झालावाड़ एवं झालरापाटन में 85.48 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजनाओं पर हुआ ‘आरयूआईडीपी संवाद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं हितधारकों से लिए गए सुझाव, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया गया जोर। झालावाड़,राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण के अंतर्गत झालावाड़ शहर में लगभग 79.97 करोड़ रुपये तथा झालरापाटन शहर में लगभग 5.51 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित कुल 85.48 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के संबंध में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार में ‘आरयूआईडीपी संवाद’ का आयोजन किया गया। जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। संवाद के दौरान पंचम चरण में प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई तथा प्रतिभागियों से सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किए गए। एशियाई विकास बैंक के वित्तपोषण से झालावाड़ एवं झालरापाटन शहरों में अपशिष्ट जल प्रबंधन (सीवरेज) से संबंधित कार्य कराए जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 85.48 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य दोनों शहरों में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित सीवरेज व्यवस्था विकसित कर नागरिकों को बेहतर शहरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान आमजन को न्यूनतम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही झालावाड़ एवं झालरापाटन में सीवरेज कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित निष्पादन किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि शहरी विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए आरयूआईडीपी, स्थानीय निकायों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय निकायों के सहयोग को परियोजना की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा व नगर परिषद् के पूर्व सभापति प्रदीप सिंह राजावत सहित जनप्रतिनिधियों ने सीवरेज परियोजना को झालावाड़ एवं झालरापाटन शहरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी बताते हुए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। नगर परिषद, जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों की ओर से परियोजना के सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।आरयूआईडीपी, नगर परिषद एवं संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय से परियोजना का लाभ शीघ्र ही आमजन तक पहुंचेगा। जनप्रतिनिधियों ने वार्ड स्तर पर नागरिकों को योजना की जानकारी देने एवं जनसहभागिता सुनिश्चित करने की अपील भी की।
झालावाड़ एवं झालरापाटन में 85.48 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजनाओं पर हुआ ‘आरयूआईडीपी संवाद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं हितधारकों से लिए गए सुझाव, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया गया जोर। झालावाड़,राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण के अंतर्गत झालावाड़ शहर में लगभग 79.97 करोड़ रुपये तथा झालरापाटन शहर में लगभग 5.51 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित कुल 85.48 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के संबंध में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार में ‘आरयूआईडीपी संवाद’ का आयोजन
किया गया। जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। संवाद के दौरान पंचम चरण में प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई तथा प्रतिभागियों से सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किए गए। एशियाई विकास बैंक के वित्तपोषण से झालावाड़ एवं झालरापाटन शहरों में अपशिष्ट जल प्रबंधन (सीवरेज) से संबंधित कार्य कराए जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 85.48 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य दोनों शहरों में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित सीवरेज व्यवस्था विकसित कर नागरिकों को बेहतर शहरी आधारभूत
सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान आमजन को न्यूनतम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही झालावाड़ एवं झालरापाटन में सीवरेज कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित निष्पादन किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि शहरी विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए आरयूआईडीपी, स्थानीय निकायों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय निकायों के सहयोग को परियोजना की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा व नगर परिषद् के
पूर्व सभापति प्रदीप सिंह राजावत सहित जनप्रतिनिधियों ने सीवरेज परियोजना को झालावाड़ एवं झालरापाटन शहरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी बताते हुए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। नगर परिषद, जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों की ओर से परियोजना के सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।आरयूआईडीपी, नगर परिषद एवं संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय से परियोजना का लाभ शीघ्र ही आमजन तक पहुंचेगा। जनप्रतिनिधियों ने वार्ड स्तर पर नागरिकों को योजना की जानकारी देने एवं जनसहभागिता सुनिश्चित करने की अपील भी की।
- झालावाड़ में कांग्रेस की सह प्रभारी पूनम पासवान ने संगठन की समीक्षा की, पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर केंद्र सरकार को घेरा झालावाड़। राष्ट्रीय सचिव व राजस्थान कांग्रेस की सह प्रभारी पूनम पासवान दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को झालावाड़ पहुंचीं। झालावाड़ में चार विधानसभा में उन्होंने निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा स्तर पर संगठनात्मक समीक्षा बैठक की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय होकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।1
- माँ जोगणियाँ भाग -22.......A Novel of Arawali ki lokdevi MAA JOGANIA 🙏.1
- झालावाड़ में महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा आयोजन, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रदेश स्तर के पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी, पुलिस कार्यों की सराहना। झालावाड़ में महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा आयोजन, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रदेश स्तर के पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी, पुलिस कार्यों की सराहना।1
- मोड़क पुलिस ने पेश कि मानवता कि मिसाल जिसकी आमजन ने कि दिल से सराहना मोड़क पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल जिसकी आमजन ने की दिल से सराहना पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण श्री सुजीत शंकर जिला कोटा ग्रामीण ने बताया कि पुलिस मुख्यालय जयपुर द्वारा द्वारा वरिष्ठ जनो के लिए वरिष्ठ जन सम्भल योजना (Senior's Not Alone) चलाई जा रही है इसके अंतर्गत अकेले रह रहे बुजुर्गों की सहायता, सुरक्षा और स्वास्थ्य की देखभाल के लिए जिला कोटा ग्रामीण के प्रत्येक वृताधिकारीगण, थाना अधिकारीगण को निर्देशित किया हुआ है थाना मोड़क पुलिस को आज दिनांक 04.08.26 को सुचना मिली कि एक बुजुर्ग व्यक्ति मोडक बाईपास ब्रिज के पास सडक के किनारे बेहोशी हालात में पडा हुआ है इस पर श्री राजेन्द्र प्रसाद उनि थानधिकारी थाना मोडक जिला कोटा ग्रामीण मय जाप्ता श्री डोरी सिंह हैड कानि 378 श्री अबरार कानि 657 द्वारा त्वरित कार्यवाही व सहायता उपलब्ध कराने हेतु रोड पर पड़े बुजुर्ग के पास पहुंचे। बुजुर्ग की हालत गंभीर होने के कारण व बेहोशी हालात में होने के कारण ईलाज हेतु तत्काल थाने के सरकारी वाहन से नजदीकी मोड़क गांव सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया और श्रीमान एमओ साहब से मिलकर लकर बुजुर्ग का चेकअप करवाकर ईलाज हेतु अस्पताल मे भर्ती करवाया व आवश्यक जांचे करवायी जाकर बुजुर्ग व्यक्ति का ईलाज करवाया व बुजुर्ग व्यक्ति को खाना खिलाकर बुजुर्ग व्यक्ति से आत्मीयता से नाम व पता पुछा तो अपना नाम नारायण लाल पुत्र श्री गोपाललाल जाति ब्राह्मण उम्र 75 साल निवासी सुसनेर मध्यप्रदेश हाल छापेडा मोडक स्टेशन थाना मोडक जिला कोटा ग्रामीण का होना बताया एवं करीब 40 साल से परिजन कस्तुरी बाई निवासी छापेडा मोडक स्टेशन के साथ रहना बताया इस पर बुजुर्ग का उसके साथ रह रही परिजन कस्तूरी बाई से संपर्क कर उनको सकुशल सुपुर्द किया गया एवं उनको बताया कि जब भी पुलिस की किसी भी प्रकार से आपको सहायता की जरूरत हो तो आप पुलिस थाना मोडक से संपर्क कर सकते हो। आमजन से अपीलः- यदि जिला कोटा ग्रामीण क्षेत्र मे कोई भी बुजुर्ग दंपति अकेले रहते है तो उनको किसी भी सहायता की आवश्यकता हो तो वह तुंरत संबंधित थाने के हेल्पलाईन नम्बर व पुलिस कंट्रोल रूम जिला कोटा ग्रामीण से संपर्क कर सकते है।4
- खानपुर में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी, प्रशासन से वार्ता बेनतीजा खरीफ-2025 की बकाया बीमा क्लेम राशि, आपदा राहत मुआवजा और गेहूं तुलाई के भुगतान की मांग को लेकर उपखंड कार्यालय के बाहर चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। मूसलाधार बारिश भी किसानों के हौसलों को नहीं डिगा पाई और वे रातभर धरना स्थल पर डटे रहे। इस दौरान उपखंड अधिकारी और तहसीलदार ने किसानों से वार्ता की, लेकिन कोई सहमति न बनने के कारण चर्चा बेनतीजा रही। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक बकाया राशि सीधे खातों में नहीं आएगी, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा और मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग में कोटा की अरुंधती चौधरी ने जीता स्वर्ण, इंग्लैंड की मुक्केबाज को 5-0 से हराया कोटा। ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में आयोजित कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कोटा की मुक्केबाज अरुंधती चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की बॉक्सर चेटल रेड को एकतरफा 5-0 से हराकर भारत का तिरंगा विदेशी धरती पर लहराया। अरुंधती महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी, कोटा की खिलाड़ी हैं। उनके कोच अशोक गौतम ने बताया कि यह सीनियर वर्ग में अरुंधती का लगातार छठा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्वर्ण पदक है। इससे पहले वह फेडरेशन कप, वर्ल्ड कप, नेशनल चैंपियनशिप, बॉक्सो कप और एशियन चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वर्तमान में भारतीय सेना में कार्यरत अरुंधती के लिए इस उपलब्धि के बाद राजस्थान सरकार की आउट ऑफ टर्न नियुक्ति नीति के तहत पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) बनने का अवसर भी खुल गया है। राज्य सरकार की नीति के अनुसार कॉमनवेल्थ या एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को डीएसपी पद पर नियुक्ति का अवसर दिया जाता है। साथ ही स्वर्ण पदक विजेता को एक करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 60 लाख रुपये तथा कांस्य पदक विजेता को 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। कोच अशोक गौतम ने बताया कि अरुंधती आगामी एशियन गेम्स में भी भाग लेना चाहती हैं, लेकिन 70 किलोग्राम भार वर्ग शामिल नहीं होने के कारण उन्हें अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने दूसरे भार वर्ग में खेलने की इच्छा जताई है, जिस पर अंतिम निर्णय बॉक्सिंग फेडरेशन द्वारा लिया जाएगा। अरुंधती की इस उपलब्धि पर महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी, कोटा बॉक्सिंग संघ तथा खेल जगत से जुड़े अनेक पदाधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उनके पिता सुरेश चौधरी, माता सुनीता चौधरी, बहन डॉ. चारुलता चौधरी और भाई शिवाजी आनंद चौधरी ने भी उनकी सफलता पर खुशी जताई।2
- महिला अपराधों के मामले में झालावाड़ पुलिस की रही प्रो-एक्टिव कार्यशैली, कई मामलों में पुलिस बनी फरियादी झालावाड़।प्रदेश स्तर से चल रहे महिला सुरक्षा सकंल्प अभियान का एक कार्यक्रम पीजी कॉलेज ऑटोडोरियंम में आयोजित हुआ।जयपुर से उपमहानिरीक्षक ममता गुप्ता ने महिला सुरक्षा संकल्प को लेकर कहा कि मुझे खुशी हुई कि झालावाड़ पुलिस महिलाओं के लिए बहुत ही एक्टिव तरीके से काम कर रही है।उन्हें काफी अच्छा लगा कि एक महिला अपनी कंप्लेंट नहीं भी करा पाती है तो भी पुलिस उसके लिए आगे आकर उसकी कंप्लेंट दर्ज करा रही है ओर पुलिस अपराधी को गिरफ्तार कर रही है और उस फाइल को कंप्लीट कर रही है। ये एक बहुत बड़ी बात है कि कभी ये छोटी सी सूचना आने पर पुलिस तत्परता से उस सूचना पर कार्रवाई कर रही है। तो बहुत अच्छी बात है जो पूरा कार्यक्रम था उससे मुझे ये पता चला कि झालावाड़ पुलिस ने जो महिला सुरक्षा संगम कार्यक्रम है, वो बहुत ही अच्छे से किया है और महिला को सुरक्षा के लिए ये लोग हमेशा तैयार हैं1
- झालावाड़ एवं झालरापाटन में 85.48 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजनाओं पर हुआ ‘आरयूआईडीपी संवाद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं हितधारकों से लिए गए सुझाव, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया गया जोर। झालावाड़,राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण के अंतर्गत झालावाड़ शहर में लगभग 79.97 करोड़ रुपये तथा झालरापाटन शहर में लगभग 5.51 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित कुल 85.48 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के संबंध में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार में ‘आरयूआईडीपी संवाद’ का आयोजन किया गया। जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। संवाद के दौरान पंचम चरण में प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई तथा प्रतिभागियों से सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किए गए। एशियाई विकास बैंक के वित्तपोषण से झालावाड़ एवं झालरापाटन शहरों में अपशिष्ट जल प्रबंधन (सीवरेज) से संबंधित कार्य कराए जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 85.48 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य दोनों शहरों में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित सीवरेज व्यवस्था विकसित कर नागरिकों को बेहतर शहरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान आमजन को न्यूनतम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही झालावाड़ एवं झालरापाटन में सीवरेज कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित निष्पादन किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि शहरी विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए आरयूआईडीपी, स्थानीय निकायों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय निकायों के सहयोग को परियोजना की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा व नगर परिषद् के पूर्व सभापति प्रदीप सिंह राजावत सहित जनप्रतिनिधियों ने सीवरेज परियोजना को झालावाड़ एवं झालरापाटन शहरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी बताते हुए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। नगर परिषद, जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों की ओर से परियोजना के सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।आरयूआईडीपी, नगर परिषद एवं संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय से परियोजना का लाभ शीघ्र ही आमजन तक पहुंचेगा। जनप्रतिनिधियों ने वार्ड स्तर पर नागरिकों को योजना की जानकारी देने एवं जनसहभागिता सुनिश्चित करने की अपील भी की।4