सरमथुरा में सफाई व्यवस्था बदहाल, गंदगी के ढेर से लोग परेशान सरमथुरा में सफाई व्यवस्था बदहाल, गंदगी के ढेर से लोग परेशान नियमित सफाई नहीं होने से बिगड़े हालात, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल — जिम्मेदार अधिकारी कब लेंगे सुध? सरमथुरा | धौलपुर | राजस्थान, 9 अगस्त। सरमथुरा कस्बे में नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदगी बढ़ती जा रही है। जगह-जगह कचरा जमा होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं होने के कारण लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों और आसपास के क्षेत्रों में कचरा जमा रहने से दुर्गंध और गंदगी का माहौल बना हुआ है। आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? लोगों का सवाल है कि जब नगर पालिका द्वारा सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो फिर कस्बे में नियमित सफाई क्यों नहीं हो रही? क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर सफाई व्यवस्था की निगरानी की जा रही है? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सरमथुरा कस्बे में विशेष सफाई अभियान चलाकर तत्काल कचरा हटवाया जाए, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। प्रशासन से सीधी मांग नगर पालिका प्रशासन तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करे, सफाई कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और कार्य की निगरानी सुनिश्चित करे तथा जहां गंदगी जमा है वहां विशेष सफाई अभियान चलाए। अब सवाल सिर्फ गंदगी का नहीं, बल्कि नगर पालिका की जवाबदेही का है। अगर समय रहते सफाई व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो स्थानीय नागरिकों को मजबूर होकर अपनी समस्या को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाना पड़ेगा।
सरमथुरा में सफाई व्यवस्था बदहाल, गंदगी के ढेर से लोग परेशान सरमथुरा में सफाई व्यवस्था बदहाल, गंदगी के ढेर से लोग परेशान नियमित सफाई नहीं होने से बिगड़े हालात, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल — जिम्मेदार अधिकारी कब लेंगे सुध? सरमथुरा | धौलपुर | राजस्थान, 9 अगस्त। सरमथुरा कस्बे में नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदगी बढ़ती जा रही है। जगह-जगह कचरा जमा होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं होने के कारण लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों और आसपास के क्षेत्रों में कचरा जमा रहने से दुर्गंध और गंदगी का माहौल बना हुआ है। आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? लोगों का सवाल है कि जब नगर पालिका द्वारा सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो फिर कस्बे में नियमित सफाई क्यों नहीं हो रही? क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर सफाई व्यवस्था की निगरानी की जा रही है? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सरमथुरा कस्बे में विशेष सफाई अभियान चलाकर तत्काल कचरा हटवाया जाए, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। प्रशासन से सीधी मांग नगर पालिका प्रशासन तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करे, सफाई कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और कार्य की निगरानी सुनिश्चित करे तथा जहां गंदगी जमा है वहां विशेष सफाई अभियान चलाए। अब सवाल सिर्फ गंदगी का नहीं, बल्कि नगर पालिका की जवाबदेही का है। अगर समय रहते सफाई व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो स्थानीय नागरिकों को मजबूर होकर अपनी समस्या को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाना पड़ेगा।
- सरमथुरा में सफाई व्यवस्था बदहाल, गंदगी के ढेर से लोग परेशान सरमथुरा में सफाई व्यवस्था बदहाल, गंदगी के ढेर से लोग परेशान नियमित सफाई नहीं होने से बिगड़े हालात, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल — जिम्मेदार अधिकारी कब लेंगे सुध? सरमथुरा | धौलपुर | राजस्थान, 9 अगस्त। सरमथुरा कस्बे में नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदगी बढ़ती जा रही है। जगह-जगह कचरा जमा होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं होने के कारण लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों और आसपास के क्षेत्रों में कचरा जमा रहने से दुर्गंध और गंदगी का माहौल बना हुआ है। आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? लोगों का सवाल है कि जब नगर पालिका द्वारा सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो फिर कस्बे में नियमित सफाई क्यों नहीं हो रही? क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर सफाई व्यवस्था की निगरानी की जा रही है? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सरमथुरा कस्बे में विशेष सफाई अभियान चलाकर तत्काल कचरा हटवाया जाए, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। प्रशासन से सीधी मांग नगर पालिका प्रशासन तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करे, सफाई कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और कार्य की निगरानी सुनिश्चित करे तथा जहां गंदगी जमा है वहां विशेष सफाई अभियान चलाए। अब सवाल सिर्फ गंदगी का नहीं, बल्कि नगर पालिका की जवाबदेही का है। अगर समय रहते सफाई व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो स्थानीय नागरिकों को मजबूर होकर अपनी समस्या को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाना पड़ेगा।1
- हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही* *शासकीय शिक्षक ने ₹4500 महीने में ‘ठेके’ पर दे रखा विद्यालय* *हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही* कैलारस। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कैलारस ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर अमरलाल रावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्थान पर प्रीति रावत को कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह देकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है। बताया जा रहा है कि हेडमास्टर अमरलाल रावत स्वयं विद्यालय में आकर उपस्थिति दर्ज कराते हैं और इसके बाद अपने अन्य कार्यों के लिए चले जाते हैं, जबकि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने और स्कूल की व्यवस्था संभालने का काम प्रीति रावत द्वारा किया जाता है। स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था कथित तौर पर लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण से खुली पोल! मामले की गंभीरता उस समय बढ़ गई जब कैलारस ब्लॉक के जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल सामने आए। आरोप है कि शासकीय शिक्षक द्वारा अपने स्थान पर निजी व्यक्ति से विद्यालय का संचालन करवाना शासन के नियमों और शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अवहेलना है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता बनती है। बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षक की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को मामूली राशि देकर विद्यालय में पढ़ाने के लिए रखता है, तो इससे सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस कथित व्यवस्था की लंबे समय से जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी तो विद्यालय की नियमित निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। जांच और कार्रवाई की मांग मामले में स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच करने की मांग उठ रही है कि हेडमास्टर की विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति कितनी रही, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज समय और मौके की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है तथा कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह पर दूसरे व्यक्ति से विद्यालय में कार्य कराने का मामला सामने आया है गौर करने वाली बातें हैं की प्रीति रावत ना तो अतिथि शिक्षक है और ना ही कोई विद्यालय से विद्यालय संबंधित है प्रीति रावत का कहना है कि मुझे तो 4: 500 रुपए महीने देती है स्कूल में पढ़ने के लिए कहते हैं कि मेरी जगह तुम पढ़ाओ तुम्हें 4500 हर महीने दूंगा अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- ब्रैकिग कैलारस *शासकीय शिक्षक ने ₹4500 महीने में ‘ठेके’ पर दे रखा विद्यालय* *हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही* कैलारस। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कैलारस ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पुरा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर अमरलाल रावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्थान पर प्रीति रावत को कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह देकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है। बताया जा रहा है कि हेडमास्टर अमरलाल रावत स्वयं विद्यालय में आकर उपस्थिति दर्ज कराते हैं और इसके बाद अपने अन्य कार्यों के लिए चले जाते हैं, जबकि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने और स्कूल की व्यवस्था संभालने का काम प्रीति रावत द्वारा किया जाता है। स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था कथित तौर पर लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण से खुली पोल! मामले की गंभीरता उस समय बढ़ गई जब कैलारस ब्लॉक के जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल सामने आए। आरोप है कि शासकीय शिक्षक द्वारा अपने स्थान पर निजी व्यक्ति से विद्यालय का संचालन करवाना शासन के नियमों और शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अवहेलना है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता बनती है। बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षक की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को मामूली राशि देकर विद्यालय में पढ़ाने के लिए रखता है, तो इससे सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस कथित व्यवस्था की लंबे समय से जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी तो विद्यालय की नियमित निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। जांच और कार्रवाई की मांग मामले में स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच करने की मांग उठ रही है कि हेडमास्टर की विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति कितनी रही, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज समय और मौके की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है तथा कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह पर दूसरे व्यक्ति से विद्यालय में कार्य कराने का मामला सामने आया है गौर करने वाली बातें हैं की प्रीति रावत ना तो अतिथि शिक्षक है और ना ही कोई विद्यालय से विद्यालय संबंधित है प्रीति रावत का कहना है कि मुझे तो 4500 रुपए महीने देती है स्कूल में पढ़ने के लिए कहते हैं कि मेरी जगह तुम पढ़ाओ तुम्हें 4500 हर महीने दूंगा अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- संत शिरोमणी रविदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में समरसता संकल्प अभियान को लेकर भाजपा की शहर में बैठक आयोजित करौली शहर में भाजपा की संत शिरोमणी रविदास जी की 650 वीं जयंती के उपलक्ष्य में समरसता संकल्प अभियान को लेकर शनिवार शाम 5:00 बजे बैठक आयोजित की गई।बैठक में 12 अगस्त को निकलने वाली तिरंगा यात्रा, नगर परिषद नगर पालिका ग्राम पंचायत जिला परिषद के चुनावो की तैयारी को लेकर चर्चा की गई।मीडिया प्रभारी मुकेश सालोत्री ने बताया कि तिरंगा यात्रा दोपहर 3 बजे से त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम से लेकर मुख्य मार्गो में होकर,रामद्वारा से लेकर कलेक्ट्रेट सर्किल पर यात्रा का विसर्जन होगा।इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन, जिला महामंत्री सुरेश शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष योगेश शर्मा, अजय पाल, पुष्पेंद्र बंसल, जिला मीडिया संयोजक मुकेश सालौत्री, जिला मंत्री अनीता बैंसला, मंडल अध्यक्ष आशुतोष तिवारी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रामेंद्र सिंह, सायपुर मंडल अध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी ,महीला मोर्चा विधा वैष्णव, मंडल महामंत्री आशीष जैन, तेजेंद्र सिंह , यात्रा संयोजक हरि शरण व्यास सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- नाहर सिंह डागुर की खबर जनसहयोग से हिण्डौन सिटी के मोहन नगर विद्यालय में किया गया सघन वृक्षारोपण । जनसहयोग से मोहन नगर विद्यालय में किया गया सघन वृक्षारोपण । हरियालो राजस्थान -एक पेड़ मां के नाम ,अभियान के तहत आज राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहन नगर में सघन वृक्षारोपण किया गया । विद्यालय प्रांगण में विभिन्न प्रजातियों के 10 से 12 फीट ऊंचाई के पौधे लगाए गए। जिनमें अशोक बोतलपाम,कचनार, . अमलतास ,खेजड़ी, पीपल, कदम्ब ,बेलपत्र, कनेर ,नीम, शीशम ,गुड़हल ,गुलाब चम्पा, चमेली ,वॉगनवेलआदि लगाये गये। वृक्षारोपण प्रभारी एवं स्काउट सचिव मुकेश लहकोडिया ने बताया कि प्रधानाचार्य विकास गुप्ता के मार्गदर्शन में विद्यालय परिसर को हरा भरा एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने का कार्य द्रुतगति से किया जा रहा हैं जिसमें गुणवक्तायुक्त बड़े पौधे जनसहयोग से प्राप्त कर लगाये जा रहे हैं ,पौधारोपण में बालिकाओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। उन्होनें जोश के साथ नारे लगाये। नगरी नगरी द्वारे द्वारे, पेड लगाओ न्यारे न्यारे।पानी पेड और शुद्ध हवा ,जीवन की अनमोल दवा।हम सबने ये ठाना है,पर्यावरण शुद्ध बनाना है।बंजर धरती करे पुकार, वृक्ष लगाकर करो श्रृंगार।पौधों की सुरक्षा हेतु एंगल सहित जाल लगाया गया है।इस मुहिम में पतंजलि योग समिति हिण्डौन, मेडिकल एसोसिएशन हिंडौन एवं डॉक्टर बृजेश चौधरी का आर्थिक सहयोग रहा है।पौधारोपण में संयुक्त सचिव प्रियंका शर्मा के साथ गाइड की बालिकाएं ,विद्यालय की बालिकाएं एवं स्टाफ के मुकेश गुप्ता ,शोभा गुप्ता,मनोहर लाल शर्मा,विनोद मीना, दिलीप कुमार गर्ग, स्नेह लता मीना आदि का सहयोग रहा ।सभी के सहयोग से विद्यालय को हरा भरा और आकर्षक बनाने की महति योजना को विद्यालय परिवार द्वारा अमली जामा पहनाया जा रहा है ।सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्य को पूरा किया जा रहा है। जनमानस एवं गणमान्य नागरिकों से अपील है कि विद्यालय की इस मुहिम में अधिकाधिक सहयोग प्रदान करें, जिससे स्वस्थ भारत - सबल भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सके।4
- विश्व आदिवासी दिवस को लेकर सपोटरा में जनसंपर्क अभियान तेज, गांव-गांव पहुंचकर दिया जा रहा आमंत्रण आगामी 9 अगस्त को दौसा जिले के मीणा हाईकोर्ट, नांगल प्यारीवास में आयोजित होने वाले विश्व आदिवासी दिवस समारोह को लेकर सपोटरा विधानसभा क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। भाजपा नेता प्रताप पाकड़ के नेतृत्व में टीम गांव-गांव जाकर पीले चावल बांटकर लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दे रही है। क्षेत्रभर में बैनर-पोस्टर लगाकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा करेंगे। कार्यक्रम के संयोजक जगमोहन मीणा (सेवानिवृत्त एडीएम) तथा सहसंयोजक धून्धीराम मीणा (भाजपा नेता) हैं। समारोह में आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कन्हैया दंगल और अन्य लोककलाओं का आयोजन किया जाएगा। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसी क्रम में सपोटरा टीम ने सपोटरा कस्बा, मोड़, तुरसगपुरा, बापोती, मांगरोल, गोठरा, रतनापुरा, बलुआपुरा, कानापुरा, दूदीपुरा, दिवानपुरा, कोडयाई, खिरखिड़ी, डाबरा, डिकोली, कुडगांव, कैलादेवी, पीतूपुरा, लोहरा, भंडारीपुरा, निशाना, अमरगढ़, बुकना और चोड़ागांव सहित दर्जनों गांवों में जनसंपर्क कर लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया। इस दौरान लेखराज बैरवा, अभिनव मीणा, रुकमकेश, मेघराज, भूर सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- हिंडौन काचरौली गांव की उचित मूल्य दुकान पर ग्राहकों की भीड़ दो महीने के गेहूं लेने ग्रामीणों को लग रही है खाद्य सुरक्षा के गेहूं लेने की लाइन1
- सरमथुरा : मानसून आते ही दमोह झरना हुआ शुरु @Bharat Singh Meena सरमथुरा : मानसून आते ही दमोह झरना हुआ शुरु @Bharat Singh Meena1