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कन्नौज उत्तर प्रदेश में लाखों लोगों की भीड़ चंद्र शेखर आजाद जी के रैली में।
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कन्नौज उत्तर प्रदेश में लाखों लोगों की भीड़ चंद्र शेखर आजाद जी के रैली में।
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- उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय राज्यमंत्री, श्रम एवं सेवायोजन विभाग तथा जनपद चित्रकूट के प्रभारी मंत्री श्री मनोहर लाल जी (मन्नू कोरी) की अध्यक्षता में आज विकास भवन के सभागार में सीएम डैश बोर्ड के माध्यम से विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक जाटव, मुख्य विकास अधिकारी श्री डीपी पाल, अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट को ऑपरेटिव बैंक चित्रकूट/ बांदा श्री पंकज अग्रवाल, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री महेन्द्र कोटार्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डा भूपेश द्विवेदी, डी सी मनरेगा श्री डी एन पाण्डेय सहीत संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। माननीय मंत्री जी ने सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विभागवार प्रगति की समीक्षा की, उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि- जिन विभागों की रैंकिंग 'A' ग्रेड है, वे उसे बरकरार रखें 'B', 'C' और 'D' ग्रेड वाले विभाग तत्काल सुधार सुनिश्चित करें, अन्यथा अगली बैठक में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। माननीय मंत्री जी ने अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए और नए कनेक्शन के आवेदनों को लंबित न रखा जाए। शासन की गाइडलाइन के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' के सम्बन्ध में उप निदेशक कृषि को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे। मंत्री जी ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत और ग्राम पंचायतों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित कराये। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अस्पतालों में साफ-सफाई, सुरक्षा और डॉक्टरों की रोस्टर के अनुसार तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। एम्बुलेंस सेवाओं को 'अप-टू-डेट' रखने और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बरतने पर बल दिया गया। माननीय मंत्री जी ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को निर्देशित किए कि सड़कों को गड्ढामुक्त रखने और नई सड़कों की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए गए। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को निर्देशित किए। माननीय मंत्री जी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किए कि गौशालाओं में संरक्षित पशुओं के लिए हरे चारे एवं ठंड से बचाव के समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए गए। अपर पुलिस अधीक्षक श्री सत्यपाल सिंह ने जनपद की कानून व्यवस्था की स्थिति से माननीय मंत्री जी को अवगत कराया। बैठक के दौरान 'विश्व कैंसर दिवस' के अवसर पर मंत्री जी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कैंसर के प्रति जागरूकता और रोकथाम हेतु शपथ दिलाई। मुख्य विकास अधिकारी ने माननीय मंत्री जी एवं जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अंत में, मंत्री जी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। *जिला सूचना कार्यालय, चित्रकूट*1
- अमरोहा यूपी महिला की चाकू से गोदकर हत्या महिला की हत्या कर आरोपी मकान में छुपा आरोपी को मकान से बाहर निकालने के लिए पब्लिक में आक्रोश पुलिस और पब्लिक की जमकर हुई नोकझोंक मृतक महिला के परिजनों ने आरोपी के घर की तोड़फोड़ घटना स्थल पर Sp व ASP सहित भारी पुलिस फोर्स मौजूद देहात थाना क्षेत्र के पचोकरा गांव का पूरा मामला1
- कन्या विद्यालय बैकुण्ठपुर में कक्षा 12 वीं का भव्य विदाई समारोह देखिए पूरी खबर1
- Post by Rajesh Singh1
- *जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप* *कौशाम्बी। जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे।* *स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?*2
- *प्रयागराज में टायर दुकान पर हिंसक हमला, 25 लोगों पर गंभीर आरोप:घटना का सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद।* *प्रयागराज, 4 फरवरी 2026:* शहर के स्पीड चौराहा स्थित एक टायर दुकान के मालिक राहुल गुप्ता ने पुलिस में गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके व्यवसाय पर *सुशील कुमार पांडेय, राहुल मिश्रा, आलोक मिश्रा व उनके लगभग 25 सहयोगियों* ने मिलकर बर्बर हमला किया, कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जातीय गालियाँ दीं, दुकान लूट ली तथा जान-माल के लिए धमकियाँ दीं। *घटना का क्रम:* 📌 पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि 15 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे सुशील पांडेय व एक साथी आए और दुकान के कर्मचारी मुकेश के साथ मारपीट की। पांडेय ने धमकी दी कि यदि टायर तथा पैसे नहीं दिए गए तो झूठे मुकदमे में फँसा दिया जाएगा। 📌 आरोप है कि पांडेय व उसके साथियों ने कर्मचारियों को डरा-धमकाया और वहाँ से चले गए और भविष्य में वापस आकर जबरन वसूली की चेतावनी दी। 📌 *आज 4 फरवरी को लगभग शाम 4:30 बजे, वही गुट फिर दुकान पर आया।* सभी ने दुकान में घुसकर गाली-गलौज कर कर्मचारियों को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया और फिर से अश्लील तथा जातिवादी शब्दों का प्रयोग किया। कर्मचारी अजय कुमार को बंधक बनाकर उसे मारा पीटा गया। 📌 घटना स्थल पर जब दुकान मालिक राहुल के बड़े भाई अनिल गुप्ता पहुँचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई तथा जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग किया गया। 📌 *दुकान से नकद, टूल्स, रिम-टायर समेत लगभग ₹70,000 मूल्य के सामान लूट लिए गए।* शिकायतकर्ता की मांग: राहुल गुप्ता ने थाना सिविल लाइंस, प्रयागराज में सुसंगत धाराओं के अंतर्गत सुषील पांडेय, राहुल मिश्रा, आलोक मिश्रा और उनके 25 सहयोगियों के विरुद्ध गाली-गलौज, मारपीट, बंधक बनाना, जान से मारने की धमकी, जबरन वसूली और लूट के आरोपों में कठोर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।1
- बरगढ़ में गांव समाज की जमीन से अवैध कब्जा हटाः उपजिलाधिकारी ने जेसीबी से हटवाया, जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई मऊ चित्रकूट मऊ तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरगढ़ में गांव समाज की जमीन से अवैध कब्जा हटा दिया गया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर उपजिलाधिकारी राम ऋषि रमन ने यह कार्रवाई की। स्थानीय लोगों और ग्राम प्रधान शैलेश कुमार शुक्ला सहित कई लोगों की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया। अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। कार्रवाई के दौरान 14x22 वर्ग फुट में निर्मित टीनशेड के अतिरिक्त लगभग 1 एकड़ भूमि पर जगह जगह लगे प्लास्टिक के टेंट को भी हटाया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बरगढ़ थाने की पुलिस टीम मौके पर उपस्थित रही। तहसीलदार राम सुधार, राजस्व निरीक्षक मुहम्मद असलम सिद्दीकी और लेखपाल शिव विलास सिंह भी इस कार्रवाई के दौरान मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी चित्रकूट पुलकित गर्ग के निर्देश पर पूरे जिले में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।1
- Post by Rajesh Singh1
- *कौशाम्बी | नियमों को ताक पर रखकर शराब बिक्री, जिम्मेदार मौन क्यों?* *कौशांबी संदेश संवाददाता* थाना सैनी क्षेत्र के कमासिन–सयारा मार्ग स्थित देसी शराब की दुकान पर तय समय से काफी पहले शराब की बिक्री किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ₹75 की देसी शराब खुलेआम ₹90 में बेची जा रही है, जो न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि आम जनता की जेब पर सीधा डाका भी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सुबह-सुबह शराब उपलब्ध होने से नशाखोरी तेजी से बढ़ रही है। क्षेत्र में आए दिन झगड़े, घरेलू कलह और असामाजिक गतिविधियों में इजाफा देखा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार महकमा आंख मूंदे बैठा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “इस दुकान को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, मीडिया में बार-बार खबरें प्रकाशित हुईं, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।” यह सवाल अब आम लोगों के मन में उठने लगा है कि— क्या दुकान संचालक को किसी का संरक्षण प्राप्त है? क्या आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस को सब कुछ दिखते हुए भी नहीं दिख रहा? या फिर कार्रवाई न होने के पीछे कोई अनकहा गठजोड़ है? नियमों के अनुसार शराब बिक्री का निर्धारित समय तय है और ओवररेटिंग पूरी तरह गैरकानूनी है। इसके बावजूद खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं। अब देखना यह होगा कि जिला आबकारी अधिकारी, पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर कब तक कार्रवाई करते हैं, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।1