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क्षेत्र के ग्राम-सेखुई निवासी कैश मोहम्मद जी के माता जी के इंतकाल की खबर मिलने पर मिट्टी मे सम्मिलित हुआ। क्षेत्र के ग्राम-सेखुई निवासी कैश मोहम्मद जी के माता जी के इंतकाल की खबर मिलने पर मिट्टी मे सम्मिलित हुआ।
Kuldeep Maurya "Jivan"
क्षेत्र के ग्राम-सेखुई निवासी कैश मोहम्मद जी के माता जी के इंतकाल की खबर मिलने पर मिट्टी मे सम्मिलित हुआ। क्षेत्र के ग्राम-सेखुई निवासी कैश मोहम्मद जी के माता जी के इंतकाल की खबर मिलने पर मिट्टी मे सम्मिलित हुआ।
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- बस्ती मंडल ब्यूरो रिपोर्ट: भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा बस्ती: खाकी के हक पर 'खादी' का डाका; पुलिस चौकी की जमीन डकार गए रसूखदार! लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की जुगलबंदी ने सरकारी बंजर को बनाया निजी जागीर, भाकियू ने खोला मोर्चा बस्ती। जनपद में भ्रष्टाचार का एक ऐसा नंगा नाच सामने आया है, जहाँ कानून के रखवालों के लिए प्रस्तावित जमीन को ही भू-माफियाओं ने निगल लिया। तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की मिलीभगत से सरकारी बंजर भूमि, जो पुलिस चौकी के लिए आरक्षित थी, उस पर प्रधान पति और उनके सिपहसालारों ने अवैध तरीके से महल खड़ा कर दिया है। मामला उजागर होते ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। फर्जीवाड़े का 'मास्टरप्लान': मुर्दे के नाम पर खेल हैरतअंगेज बात यह है कि इस करोड़ों की जमीन को ठिकाने लगाने के लिए बकायदा 'कूटरचित' जाल बुना गया। आरोप है कि तत्कालीन लेखपाल और पूर्व राजस्व निरीक्षक के संरक्षण में जुगुरता देवी नामक महिला के नाम पर फर्जी तरीके से पट्टा करा दिया गया। गौरतलब है कि जुगुरता देवी के पास पहले से ही लाखों की संपत्ति और मकान मौजूद था, फिर भी नियमों को ताक पर रखकर यह खेल खेला गया। हद तो तब हो गई जब जुगुरता देवी की मृत्यु के बाद वर्तमान प्रधान पूजा देवी के पति इंद्र कुमार चौधरी और उनके सहयोगी दुर्गा प्रसाद अग्रहरि ने उस जमीन पर कब्जा कर लिया और आनन-फानन में मकान खड़ा कर उसे किराए पर चढ़ाकर अपनी तिजोरियां भरनी शुरू कर दीं। करोड़ों का वारा-न्यारा, रक्षक ही बने भक्षक भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष उमेष गोस्वामी ने इस पूरे प्रकरण पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सीधे तौर पर लेखपाल और पूर्व राजस्व निरीक्षक को इस 'जमीन घोटाले' का मुख्य सूत्रधार बताया है। गोस्वामी का आरोप है कि सरकारी तंत्र के इन पुर्जों ने चंद पैसों की खातिर सरकार की ही जमीन का सौदा कर दिया। जिस जमीन पर पुलिस चौकी बननी थी, आज वहाँ भू-माफियाओं का अवैध साम्राज्य खड़ा है। भाकियू की चेतावनी: 'चलेगा बुलडोजर, तभी मिलेगा न्याय' भाकियू नेता उमेश गोस्वामी ने दो टूक शब्दों में शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की है कि इस अवैध निर्माण को तत्काल बुलडोजर से ध्वस्त कर जमीन को वापस सरकारी कब्जे में लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भ्रष्ट अधिकारियों और कब्जाधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ब्यूरो रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश1
- अम्बेडकरनगर: हंसवर-बसखारी मार्ग पर मौजूद मकोईंयां विद्युत उपकेंद्र पर मंगलवार दोपहर बाद आग लगी.. #villagetaktak #akbarpurambedkarnagar #ambedkarnagarnews #baskhari #akbarpurloksabha #highlight #hanswar #jahagirganj #AAG #shortsvideos #trendingreel1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 कोतवाली खलीलाबाद के टेमा चौराहे के पास बोलेरो में लगी भीषण आग, एक युवक गंभीर रूप से झुलसा टेमा चौराहे के पास उस समय हड़कंप मच गया जब एक डीसीएम से टक्कर के बाद चलती बोलेरो गाड़ी में अचानक भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गाड़ी में सवार सभी लोग खलीलाबाद से बस्ती एक शादी समारोह से वापस आ रहे थे । सूत्र के अनुसार सभी बुलेरो सवार खलीलाबाद के बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह घायलों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से बस्ती सदर अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि घायलों में एक युवक मनोज की हालत बेहद गंभीर है। वह आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया, उसके शरीर का आधा हिस्सा आग से प्रभावित हुआ है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की जताई जा रही है।2
- संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने पुलिस लाइन स्थित जीर्णोद्धारित पुलिस कैंटीन का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कैंटीन का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं वस्तुओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। उद्घाटन के बाद पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। ड्यूटी की व्यस्तता के बीच कर्मियों को आवश्यक सुविधाएं सहजता से उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह कैंटीन पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने बताया कि कैंटीन का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों एवं उनके परिजनों को रियायती दरों पर उच्च गुणवत्ता की दैनिक उपयोग की वस्तुएं एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। जीर्णोद्धार के बाद कैंटीन को आधुनिक रूप दिया गया है। इसमें सामानों के बेहतर रख-रखाव के लिए रैक, बैठने की समुचित व्यवस्था तथा डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैंटीन में उपलब्ध वस्तुओं की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि कर्मियों को बेहतर सेवाएं मिल सकें। #SantKabirNagar #PoliceNews #UPPolice #SandeepKumarMeena #PoliceCanteen #Inauguration #PublicService #PoliceWelfare #DigitalIndia #GoodGovernance #NewsUpdate #hindinewsupdate #liveuponenews2
- *थाना मेंहदावल अन्तर्गत सोनवरसा रोडवेज बस स्टैंड के पास दो पक्षों के मध्य मारपीट की घटना घटित होने व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी मेंहदावल द्वारा दी गयी जानकारी1
- तीन दिवसीय प्रशिक्षण से निखरी कार्यकर्ताओं की समझ और नेतृत्व क्षमता अम्बेडकरनगर-जन शिक्षण केंद्र द्वारा संचालित “ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम” के अंतर्गत जलालपुर ब्लॉक में कार्यकर्ताओं के लिए तीन दिवसीय “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर (ToT)” प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक मुद्दों की गहराई से समझ विकसित करना और संगठन को मजबूत बनाना रहा। प्रशिक्षण का शुभारंभ प्रशिक्षक राजदेव चतुर्वेदी द्वारा प्रार्थना एवं परिचय सत्र से किया गया। प्रारंभिक सत्र में समानुभूति और सहानुभूति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि संस्था समानुभूति के आधार पर समाज में कार्य करती है। इसके बाद सामाजिक विश्लेषण के लिए “समस्या वृक्ष” और “ऐसा क्यों” गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों को समस्याओं की जड़ों तक पहुंचकर समाधान खोजने की विधि सिखाई गई। प्रतिभागियों को समूहों में बांटकर समुदाय की प्रमुख समस्याओं की पहचान कराई गई और यह समझाया गया कि सभी समस्याओं को एक साथ हल करने के बजाय प्राथमिकता तय कर चरणबद्ध तरीके से समाधान करना चाहिए। प्रशिक्षण में ROSA मॉडल के तहत संगठन निर्माण, सशक्तिकरण और एक्शन प्लान पर भी चर्चा हुई। “ताना-बाना” खेल के जरिए संगठन में एकता और आपसी सहयोग के महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही नेतृत्व के गुण-दोषों और संगठन की मजबूती पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। “नेता-नेता चाल बदल” गतिविधि के माध्यम से रणनीति और नेतृत्व की सुरक्षा का महत्व समझाया गया, वहीं कठपुतली खेल और जनसुनवाई वीडियो के जरिए जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर चर्चा की गई। अंत में प्रतिभागियों से उनके व्यक्तिगत सपनों (विजन) को कार्यक्रम और संस्था से जोड़ने पर संवाद किया गया। प्रशिक्षक ने विजन के महत्व और उसके विकास की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। इस अवसर पर उर्मिला, चांदतारा, निशा, विद्या, पुनीता, बृजेश, हरिराम, रामसागर, हेमलता, शर्मिला , सिद्धार्थ सिंह लेखाकार, आशुतोष पाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन *छोटी छोटी बातों पर विचार होना चाहिए आदमी को आदमी से प्यार होना* चाहिए गाने के साथ किया गया । प्रशिक्षण कार्यक्रम ने कार्यकर्ताओं में सामाजिक समझ, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक कौशल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- Post by 24News उत्तर प्रदेश1
- अजीत मिश्रा (खोजी) साहब की चाय पर सक्रिय, पर 'जहरीले' पनीर पर मौन: क्या फूड विभाग का ईमान बिक चुका है? ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश) "रामा स्वीट हाउस की दबंगई: 'जो उखाड़ना है उखाड़ लो', आखिर किसका संरक्षण है मिलावटखोरों को?" "साहब की गाड़ी आती है, हिस्सा लेती है और निकल जाती है... बस्ती में फूड विभाग बना 'वसूली विभाग'!" "नकली पनीर की मंडी बना चिलमा बाजार: मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद क्या जागेगा कुंभकर्णी प्रशासन?" "बस्ती: अखिलेश यादव को चाय पिलाने वाले की जांच, लेकिन नकली सामान बेचने वालों को खुली छूट क्यों?" "रामा स्वीट हाउस की तीन दुकानों पर मिलावट का खेल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप।" बस्ती। उत्तर प्रदेश का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर कम और अपनी 'खास' सक्रियता को लेकर ज्यादा चर्चा में है। ताज़ा मामला विभाग के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। एक तरफ विभाग उस शख्स की जांच करने में पूरी ताकत झोंक देता है जिसने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चाय पिलाई थी, वहीं दूसरी तरफ बस्ती जिले के चिलमा बाजार में खुलेआम बिक रहा 'सफेद जहर' यानी नकली पनीर विभाग को दिखाई नहीं दे रहा। दुबौलिया: 'कमीशन' के खेल में दांव पर जनता की जान दुबौलिया थाना क्षेत्र के चिलमा बाजार से लगातार नकली पनीर और मिलावटी सामान की बिक्री की खबरें आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फूड विभाग की गाड़ी जब इलाके में आती है, तो हड़कंप मचने के बजाय एक 'सेट खेल' शुरू होता है। गाड़ी देखते ही दुकानें कुछ देर के लिए बंद होती हैं, कथित तौर पर 'हिस्सा' पहुँचता है और फिर गाड़ी रफूचक्कर हो जाती है। इसके बाद मिलावट का काला कारोबार फिर से सरपट दौड़ने लगता है। "फूड विभाग को मिलता रहे अपना हिस्सा, भाड़ में जाए जनता" — यह जुमला आज चिलमा बाजार के हर आम आदमी की जुबान पर है। रामा स्वीट हाउस: बेखौफ मिलावटखोरी और गुंडागर्दी चिलमा बाजार स्थित रामा स्वीट हाउस और इसकी संचालित तीनों शाखाएं इस समय शिकायतों के केंद्र में हैं। दबंगई का आलम: एक माह पहले जब एक जागरूक ग्राहक ने खराब सामान की शिकायत की, तो दुकानदार ने सुधार करने के बजाय धमकी दी— "जाओ जांच करा लो, जो उखाड़ना हो उखाड़ लेना।" * सोशल मीडिया पर वायरल: कल फिर एक ग्राहक को नकली पनीर थमा दिया गया। पीड़ित ने जब इसका विरोध किया और वीडियो सोशल मीडिया पर डाला, तो वह वायरल हो गया। दुकानदार की इस बेखौफी से साफ है कि उसे विभाग के 'आशीर्वाद' पर पूरा भरोसा है। पोर्टल पर पहुंची शिकायत, क्या जागेगा प्रशासन? थक-हारकर पीड़ित ग्राहक ने अब मुख्यमंत्री पोर्टल पर नकली पनीर और मिलावटी सामान की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अब सवाल यह उठता है कि: क्या विभाग केवल राजनीतिक रसूख वाले मामलों में ही अपनी फुर्ती दिखाएगा? क्या चिलमा बाजार के बच्चों और आम जनता की जान की कीमत विभाग के 'हिस्से' से कम है? क्या रामा स्वीट हाउस जैसे संस्थानों पर नकेल कसी जाएगी या फिर 'हिस्सा' बढ़ाकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा? निष्कर्ष: जनता अब तमाशा देख रही है। अगर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी चिलमा बाजार में नकली पनीर की बिक्री बंद नहीं हुई और रामा स्वीट हाउस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि बस्ती का फूड विभाग मिलावटखोरों का संरक्षक बन चुका है।1