मधुबनी जिला के जयनगर थाना परिसर में मुहर्रम पर्व की तैयारियों और विधि-व्यवस्था को लेकर शनिवार को अनुमंडल प्रशासन द्वारा एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम दीपक कुमार ने की, जिसमें विभिन्न अखाड़ा कमेटियों के सदस्यों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। प्रशासन ने मुहर्रम मनाने से संबंधित विस्तृत जानकारी ली और कई अहम निर्णय लेते हुए अखाड़ा कमेटियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपस्थित लोगों ने बताया कि मुहर्रम का त्योहार दो दिवसीय होगा, जो 25 और 26 जून को मनाया जाएगा। 25 जून को विभिन्न अखाड़ों की कमेटियां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में झांकियों के साथ जुलूस निकालेगी, जो अपने अखाड़ों से शुरू होकर बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर वापस लौटेंगे। इस दौरान जुलूस के रूट और इसमें शामिल लोगों की संख्या की जानकारी दी गई। पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार, 26 जून को विभिन्न अखाड़ों पर कमेटियों द्वारा सजाए गए ताजिया के साथ मेले का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष ‘पहलाम ताजिया मिलन’ नहीं होगा; ताजिया अखाड़ों पर ही रखकर लोग विभिन्न प्रकार के खेल और करतब का प्रदर्शन करेंगे। बैठक में जुलूस और अखाड़ों पर पुलिस बल की तैनाती और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की गई। एसडीएम दीपक कुमार ने सभी से आपसी प्रेम, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण माहौल में शांतिपूर्वक भाईचारे के साथ मुहर्रम मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलूस निकालने और मुहर्रम मनाने के लिए सभी अखाड़ा कमेटियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, जिसके लिए थाना में विस्तृत जानकारी के साथ आवेदन जमा करने होंगे। प्रशासन ने मुहर्रम जुलूस के लिए क्षेत्र में समय और मार्ग निर्धारित किए हैं, तथा दोनों दिन सभी अखाड़ों और जुलूस में पर्याप्त सुरक्षा हेतु मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहेंगे। पुलिस प्रशासन की टीम लगातार गश्त पर रहेगी, और कमेटियों को निर्धारित समय व मार्ग पर ही जुलूस निकालने तथा अपने-अपने अखाड़ों पर ही मेला व खेल करतब प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने बताया कि जुलूस में डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित है और किसी भी प्रकार का विवादित, भड़काऊ स्लोगन या आपत्तिजनक झांकियां नहीं निकाली जाएंगी, न ही ऐसे नारे लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व की भांति ताजिया मिलन समारोह कार्यक्रम नहीं होंगे और अखाड़ों पर मेला एवं खेल प्रदर्शन निर्धारित समय से रात्रि एक बजे तक होगा। प्रशासन की टीम सादे लिबास में भी मौजूद रहेगी और पुलिस बल की तैनाती के साथ गश्त जारी रहेगी। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी, जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। हुड़दंग करने वालों, अफवाह फैलाने वालों और विधि-व्यवस्था भंग करने वालों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर है और आपत्तिजनक भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्र के चौकीदारों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग की अपील की। बैठक में एसडीएम दीपक कुमार, डीएसपी सदानंद कुमार, डीसीएलआर प्रवीण कुमार पांडेय, सीओ अखिलेश चौधरी, थानाध्यक्ष रमन कुमार, मुख्य पार्षद कैलाश पासवान सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और विभिन्न कमेटियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मधुबनी जिला के जयनगर थाना परिसर में मुहर्रम पर्व की तैयारियों और विधि-व्यवस्था को लेकर शनिवार को अनुमंडल प्रशासन द्वारा एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम दीपक कुमार ने की, जिसमें विभिन्न अखाड़ा कमेटियों के सदस्यों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। प्रशासन ने मुहर्रम मनाने से संबंधित विस्तृत जानकारी ली और कई अहम निर्णय लेते हुए अखाड़ा कमेटियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपस्थित लोगों ने बताया कि मुहर्रम का त्योहार दो दिवसीय होगा, जो 25 और 26 जून को मनाया जाएगा। 25 जून को विभिन्न अखाड़ों की कमेटियां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में झांकियों के साथ जुलूस निकालेगी, जो अपने अखाड़ों से शुरू होकर बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर वापस लौटेंगे। इस दौरान जुलूस के रूट और इसमें शामिल लोगों की संख्या की जानकारी दी गई। पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार, 26 जून को विभिन्न अखाड़ों पर कमेटियों द्वारा सजाए गए ताजिया के साथ मेले का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष ‘पहलाम ताजिया मिलन’ नहीं होगा; ताजिया अखाड़ों पर ही रखकर लोग विभिन्न प्रकार के खेल और करतब का प्रदर्शन करेंगे। बैठक में जुलूस और अखाड़ों पर पुलिस बल की तैनाती और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की गई। एसडीएम दीपक कुमार ने सभी से आपसी प्रेम, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण माहौल में शांतिपूर्वक भाईचारे के साथ मुहर्रम मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलूस निकालने और मुहर्रम मनाने के लिए सभी अखाड़ा कमेटियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, जिसके लिए थाना में विस्तृत जानकारी के साथ आवेदन जमा करने होंगे। प्रशासन ने मुहर्रम जुलूस के लिए क्षेत्र में समय और मार्ग निर्धारित किए हैं, तथा दोनों दिन सभी अखाड़ों और जुलूस में पर्याप्त सुरक्षा हेतु मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहेंगे। पुलिस प्रशासन की टीम लगातार गश्त पर रहेगी, और कमेटियों को निर्धारित समय व मार्ग पर ही जुलूस निकालने तथा अपने-अपने अखाड़ों पर ही मेला व खेल करतब प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने बताया कि जुलूस में डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित है और किसी भी प्रकार का विवादित, भड़काऊ स्लोगन या आपत्तिजनक झांकियां नहीं निकाली जाएंगी, न ही ऐसे नारे लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व की भांति ताजिया मिलन समारोह कार्यक्रम नहीं होंगे और अखाड़ों पर मेला एवं खेल प्रदर्शन निर्धारित समय से रात्रि एक बजे तक होगा। प्रशासन की टीम सादे लिबास में भी मौजूद रहेगी और पुलिस बल की तैनाती के साथ गश्त जारी रहेगी। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी, जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। हुड़दंग करने वालों, अफवाह फैलाने वालों और विधि-व्यवस्था भंग करने वालों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर है और आपत्तिजनक भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्र के चौकीदारों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग की अपील की। बैठक में एसडीएम दीपक कुमार, डीएसपी सदानंद कुमार, डीसीएलआर प्रवीण कुमार पांडेय, सीओ अखिलेश चौधरी, थानाध्यक्ष रमन कुमार, मुख्य पार्षद कैलाश पासवान सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और विभिन्न कमेटियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- यह जानकारी दी गई है कि पूरे बिहार राज्य में एक जैसी खराब स्थिति बनी हुई है। पोस्ट में लोगों से विशेष रूप से मधुबनी जिले के मौजूदा हालात पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है, जो इस बदहाली का एक स्पष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।1
- कमलावाड़ी फिजिकल एकेडमी ने जयनगर के कमलाबारी में सेना एवं सुरक्षा बलों में चयनित युवाओं के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों और समाजसेवियों ने भाग लिया। समारोह में भारतीय सुरक्षा बलों में चयनित हुए विजय कुमार, रविंद्र कुमार, शंभू कुमार और केशव किशोर को सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। मुख्य अतिथि के रूप में अजय सिंह, रामचंद्र मंडल, शिवकुमार यादव और संतोष कुमार शर्मा उपस्थित रहे, जिन्हें पारंपरिक पाक-दुपट्टा देकर सम्मानित किया गया। अकादमी के सहायक ट्रेनर गौड़ी कुमार, जितेंद्र कुमार और आयुष कुमार ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्य ट्रेनर मनीष कुमार, प्रवीण कुमार और सुरेश कुमार ने चयनित युवाओं की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास और समर्पण से ही सफलता मिलती है। उपस्थित लोगों ने चयनित युवाओं का उत्साह बढ़ाया और अकादमी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान क्षेत्र के युवाओं को सेना एवं सुरक्षा बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहा है। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और गौरव से भरा रहा, जिसमें मुकेश, राकेश, मनोज सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।4
- मिथिलांचल में पहली बार 'मिथिला आइडल 2026 – मैथिली सुरक महासंग्राम' नामक एक भव्य गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह मंच उन सभी गायकों के लिए एक बड़ा अवसर है जिनकी आवाज़ उनकी पहचान बन सकती है। इस प्रतियोगिता में विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। प्रथम विजेता को ₹1,00,000, द्वितीय विजेता को ₹71,000, और तृतीय विजेता को ₹51,000 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। ऑडिशन 28 और 29 जून 2026 को पटना, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, जनकपुर (नेपाल), खजुरिया (नेपाल) और झंझारपुर जैसे विभिन्न स्थानों पर शुरू होंगे। जिन लोगों के अंदर गायकी का हुनर है, उन्हें अपनी आवाज़ से पूरे मिथिलांचल को मंत्रमुग्ध करने के लिए इस मंच पर आमंत्रित किया गया है।1
- मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 15 की मौजूदा दशा ऐसी है कि एक थार वाहन भी वहाँ अपनी शक्ति भूल गया। सड़क की खराब स्थिति के कारण थार इस कदर फंस गई कि उसे निकालने के लिए ट्रैक्टर की सहायता लेनी पड़ी। अंततः, एक ट्रैक्टर की मदद से थार को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला गया।1
- मधुबनी में सनातन संस्कारों का एक विशाल महासंगम आयोजित किया गया, जहाँ सामूहिक उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार और शुभ विवाह जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों की धूम मची। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में सनातन परंपराओं की गूंज सुनाई दी।1
- मुंबई में आयोजित 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ 2026) के दौरान विश्व सिनेमा के भविष्य की एक अनूठी झलक देखने को मिली। इस महोत्सव में जर्मनी की प्रतिष्ठित फिल्म अकादमी बाडेन-वुर्टेमबर्ग जीएमबीएच की दस पुरस्कार विजेता छात्र फिल्मों का शानदार प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों ने अपनी रचनात्मकता, भावनात्मक गहराई और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- मधुबनी जिला के जयनगर थाना परिसर में मुहर्रम पर्व की तैयारियों और विधि-व्यवस्था को लेकर शनिवार को अनुमंडल प्रशासन द्वारा एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम दीपक कुमार ने की, जिसमें विभिन्न अखाड़ा कमेटियों के सदस्यों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। प्रशासन ने मुहर्रम मनाने से संबंधित विस्तृत जानकारी ली और कई अहम निर्णय लेते हुए अखाड़ा कमेटियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपस्थित लोगों ने बताया कि मुहर्रम का त्योहार दो दिवसीय होगा, जो 25 और 26 जून को मनाया जाएगा। 25 जून को विभिन्न अखाड़ों की कमेटियां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में झांकियों के साथ जुलूस निकालेगी, जो अपने अखाड़ों से शुरू होकर बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर वापस लौटेंगे। इस दौरान जुलूस के रूट और इसमें शामिल लोगों की संख्या की जानकारी दी गई। पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार, 26 जून को विभिन्न अखाड़ों पर कमेटियों द्वारा सजाए गए ताजिया के साथ मेले का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष ‘पहलाम ताजिया मिलन’ नहीं होगा; ताजिया अखाड़ों पर ही रखकर लोग विभिन्न प्रकार के खेल और करतब का प्रदर्शन करेंगे। बैठक में जुलूस और अखाड़ों पर पुलिस बल की तैनाती और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की गई। एसडीएम दीपक कुमार ने सभी से आपसी प्रेम, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण माहौल में शांतिपूर्वक भाईचारे के साथ मुहर्रम मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलूस निकालने और मुहर्रम मनाने के लिए सभी अखाड़ा कमेटियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, जिसके लिए थाना में विस्तृत जानकारी के साथ आवेदन जमा करने होंगे। प्रशासन ने मुहर्रम जुलूस के लिए क्षेत्र में समय और मार्ग निर्धारित किए हैं, तथा दोनों दिन सभी अखाड़ों और जुलूस में पर्याप्त सुरक्षा हेतु मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहेंगे। पुलिस प्रशासन की टीम लगातार गश्त पर रहेगी, और कमेटियों को निर्धारित समय व मार्ग पर ही जुलूस निकालने तथा अपने-अपने अखाड़ों पर ही मेला व खेल करतब प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने बताया कि जुलूस में डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित है और किसी भी प्रकार का विवादित, भड़काऊ स्लोगन या आपत्तिजनक झांकियां नहीं निकाली जाएंगी, न ही ऐसे नारे लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व की भांति ताजिया मिलन समारोह कार्यक्रम नहीं होंगे और अखाड़ों पर मेला एवं खेल प्रदर्शन निर्धारित समय से रात्रि एक बजे तक होगा। प्रशासन की टीम सादे लिबास में भी मौजूद रहेगी और पुलिस बल की तैनाती के साथ गश्त जारी रहेगी। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी, जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। हुड़दंग करने वालों, अफवाह फैलाने वालों और विधि-व्यवस्था भंग करने वालों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर है और आपत्तिजनक भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्र के चौकीदारों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग की अपील की। बैठक में एसडीएम दीपक कुमार, डीएसपी सदानंद कुमार, डीसीएलआर प्रवीण कुमार पांडेय, सीओ अखिलेश चौधरी, थानाध्यक्ष रमन कुमार, मुख्य पार्षद कैलाश पासवान सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और विभिन्न कमेटियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।1
- परसौनी में एक 'हाई वोल्टेज ड्रामा' देखने को मिला जब एक युवती सुबह एक टावर पर चढ़ गई। यह घटना सुबह 4 बजे हुई, और युवती लगभग 8 घंटे तक टावर पर ही रही। काफी समय बाद, वह टावर से नीचे उतरी।1