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sarhul🇦🇹 Birmetarapur odisha Rourkal
Lugun Babu from simdega Jharkhand
sarhul🇦🇹 Birmetarapur odisha Rourkal
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- sarhul🇦🇹 Birmetarapur odisha Rourkal1
- कोलेबिरा: प्रखंड अंतर्गत ग्राम बरसलोया में आयोजित चार दिवसीय अखंड हरि कीर्तन सह यज्ञ महोत्सव इस वर्ष भक्ति, आस्था, परंपरा, सांस्कृतिक उल्लास एवं सामाजिक एकता के अभूतपूर्व संगम के रूप में देखने को मिला। चार दिनों तक चले इस भव्य आयोजन में न केवल स्थानीय ग्रामवासी बल्कि आसपास के कई गांवों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। महोत्सव के अंतिम दिन का शुभारंभ प्रातः कालीन बेला में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद एवं घंटों की पवित्र ध्वनि के साथ हुआ। यज्ञ मंडप में आचार्य पंडित लखेश्वर पंडा, पवन शर्मा एवं मानस रंजन पंडा के सान्निध्य में विधि-विधानपूर्वक हवन-पूजन संपन्न कराया गया। यज्ञ में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए आहुति अर्पित की और अपने परिवार, समाज तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं उन्नति की कामना की। यज्ञ की पूर्णाहुति अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई, जिसने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक चरम पर पहुँचा दिया। यजमान के रूप में स्मृति कुमार सोनी अपनी धर्मपत्नी के साथ यज्ञ महोत्सव में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अत्यंत श्रद्धा, आस्था एवं पूर्ण समर्पण भाव के साथ सभी धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय सहभागिता निभाई। हवन-पूजन, पूर्णाहुति एवं अन्य वैदिक विधियों में उन्होंने विधिवत आहुति अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उनकी भक्ति एवं समर्पण ने पूरे आयोजन को और अधिक गरिमामय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत किया।महोत्सव के अंतिम दिन प्रातः लगभग 4 बजे माँ काली की भव्य मोहड़ा (झांकी) निकाली गई, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। माँ काली के उग्र एवं दिव्य स्वरूप का सजीव चित्रण, भगवान शिव पर चरण रखे हुए उनकी अद्भुत प्रस्तुति और आकर्षक सजावट ने ऐसा आभास कराया मानो साक्षात देवी-देवता धरती पर अवतरित हो गए हों। *“जय माँ काली”* एवं *“हर हर महादेव”* के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। नगर कीर्तन से पूर्व जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में समलपुर कीर्तन मंडली द्वारा सुमधुर भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात भव्य नगर कीर्तन एवं रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसमें सुसज्जित रथ पर भगवान श्री कृष्ण एवं राधा रानी को विराजमान कर पूरे गांव में भ्रमण कराया गया। फूलों, रंगीन लाइटों एवं पारंपरिक सजावट से सुसज्जित यह रथ अत्यंत आकर्षक एवं मनमोहक प्रतीत हो रहा था। रथ के साथ-साथ कीर्तन मंडलियां, झांकियां एवं सैकड़ों श्रद्धालु हरि नाम संकीर्तन करते हुए नृत्य करते आगे बढ़ रहे थे। *“राधे-राधे”, “हरे कृष्ण”* एवं *“जय श्री राधे”* के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। नगर कीर्तन के साथ-साथ पारंपरिक कीचड़ खेल का भी आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम में उत्साह का नया रंग भर दिया। इससे पूर्व राधा-कृष्ण की सुंदर झांकी एवं मटकी-दही फोड़ कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके बाद सभी ग्रामीण, बच्चे, युवक-युवतियां कीचड़ खेल में शामिल होकर हंसी-खुशी के साथ आनंद लेते नजर आए। यह दृश्य भाईचारे, एकता और उत्साह का अद्भुत उदाहरण बना। इसके साथ ही रीऊं कीर्तन मंडली (श्री गणेश) के प्रमुख कलाकारों को दिलीप पंडा, महावीर सोनी, लखेश्वर पंडा एवं सच्चिदानंद सोनी द्वारा अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कलाकारों के भक्ति-भाव एवं उत्कृष्ट प्रस्तुति की सराहना की गई। महोत्सव के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ो श्रद्धालुओं एवं ग्रामवासियों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया और सामाजिक समरसता एवं एकता का संदेश दिया। इस व्यवस्था में नव युवक संघ बरसलोया एवं समस्त ग्रामवासियों की सराहनीय भूमिका रही। चार दिनों तक चले इस महोत्सव में विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा अखंड हरि नाम संकीर्तन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। साथ ही आकर्षक मेले का भी आयोजन हुआ, जहां लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मनोरंजन का आनंद उठाया। _इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पुजारी एवं आचार्य लखेश्वर पंडा, पवन शर्मा तथा मानस रंजन पंडा का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके मार्गदर्शन में सभी धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न हुए।_ *_आयोजन समिति के अध्यक्ष रोहित कुमार साहु, सचिव सुनीत पति, कोषाध्यक्ष पुरन कुमार साहु, उपाध्यक्ष प्रमोद सोनी, सह सचिव दिनेश साहू एवं सह-कोषाध्यक्ष महेंद्र साहू ने पूरे आयोजन के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त संरक्षक ओमप्रकाश साहू, दिलीप पंडा, अयोध्या सोनकार, रोहित सिंह एवं राधेश्याम सोनी का विशेष सहयोग रहा। वहीं सदस्यगण सखिंदर ओहदार, सूरज सोनी, दीपक साहू, सानू सोनी, अविनाश पंडा, महावीर सोनी तथा केरसई के पंडित इंद्र शंकर झा की भी सराहनीय उपस्थिति एवं योगदान देखने को मिला। साथ ही अन्य ग्रामवासियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए इस महोत्सव को भव्य एवं सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।_* इस प्रकार भक्ति, आस्था, परंपरा, संस्कृति, सेवा और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह चार दिवसीय अखंड हरि कीर्तन सह यज्ञ महोत्सव शांतिपूर्ण, भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ।1
- gumla jharkhand1
- गुमला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर पवनसुत श्रीहनुमान की जन्मस्थली आंजनधाम में श्री हनुमान जन्मोत्सव पर गुरुवार की सुबह से भक्तों का तांता लगा हुआ है। गुमला के अलावा रांची, लोहरदगा, जशपुर सहित कई जगह से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओ का आगमन हुआ। वहीं आयोजन समिति के द्वारा 24 घंटे के अखंड हरीकीर्तन सह महाभंडारा का आयोजन किया गया है। जिसमें दूर दराज से पहुंचकर श्रद्धालु ने पूजा अर्चना की। पिछले करीब 25 वर्षों से लगातार महाभंडारा का आयोजन होता रहा है। वहीं श्रद्धालुओं ने माता अंजनी और बाल्य हनुमान से प्रार्थना कर परिवार सहित क्षेत्र के सुख समृद्धि की कामना की। साथ ही आंजनधाम के समुचित विकास करने की मांग झारखंड सरकार से की है।3
- सिसई (गुमला)। सिसई मेन रोड बस स्टैंड के पास 200 केवी का ट्रांसफर्मर लगाया गया। जिसका उद्घाटन झामुमो नेता मो उमर फारूक अंसारी और अंजुमन फलाहुल मुस्लिमीन सिसई के सदर हाजी सलमान साहब ने विधिवत रूप से फीता काट कर किया। ट्रांसफार्मर लगने से स्थानीय दुकानदार सहित आम जनता में खुशी की लहर है। झामुमो नेता मो उमर फारूक अंसारी ने बताया कि तीन दिन पहले यहां के ग्रामीणों द्वारा बताया गया था कि ट्रांसफार्मर खराब हो गया है जिससे बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। वहीं शहरी क्षेत्र होने के कारण यहां के दुकानदारों और बच्चों के पढ़ाई लिखाई में काफी दिक्कतें हो रही है साथ ही गर्मी के वजह से लोगों को रात में सोना मुश्किल हो गया है। हमनें माननीय विधायक सिसई जिग्गा सुसारण होरो को इस बात से अवगत कराया तो विधायक जी ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत इसपर पहल किया और 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर लगवाने का काम किया। मौके पर झामुमो नेता जाकिर अंसारी, शाहबाज उर्फ़ राजा अंसारी, जुलफान अंसारी, तौकिर अंसारी, बेबुल अंसारी, नईम अंसारी, उमर अंसारी सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।4
- चैनपुर:- प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर चैनपुर क्षेत्र में इस वर्ष खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आगामी 6 अप्रैल को सरहुल पूजा भव्य और पारंपरिक तरीके से मनाई जाएगी। इस आयोजन को लेकर सरहुल पूजा समिति द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है।1
- बाप-बेटे के विवाद ने लिया खौफनाक रूप, ईंट से वार कर बेटे का फोड़ा सिर चैनपुर मुख्यालय अंतर्गत बेन्दोरा गांव में पारिवारिक विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिससे गांव में सनसनी फैल गई। जानकारी देते हुए गुरुवार रात आठ बजे परिजनों ने बताया कि अनुग्रह सौरभ तिग्गा (पच्चीस वर्ष) और उसके पिता ज्ञान प्रकाश तिग्गा (पैंतालीस वर्ष) के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। ग्रामीणों के अनुसार घटना के समय दोनों नशे की हालत में थे। विवाद बढ़ने पर पिता ने गुस्से में आकर बेटे के सिर पर ईंट से हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से काफी खून बहने लगा। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने तत्काल एक सौ आठ एंबुलेंस सेवा की मदद से घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टर प्रभात की देखरेख में उसका प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों ने घायल की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई है। घायल के बड़े पिता ने बताया कि दोनों के बीच पूर्व में भी विवाद होता रहा है और नशे की स्थिति में अक्सर झगड़ा बढ़ जाता था।1
- सिमडेगा:- जिले में ड्यूटी के दौरान एक आरक्षी की आकस्मिक मौत हो जाने से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, सिमडेगा कोर्ट गार्ड में प्रतिनियुक्त आरक्षी संख्या 804 श्यामलाल मुर्मु 2 अप्रैल को कोर्ट परिसर में अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लग गई और उनकी मृत्यु हो गई।इस दुखद घटना के बाद 3 अप्रैल को पुलिस केंद्र सिमडेगा में शोक सभा का आयोजन किया गया, जहां समस्त पुलिस परिवार की ओर से दिवंगत आरक्षी को श्रद्धांजलि दी गई।पुलिस अधीक्षक ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिजनों से मिलकर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा पुलिस विभाग परिवार के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।इस दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस परिवार की ओर से सहयोग राशि भी प्रदान की गई, जिससे शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया गया।अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी गई और उसे उनके पैतृक गांव के लिए रवाना किया गया।1