरे गांव पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें। पूरे भक्तिमय माहौल में "संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बलबीरा" और "जय श्री राम, जय हनुमान" के जयघोष गूंज रहे हैं।4
- देवास के टोंकखुर्द में पुलिस के 'नशे से दूरी है, जरूरी 2.0' अभियान को जनसमर्थन प्राप्त हुआ है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान को स्थानीय लोगों का समर्थन मिल रहा है।1
- सीहोर के श्यामपुर में बारिश होते ही स्थानीय बुनियादी ढांचे और जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है। यहाँ सर्विस रोड पर एमपीबी/बिजली कार्यालय के सामने सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जल निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण पूरी सर्विस रोड जलमग्न हो गई है, जिससे दोपहिया और पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए निकलना काफी जोखिम भरा हो गया है। सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी लगातार बनी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पानी से लबालब सड़क पर छिपे गड्ढों के कारण हर पल किसी बड़े हादसे या वाहन दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। इसके अलावा, ठेकेदार द्वारा पानी की निकासी न किए जाने से स्थानीय दुकानों में भी पानी भर गया है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि प्रशासन और ठेकेदार शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। लोगों ने तुरंत पानी की निकासी का समाधान करने और लापरवाह ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है ताकि आम जनता को राहत मिल सके।1
- मध्य प्रदेश के देवास में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले जिलेभर से बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। जिला अध्यक्ष लक्ष्मण पटेल के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम कलेक्टर को एक 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। किसानों ने साफ तौर पर चेताया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि सरकार के प्रोत्साहन पर उन्होंने भारी लागत लगाकर ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन किया था, लेकिन सरकार महज 25 प्रतिशत उपज ही समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। बची हुई उपज को मंडियों में बेचने पर किसानों को प्रति क्विंटल ₹2,000 से ₹3,000 का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, प्रदेश के सभी किसानों की एकमुश्त कर्जमाफी करने और हरदा में मूंग उपार्जन आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज की गई एफआईआर को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई है। इसके अलावा, कन्नौद, खातेगांव और सतवास क्षेत्रों में यूरिया, डीएपी व एनपीके उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, टोकन व्यवस्था में सुधार और एसएसपी उर्वरक खरीद की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन के जरिए किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती व लोड शेडिंग तत्काल बंद करने, खराब ट्रांसफार्मर बदलने, लगातार 12 घंटे बिजली देने, खातेगांव तहसील में जिला सहकारी बैंक की तीन नई शाखाएं खोलने और अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही, नर्मदा सिंचाई योजना से छूटे गांवों को जोड़ने और कन्नौद तहसील में नेशनल हाईवे निर्माण के दौरान किसानों की अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई गई है।2
- मध्य प्रदेश के नांदनी गांव में एक 10 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में सीआईडी की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। इस बेहद संवेदनशील मामले में जांच टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। जांच के दौरान मौके की वीडियोग्राफी कराने के साथ-साथ कई नए साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। नए साक्ष्य सामने आने के बाद अब इस मामले में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। मामले को लेकर एआईजी धनंजय शाह ने बताया कि हर पहलू की वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है। फिलहाल, पूरे क्षेत्र की नजर सीआईडी की इस हाई-प्रोफाइल जांच पर टिकी हुई है।1