झारखंड के चतरा जिले में स्थित द्वारी रेलवे साइडिंग क्षेत्र शनिवार दोपहर रणक्षेत्र में बदल गया, जहाँ वर्चस्व की लड़ाई को लेकर दो गुटों के बीच भीषण हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और पत्थर चलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसमें दोनों तरफ से कई लोग घायल हुए। घायलों में एक जनप्रतिनिधि के भी शामिल होने की सूचना है, जबकि पास से गुजर रहे कई राहगीर भी इस मारपीट में चोटिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलवे साइडिंग का संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती तौर पर कुछ हाइवा से कोयला रैक पहुंचा था। इसी दौरान द्वारी गांव के दो गुट किसी बात को लेकर आमने-सामने आ गए, और उनका विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। बताया जा रहा है कि रेलवे साइडिंग में दो कांटा घर बनाए गए हैं, जिनमें से एक का संचालन गांव के युवाओं द्वारा किया जा रहा है, जबकि दूसरे कांटा घर का संचालन तीन प्रभावशाली लोगों के हाथों में है। इसी वर्चस्व और संचालन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा तनाव शनिवार को हिंसक झड़प में बदल गया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। समाचार लिखे जाने तक द्वारी बाजार में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे हुए थे। किसी भी बड़ी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस बल के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था।
झारखंड के चतरा जिले में स्थित द्वारी रेलवे साइडिंग क्षेत्र शनिवार दोपहर रणक्षेत्र में बदल गया, जहाँ वर्चस्व की लड़ाई को लेकर दो गुटों के बीच भीषण हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और पत्थर चलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसमें दोनों तरफ से कई लोग घायल हुए। घायलों में एक जनप्रतिनिधि के भी शामिल होने की सूचना है, जबकि पास से गुजर रहे कई राहगीर भी इस मारपीट में चोटिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलवे साइडिंग का संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती तौर पर कुछ हाइवा से कोयला रैक पहुंचा था। इसी दौरान द्वारी गांव के दो गुट किसी बात को लेकर आमने-सामने आ गए, और उनका विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। बताया जा रहा है कि रेलवे साइडिंग में दो कांटा घर बनाए गए हैं, जिनमें से एक का संचालन गांव के युवाओं द्वारा किया जा रहा है, जबकि दूसरे कांटा घर का संचालन तीन प्रभावशाली लोगों के हाथों में है। इसी वर्चस्व और संचालन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा तनाव शनिवार को हिंसक झड़प में बदल गया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। समाचार लिखे जाने तक द्वारी बाजार में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे हुए थे। किसी भी बड़ी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस बल के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था।
- मुहर्रम भाईचारे और सर्वोच्च बलिदान का संदेश देता है। यह संदेश झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमसांडी अंचल स्थित छड़वा डैम परिसर में मुहर्रम के नवमी और दशमी के दौरान स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस ग्रामीण आयोजन में, गगनचुंबी 'निशान' और विभिन्न आकर्षक 'तजिए' अलग-अलग मनमोहक अंदाज़ में देखने को मिलते हैं, जो उत्सव का माहौल बनाते हुए भाईचारे, बलिदान और उत्साह का प्रदर्शन करते हैं।1
- गया जी के मोहनपुर प्रखण्ड अंतर्गत धरहरा पंचायत के भातु चक गांव में मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।1
- जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में DMFT प्रशिक्षण भवन सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR-2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु स्वयंसेवकों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त और उप निर्वाचन पदाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर, उपायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि एक शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और इस प्रक्रिया में स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और प्रत्येक पात्र मतदाता तक जानकारी पहुँचाने का आह्वान किया। विभागीय निर्देशानुसार, विद्यालयों के शिक्षकों को स्वयंसेवक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है, जो बीएलओ (BLO) के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाताओं का मार्गदर्शन करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान, स्वयंसेवकों को प्रपत्र भरने की विधि, आवश्यक दस्तावेज, और दिव्यांग तथा वरिष्ठ नागरिकों को सहायता प्रदान करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस अवसर पर सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।1
- झारखंड के हजारीबाग में स्थित ओकनी तालाब इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहा है। तालाब में बढ़ते प्रदूषण के कारण बड़ी संख्या में जलीय जीवों की मौत हो रही है। इन समस्याओं के साथ ही तालाब पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।1
- पूरे देश में जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर अभियान चल रहा है, लेकिन हजारीबाग की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जहाँ कई जल स्रोत अतिक्रमण की जद में आ गए हैं। शहर का एकमात्र प्रमुख तालाब, ओकनी तालाब, अत्यधिक प्रदूषित हो गया है, जिससे वहाँ के जल जीव मर रहे हैं। जिला प्रशासन, प्रदूषण बोर्ड और नगर निगम की टीमों ने क्षेत्र का भ्रमण कर जानकारी जुटाई है। लगभग 14 एकड़ में फैला हजारीबाग का प्रसिद्ध ओकनी तालाब अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। स्थानीय निवासियों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद, जिला प्रशासन, प्रदूषण बोर्ड और नगर निगम के अधिकारियों की एक टीम ने इसका निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि तालाब से आ रही बदबू के कारण अब आसपास रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कूड़ा फेंकने, मवेशियों को बांधने और उनके अपशिष्ट को तालाब में डालने जैसी गतिविधियों को प्रदूषण का मुख्य कारण बताया। साथ ही, कुछ स्थानीय लोग तालाब में पानी फल सिंघाड़े की खेती भी कर रहे हैं, जिसमें रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी जहरीला हो रहा है और मछली, कछुए सहित अन्य जल जीवों की मौत हो रही है। प्रदूषण विभाग की जाँच टीम ने जल जीवों की मौत के कारणों की विस्तृत जाँच का आश्वासन दिया है और इसकी रिपोर्ट नगर निगम तथा जिला प्रशासन को सौंपने की बात कही है। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त बिपिन कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने जाँच शुरू कर दी है और साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि गंदगी फैलाने वालों और तालाब के आसपास अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के मेयर अरविंद कुमार राणा ने कहा कि निगम अपनी सेवा देने के लिए तैयार है, लेकिन आम जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने लोगों से कूड़ेदान और कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जल जीवों की मौत के कारणों की भी जाँच की जाएगी।2
- हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने जिले में शूटिंग खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने शुक्रवार देर शाम हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट राइफल एसोसिएशन के नीलेंदु जयपुरियार, महासचिव सुगोतो रॉय, कोषाध्यक्ष, प्रशिक्षक सह राष्ट्रीय शूटर रिद्धि गुप्ता और रोहित सिंह के साथ एक विस्तृत बैठक की, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में शूटिंग खेल के विकास और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा करना था। बैठक के दौरान, एसोसिएशन के महासचिव ने सांसद मनीष जायसवाल को बताया कि हजारीबाग में बच्चों और युवाओं का शूटिंग खेल के प्रति रुझान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में एसोसिएशन ने अपने संसाधनों का उपयोग करके 10 मीटर शूटिंग के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की राइफल और पिस्टल खरीदी हैं। साथ ही, खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए कई मैनुअल टारगेट और एक इलेक्ट्रॉनिक टारगेट भी स्थापित किया गया है। हालांकि, महासचिव ने यह भी बताया कि जिले में 25 मीटर और 50 मीटर फायरिंग रेंज की अनुपलब्धता के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए रांची, देवघर या आसनसोल जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और समय संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि यदि यह सुविधा हजारीबाग में उपलब्ध हो जाए, तो इससे न केवल जिले, बल्कि आसपास के कई जिलों के खिलाड़ियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। सांसद मनीष जायसवाल ने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि हजारीबाग प्रमंडलीय मुख्यालय में जल्द ही अत्याधुनिक फायरिंग रेंज विकसित करने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस रेंज के निर्माण के बाद हजारीबाग केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां जोनल और राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिताओं का भी सफलतापूर्वक आयोजन संभव हो सकेगा। सांसद ने अपना लक्ष्य हजारीबाग को शूटिंग खेल का एक प्रमुख केंद्र बनाना बताया और कहा कि इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि झारखंड के खिलाड़ियों ने शूटिंग और तीरंदाजी में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है, जिससे इन दोनों खेलों का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्य का गौरव बढ़ा सकें।1
- झारखंड के चतरा जिले में स्थित द्वारी रेलवे साइडिंग क्षेत्र शनिवार दोपहर रणक्षेत्र में बदल गया, जहाँ वर्चस्व की लड़ाई को लेकर दो गुटों के बीच भीषण हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और पत्थर चलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसमें दोनों तरफ से कई लोग घायल हुए। घायलों में एक जनप्रतिनिधि के भी शामिल होने की सूचना है, जबकि पास से गुजर रहे कई राहगीर भी इस मारपीट में चोटिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलवे साइडिंग का संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती तौर पर कुछ हाइवा से कोयला रैक पहुंचा था। इसी दौरान द्वारी गांव के दो गुट किसी बात को लेकर आमने-सामने आ गए, और उनका विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। बताया जा रहा है कि रेलवे साइडिंग में दो कांटा घर बनाए गए हैं, जिनमें से एक का संचालन गांव के युवाओं द्वारा किया जा रहा है, जबकि दूसरे कांटा घर का संचालन तीन प्रभावशाली लोगों के हाथों में है। इसी वर्चस्व और संचालन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा तनाव शनिवार को हिंसक झड़प में बदल गया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। समाचार लिखे जाने तक द्वारी बाजार में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे हुए थे। किसी भी बड़ी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस बल के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था।1