शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया थाना पुलिस ने नाबालिग अपहरण के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर एक 15 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और घटना में इस्तेमाल की गई एक ओमनी वैन भी जब्त की है। यह मामला सोमवार को दर्ज किया गया था, जब फरियादी ने रिपोर्ट लिखाई कि उसकी 15 वर्षीय बेटी घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों ने आशंका व्यक्त की थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस शिकायत के आधार पर, पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, शाजापुर पुलिस अधीक्षक ने नाबालिग की बरामदगी के लिए 5 हजार रुपए के इनाम की घोषणा भी की थी। पुलिस ने परिजनों, संदेहियों और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की और साइबर सेल की सहायता से तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने आगर-मालवा जिले के एक गांव से नाबालिग को सुरक्षित ढूंढ निकाला। इसके बाद, मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच जारी रख रही है।
शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया थाना पुलिस ने नाबालिग अपहरण के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर एक 15 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और घटना में इस्तेमाल की गई एक ओमनी वैन भी जब्त की है। यह मामला सोमवार को दर्ज किया गया था, जब फरियादी ने रिपोर्ट लिखाई कि उसकी 15 वर्षीय बेटी घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों ने आशंका व्यक्त की थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस शिकायत के आधार पर, पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, शाजापुर पुलिस अधीक्षक ने नाबालिग की बरामदगी के लिए 5 हजार रुपए के इनाम की घोषणा भी की थी। पुलिस ने परिजनों, संदेहियों और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की और साइबर सेल की सहायता से तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने आगर-मालवा जिले के एक गांव से नाबालिग को सुरक्षित ढूंढ निकाला। इसके बाद, मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच जारी रख रही है।
- शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया थाना पुलिस ने नाबालिग अपहरण के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर एक 15 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और घटना में इस्तेमाल की गई एक ओमनी वैन भी जब्त की है। यह मामला सोमवार को दर्ज किया गया था, जब फरियादी ने रिपोर्ट लिखाई कि उसकी 15 वर्षीय बेटी घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों ने आशंका व्यक्त की थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस शिकायत के आधार पर, पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, शाजापुर पुलिस अधीक्षक ने नाबालिग की बरामदगी के लिए 5 हजार रुपए के इनाम की घोषणा भी की थी। पुलिस ने परिजनों, संदेहियों और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की और साइबर सेल की सहायता से तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने आगर-मालवा जिले के एक गांव से नाबालिग को सुरक्षित ढूंढ निकाला। इसके बाद, मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच जारी रख रही है।1
- भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 में पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित हुए पर्यावरणविद् मोहन नागर, जिन्हें 'जल पुरुष' के नाम से जाना जाता है, जल और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए देशभर में पहचाने जाते हैं। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील के रायपुरिया गांव से ताल्लुक रखने वाले नागर का जीवन समाज और प्रकृति के प्रति समर्पण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिनका बैतूल क्षेत्र से भी जुड़ाव है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में 75,000 से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण और पुनर्स्थापन शामिल है, जिससे हजारों लोगों को पेयजल मिला, किसानों की सिंचाई बेहतर हुई और जल संकट से जूझ रहे कई गांवों को राहत मिली। मोहन नागर ने केवल जल संरक्षण तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाई, जिससे ग्रामीण समुदायों को आत्मनिर्भर बनने और सतत विकास की दिशा में प्रेरणा मिली। आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान, उनके मार्गदर्शन में सतपुड़ा क्षेत्र की 75 पहाड़ियों पर 75 हजार जल संरचनाओं का निर्माण और व्यापक वृक्षारोपण अभियान जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का एक उदाहरण बना। आदिवासी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके चलते बैतूल का बाचा गांव 'सौर गांव' के रूप में पहचान बना सका। नागर को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा समर्थित राष्ट्रीय जल प्रहरी पुरस्कार (2019) और जल नायक पुरस्कार (2020) से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें भूजल संरक्षण में अग्रणी भूमिका के लिए भाऊराव देवरस सेवा सम्मान (2024-25) और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित प्रतिष्ठित दुष्यंत कुमार कृति साहित्य अकादमी पुरस्कार (2014) भी मिला है, जो उनकी कविता 'चतुर्मास' के माध्यम से पर्यावरण और ग्रामीण भारत के विषयों को उजागर करने के लिए दिया गया था। मोहन नागर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष भी बनाए गए हैं और वर्तमान में प्रदेश के 55 जिलों में अपने कार्यकर्ताओं के साथ जल संरक्षण, नदियों, वन और पर्यावरण बचाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उनकी निष्ठा, दूरदर्शिता और अथक परिश्रम को देखते हुए, राष्ट्रपति ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया है।1
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए तीन गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। मंगलवार दोपहर 1 बजे, थाना परिसर में थाना प्रभारी अरविंद सिंह तोमर ने व्यक्तिगत रूप से इन मोबाइल धारकों को उनके फोन लौटाए। थाना प्रभारी अरविंद सिंह तोमर ने बताया कि थाना क्षेत्र के ग्राम भाटाहेड़ी, मोहन बड़ोदिया और सारसी के निवासियों मोडसिंह, अशोक और रामनाथ ने अपने मोबाइल गुम होने की शिकायत मोहन बड़ोदिया थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने मोबाइल के IMEI नंबर पोर्टल पर दर्ज किए और उनकी तलाश शुरू की। पुलिस ने तकनीकी सहायता और लोकेशन ट्रैकिंग का उपयोग कर गुम हुए इन मोबाइल फोन का सफलतापूर्वक पता लगाया। मोबाइल बरामद होने के बाद, संबंधित मोबाइल धारकों को थाने बुलाया गया, जहाँ थाना प्रभारी अरविंद सिंह तोमर ने उनके मोबाइल उन्हें सौंपे। अपने गुम हुए मोबाइल वापस मिलने पर मोडसिंह, अशोक और रामनाथ ने मोहन बड़ोदिया पुलिस और थाना प्रभारी अरविंद सिंह तोमर के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। क्षेत्रवासियों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की प्रशंसा की और इसे आमजन के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया।1
- भारतीय इतिहास की वीरांगना रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को हुआ था। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में स्थित ऐतिहासिक कालिंजर किले में चंदेल राजा कीरत राय, जिन्हें कीर्ति सिंह चंदेल के नाम से भी जाना जाता है, के घर हुआ था।1
- मोहन बड़ोदिया पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक नाबालिग को बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी ने वरिष्ठ पार्षद और कांग्रेस नेता हिफाज़ुर्रहमान भैय्या मियां के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके निवास पर पहुंचे, जो नगर के किले में स्थित है। इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने भैय्या मियां के साथ अपने पुराने संबंध को याद करते हुए बताया कि वह उन्हें तब से जानते हैं जब वे अर्जुन सिंह जी के मंत्रिमंडल में मंत्री थे। उन्होंने भैय्या मियां को एक सुलझा हुआ और अच्छा व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे सांप्रदायिक सद्भाव की एक मिसाल थे। शोक सभा को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह मेमदाखेड़ी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन दशरथ सिंह, जो पूर्व भूमि विकास बैंक संचालक हैं, ने किया। इस दौरान सामूहिक श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।1
- मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में शुजालपुर में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है, जो इस क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। स्वीकृति के अनुसार, यह शासकीय विधि महाविद्यालय शुजालपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संचालित किया जाएगा। इसके संचालन के लिए 2.39 करोड़ रुपये की व्यय राशि भी स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही, संस्थान के सुचारु संचालन के लिए कुल 17 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है, जिनमें 9 शैक्षणिक और 8 अशैक्षणिक पद शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण निर्णय से शुजालपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों को विधि शिक्षा प्राप्त करने के लिए अब अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री इंदर सिंह परमार ने इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय शुजालपुर और आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा।1
- राजधानी दिल्ली के उद्योग भवन क्षेत्र के पास स्थित झुग्गियों में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 20 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुट गईं। फिलहाल, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। राहत की बात यह है कि इस हादसे में अभी तक किसी के हताहत या घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। पुलिस और प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।1