सरकार किसानों को मुआवजा दे खंडार तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में अत्यधिक ओलावृष्टि का कहर। किसानों पर आर्थिक संकट की पड़ी मार। खंडार तहसील क्षेत्र में अचानक 27 जनवरी 2026 को मौसम परिवर्तन देखने को मिला। मौसम परिवर्तन में सुबह प्रातः आकाश से बिजली की चमक एवं गर्जनाओं के साथ वर्षा का आगमन शुरू हुआ। दिनभर बिजली की चमक एवं आकाशीय गर्जना के साथ बारिश का दौरा रुक-रुक कर चला रहा। साय काल 6:00 करीबन आकाश से गर्जनाओं के साथ खंडार तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में ओलावृष्टि का दौरा शुरू हुआ। जिसमें अल्लापुर ग्राम, बहरावंडा खुर्द, बाड़पुर , सवाईगंज, बादलगंज, गण्डावर ,सुमनपुरा,खंडेवला, बंजारी, बोहना,पीपल्दा,ऑण मीणा, पादड़ा, बड़वास,अनियाला आदि ग्रामों में 50 ग्राम करीबन से बडे ओलो की वर्षा हुई है। जिससे किसने की रवि की फसल चौपट हो गई। दूसरी ओर कई पशु पक्षियों ने अत्यधिक ओलावृष्टि की चपेट में आकर अपनी जान गवा दी है। अत्यधिक ओलावृष्टि के कहर से किसानों के शोक की लहर दौड़ पड़ी। किसने की फसल ओलावृष्टि से चौपट होने के कारण क्षेत्र का किसान बधाई आर्थिक संकट में आ गया है। क्षेत्र के ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों का कहना है कि विगत वर्षों में भी कई बार प्रकृति की मार से हमारे फैसले खराब हुई है। लेकिन प्रशासन द्वारा एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा एवं कृषि बीमा विभाग द्वारा हम पीड़ित किसानों को कोई सहयोग नहीं मिल पाया है। समाजसेवी पंडित मनोज कुमार शर्मा ,परशुराम जाट, लक्ष्मी नारायण जाट, मुकेश बैरवा, ओमप्रकाश बैरवा, आदि किसानों का कहना है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी क्षेत्र के किसानों का फसल बीमा कंपनियों द्वारा फसल बीमा किया गया है। दूसरी ओर कई जनप्रतिनिधियों द्वारा भी स्थितिकाल में पीड़ित किसानों का सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन के पदाधिकारी के द्वारा भी दम भारी किसने की सहयोग की चर्चाएं आमसभा में होती रहती है। लेकिन अब देखना यह है कि अभी के हालातो में अत्यधिक ओलावृष्टि के कहर की मार से पीड़ित किसानों के सहयोग के लिए। किसका हाथ सामने आता है। अत्यधिक ओलावृष्टि की मार से फसल खराब होने से आर्थिक संकट में पड़े पीड़ित किसानों ने खंडार उपखंड मुख्यालय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों एवं कृषि बीमा विभाग एवं राजस्थान सरकार से फसल मुआवजे के लिए गुहार लगाई है।
सरकार किसानों को मुआवजा दे खंडार तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में अत्यधिक ओलावृष्टि का कहर। किसानों पर आर्थिक संकट की पड़ी मार। खंडार तहसील क्षेत्र में अचानक 27 जनवरी 2026 को मौसम परिवर्तन देखने को मिला। मौसम परिवर्तन में सुबह प्रातः आकाश से बिजली की चमक एवं गर्जनाओं के साथ वर्षा का आगमन शुरू हुआ। दिनभर बिजली की चमक एवं आकाशीय गर्जना के साथ बारिश का दौरा रुक-रुक कर चला रहा। साय काल 6:00 करीबन आकाश से गर्जनाओं के साथ खंडार तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में ओलावृष्टि का दौरा शुरू हुआ। जिसमें अल्लापुर ग्राम, बहरावंडा खुर्द, बाड़पुर , सवाईगंज, बादलगंज, गण्डावर ,सुमनपुरा,खंडेवला, बंजारी, बोहना,पीपल्दा,ऑण मीणा, पादड़ा, बड़वास,अनियाला आदि ग्रामों में 50 ग्राम करीबन से बडे ओलो की वर्षा हुई है। जिससे किसने की रवि की फसल चौपट हो गई। दूसरी ओर कई पशु पक्षियों ने अत्यधिक ओलावृष्टि की चपेट में आकर अपनी जान गवा दी है। अत्यधिक ओलावृष्टि के कहर से किसानों के शोक की लहर दौड़ पड़ी। किसने की फसल ओलावृष्टि से चौपट होने के कारण क्षेत्र का किसान बधाई आर्थिक संकट में आ गया है। क्षेत्र के ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों का कहना है कि विगत वर्षों में भी कई बार प्रकृति की मार से हमारे फैसले खराब हुई है। लेकिन प्रशासन द्वारा एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा एवं कृषि बीमा विभाग द्वारा हम पीड़ित किसानों को कोई सहयोग नहीं मिल पाया है। समाजसेवी पंडित मनोज कुमार शर्मा ,परशुराम जाट, लक्ष्मी नारायण जाट, मुकेश बैरवा, ओमप्रकाश बैरवा, आदि किसानों का कहना है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी क्षेत्र के किसानों का फसल बीमा कंपनियों द्वारा फसल बीमा किया गया है। दूसरी ओर कई जनप्रतिनिधियों द्वारा भी स्थितिकाल में पीड़ित किसानों का सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन के पदाधिकारी के द्वारा भी दम भारी किसने की सहयोग की चर्चाएं आमसभा में होती रहती है। लेकिन अब देखना यह है कि अभी के हालातो में अत्यधिक ओलावृष्टि के कहर की मार से पीड़ित किसानों के सहयोग के लिए। किसका हाथ सामने आता है। अत्यधिक ओलावृष्टि की मार से फसल खराब होने से आर्थिक संकट में पड़े पीड़ित किसानों ने खंडार उपखंड मुख्यालय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों एवं कृषि बीमा विभाग एवं राजस्थान सरकार से फसल मुआवजे के लिए गुहार लगाई है।
- खंडार तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में अत्यधिक ओलावृष्टि का कहर। किसानों पर आर्थिक संकट की पड़ी मार। खंडार तहसील क्षेत्र में अचानक 27 जनवरी 2026 को मौसम परिवर्तन देखने को मिला। मौसम परिवर्तन में सुबह प्रातः आकाश से बिजली की चमक एवं गर्जनाओं के साथ वर्षा का आगमन शुरू हुआ। दिनभर बिजली की चमक एवं आकाशीय गर्जना के साथ बारिश का दौरा रुक-रुक कर चला रहा। साय काल 6:00 करीबन आकाश से गर्जनाओं के साथ खंडार तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में ओलावृष्टि का दौरा शुरू हुआ। जिसमें अल्लापुर ग्राम, बहरावंडा खुर्द, बाड़पुर , सवाईगंज, बादलगंज, गण्डावर ,सुमनपुरा,खंडेवला, बंजारी, बोहना,पीपल्दा,ऑण मीणा, पादड़ा, बड़वास,अनियाला आदि ग्रामों में 50 ग्राम करीबन से बडे ओलो की वर्षा हुई है। जिससे किसने की रवि की फसल चौपट हो गई। दूसरी ओर कई पशु पक्षियों ने अत्यधिक ओलावृष्टि की चपेट में आकर अपनी जान गवा दी है। अत्यधिक ओलावृष्टि के कहर से किसानों के शोक की लहर दौड़ पड़ी। किसने की फसल ओलावृष्टि से चौपट होने के कारण क्षेत्र का किसान बधाई आर्थिक संकट में आ गया है। क्षेत्र के ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों का कहना है कि विगत वर्षों में भी कई बार प्रकृति की मार से हमारे फैसले खराब हुई है। लेकिन प्रशासन द्वारा एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा एवं कृषि बीमा विभाग द्वारा हम पीड़ित किसानों को कोई सहयोग नहीं मिल पाया है। समाजसेवी पंडित मनोज कुमार शर्मा ,परशुराम जाट, लक्ष्मी नारायण जाट, मुकेश बैरवा, ओमप्रकाश बैरवा, आदि किसानों का कहना है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी क्षेत्र के किसानों का फसल बीमा कंपनियों द्वारा फसल बीमा किया गया है। दूसरी ओर कई जनप्रतिनिधियों द्वारा भी स्थितिकाल में पीड़ित किसानों का सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन के पदाधिकारी के द्वारा भी दम भारी किसने की सहयोग की चर्चाएं आमसभा में होती रहती है। लेकिन अब देखना यह है कि अभी के हालातो में अत्यधिक ओलावृष्टि के कहर की मार से पीड़ित किसानों के सहयोग के लिए। किसका हाथ सामने आता है। अत्यधिक ओलावृष्टि की मार से फसल खराब होने से आर्थिक संकट में पड़े पीड़ित किसानों ने खंडार उपखंड मुख्यालय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों एवं कृषि बीमा विभाग एवं राजस्थान सरकार से फसल मुआवजे के लिए गुहार लगाई है।1
- 15 फरवरी तक समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन दी चेतावनी जयपुर अंबेडकर भवन जयपुर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक से कई कॉलेजों के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात कर छात्रवृत्ति भुगतान में हो रही भारी देरी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विभाग द्वारा जून 2025 से प्रदेश के 272 कॉलेजों के पोर्टल होल्ड कर रखे गए हैं, जिससे SC, ST, OBC, BPL व MBC वर्ग के हजारों छात्र छात्रवृत्ति से वंचित हैं। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कॉलेजों का निरीक्षण हो जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई, जिससे छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। निदेशक महोदय ने प्रतिनिधिमंडल को 15 फरवरी 2026 तक सभी लंबित प्रकरणों के निस्तारण का आश्वासन दिया है। साथ ही चेतावनी भी दी गई कि यदि तय समय सीमा तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो छात्र एवं कॉलेज प्रशासन मिलकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। कॉलेज प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि छात्रवृत्ति प्रक्रिया शीघ्र बहाल कर गरीब व वंचित वर्ग के छात्रों को उनका हक दिलाया जाए।1
- हमारे गांव की सड़क1
- ग्राम पंचायत galad kalan me 3 4 माह से नालियों की सफाई नहीं हो रही है जिस से school me जाने वाले विद्यार्थियों को कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है2
- Post by मनोज तिवाड़ी1
- अंबेडकर नगर में स्कूली बच्चों को जर्सी वितरण, सर्दी से बचाव का सराहनीय प्रयास अंबेडकर नगर युवा विकास सेवा संस्था द्वारा अध्यक्ष अशोक कुमार धवन के नेतृत्व में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुरतपुरा एवं आंगनवाड़ी केंद्र एवं अंबेडकर नगर में अध्ययनरत बच्चों को सर्दी से बचाव हेतु जर्सी वितरित की गई। इस सेवा कार्य में भामाशाह समाजसेवी हरिप्रसाद बैरवा का सहयोग रहा। कार्यक्रम में बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। ग्रामवासियों ने संस्था के इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।1
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- राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र में खंडार तहसील में ओलावृष्टि के कारण किसान का बहुत नुकसान हो चुका है यहां पर मौके पर कोई अभी तो अधिकारी नहीं आए ना कलेक्टर आया है ना लेखपाल ना पटवारी कोई मौके पर नहीं आया है । कही गांव हे जैसे बाड़पुर, सुमनपुरा, क्यारदा खुर्द, लहसोड़ा, बहरावंडा खुर्द, कटार, फरिया, बेरना आदि1