बीएसएफ जवान राजेश कुमार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई। गया: मेन थाना क्षेत्र के धरहरा गांव निवासी बीएसएफ जवान राजेश कुमार को गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनका पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि राजेश कुमार जम्मू में बीएसएफ की 101 बटालियन में तैनात थे। करीब तीन माह पूर्व ड्यूटी के दौरान उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उनका इलाज चंडीगढ़ में चल रहा था। इलाज के दौरान मंगलवार को उनका निधन हो गया। गुरुवार को पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी और “भारत माता की जय” के नारों के साथ अंतिम यात्रा निकाली। अंतिम संस्कार गया के विष्णुपद श्मशान घाट पर किया गया, जहां बीएसएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। स्वर्गीय राजेश कुमार अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक पुत्र छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार सहित पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
बीएसएफ जवान राजेश कुमार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई। गया: मेन थाना क्षेत्र के धरहरा गांव निवासी बीएसएफ जवान राजेश कुमार को गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनका पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि राजेश कुमार जम्मू में बीएसएफ की 101 बटालियन में तैनात थे। करीब तीन माह पूर्व ड्यूटी के दौरान उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उनका इलाज चंडीगढ़ में चल रहा था। इलाज के दौरान मंगलवार को उनका निधन हो गया। गुरुवार को पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी और “भारत माता की जय” के नारों के साथ अंतिम यात्रा निकाली। अंतिम संस्कार गया के विष्णुपद श्मशान घाट पर किया गया, जहां बीएसएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। स्वर्गीय राजेश कुमार अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक पुत्र छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार सहित पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
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- गया: मेन थाना क्षेत्र के धरहरा गांव निवासी बीएसएफ जवान राजेश कुमार को गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनका पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि राजेश कुमार जम्मू में बीएसएफ की 101 बटालियन में तैनात थे। करीब तीन माह पूर्व ड्यूटी के दौरान उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उनका इलाज चंडीगढ़ में चल रहा था। इलाज के दौरान मंगलवार को उनका निधन हो गया। गुरुवार को पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी और “भारत माता की जय” के नारों के साथ अंतिम यात्रा निकाली। अंतिम संस्कार गया के विष्णुपद श्मशान घाट पर किया गया, जहां बीएसएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। स्वर्गीय राजेश कुमार अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक पुत्र छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार सहित पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है।1
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- रफीगंज (औरंगाबाद)। एक अज्ञात महिला, जिनकी मानसिक स्थिति सामान्य प्रतीत नहीं हो रही है, रास्ता भटककर पौथू पहुंच गई हैं। महिला अपना नाम और पता बताने में असमर्थ हैं, जिससे उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। स्थानीय लोगों की मदद से महिला को सुरक्षित रखा गया है और फिलहाल वे पौथू थाना में हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा उनके परिजनों की तलाश की जा रही है। पौथू मुखिया प्रतिनिधि राजीव कुमार रंजन उर्फ गोरा शर्मा ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई इस महिला को पहचानता हो या उनके बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी रखता हो, तो तुरंत पौथू थाना से संपर्क करें। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि महिला के परिजनों तक यह खबर जल्द से जल्द पहुंच सके और उन्हें उनके परिवार से मिलाया जा सके।1
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- पावर स्टार पवन सिंह1
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय–गया रेल खंड के अंतर्गत रफीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार को दो अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। इनमें एक मृतक की पहचान कर ली गई है, जबकि दूसरे की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पहली घटना देव हाल्ट रेलवे स्टेशन के समीप हुई, जहां ट्रेन से गिरने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान जमुई जिले के चंद्रदीप थाना क्षेत्र अंतर्गत पलसा गांव निवासी मुकेश मांझी के पुत्र सूरज मांझी के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलने पर रफीगंज पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद मृतक की पत्नी मनीता देवी एवं अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की। परिजनों के अनुसार, सूरज मांझी पिछले दो वर्षों से गुजरात के गांधीधाम स्थित एक फैक्ट्री में मजदूरी का काम करता था और घर लौटने के दौरान चलती ट्रेन से गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना गोरडीहा गुमटी के समीप हुई, जहां ट्रेन की चपेट में आने से लगभग 30 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई। काफी प्रयासों के बावजूद मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। इस संबंध में रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि अज्ञात शव को पोस्टमार्टम के बाद पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखा गया है, जबकि मृतक सूरज मांझी का शव पोस्टमार्टम के उपरांत परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1