logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

ब्रैकिग भिण्ड पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ.असित यादव बिदाई समारोह।

2 hrs ago
user_Lokesh shukla
Lokesh shukla
कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

ब्रैकिग भिण्ड पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ.असित यादव बिदाई समारोह।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by Lokesh shukla
    1
    Post by Lokesh shukla
    user_Lokesh shukla
    Lokesh shukla
    कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by जिलाध्यक्ष मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला इकाई सबलगढ़ Patrkar
    1
    Post by जिलाध्यक्ष मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला इकाई सबलगढ़ Patrkar
    user_जिलाध्यक्ष मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला इकाई सबलगढ़ Patrkar
    जिलाध्यक्ष मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला इकाई सबलगढ़ Patrkar
    सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मुरैना नए दारू के टेंडर होने के बाद ठेकेदारों के द्वारा अनलीगल तरीके से बेची जा रही खुले में रख कर दारू सरकार के द्वारा इस तरह दारू बेचने के लाइसेंस दिए हैं क्या यह मामला किशनपुर माधोपुर की पुलिया का है जहाँ पर अवैध दारू बेच रहे राहुल यादव रामू यादव जिनकी शिकायत थाना माता बसैया में की गई लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं क्या समझे आबकारी विभाग और पुलिस विभाग दोनों ही मिलकर इस दारु को बचाने का काम कर रहे हैं
    1
    मुरैना नए दारू के टेंडर होने के बाद ठेकेदारों के द्वारा अनलीगल तरीके से बेची जा रही खुले में रख कर दारू सरकार के द्वारा इस तरह दारू बेचने के लाइसेंस दिए हैं क्या यह मामला
किशनपुर माधोपुर की पुलिया का है जहाँ पर अवैध दारू बेच रहे राहुल यादव रामू यादव जिनकी शिकायत थाना  
माता बसैया में की गई लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं क्या समझे आबकारी विभाग और पुलिस विभाग दोनों ही मिलकर इस दारु को बचाने का काम कर रहे हैं
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
  • धौलपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां विकास सांगवान के नेतृत्व में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सायबर सेल और सीईआईआर पोर्टल की मदद से करीब 150 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस टीम ने राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार और झारखंड से भी इन मोबाइलों को ट्रेस कर रिकवर किया। एसपी कार्यालय में मोबाइल मालिकों को उनके फोन सुपुर्द किए गए, जिससे लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। लगातार मॉनिटरिंग और तकनीकी प्रयासों के चलते पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है, जो आमजन के लिए राहत भरी खबर है।
    1
    धौलपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां विकास सांगवान के नेतृत्व में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सायबर सेल और सीईआईआर पोर्टल की मदद से करीब 150 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस टीम ने राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार और झारखंड से भी इन मोबाइलों को ट्रेस कर रिकवर किया।
एसपी कार्यालय में मोबाइल मालिकों को उनके फोन सुपुर्द किए गए, जिससे लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
लगातार मॉनिटरिंग और तकनीकी प्रयासों के चलते पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है, जो आमजन के लिए राहत भरी खबर है।
    user_Avdesh Sharma
    Avdesh Sharma
    Newspaper advertising department बसेरी, धौलपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • धौलपुर। राज्य सरकार की ओर से जारी नवीन निर्देशों के अनुसार अब पूर्व में जारी जन्म प्रमाण-पत्र में माता-पिता को बच्चे का मिडिल नाम एवं सरनेम (उपनाम) में परिवर्तन में नये नियम लागू होगें। इस संबंध में राजस्थान सरकार के राजपत्र एवं अन्य राज्य के निवासियों के लिये भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित गजट नोटिफिकेशन के आधार पर ही किया जा सकेगा। जिला रजिस्ट्रार राजेश कुमार एवं उप निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व में ऐसे मामलों में शपथ पत्र के माध्यम से नाम में संशोधन कर लिया जाता था, परन्तु अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। नये प्रावधानों के अनुसार यदि जन्म प्रमाण-पत्र में केवल मूल नाम अंकित है और माता-पिता द्वारा उनका सरनेम अंकित किये जाने के लिये आवेदन किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में बच्चे के माता या पिता के सरनेम के दस्तावेज अथवा साक्ष्य प्राप्त कर एक साधारण शपथ पत्र (पाई पेपर पर) लेकर बच्चे के माता या पिता के सरनेम के आधार पर सरनेम जोड़े जा सकेगें। उन्होने बताया कि नाम में किसी भी प्रकार का पूर्ण परिवर्तन करने के लिये भी गजट में प्रकाशन कराना अनिवार्य रहेगा। यह नियम दुरूपयोग की संभावनाओं को रोकने तथा अभिलेखों की सत्यता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है। नवीन नियम लागू होने के पश्चात अब केवल वास्तविक एवं आवश्यक मामलों में ही परिवर्तन संभव हो सकेगा।
    1
    धौलपुर। राज्य सरकार की ओर से जारी नवीन निर्देशों के अनुसार अब पूर्व में जारी जन्म प्रमाण-पत्र में माता-पिता को बच्चे का मिडिल नाम एवं सरनेम (उपनाम) में परिवर्तन में नये नियम लागू होगें। इस संबंध में राजस्थान सरकार के राजपत्र एवं अन्य राज्य के निवासियों के लिये भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित गजट नोटिफिकेशन के आधार पर ही किया जा सकेगा। जिला रजिस्ट्रार राजेश कुमार एवं उप निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व में ऐसे मामलों में शपथ पत्र के माध्यम से नाम में संशोधन कर लिया जाता था, परन्तु अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। नये प्रावधानों के अनुसार यदि जन्म प्रमाण-पत्र में केवल मूल नाम अंकित है और माता-पिता द्वारा उनका सरनेम अंकित किये जाने के लिये आवेदन किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में बच्चे के माता या पिता के सरनेम के दस्तावेज अथवा साक्ष्य प्राप्त कर एक साधारण शपथ पत्र (पाई पेपर पर) लेकर बच्चे के माता या पिता के सरनेम के आधार पर सरनेम जोड़े जा सकेगें। उन्होने बताया कि नाम में किसी भी प्रकार का पूर्ण परिवर्तन करने के लिये भी गजट में प्रकाशन कराना अनिवार्य रहेगा।
यह नियम दुरूपयोग की संभावनाओं को रोकने तथा अभिलेखों की सत्यता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है। नवीन नियम लागू होने के पश्चात अब केवल वास्तविक एवं आवश्यक मामलों में ही परिवर्तन संभव हो सकेगा।
    user_जोगेंद्र सागर
    जोगेंद्र सागर
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • धौलपुर। शहर स्थित महारानी पैलेस परिसर में मंगलवार को तीन कबरबिज्जू दिखाई देने से वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। मामले की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम प्रभारी राधाकृष्ण के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाकर तीनों कबरबिज्जुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने उन्हें सकुशल केसर बाग के जंगल में छोड़ दिया। वन विभाग अधिकारियों ने लोगों से वन्यजीव दिखाई देने पर घबराने के बजाय तुरंत विभाग को सूचना देने की अपील की है।
    2
    धौलपुर। शहर स्थित महारानी पैलेस परिसर में मंगलवार को तीन कबरबिज्जू दिखाई देने से वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। मामले की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम प्रभारी राधाकृष्ण के नेतृत्व में मौके पर पहुंची।
टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाकर तीनों कबरबिज्जुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने उन्हें सकुशल केसर बाग के जंगल में छोड़ दिया। वन विभाग अधिकारियों ने लोगों से वन्यजीव दिखाई देने पर घबराने के बजाय तुरंत विभाग को सूचना देने की अपील की है।
    user_Afaq ahmed
    Afaq ahmed
    Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के जबलपुर मे एक नामी शोरूम में धार्मिक पहचान को लेकर मचे घमासान ने अब तूल पकड़ लिया है। शहर के पैंटालूंस शोरूम में कर्मचारियों के तिलक लगाने, कलावा बांधने और जय श्री राम बोलने पर कथित पाबंदी के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पैंटालूंस शोरूम में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल से रोका जा रहा था, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने इसे आस्था पर हमला बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले ने तूल तब पकड़ा जब एक कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने का कारण इन पाबंदियों को बताया। बताया जा रहा है कि जैसे ही यह जानकारी सामने आई, विश्व हिंदू महासंघ के सैकड़ो पदाधिकारी और कार्यकर्ता शोरूम के बाहर इकट्ठा हो गए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शोरूम प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को तिलक लगाने, कलावा बांधने और यहां तक कि जय श्रीराम बोलने तक से रोका जा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है, महिलाओं से कहा जा रहा है कि सिंदूर इतना लगाओ कि दिखे ना, गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्टोर मैनेजर को तिलक लगाकर और कलावा बांधकर विरोध दर्ज कराया। हिंदू संगठनों का कहना है कि यह केवल ड्रेस कोड का मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा है। उनका आरोप है कि हेड ऑफिस के नाम पर ऐसे नियम लागू किए जा रहे हैं, जिनसे हिंदू आस्थाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जो कि उनकी परंपराओं के खिलाफ है। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने शोरूम प्रबंधन को दस दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस दौरान कथित “तुगलकी फरमान” वापस नहीं लिया गया, तो वे शोरूम बंद कराने तक का आंदोलन करेंगे। उन्होंने बहिष्कार की भी चेतावनी दी और कहा कि जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। इस पूरे मामले की शुरुआत एक कर्मचारी प्रेम सिंह ठाकुर के बयान से हुई, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने तिलक लगाने को लेकर नौकरी छोड़ दी। उनके अनुसार, जब भी वे तिलक लगाकर काम पर आते थे, उनसे कहा जाता था कि पहले तिलक मिटाएं, तभी फ्लोर पर काम करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के दौरान भी इस बात को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन बाद में दबाव और बढ़ गया। प्रेम सिंह ठाकुर का कहना है कि उनसे साफ तौर पर कहा गया कि यदि वे तिलक नहीं हटाएंगे तो काम नहीं कर पाएंगे, और यह भी कहा गया कि “आप जैसे कई लोग मिल जाएंगे।” उन्होंने बताया कि उन्होंने 27 तारीख को इंटरव्यू दिया और 28 तारीख से काम शुरू किया, लेकिन माहौल से परेशान होकर जल्द ही नौकरी छोड़नी पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई, जिससे उन्हें दूसरी जगह नौकरी मिलने में भी दिक्कत हो सकती है। विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास खरे ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पेंटालून शोरूम में कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। मैनेजर नितिन गौर द्वारा हिंदू कर्मचारियों बहनों और भाइयों को कलावा पहनने, तिलक लगाने और भगवा धारण करने से रोका जा रहा है, साथ ही शोरूम के अंदर “जय श्री राम” बोलने पर भी प्रतिबंध लगाकर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारियों को भी सिंदूर लगाने से रोका जाता है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जिससे उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचती है। इसी के विरोध में संगठन ने प्रदर्शन कर अंतिम चेतावनी दी और कहा कि यदि सभी की आस्था का सम्मान नहीं किया गया तो शोरूम के बहिष्कार और बंद कराने तक की कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें तिलक लगाने, पूजा करने और “जय श्री राम” बोलने से रोका जाता है तथा नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। विकास खरे ने इसे संस्कृति पर हमला बताते हुए चेतावनी दी कि समय आने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा और संबंधित मैनेजर व एचआर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। शुभम सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस बात का डर सताता रहता है कि कहीं सच बोलने पर उन्हें नौकरी से न निकाल दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे कोई झूठ नहीं बोल रहे हैं और केवल इतना चाहते हैं कि उन्हें तिलक लगाने की अनुमति दी जाए, इस पर कोई रोक न हो। उनका कहना है कि वे सनातन परंपरा से जुड़े हैं और जबलपुर जैसे संस्कारधानी शहर में रहते हैं, इसलिए उन्हें अपनी आस्था के अनुसार तिलक, रुद्राक्ष की माला, अंगूठी या भगवान के कड़े पहनने और “जय श्री राम” बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मैनेजर नितिन बोरकर द्वारा इन सब पर रोक लगाई जाती है और यहां तक कहा जाता है कि “हनुमान चालीसा यहां नहीं चलेगी, भगवान बाहर हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस मामले में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उन्हें नौकरी से न निकाला जाए, बल्कि संबंधित मैनेजर का ट्रांसफर किया जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि जो उन पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों को किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जा रहा है और तिलक लगाने पर भी कोई रोक नहीं है। वे बताते हैं कि कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका पालन सभी कर्मचारियों को करना होता है, ताकि वे एक प्रोफेशनल और स्टैंडर्ड तरीके से दिखें, ग्राहकों को ठीक से अटेंड करें और व्यवसाय पर ध्यान दे सकें। इसके साथ ही आने-जाने के समय और सुरक्षा से जुड़े नियम भी फॉलो किए जाते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तिलक हटाने को लेकर किसी से कोई बात नहीं की गई है। संबंधित कर्मचारी के बारे में उन्होंने कहा कि वह लड़की केवल दो दिन ही काम पर आई थी, इसलिए इतने कम समय में इस तरह के आरोप लगना समझ से परे है। उनका कहना है कि उन्हें भी इस मामले की जानकारी अभी-अभी मिली है और वे खुद भी इसे देख रहे हैं। थाना प्रभारी धीरज राज का कहना है कि आज पैंटलून में विश्व हिंदू महासंघ के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता आए थे। उनका कहना है कि यहां के मैनेजर द्वारा स्टाफ को अपने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कलावा पहनने और तिलक लगाने से मना किया जाता है। इसी संबंध में पदाधिकारियों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है। थाना प्रभारी ने बताया कि वे इस ज्ञापन से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे और यह प्रयास किया जाएगा कि किसी भी प्रकार की ऐसी स्थिति न बने, जिससे किसी विशेष धर्म की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि मैनेजर नितिन पर आरोप लगाया गया है कि वे मीटिंग के दौरान स्टाफ को इन बातों के लिए टोकते हैं। हालांकि शोरूम प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। स्टोर मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि कर्मचारियों को परेशान करने या तिलक लगाने से रोकने जैसी कोई बात नहीं है। उनके अनुसार, कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत करना और ग्राहकों को बेहतर सेवा देना है। मामले पर पुलिस का कहना है कि उन्हें इस संबंध में ज्ञापन मिला है और उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। मदनमहल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी धर्म की आस्था को ठेस न पहुंचे और कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
    2
    मध्यप्रदेश के जबलपुर मे एक नामी शोरूम में धार्मिक पहचान को लेकर मचे घमासान ने अब तूल पकड़ लिया है। शहर के पैंटालूंस शोरूम में कर्मचारियों के तिलक लगाने, कलावा बांधने और जय श्री राम बोलने पर कथित पाबंदी के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पैंटालूंस शोरूम में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल से रोका जा रहा था, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने इसे आस्था पर हमला बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले ने तूल तब पकड़ा जब एक कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने का कारण इन पाबंदियों को बताया।
बताया जा रहा है कि जैसे ही यह जानकारी सामने आई, विश्व हिंदू महासंघ के सैकड़ो पदाधिकारी और कार्यकर्ता शोरूम के बाहर इकट्ठा हो गए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शोरूम प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को तिलक लगाने, कलावा बांधने और यहां तक कि जय श्रीराम बोलने तक से रोका जा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है, महिलाओं से कहा जा रहा है कि सिंदूर इतना लगाओ कि दिखे ना, गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्टोर मैनेजर को तिलक लगाकर और कलावा बांधकर विरोध दर्ज कराया।
हिंदू संगठनों का कहना है कि यह केवल ड्रेस कोड का मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा है। उनका आरोप है कि हेड ऑफिस के नाम पर ऐसे नियम लागू किए जा रहे हैं, जिनसे हिंदू आस्थाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जो कि उनकी परंपराओं के खिलाफ है।
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने शोरूम प्रबंधन को दस दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस दौरान कथित “तुगलकी फरमान” वापस नहीं लिया गया, तो वे शोरूम बंद कराने तक का आंदोलन करेंगे। उन्होंने बहिष्कार की भी चेतावनी दी और कहा कि जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी।
इस पूरे मामले की शुरुआत एक कर्मचारी प्रेम सिंह ठाकुर के बयान से हुई, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने तिलक लगाने को लेकर नौकरी छोड़ दी। उनके अनुसार, जब भी वे तिलक लगाकर काम पर आते थे, उनसे कहा जाता था कि पहले तिलक मिटाएं, तभी फ्लोर पर काम करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के दौरान भी इस बात को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन बाद में दबाव और बढ़ गया।
प्रेम सिंह ठाकुर का कहना है कि उनसे साफ तौर पर कहा गया कि यदि वे तिलक नहीं हटाएंगे तो काम नहीं कर पाएंगे, और यह भी कहा गया कि “आप जैसे कई लोग मिल जाएंगे।” उन्होंने बताया कि उन्होंने 27 तारीख को इंटरव्यू दिया और 28 तारीख से काम शुरू किया, लेकिन माहौल से परेशान होकर जल्द ही नौकरी छोड़नी पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई, जिससे उन्हें दूसरी जगह नौकरी मिलने में भी दिक्कत हो सकती है।
विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास खरे ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पेंटालून शोरूम में कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। मैनेजर नितिन गौर द्वारा हिंदू कर्मचारियों बहनों और भाइयों को कलावा पहनने, तिलक लगाने और भगवा धारण करने से रोका जा रहा है, साथ ही शोरूम के अंदर “जय श्री राम” बोलने पर भी प्रतिबंध लगाकर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारियों को भी सिंदूर लगाने से रोका जाता है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जिससे उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचती है। 
इसी के विरोध में संगठन ने प्रदर्शन कर अंतिम चेतावनी दी और कहा कि यदि सभी की आस्था का सम्मान नहीं किया गया तो शोरूम के बहिष्कार और बंद कराने तक की कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें तिलक लगाने, पूजा करने और “जय श्री राम” बोलने से रोका जाता है तथा नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। विकास खरे ने इसे संस्कृति पर हमला बताते हुए चेतावनी दी कि समय आने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा और संबंधित मैनेजर व एचआर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
शुभम सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस बात का डर सताता रहता है कि कहीं सच बोलने पर उन्हें नौकरी से न निकाल दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे कोई झूठ नहीं बोल रहे हैं और केवल इतना चाहते हैं कि उन्हें तिलक लगाने की अनुमति दी जाए, इस पर कोई रोक न हो। उनका कहना है कि वे सनातन परंपरा से जुड़े हैं और जबलपुर जैसे संस्कारधानी शहर में रहते हैं, इसलिए उन्हें अपनी आस्था के अनुसार तिलक, रुद्राक्ष की माला, अंगूठी या भगवान के कड़े पहनने और “जय श्री राम” बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मैनेजर नितिन बोरकर द्वारा इन सब पर रोक लगाई जाती है और यहां तक कहा जाता है कि “हनुमान चालीसा यहां नहीं चलेगी, भगवान बाहर हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस मामले में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उन्हें नौकरी से न निकाला जाए, बल्कि संबंधित मैनेजर का ट्रांसफर किया जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि जो उन पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों को किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जा रहा है और तिलक लगाने पर भी कोई रोक नहीं है। वे बताते हैं कि कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका पालन सभी कर्मचारियों को करना होता है, ताकि वे एक प्रोफेशनल और स्टैंडर्ड तरीके से दिखें, ग्राहकों को ठीक से अटेंड करें और व्यवसाय पर ध्यान दे सकें। इसके साथ ही आने-जाने के समय और सुरक्षा से जुड़े नियम भी फॉलो किए जाते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तिलक हटाने को लेकर किसी से कोई बात नहीं की गई है। संबंधित कर्मचारी के बारे में उन्होंने कहा कि वह लड़की केवल दो दिन ही काम पर आई थी, इसलिए इतने कम समय में इस तरह के आरोप लगना समझ से परे है। उनका कहना है कि उन्हें भी इस मामले की जानकारी अभी-अभी मिली है और वे खुद भी इसे देख रहे हैं।
थाना प्रभारी धीरज राज का कहना है कि आज पैंटलून में विश्व हिंदू महासंघ के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता आए थे। उनका कहना है कि यहां के मैनेजर द्वारा स्टाफ को अपने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कलावा पहनने और तिलक लगाने से मना किया जाता है। इसी संबंध में पदाधिकारियों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है। थाना प्रभारी ने बताया कि वे इस ज्ञापन से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे और यह प्रयास किया जाएगा कि किसी भी प्रकार की ऐसी स्थिति न बने, जिससे किसी विशेष धर्म की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि मैनेजर नितिन पर आरोप लगाया गया है कि वे मीटिंग के दौरान स्टाफ को इन बातों के लिए टोकते हैं।
हालांकि शोरूम प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। स्टोर मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि कर्मचारियों को परेशान करने या तिलक लगाने से रोकने जैसी कोई बात नहीं है। उनके अनुसार, कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत करना और ग्राहकों को बेहतर सेवा देना है।
मामले पर पुलिस का कहना है कि उन्हें इस संबंध में ज्ञापन मिला है और उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। मदनमहल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी धर्म की आस्था को ठेस न पहुंचे और कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
    user_D TV BHARAT NEWS
    D TV BHARAT NEWS
    तानसेन, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बजरंग धाम कॉलोनी प्लॉट ही प्लॉट 24 माह के आसन किस्तों पर उपलब्ध है हमारे यहाँ फाइनेंस सुविधा उपलब्ध है शीघ्र ही संपर्क करें पता शिकारपुर फाटक रोड मुरैना मध्य प्रदेश मो 7067778455
    1
    बजरंग धाम कॉलोनी प्लॉट ही प्लॉट 24 माह के आसन किस्तों पर उपलब्ध है हमारे यहाँ फाइनेंस सुविधा उपलब्ध है शीघ्र ही
संपर्क करें 
पता शिकारपुर फाटक रोड मुरैना मध्य प्रदेश
मो 7067778455
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.