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डूंगरपुर जिले के करौली गांव में रात होते ही बिजली गुल हो जाती है और पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। गर्मी और मच्छरों से परेशान ग्रामीण पूरी रात अंधेरे में गुजारने के लिए मजबूर हैं। एक तरफ सरकार 24 घंटे बिजली देने का वादा करती है, वहीं दूसरी तरफ इस गांव को तो 4 घंटे बिजली भी नसीब नहीं हो पा रही है। रात में बिजली की इस विकट समस्या को लेकर ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से कई बार शिकायत भी की है, लेकिन हर बार कुछ न कुछ नया फॉल्ट बता दिया जाता है और कोई सुनवाई नहीं होती। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन इसी तरह चुप रहेगा या फिर इस गांव को अंधेरे से छुटकारा दिलवाएगा।
पत्रकार प्रकाश बारोट
डूंगरपुर जिले के करौली गांव में रात होते ही बिजली गुल हो जाती है और पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। गर्मी और मच्छरों से परेशान ग्रामीण पूरी रात अंधेरे में गुजारने के लिए मजबूर हैं। एक तरफ सरकार 24 घंटे बिजली देने का वादा करती है, वहीं दूसरी तरफ इस गांव को तो 4 घंटे बिजली भी नसीब नहीं हो पा रही है। रात में बिजली की इस विकट समस्या को लेकर ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से कई बार शिकायत भी की है, लेकिन हर बार कुछ न कुछ नया फॉल्ट बता दिया जाता है और कोई सुनवाई नहीं होती। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन इसी तरह चुप रहेगा या फिर इस गांव को अंधेरे से छुटकारा दिलवाएगा।
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- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा तहसील कार्यालय के बाहर बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने NEET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सागवाड़ा कांग्रेस सेवादल महिला मोर्चा सदस्य लीला दर्जी ने बताया कि NEET सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए और आरोप लगाया गया कि देशभर में छात्र अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं।2
- डूंगरपुर जिले में जुलाई का महीना खत्म होने के बावजूद मानसून की सुस्ती से किसान बेहद चिंतित हैं। जिले में जानवरों के लिए पानी का संकट पैदा हो गया है और कई हैंडपंप भी जवाब दे चुके हैं। इसी स्थिति को देखते हुए रूठे मानसून को मनाने और पूरे प्रदेश में अच्छी बरसात की कामना को लेकर एम.एम.बी. ग्रुप और सीरत कमेटी डूंगरपुर की ओर से मस्तान बाबा की मजार पर चादर शरीफ व अकीदत के फूल पेश कर दुआ मांगी गई। यह आयोजन हाजी शकील अकरमी, मौलाना अकबरी साहब, हाजी अख्तर हुसैन मलिक, अनीस जी, ज़ावेद आसीफ, इमरान मुल्तानी, जहीर एहमद, जावेद अली, दीपक यादव और ग्रुप सदर नूर मोहम्मद मकरानी के सानिध्य में संपन्न हुआ। सीरत कमेटी के मासूम बच्चों के हाथों मस्तान बाबा के दरबार में चादरपोशी कराई गई। सदर मकरानी और मौलाना अकबरी ने बताया कि ग्रुप हर साल बारिश के मौसम में यह आयोजन करता है, क्योंकि मासूम बच्चों की दुआएं जल्द कुबूल होती हैं। कार्यक्रम के दौरान हाफिज शकील अकरमी ने अच्छी बारिश के साथ देश-दुनिया में अमन-चैन कायम रहने की दुआ मांगी, जिसके बाद एम.एम.बी. ग्रुप की तरफ से सभी को तबर्रुक बांटा गया।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा स्थित धम्बोला विद्युत परिसर में गुरुवार को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का 72वां स्थापना दिवस उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रकाश पंड्या मुख्य अतिथि रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कांतिलाल ने की। हंसमुख भट्ट, भानुप्रसाद और देवेंद्र उपाध्याय विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कांतिलाल ने बीएमएस का ध्वज फहराया। इसके बाद पूर्व जिलाध्यक्ष प्रकाश पंड्या ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन के इतिहास, विचारधारा और श्रमिक हितों के लिए किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रकाश पंड्या ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ की स्थापना 23 जुलाई 1955 को भोपाल में दत्तोपंत ठेंगड़ी ने अपने पांच साथियों के साथ की थी। संगठन का मूल मंत्र राष्ट्र हित, उद्योग हित और श्रमिक हित रहा है। उन्होंने बताया कि ठेंगड़ी ने बीएमएस के साथ भारतीय किसान संघ और स्वदेशी जागरण मंच के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बिजली, परिवहन, बैंक, रेल, कपड़ा उद्योग और कारखानों सहित विभिन्न क्षेत्रों में बीएमएस का संगठन लगातार मजबूत हुआ है। डूंगरपुर जिले में संगठन के विस्तार को याद करते हुए उन्होंने बताया कि जिले में सबसे पहले सिंटेक्स में बीएमएस का ध्वज फहराया गया था, जिसके बाद विद्युत, सिंचाई और परिवहन क्षेत्रों में संगठन का प्रसार हुआ। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने आजीवन बीएमएस की विचारधारा से जुड़े रहकर निष्ठा और ईमानदारी के साथ श्रमिकों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम का संचालन चिराग पाटीदार ने किया और इसमें हरीश, नाथूलाल, कमला, राकेश, मंजुला, समरीन, रेखा और भवानी सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी कड़ी में 132 केवी ग्रिड पर भी स्थापना दिवस मनाया गया, जहां पूर्व जिलाध्यक्ष प्रकाश पंड्या ने ध्वज फहराया। इस अवसर पर प्रशांत प्रजापत, मनीष नाई, राजन रोट, अलका पाटीदार, सूर्या कटारा, जमना और अंकित पाटीदार समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- आसपुर और साबला में रात भर हुई रिमझिम बारिश के चलते वागड़ के प्रसिद्ध मंदिर बेणेश्वरधाम में पानी की आवक काफी बढ़ गई है। पानी के जमाव के कारण धाम की मुख्य सड़क पूरी तरह टापू में तब्दील हो गई है। पहली बारिश के इस नजारे और बेणेश्वरधाम के टापू बनने के दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच रहे हैं।1
- भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के बैनर तले 23 जुलाई गुरुवार को राजस्थान के डूंगरपुर स्थित एसबीपी कॉलेज मैदान में प्रातः 11:00 बजे एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। यह रैली नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक प्रकरण के खिलाफ चल रहे आंदोलन के समर्थन और राज्य सरकार द्वारा हाल ही में किए गए अध्यापकों के स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग को लेकर निकाली जा रही है। इस प्रदर्शन के माध्यम से जिला प्रशासन के जरिए महामहिम राष्ट्रपति और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। मोर्चा के पदाधिकारियों ने दिल्ली में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और बीजेपी सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ भारी आक्रोश जताया है। विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने जिले के सभी आदिवासी परिवारों, छात्र संगठनों, कोचिंग सेंटरों व लाइब्रेरियों के विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और आमजन से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस लोकतांत्रिक आंदोलन को सफल बनाने और अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र में 22 जुलाई, बुधवार दोपहर से हुई झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह वर्षा किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। बारिश के बाद मौसम बेहद सुहावना हो गया है और ग्रामीणों तथा किसानों के बीच खुशी और उत्साह का माहौल बना हुआ है। लगातार हो रही वर्षा से खेतों में नमी बढ़ गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और उनके सही विकास के लिए अनुकूल स्थितियां बन गई हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह वर्षा का दौर जारी रहा, तो यह मौसम खेती-किसानी के लिए बेहद लाभदायक सिद्ध होगा। क्षेत्र में चारों ओर हरियाली और अच्छी फसल की उम्मीद से लोगों में समृद्धि की नई आस जगी है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले की साबला पंचायत समिति अंतर्गत ग्राम पंचायत तालोरा में महज एक साल पहले सांसद मद से बनी रिंगवाल और पुलिया निर्माण कार्य में दरारें आ गई हैं। 15 लाख रुपये की लागत से हुए इस निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता को लेकर जब अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो जिम्मेदार अनभिज्ञता जताते हुए पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। तालोरा ग्राम पंचायत में महुडे से तुलिवारा तक पुलिया मय रिंगवाल निर्माण व भराव कार्य सांसद मद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 14.99 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया था। करीब दोसौ फीट लंबी इस रिंगवाल में पानी निकासी के लिए मात्र एक छोटा पाइप डाला गया है, जिससे बरसात के मौसम में खेतों में पानी भरा रहने का अंदेशा बना हुआ है। वहीं, रिंगवाल की दीवारों और पटरी में भी दरारें पड़ गई हैं जो निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। प्रशासनिक बेपरवाही का आलम यह है कि ग्राम विकास अधिकारी ने फोन तक रिसीव नहीं किया। कनिष्ठ अभियंता राजेश बाबरा ने यह कहकर बात टाल दी कि सांसद मद के कार्य एएईन साहब ही देखते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वहीं, सहायक अभियंता मनीष मजमुदार ने भी अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि यह पुलिया निर्माण किस योजना में है, उन्हें पता नहीं और फोटो देखकर ही कुछ बता पाएंगे। इसके अलावा मौके पर लगे बोर्ड पर प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति तो छह दिन में निकलना दिखाया गया है, लेकिन कार्य कब पूर्ण हुआ यह दर्ज न करके ग्रामीणों को गुमराह किया जा रहा है। तालोरा ग्राम पंचायत में सांसद मद से करीब चार से पांच कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से दो कार्य मात्र व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए करवाने का आरोप है। यहां तक कि एक कार्य में पुराने निर्माण को गिराकर नया निर्माण कराया जा रहा है, जिससे सांसद मद के सरकारी पैसे के सीधे दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।1
- राजस्थान के सीमलवाड़ा में मंडली चौराहे पर प्रदेश एवं जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं से देश के लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भारी असंतोष है। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं, बेरोजगारों और गरीबों की अनदेखी कर रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तुरंत पद छोड़ने की मांग की। कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विनोद कुमार कटारा ने किया। इस प्रदर्शन में पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियाकांत पंड्या, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष मुस्ताक अहमद पठान, ब्लॉक प्रभारी महेंद्र भगोरा, प्रत्याशी महेश रोत, मंडल अध्यक्ष महेश रोत, ओबीसी प्रदेश सचिव सुरेश भोई, इमरान पटेल, महेंद्र भाभोर, प्रदीप यादव, प्रेमचंद भगोरा, शंकर भाई, प्रभु भाई, विभूषण भगोरा, गोपाल रोत, ज्योतिलाल बुज, कालूराम ताबियाड, नीतीश ताबियाड, महेश पारगी, भूरालाल, संजय कटारा, महिपाल और हितेश सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।3
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में चौरासी थाना पुलिस ने वर्ष 2023 में हुए हत्या के मामले में तीन वर्षों से फरार चल रहे आरोपी बाबूलाल पुत्र काउडा गरासिया को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी वारदात के बाद मजदूरी करने कुवैत भाग गया था। हाल ही में उसके कुवैत से गांव लौटने की भनक लगते ही पुलिस ने घेराबंदी की और जंगल में पीछा कर उसे धर दबोचा। मामले की शुरुआत 7 सितंबर 2023 को हुई थी, जब सोनल पुत्री मंजीलाल कटारा (निवासी गलन्दर फला तालाब, थाना रामसागड़ा) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। सोनल, महेन्द्र के साथ मोटरसाइकिल पर जा रही थी और 1 बजे गेजी पहुँचने पर नितेश पुत्र गौतम कटारा, अनिल पुत्र मगन कटारा तथा बाबूलाल पुत्र काउडा गरासिया ने उनका रास्ता रोक लिया था। नितेश और अनिल ने महेन्द्र के सिर पर लाठी से वार कर उसकी हत्या कर दी थी, जबकि बीच-बचाव में सोनल भी घायल हो गई थी। इस मामले में पुलिस पूर्व में आरोपी नितेश कटारा और अनिल कटारा को गिरफ्तार कर चालान पेश कर चुकी है तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को भी निरुद्ध कर चुकी है, लेकिन बाबूलाल घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के मार्गदर्शन, वृत्ताधिकारी सीमलवाड़ा मदनलाल बिश्नोई के सुपरविजन तथा थानाधिकारी रतनलाल के नेतृत्व में गठित टीम को 21 जुलाई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि बाबूलाल कुवैत से वापस घर आया है। पुलिस टीम ने उसके घर दबिश दी तो आरोपी गलन्दर के जंगल की ओर भागने लगा। पुलिस ने करीब दो किलोमीटर तक पीछा कर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में न्यायालय में पेश कर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाधिकारी रतनलाल, सहायक उप निरीक्षक ईश्वरलाल रोत, कांस्टेबल अनिल कुमार, डायालाल और पप्पू कुमार शामिल रहे।1