आराध्या श्री फाउंडेशन ने महुंली गांव जिला प्रतापगढ निवासी अमन के सहयोग हेतु बढ़ाया हाथ। आराध्या श्री फाउंडेशन ने महुंली गांव प्रतापगढ़ निवासी अमन की मदद के लिए बढ़ाया हाथ। आराध्या श्री फाउंडेशन ने कल मंगलवार अमन श्रीवास्तव के गांव महुंली जिला प्रतापगढ पहुंचकर मानवीय संवेदना के साथ उनको आर्थिक मदद व घरेलू खाद्य सामग्री प्रदान किया । जिसमें कायस्थ समाज अम्बेडकरनगर का भी सहयोग रहा। प्रतापगढ़ मंहुली गांव में बीते 6 अगस्त 2026 को एक जर्जर मकान की छत गिरने से अमन के परिवार से छह सदस्यों की दबकर मौत हो गई थी। इस हृदय विदारक भयावह खबर के बाद आराध्या श्री फाउंडेशन के सदस्यों ने कल महुंली गांव पहुंचकर मानवीय संवेदना के साथ मदद भरी हाथ बढ़ाया। अजय श्रीवास्तव अध्यक्ष आराध्या श्री फाउंडेशन ने बताया कि बीते 14 अगस्त से फाउंडेशन ने लोगों से मानवीय संवेदना के साथ सहयोग मांगा था।इस बीच सभी के साथ, सहयोग मदद से उक्त कार्य सम्पन्न किया गया। फाउंडेशन लगातार सड़क सुरक्षा, खेल स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण व अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहा है । इस अवसर पर ललित मोहन श्रीवास्तव अध्यक्ष कायस्थ समाज अम्बेडकरनगर,दिनेश श्रीवास्तव, प्रशान्त श्रीवास्तव,अंकुर, विवेक ,राहुल ,अनिल मौजूद रहे।
आराध्या श्री फाउंडेशन ने महुंली गांव जिला प्रतापगढ निवासी अमन के सहयोग हेतु बढ़ाया हाथ। आराध्या श्री फाउंडेशन ने महुंली गांव प्रतापगढ़ निवासी अमन की मदद के लिए बढ़ाया हाथ। आराध्या श्री फाउंडेशन ने कल मंगलवार अमन श्रीवास्तव के गांव महुंली जिला प्रतापगढ पहुंचकर मानवीय संवेदना के साथ उनको
आर्थिक मदद व घरेलू खाद्य सामग्री प्रदान किया । जिसमें कायस्थ समाज अम्बेडकरनगर का भी सहयोग रहा। प्रतापगढ़ मंहुली गांव में बीते 6 अगस्त 2026 को एक जर्जर मकान की छत गिरने से अमन के परिवार से छह सदस्यों की दबकर मौत हो गई थी। इस हृदय
विदारक भयावह खबर के बाद आराध्या श्री फाउंडेशन के सदस्यों ने कल महुंली गांव पहुंचकर मानवीय संवेदना के साथ मदद भरी हाथ बढ़ाया। अजय श्रीवास्तव अध्यक्ष आराध्या श्री फाउंडेशन ने बताया कि बीते 14 अगस्त से फाउंडेशन ने लोगों से मानवीय संवेदना के साथ सहयोग मांगा था।इस बीच
सभी के साथ, सहयोग मदद से उक्त कार्य सम्पन्न किया गया। फाउंडेशन लगातार सड़क सुरक्षा, खेल स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण व अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहा है । इस अवसर पर ललित मोहन श्रीवास्तव अध्यक्ष कायस्थ समाज अम्बेडकरनगर,दिनेश श्रीवास्तव, प्रशान्त श्रीवास्तव,अंकुर, विवेक ,राहुल ,अनिल मौजूद रहे।
- चित्रकूट बाढ़ की पानी में डूबा मंदिर पुजारी ने कहा भगवान के चरणों में जीवन उन्हें छोड़कर कैसे जाऊं चित्रकूट। लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच मंदिर परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया और स्थिति चिंताजनक हो गई। मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड पर नजर आया। जानकारी के अनुसार, डीएम और एसपी पुजारी को मंदिर से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने उन्हें बाहर चलने के लिए समझाया, लेकिन पुजारी ने मंदिर छोड़ने से इनकार करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि “जिंदगी भगवान के चरणों में बीती है, उन्हें छोड़कर कैसे चला जाऊं।” पुजारी के इस जवाब के बाद अधिकारी वापस लौट गए। घटना ने आस्था और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक भावुक तस्वीर पेश कर दी। सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- *नगर पंचायत के सफाईकर्मी की बेरहमी से पिटाई,कोतवाली में दी तहरीर* *पीड़ित ने आराम करने को कहा तो भड़का आरोपी,गाली-गलौज कर की बेरहमी से पिटाई; पीड़ित ने मेडिकल व कार्रवाई की मांग की* *लम्भुआ, सुल्तानपुर।* नगर पंचायत लम्भुआ में एक सफाईकर्मी के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि थोड़ी देर आराम करने की बात कहने पर नगर पंचायत के एक व्यक्ति ने गालियां देते हुए लाठी से पीट-पीटकर घायल कर दिया। पीड़ित ने कोतवाली लम्भुआ में तहरीर देकर मेडिकल और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पंचायत लम्भुआ निवासी अजय कुमार तिवारी पुत्र शारदा तिवारी मंगलवार की दोपहर को कलाम नगर स्थित एक होटल के पास सफाई कार्य कर रहा था। आरोप है तभी वहां मौजूद एक युवक ने उससे घास छीलने के लिए कहा। अजय ने थकान के कारण थोड़ा आराम कर लेने की बात कही। इतना सुनते ही आरोपी युवक आग-बबूला हो गया और मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए हाथ में रखी लाठी से पीटने लगा। आरोप है कि युवक मार से अजय की पीठ, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। वह जमीन पर गिर पड़ा, इसके बावजूद आरोपी उसे तब तक पीटता रहा। पीड़ित ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक लम्भुआ को प्रार्थना पत्र देकर मामले में मेडिकल परीक्षण कराने और आरोपी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- राम मंदिर के प्रथम CEO से पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था की अपेक्षा : अमिताभ ठाकुर अयोध्या,श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रथम मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के रूप में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि एयर मार्शल मिश्रा का दीर्घ, प्रतिष्ठित एवं अनुशासित सैन्य सेवाकाल रहा है। उनके नेतृत्व अनुभव को देखते हुए उनसे अपेक्षा है कि वे ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और संस्थागत रूप से सुदृढ़ बनाएंगे।1
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- आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा!" - Akhilesh Yadav का बड़ा ऐलान | UP Politics1
- खाकी के नाक के नीचे सरेआम गुंडगर्दी: ठाकुरगंज की घटना कानून-व्यवस्था पर करारा तमाचा राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में एक नाबालिग किशोर के साथ दबंगों द्वारा की गई बर्बरता सिर्फ एक मारपीट की घटना नहीं है, बल्कि यह उस प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान है जो नागरिकों की सुरक्षा का दम भरती है। तहसीनगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाके में सरेआम किसी बच्चे को जानवरों की तरह पीटना और पूरे क्षेत्र में भय का साम्राज्य स्थापित करना यह साबित करने के लिए काफी है कि बदमाशों के दिलों से कानून का खौफ पूरी तरह गायब हो चुका है। मुफ्तीगंज निवासी ज़मन, अली हमजा और कुमैल जैसे युवकों द्वारा इस प्रकार की सरेआम गुंडगर्दी इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर इन असामाजिक तत्वों को खुली छूट मिली हुई है। क्या उत्तर प्रदेश की राजधानी की पहचान अब इस बात से होगी कि जब तक कोई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल नहीं होता, तब तक पुलिसिया तंत्र कुंभकर्णी नींद से नहीं जागता? घटना के बाद आरोपियों का आसानी से फरार हो जाना और पीड़ित परिवार को न्याय के लिए थानों के चक्कर काटना इस बात की गवाही देता है कि जमीनी स्तर पर पुलिसिंग कितनी लाचार हो चुकी है। यदि समय रहते इन दबंगों की कमर नहीं तोड़ी गई, तो यह घटनाएं अन्य असामाजिक तत्वों का हौसला बढ़ाएंगी। वायरल वीडियो के आधार पर खानापूर्ति करने से काम नहीं चलेगा; पुलिस प्रशासन को यह साबित करना होगा कि कानून का इकबाल अभी जिंदा है। आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए और उनके खिलाफ ऐसी नजीर पेश करने वाली कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी सिरफिरा कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न जुटा सके।1
- अयोध्या पहुंचे नव-नियुक्त CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा: चयन समिति और प्रभु श्रीराम का जताया आभार अयोध्या,श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा पदभार संभालने के लिए पहली बार अयोध्या पहुंचे।महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहाँ श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट का विशेष वाहन उन्हें रिसीव करने के लिए पहले से तैनात था। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए नव-नियुक्त CEO ने अपनी प्राथमिकताओं और भावनाओं को साझा किया।उन्होंने कहा मुझे यह अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए मैं चयन समिति, ट्रस्ट के सदस्यों और प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद का हृदय से आभारी हूँ।उन्होंने कहा यह मेरी अयोध्या की पहली यात्रा है। कृपया मुझे औपचारिक रूप से पदभार संभालने और व्यवस्थाओं को समझने के लिए थोड़ा समय दें। मैं जल्द ही ट्रस्ट के साथ मिलकर तैयार की गई अपनी पूरी विस्तृत कार्ययोजना आप सभी के साथ साझा करूँगा। 1
- अग्निवीर व्यवस्था खत्म हो, फौज में पक्की नौकरी हो!" - Akhilesh Yadav का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला!1
- जब सत्ता के करीब या उसकी छत्रछाया में पलने वाले संगठन इस तरह की खुली गुंडागर्दी पर उतर आते हैं, तो यह सवाल खड़ा होना लाजमी है कि क्या देश में कानून का शासन बचा है या फिर धमकियां देने वालों को खुली छूट मिल चुकी है? आगरा में योगी यूथ ब्रिगेड के पदाधिकारियों द्वारा अभिनेत्री स्वरा भास्कर के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है और उनकी जुबान काटने के लिए 1 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है, वह लोकतंत्र और कानून के राज पर सीधा तमाचा है। वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन खुलेआम हिंसा भड़काना, जान से मारने या अंग-भंग करने की धमकियां देना और सार्वजनिक रूप से अपमानजनक गालियां ("वेश्या" जैसे शब्दों का प्रयोग) देना न केवल असहिष्णुता की पराकाष्ठा है, बल्कि साफ तौर पर आपराधिक कृत्य भी है। जब सत्ता के करीब या उसकी छत्रछाया में पलने वाले संगठन इस तरह की खुली गुंडागर्दी पर उतर आते हैं, तो यह सवाल खड़ा होना लाजमी है कि क्या देश में कानून का शासन बचा है या फिर धमकियां देने वालों को खुली छूट मिल चुकी है? किसी महिला कलाकार या किसी भी नागरिक की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से असहमति हो सकती है, लेकिन हिंसा का खुला आह्वान और इस तरह की गिरी हुई टिप्पणियां उस सड़ चुकी मानसिकता को उजागर करती हैं जो हर असहमति का जवाब गालियों और हिंसा से देना चाहती है। यदि इस तरह के तत्वों पर तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो यह समाज में अराजकता को और बढ़ावा देगा। लोकतंत्र में असहमत होने का हक सबको है, लेकिन किसी की जुबान काटने का ऐलान करने की छूट कानून किसी को नहीं देता। #SwaraBhasker #YogiYouthBrigade #AgraNews #FreeSpeech #LawAndOrder #HateSpeech #IndianPolitics #DemocracyInDanger1