Amazon मैनेजर की संदिग्ध मौत, फंदे से लटका मिला शव, FSL टीम मौके पर, साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस बेतिया शहर के कालीबाग थाना क्षेत्र में आज एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया। कमरे के अंदर फंदे से लटकता शव मिलने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। मृतक की पहचान मनुआपुल थाना क्षेत्र के दुसैया टोला वार्ड संख्या 15 निवासी स्वर्गीय कपिल दास के 35 वर्षीय पुत्र अजीत कुमार दास के रूप में हुई है, जो Amazon में मैनेजर के पद पर कार्यरत था और कालीबाग थाना क्षेत्र में हरनाथ स्कूल के पास किराए के मकान में रह रहा था। परिजन के नजर जब कमरे के अंदर पड़ी तो युवक को फंदे से लटकता देख तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल टीम को बुलाकर मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिस्थितियां इसे संदिग्ध भी बना रही हैं। मृतक के करीबी लोगों ने भी इस घटना पर सवाल उठाए हैं। बचपन के दोस्त राहुल सिंह ने मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, वहीं साले संजय कुमार दास ने बताया कि अजीत कुमार दास मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं थे और उनका इलाज चल रहा था। इस बयान के बाद मामला और भी पेचीदा हो गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि असल सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगी कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी हुई है।
Amazon मैनेजर की संदिग्ध मौत, फंदे से लटका मिला शव, FSL टीम मौके पर, साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस बेतिया शहर के कालीबाग थाना क्षेत्र में आज एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया। कमरे के अंदर फंदे से लटकता शव मिलने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। मृतक की पहचान मनुआपुल थाना क्षेत्र के दुसैया टोला वार्ड संख्या 15 निवासी स्वर्गीय कपिल दास के 35 वर्षीय पुत्र अजीत कुमार दास के रूप में हुई है, जो Amazon में मैनेजर के पद पर कार्यरत था और कालीबाग थाना क्षेत्र में हरनाथ स्कूल के पास किराए के मकान में रह रहा था। परिजन के नजर जब कमरे के अंदर पड़ी तो युवक को फंदे से लटकता देख तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल टीम को बुलाकर मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिस्थितियां इसे संदिग्ध भी बना रही हैं। मृतक के करीबी लोगों ने भी इस घटना पर सवाल उठाए हैं। बचपन के दोस्त राहुल सिंह ने मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, वहीं साले संजय कुमार दास ने बताया कि अजीत कुमार दास मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं थे और उनका इलाज चल रहा था। इस बयान के बाद मामला और भी पेचीदा हो गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि असल सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगी कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी हुई है।
- Post by News of Kushinagar1
- पश्चिम चम्पारण के बैरिया प्रखंड के मुशहरी गांव में 10 अप्रैल 2026 को लगी भीषण आग से 127 परिवार प्रभावित हुए। जिला प्रशासन ने त्वरित राहत देते हुए सामुदायिक रसोई, प्लास्टिक शीट वितरण, बिजली और पेयजल बहाली की व्यवस्था की। साथ ही प्रभावित परिवारों के खातों में कुल 25.40 लाख रुपये की सहायता राशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजी गई। प्रत्येक परिवार को अलग-अलग मदों में आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।1
- साथ निश्चय -3 के तहत चलाए जा रहे " सबका सम्मान-जीवन आसान अभियान के तहत 50 मामलों की सुनवाई की गई। 17.04.2026.1
- पूरा वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करें यूट्यूब चैनल- Rahul sir pcb ऑफलाइन पढ़ाई करने के फायदे 🥱🥱🥱 #reelsviralシ #trendingreel #viralreels #offlineclasses #online1
- Post by Ganesh Chauhan1
- दिल्ली-एनसीआर में मजदूरों पर हमले के विरोध में बेतिया में पुतला दहन सीटू के बैनर तले प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी और अधिकारों को लेकर उठी आवाज बेतिया दिल्ली-एनसीआर में मजदूरों पर कथित हमलों के विरोध में भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के बैनर तले बेतिया में जोरदार प्रदर्शन किया गया। मीना बाजार स्थित सीटू कार्यालय से मजदूरों ने मार्च निकालकर सोवा बाबू चौक पर सभा की और प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। सभा को संबोधित करते हुए बिहार राज्य रिक्शा मजदूर सभा के अध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव ने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्यों की सरकारें मजदूरों के जनतांत्रिक अधिकारों को दबा रही हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा और गुड़गांव में मजदूर 26 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी और 8 घंटे काम की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी आवाज दबाई जा रही है। जिला सचिव शंकर कुमार राव ने कहा कि सीटू नेताओं को हाउस अरेस्ट कर आंदोलन को कुचलने की कोशिश हो रही है। वहीं अन्य नेताओं ने मजदूरों को धमकाने की घटनाओं की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने मजदूरों की मांगों को जल्द पूरा करने और दमनात्मक कार्रवाई रोकने की मांग की।1
- बैरिया प्रखंड अंतर्गत लौकरिया पंचायत के मुसहरी टोला में 10 अप्रैल, शुक्रवार को शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने दलित वर्ग के सैकड़ों परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घर, खाने का अनाज, कपड़े, दर्जनों बकरियां और चार मोटरसाइकिल तक जलकर राख हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया और पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हो गए। इस आपदा की घड़ी में सामाजिक संस्थाओं ने आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश की। बेतिया की मारवाड़ी महिला समिति के सौजन्य से अग्नि पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। संस्था के प्रयास से पीड़ित परिवारों को साड़ी, थाली, ग्लास, चिवड़ा और गुड़ जैसे जरूरी सामान उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिल सके। राहत वितरण कार्यक्रम में मारवाड़ी महिला समिति की प्रांतीय सशक्तिकरण प्रमुख श्रीमती रानी झुनझुनवाला, प्रांतीय महिला समिति अध्यक्ष मीना तोदी, तारा सोमानी, मंजू काया और शुभम सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे। साथ ही बिहार राज्य किसान सभा के उपाध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव के नेतृत्व में स्थानीय स्तर पर राहत कार्य को मजबूती मिली। इस दौरान वरिष्ठ किसान नेता चांदसी प्रसाद यादव, अधिवक्ता प्रकाश कुमार वर्मा, म. हनीफ, सरपंच प्रमोद सिंह, सुनील कुमार यादव, पंचायत समिति सदस्य अभय कुमार राव, संजय राव, काशी साह, विवेक कुमार, विक्की कुमार और राम विनोद सहित कई लोग मौजूद रहे। हालांकि, इस भीषण अग्निकांड के बाद भी सरकारी राहत व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि बिहार सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से अब तक संतोषजनक सहायता नहीं मिल पाई है। जबकि आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण साह इसी नौतन विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, ऐसे में राहत कार्य की धीमी रफ्तार लोगों में नाराजगी का कारण बन रही है। मुसहरी टोला के पीड़ित आज भी अपने उजड़े आशियाने के बीच जिंदगी को फिर से संवारने की कोशिश कर रहे हैं। इस कठिन समय में सामाजिक संस्था का सहयोग उनके लिए उम्मीद की एक मजबूत किरण बनकर सामने आया है, लेकिन अब जरूरत है कि प्रशासन भी तेजी से कदम उठाकर इन परिवारों को स्थायी राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराए।1
- Post by News of Kushinagar1
- बेतिया के समाहरणालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने कुल 50 मामलों की सुनवाई की। भूमि विवाद, पेंशन, आवास, बिजली, पेयजल व राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही निपटारा कर लोगों को तत्काल राहत दी गई। यह कार्यक्रम “सबका सम्मान–जीवन आसान” अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं।1