माली मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 14 जून 2025 (रविवार) को बरही/हजारीबाग स्थित लेफ्ट फ्रंट होटल में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता, समाज के उत्थान और संगठन के विस्तार पर विस्तृत चर्चा करना था। बैठक के दौरान, संगठन की कोर कमेटी का विस्तार किया गया और विभिन्न पदों पर नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। उपस्थित सदस्यों ने समाज के अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, आने वाले दिनों में समाज के हित में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाने पर भी सर्वसम्मति बनी। इस अवसर पर, सर्वसम्मति से रविंद्र प्रताप सैनी (टाटा, जमशेदपुर), प्रमोद भगत (टाटा) और उदय मालाकार (रामगढ़) को संगठन का संरक्षक मनोनीत किया गया। इसके अतिरिक्त, संगठन की राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय इकाइयों में कई अन्य नियुक्तियां भी की गईं। इनमें बसंत मालाकार (बरही) और शशि मालाकार को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, कामाख्या भगत, सुरेंद्र मालाकार (पलामू) और राजेंद्र मालाकार (पलामू) को राष्ट्रीय संगठन सचिव बनाया गया। जितेंद्र मालाकार (बरही) को संगठन मंत्री, पिंटू मालाकार (रामगढ़) को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, तथा विकास मालाकार उर्फ विक्की और विनोद मालाकार (हजारीबाग-झलको) को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पदभार सौंपा गया। दीपक मालाकार (बरकट्ठा) को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, मनु भगत (कोडरमा) और मंटू मालाकार (गढ़वा) को राष्ट्रीय सदस्य तथा वीरेंद्र जी (गुमला) को राष्ट्रीय सदस्य मनोनीत किया गया। रवि मालाकार (हजारीबाग) को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा। अंत में, संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि माली मालाकार समाज की एकता के लिए प्रभावी कार्य किया जाएगा, जिससे समाज के लोगों के अधिकारों और विकास के लिए कार्य हो सके।
माली मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 14 जून 2025 (रविवार) को बरही/हजारीबाग स्थित लेफ्ट फ्रंट होटल में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता, समाज के उत्थान और संगठन के विस्तार पर विस्तृत चर्चा करना था। बैठक के दौरान, संगठन की कोर कमेटी का विस्तार किया गया और विभिन्न पदों पर नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। उपस्थित सदस्यों ने समाज के अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, आने वाले दिनों में समाज के हित में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाने पर भी सर्वसम्मति बनी। इस अवसर पर, सर्वसम्मति से रविंद्र प्रताप सैनी (टाटा, जमशेदपुर), प्रमोद भगत (टाटा) और उदय मालाकार (रामगढ़) को संगठन का संरक्षक मनोनीत किया गया। इसके अतिरिक्त, संगठन की राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय इकाइयों में कई अन्य नियुक्तियां भी की गईं। इनमें बसंत मालाकार (बरही) और शशि मालाकार को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, कामाख्या भगत, सुरेंद्र मालाकार (पलामू) और राजेंद्र मालाकार (पलामू) को राष्ट्रीय संगठन सचिव बनाया गया। जितेंद्र मालाकार (बरही) को संगठन मंत्री, पिंटू मालाकार (रामगढ़) को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, तथा विकास मालाकार उर्फ विक्की और विनोद मालाकार (हजारीबाग-झलको) को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पदभार सौंपा गया। दीपक मालाकार (बरकट्ठा) को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, मनु भगत (कोडरमा) और मंटू मालाकार (गढ़वा) को राष्ट्रीय सदस्य तथा वीरेंद्र जी (गुमला) को राष्ट्रीय सदस्य मनोनीत किया गया। रवि मालाकार (हजारीबाग) को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा। अंत में, संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि माली मालाकार समाज की एकता के लिए प्रभावी कार्य किया जाएगा, जिससे समाज के लोगों के अधिकारों और विकास के लिए कार्य हो सके।
- माली मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 14 जून 2025 (रविवार) को बरही/हजारीबाग स्थित लेफ्ट फ्रंट होटल में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता, समाज के उत्थान और संगठन के विस्तार पर विस्तृत चर्चा करना था। बैठक के दौरान, संगठन की कोर कमेटी का विस्तार किया गया और विभिन्न पदों पर नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। उपस्थित सदस्यों ने समाज के अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, आने वाले दिनों में समाज के हित में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाने पर भी सर्वसम्मति बनी। इस अवसर पर, सर्वसम्मति से रविंद्र प्रताप सैनी (टाटा, जमशेदपुर), प्रमोद भगत (टाटा) और उदय मालाकार (रामगढ़) को संगठन का संरक्षक मनोनीत किया गया। इसके अतिरिक्त, संगठन की राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय इकाइयों में कई अन्य नियुक्तियां भी की गईं। इनमें बसंत मालाकार (बरही) और शशि मालाकार को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, कामाख्या भगत, सुरेंद्र मालाकार (पलामू) और राजेंद्र मालाकार (पलामू) को राष्ट्रीय संगठन सचिव बनाया गया। जितेंद्र मालाकार (बरही) को संगठन मंत्री, पिंटू मालाकार (रामगढ़) को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, तथा विकास मालाकार उर्फ विक्की और विनोद मालाकार (हजारीबाग-झलको) को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पदभार सौंपा गया। दीपक मालाकार (बरकट्ठा) को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, मनु भगत (कोडरमा) और मंटू मालाकार (गढ़वा) को राष्ट्रीय सदस्य तथा वीरेंद्र जी (गुमला) को राष्ट्रीय सदस्य मनोनीत किया गया। रवि मालाकार (हजारीबाग) को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा। अंत में, संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि माली मालाकार समाज की एकता के लिए प्रभावी कार्य किया जाएगा, जिससे समाज के लोगों के अधिकारों और विकास के लिए कार्य हो सके।1
- चिनिया प्रखंड मुख्यालय स्थित आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रावास में रह रहे सैकड़ों छात्रों को शौचालय व्यवस्था ठप होने के कारण खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हेमंत कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति ने एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर आसपास के ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्रावास के छात्र रोजाना सुबह विद्यालय परिसर से सटे झाड़ियों और खाली स्थानों में शौच के लिए जाते हैं। इससे पूरे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार विरोध भी दर्ज कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। सोमवार सुबह कुछ छात्रों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि छात्रावास में शौचालय तो बने हैं, पर उनके सेप्टिक टैंक भर चुके हैं, जिसकी वजह से वे अनुपयोगी हो गए हैं और उन्हें मजबूरी में खुले में शौच जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन और संबंधित विभाग से तुरंत हस्तक्षेप कर शौचालय व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि उन्हें खुले में शौच न करना पड़े और आसपास के निवासियों की परेशानी भी खत्म हो सके।1
- बिहार के गया में विकास माली का कार्यालय इन दिनों लोगों के बीच काफी चर्चा में है। इस कार्यालय की भव्य सजावट, शानदार व्यवस्था और अनोखा अंदाज लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। कार्यालय पहुँचने वाले लोग इसके 'अलग ही भौकाल' और प्रभावशाली माहौल को देखकर हैरान रह जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस कार्यालय की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे इसकी खासियत और भी लोगों तक पहुँच रही है।1
- झारखंड के पलामू जिले में अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास के लिए संचालित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यह योजना 'छलावा' साबित हो रही है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए जाने के बावजूद चयनित गांवों तक अपेक्षित राशि नहीं पहुँच रही है, जिससे योजना की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वर्ष 2018 से 2026 तक की अवधि के लिए पलामू जिले में इस योजना के तहत कुल 285 गांवों का चयन किया गया है। प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक गांव पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन अब तक केवल 137 गांवों को 60-60 हजार रुपये और 9 गांवों को 30-30 हजार रुपये ही मिल पाए हैं। करीब आठ वर्षों में कुल मिलाकर केवल 84.90 लाख रुपये का ही आवंटन हो पाया है। सतबरवा प्रखंड के ठेमी, हुड़मुड़, सलइया और चपरना जैसे गांवों को सीमित राशि मिली है, जबकि जोड़ा, नौरंगा, तुम्बागड़ा और पोची जैसे कई गांवों को तो अब तक कोई राशि मिली ही नहीं है, जिस पर ग्रामीणों ने फंड आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। रबदा पंचायत के सलइया गांव स्थित परहिया टोला में आज भी सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जहाँ ग्रामीण नदी और चुआड़ी के पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। वार्ड सदस्य बबलू परहिया ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बीमार सुगनी देवी को समुचित इलाज नहीं मिल पाया और बाद में उनकी मौत हो गई। इस मामले पर प्रभारी बीडीओ प्रदीप दास ने दो दिन पूर्व जानकारी लेकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही थी, लेकिन कोई आलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं समाजसेवी अरबिंद सिंह ने इस योजना को विफल करार देते हुए कहा है कि कई टोले आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और आदर्श ग्राम का दर्जा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इरफान अंसारी, हेमंत सोरेन और डीसी पलामू साहब को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट करने के बाद भी परहिया जाति के दर्द को नहीं सुना गया। उनका यह भी मानना है कि यदि नेता और पदाधिकारी चाहते तो इस जांच को बचाया जा सकता था।4
- NEET की परीक्षा के मद्देनजर उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने परीक्षा केंद्र का जायजा लिया।1
- झारखंड के गढ़वा जिले में एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया, जिससे उसकी जान बच गई।1
- लातेहार जिले के तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत सचिवालयों में 'सरना कला जत्था डुमारो' द्वारा नशे के खिलाफ एक प्रभावी नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आदेश पर हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अफीम व गांजे की अवैध खेती की रोकथाम के साथ-साथ मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना था। टीम लीडर कपिल देव सिंह के नेतृत्व में 'सरना कला जत्था डुमारो' के कलाकारों ने अपनी जीवंत प्रस्तुति से यह संदेश दिया कि नशा केवल एक परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को खोखला कर देता है। नाटक के माध्यम से ग्रामीणों से अफीम और गांजे जैसी अवैध खेती से दूर रहने, इनके सेवन से बचने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग करने की भावुक अपील की गई। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में विद्यानंद सिंह खरवार, अशोक खरवार, सुनील, सरिता देवी, सीता कुमारी, सुनीता कुमारी और शालिनी कुमारी जैसे कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से लोगों का दिल जीता। यह पहल तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत भवन के समीप जागरूकता का केंद्र बनी, जहाँ लोगों को "नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हाँ!" के नारे के साथ एक कुशल समाज के लिए प्रेरित किया गया।2
- आज दिनांक 15 जून 2026 (सोमवार) को रंका के बान्दू-चुतरू स्थित संकुल संसाधन केंद्र, उत्क्रमित उर्दू प्लस टू उच्च विद्यालय में संकुल स्तरीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संकुल साधन सेवी श्री देवेंद्र नाथ उपाध्याय ने की, और इसमें स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के निर्देशानुसार संकुल के सभी शारीरिक शिक्षा शिक्षक, नोडल शिक्षक, अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा शिक्षाकर्मी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए शिक्षकों को योग संबंधी आवश्यक जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास कराया गया, साथ ही योग के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि योग केवल व्यायाम न होकर स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की एक समग्र जीवनशैली है। अध्यक्ष श्री देवेंद्र नाथ उपाध्याय ने अपने संबोधन में योग को तनावमुक्त, स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने सभी शिक्षकों से विद्यालयों में विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करने तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर संकुल के व्यवस्थापक श्री अनिल कुमार पासवान, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री नईमुद्दीन अंसारी, शिक्षक परवेज आलम खान, शमशाद आलम, अशरफ आलम, हारून रशीद, नूरुद्दीन अंसारी, श्री रामदयाल सिंह सहित संकुल के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास करने, विद्यार्थियों एवं समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने तथा आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को भव्य एवं सफल बनाने का संकल्प लिया, इस संदेश के साथ कि "योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं" और "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग"।1