कन्नौज के थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम घमाइचमऊ में 9 जुलाई 2026 को गोवध की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने पर पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें गोवंश के अवशेष के रूप में रक्त, सींग, खाल और एक लोहे की जंजीर मिली। पशु चिकित्साधिकारी द्वारा अवशेषों का परीक्षण करने पर प्रथम दृष्टया उन्हें गोवंश का बताया गया, जिसके बाद नियमानुसार उनका निस्तारण कर दिया गया। घटना की सूचना एक स्थानीय व्यक्ति ने दी, जिनकी गाय एक दिन पहले से गायब थी। तलाश के दौरान उन्होंने बड़ंका और मन्ना पुत्रगण आजाद खां सहित चार अन्य व्यक्तियों को घटनास्थल पर देखा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इरशाद उर्फ सुल्ताना पुत्र उस्मान गनी को घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर खेत से गिरफ्तार किया, जिसके पास से घटना में प्रयुक्त आला कत्ल भी बरामद हुआ। इरशाद की पूछताछ के आधार पर मन्ना, बड़ंका, मुस्तबील, रिजवान और सादिक उर्फ शाहिद के नाम सामने आए। बीट आरक्षी मोनू कुमार की तहरीर पर थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 392/2026, धारा 3/5/8 गोवध अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश के दौरान जलालपुर पनवार की तरफ जा रहे दो आरोपियों की घेराबंदी की गई। इस दौरान सादिक उर्फ शाहिद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की आत्मरक्षार्थ फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी है। घायल सादिक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि दूसरा आरोपी बड़ंका मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश जारी है।
कन्नौज के थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम घमाइचमऊ में 9 जुलाई 2026 को गोवध की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने पर पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें गोवंश के अवशेष के रूप में रक्त, सींग, खाल और एक लोहे की जंजीर मिली। पशु चिकित्साधिकारी द्वारा अवशेषों का परीक्षण करने पर प्रथम दृष्टया उन्हें गोवंश का बताया गया, जिसके बाद नियमानुसार उनका निस्तारण कर दिया गया। घटना की सूचना एक स्थानीय व्यक्ति ने दी, जिनकी गाय एक दिन पहले से गायब थी। तलाश के दौरान उन्होंने बड़ंका और मन्ना पुत्रगण आजाद खां सहित चार अन्य व्यक्तियों को घटनास्थल पर देखा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इरशाद उर्फ सुल्ताना पुत्र उस्मान गनी को घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर खेत से गिरफ्तार किया, जिसके पास से घटना में प्रयुक्त आला कत्ल भी बरामद हुआ। इरशाद की पूछताछ के आधार पर मन्ना, बड़ंका, मुस्तबील, रिजवान और सादिक उर्फ शाहिद के नाम सामने आए। बीट आरक्षी मोनू कुमार की तहरीर पर थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 392/2026, धारा 3/5/8 गोवध अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश के दौरान जलालपुर पनवार की तरफ जा रहे दो आरोपियों की घेराबंदी की गई। इस दौरान सादिक उर्फ शाहिद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की आत्मरक्षार्थ फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी है। घायल सादिक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि दूसरा आरोपी बड़ंका मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश जारी है।
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ स्थित विशुनगढ़ ग्राम पंचायत में नालियों की अत्यंत दयनीय स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र में नालियां पूरी तरह से गंदगी और बदबू से भरी पड़ी हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये जगहें अब फुटपाथ या पार्क जैसी नहीं बची हैं, बल्कि पूरी तरह उपेक्षा का शिकार हो गई हैं।1
- कन्नौज के थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम घमाइचमऊ में 9 जुलाई 2026 को गोवध की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने पर पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें गोवंश के अवशेष के रूप में रक्त, सींग, खाल और एक लोहे की जंजीर मिली। पशु चिकित्साधिकारी द्वारा अवशेषों का परीक्षण करने पर प्रथम दृष्टया उन्हें गोवंश का बताया गया, जिसके बाद नियमानुसार उनका निस्तारण कर दिया गया। घटना की सूचना एक स्थानीय व्यक्ति ने दी, जिनकी गाय एक दिन पहले से गायब थी। तलाश के दौरान उन्होंने बड़ंका और मन्ना पुत्रगण आजाद खां सहित चार अन्य व्यक्तियों को घटनास्थल पर देखा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इरशाद उर्फ सुल्ताना पुत्र उस्मान गनी को घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर खेत से गिरफ्तार किया, जिसके पास से घटना में प्रयुक्त आला कत्ल भी बरामद हुआ। इरशाद की पूछताछ के आधार पर मन्ना, बड़ंका, मुस्तबील, रिजवान और सादिक उर्फ शाहिद के नाम सामने आए। बीट आरक्षी मोनू कुमार की तहरीर पर थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 392/2026, धारा 3/5/8 गोवध अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश के दौरान जलालपुर पनवार की तरफ जा रहे दो आरोपियों की घेराबंदी की गई। इस दौरान सादिक उर्फ शाहिद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की आत्मरक्षार्थ फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी है। घायल सादिक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि दूसरा आरोपी बड़ंका मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश जारी है।1
- लखनऊ डायसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (LDTA) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जानसन टी. जॉन के साथ कानपुर कोर्ट परिसर में एक अप्रिय घटना होने से टल गई। जानसन टी. जॉन ने आरोप लगाया है कि डी.के. सिंह, अखिलेश सिंह, सरफराज मसीह और पॉल जिनिया ने अपने 8-10 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उन्हें घेरने का प्रयास किया। यह घटना तब हुई जब पुलिस उन्हें अभिरक्षा में कोर्ट ले जा रही थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन की मौजूदगी और सुरक्षा के चलते हमलावरों की योजना विफल रही। जानसन टी. जॉन ने उक्त आरोपियों पर एलडीटीए की माल रोड और चुन्नीगंज स्थित संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार झूठे मुकदमों में फंसाकर, धमकाकर और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि वे जमीन हड़प सकें। इसी कड़ी में 7 जून को एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह से शिकायत करने के दौरान, न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के चलते उन्हें एक दिन के लिए जेल भी जाना पड़ा। जानसन का मानना है कि यह सब उन्हें दबाने का हिस्सा है। इस मामले में उनके अधिवक्ता अमर विहारी सेठ ने बताया कि वर्ष 2018 में थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 108/2018 दर्ज कराया गया था, जो पूरी तरह से एलडीटीए की जमीन कब्जाने की मंशा से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उन्हें सुनियोजित षड्यंत्र के तहत कानूनी मामलों में उलझाया जा रहा है। वर्तमान में ये सभी मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। जानसन टी. जॉन ने पुलिस की सुरक्षा की सराहना की है, लेकिन उन्हें भविष्य में भी विरोधी पक्ष द्वारा पुनः किसी झूठे मामले में फंसाकर नुकसान पहुंचाने की आशंका बनी हुई है।1
- फर्रुखाबाद के शुक्ररुल्लापुर में दिल्ली-फर्रुखाबाद मार्ग पर बना एक रेलवे ओवरब्रिज अपने निर्माण के मात्र दो साल के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गया है। यह ओवरब्रिज पहली बारिश का सामना भी नहीं कर पाया, जिससे इसका एक जॉइंट धंस गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। करीब दो वर्ष पूर्व ₹27.49 करोड़ की लागत से सेतु निगम द्वारा निर्मित इस आरओबी में शुरुआत से ही खामियां बताई जा रही थीं, जिसके चलते पिछले दो वर्षों में इसकी लगभग तीन से चार बार मरम्मत हो चुकी है। इसकी गुणवत्ता को इतना खराब माना गया कि पीडब्ल्यूडी ने भी इसका हैंडओवर लेने से इनकार कर दिया था। वर्षा के दौरान ट्रैक के ऊपर बना ओवरब्रिज करीब चार इंच नीचे धंस गया है, और जॉइंट गैप में डाला जाने वाला एंगल भी क्षतिग्रस्त बताया जा रहा है। इस घटना के बाद, क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज के कारण संबंधित मार्ग पर यातायात का डायवर्जन कर दिया गया है।4
- फर्रुखाबाद के मदारवाड़ी मोहल्ले में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते भीषण जलभराव हो गया है, जिसने सड़कों को गहरे पानी के 'वॉटर पार्क' या 'गोवा जैसे बीच' में बदल दिया है, जिससे पूरे शहर को 'शर्मिंदा' होना पड़ रहा है। पानी की गहराई कई जगहों पर घुटनों से ऊपर तक पहुँच गई है, जिसके कारण लोग अपनी बाइक और स्कूटर पर 'सर्फिंग' करने को मजबूर हैं। घरों और दुकानों के अंदर पानी घुस गया है, जिससे व्यापारियों का माल डूब रहा है, लेकिन नगर पालिका अभी भी 'संज्ञान' की 'गहरी नींद' में है। स्थिति इतनी विकट है कि लोग अपनी बाइक को 'जेट स्की' की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ऑटो, बाइक और स्कूटर एक-दूसरे से होड़ करते हुए पानी में लहरें पैदा कर रहे हैं, और बच्चे-बूढ़े भी 'मजबूरी में' इस 'जल-क्रीड़ा' का 'आनंद' ले रहे हैं। एक स्थानीय युवक राहुल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि नगर पालिका ने उन्हें 'फ्री वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग' दे दी है और बच्चों को अब घर के बाहर ही स्विमिंग क्लास मिल रही है। दुकानदारों की हालत भी 'बेहाल' है, वे अब 'एक्वा-शॉपिंग' के लिए मजबूर हैं। एक दुकानदार ने तो 'मछली बेचने' की बात कही और ग्राहकों के ऑनलाइन डिलीवरी मांगने का जिक्र किया, क्योंकि वे 'तैरकर' नहीं आ पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब नगर पालिका के 'कागजी विकास' का परिणाम है। हर साल नाला सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, नाले की जगह पानी घरों में घुस रहा है। सड़कों का ढलान उल्टा है, अवैध निर्माण नाले का रास्ता रोक रहे हैं, और सफाई कर्मचारी सिर्फ कागजों पर ही 'गोताखोरी' कर रहे हैं। जब अधिकारियों से इस 'जल-महोत्सव' के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह वही 'क्लासिक डायलॉग' दोहराया कि 'मामला संज्ञान में है, टीम भेज दी गई है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी'। जनता अब व्यंग्यात्मक रूप से पूछ रही है कि 'संज्ञान कब जागेगा', या यह भी 'मानसून के साथ ही सो जाएगा'? मदारवाड़ी के निवासियों ने नगर पालिका से 'मजेदार अपील' करते हुए मांग की है कि या तो असली नावें, या पंपिंग मशीनें उपलब्ध कराई जाएं, या कम से कम टैक्स माफ कर दिया जाए क्योंकि वे 'वॉटर पार्क का किराया' दे रहे हैं। उन्होंने विनम्र निवेदन किया है कि विकास की इस 'गंगा' को पूरे फर्रुखाबाद में फैला दिया जाए, ताकि पूरा शहर बिना टिकट के 'बीच रिसॉर्ट' का मजा ले सके। अंत में, उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि 'अगला तोहफा क्या होगा — सबमर्सिबल पंप या पर्सनल नाव?', और 'फ्री वॉटर पार्क' व 'कुंभकर्णी नगर पालिका' की 'जय हो' के नारे लगाए।1
- फर्रुखाबाद की सातनपुर मंडी स्थित सरकारी मक्का खरीद केंद्र पर किसानों ने खरीद व्यवस्था में गंभीर अव्यवस्थाओं और सूचना के अभाव की शिकायत की है। किसानों का आरोप है कि विपणन निरीक्षक संतोष कुमार यादव द्वारा सरकारी खरीद से जुड़ी सही जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती है। उनका यह भी कहना है कि कई बार फोन करने के बावजूद विपणन निरीक्षक द्वारा फोन रिसीव नहीं किया जाता, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों के अनुसार, खरीद केंद्र पर मौजूद विपणन सहायक सत्यवीर भी किसी प्रकार की स्पष्ट जानकारी देने के बजाय यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि 'इंस्पेक्टर साहब ही बताएंगे।' इस कारण किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहकर इंतजार करना पड़ता है और उन्हें खरीद प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं मिल पाती। इसके अलावा, किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि खरीद केंद्रों पर दलालों का दबदबा देखने को मिलता है, जिसके चलते वास्तविक किसानों को और भी अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर किसानों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने, खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। किसानों ने विशेष रूप से सरकारी क्रय केंद्र सातनपुर मंडी पर व्यापारियों द्वारा की जा रही खरीद पर चिंता व्यक्त की है।1
- कन्नौज जनपद के छिबरामऊ थाना पुलिस ने चोरी की एक घटना का सफल अनावरण करते हुए एक महिला अभियुक्ता को चोरी के माल और नकदी सहित गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार द्वारा अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कन्नौज अजय कुमार के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी छिबरामऊ सुरेश कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे के नेतृत्व में की गई। दरअसल, दिनांक 07.07.2026 को श्रीमती वंदना तिवारी ने छिबरामऊ थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें बताया गया था कि एक अज्ञात महिला ने उनके पर्स में रखे आभूषण और नगदी चोरी कर ली थी। इस संबंध में थाना छिबरामऊ पर मु0अ0सं0 289/2026 धारा 303(2) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया था। प्रकरण के सफल अनावरण हेतु पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। विवेचनात्मक कार्यवाही के क्रम में, दिनांक 08.07.2026 को मुखबिर की सूचना पर जीटी रोड स्थित जनता कोल्ड स्टोर के पास से अभियुक्ता भूरी उर्फ लक्ष्मी पत्नी संतोष, निवासी ग्राम हिरोंदी, थाना मलावन, जनपद एटा, जिसकी उम्र करीब 40 वर्ष है, को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्ता के कब्जे से एक पीले रंग का पर्स, ₹3,000 नगद, 12 सफेद धातु की बिछिया, दो पीली धातु की अंगूठियां, एक जोड़ी सफेद धातु की पायल और एक जोड़ी इस्तेमाली सफेद धातु की पायल बरामद की गईं। बरामदगी के आधार पर अभियोग में धारा 317(2) बीएनएस की वृद्धि की गई है। गिरफ्तार अभियुक्ता को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे, उपनिरीक्षक आशु कुमार, आरक्षी सौरभ कुमार और महिला आरक्षी प्रियंका पाल शामिल थे। अभियुक्ता का आपराधिक इतिहास भी है, जिसमें मु0अ0सं0 326/2016 धारा 392/411 भादवि, थाना बाह, जनपद आगरा और वर्तमान मु0अ0सं0 289/2026 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस, थाना छिबरामऊ, जनपद कन्नौज शामिल हैं।2
- फर्रुखाबाद शहर में मानसून की बारिश के बीच नगर पालिका प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है। शहर के व्यस्ततम साहेबगंज चौराहे पर सड़क के बीचों-बीच नाली के ऊपर लगा लोहे का जाल टूट गया। इस घटना में गनीमत रही कि एक ई-रिक्शा पलटते-पलटते बचा, क्योंकि चालक ने समय रहते संतुलन बना लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और चौराहे पर एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी रोष पैदा कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि बरसात के मौसम में फर्रुखाबाद नगर में जलभराव एक स्थायी और गंभीर समस्या बन चुका है। जलभराव के समय सड़कें और नाले एक समान हो जाते हैं, जिससे ये टूटे हुए जाल किसी भी दिन जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। लोगों को हैरानी है कि शहर के मुख्य चौराहों और मार्गों पर भी नगर पालिका द्वारा कोई उचित देखरेख या मरम्मत कार्य नहीं करवाया जा रहा है, और मानसून से पहले नालों की सफाई तथा जर्जर जालों को बदलने के जो दावे किए गए थे, वे धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं। स्थानीय निवासियों ने जिला और नगर पालिका प्रशासन से तत्काल प्रभाव से साहेबगंज चौराहे के टूटे जाल की मरम्मत करवाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में उचित व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो उसे किसी बड़े हादसे का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।2