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हमीरपुर में राठ-बिखराया मार्ग पर काजीपुरा पुलिया के पास सड़क के बीच बना एक विशाल गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) खंड संख्या-2 की घोर उदासीनता के कारण यह गड्ढा पिछले लगभग एक वर्ष से बिना मरम्मत के पड़ा है, जिससे हर पल दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में, जब गड्ढे में पानी भर जाता है, तो इसकी गहराई का अनुमान लगाना असंभव हो जाता है। ऐसी स्थिति में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी हर कदम पर दुर्घटना का जोखिम रहता है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, और विभाग की लापरवाही लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने पर मजबूर कर रही है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस स्थान पर कई छोटे-बड़े हादसे पहले भी हो चुके हैं, फिर भी लोक निर्माण विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और न ही जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान दिया। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभाग केवल आश्वासन देता रहा, जबकि सड़क की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल इस जानलेवा गड्ढे की मरम्मत कर सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जवाबदेही संबंधित विभाग की होगी। अब यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या लोक निर्माण विभाग किसी बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा कर रहा है, या फिर लोगों के जीवन को बचाने के लिए इस खतरनाक गड्ढे की मरम्मत समय पर की जाएगी?

18 hrs ago
user_Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
18 hrs ago

हमीरपुर में राठ-बिखराया मार्ग पर काजीपुरा पुलिया के पास सड़क के बीच बना एक विशाल गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) खंड संख्या-2 की घोर उदासीनता के कारण यह गड्ढा पिछले लगभग एक वर्ष से बिना मरम्मत के पड़ा है, जिससे हर पल दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में, जब गड्ढे में पानी भर जाता है, तो इसकी गहराई का अनुमान लगाना असंभव हो जाता है। ऐसी स्थिति में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी हर कदम पर दुर्घटना का जोखिम रहता है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, और विभाग की लापरवाही लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने पर मजबूर कर रही है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस स्थान पर कई छोटे-बड़े हादसे पहले भी हो चुके हैं, फिर भी लोक निर्माण विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और न ही जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान दिया। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभाग केवल आश्वासन देता रहा, जबकि सड़क की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल इस जानलेवा गड्ढे की मरम्मत कर सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जवाबदेही संबंधित विभाग की होगी। अब यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या लोक निर्माण विभाग किसी बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा कर रहा है, या फिर लोगों के जीवन को बचाने के लिए इस खतरनाक गड्ढे की मरम्मत समय पर की जाएगी?

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  • Post by Jitendra kumar कोरी
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    Post by Jitendra kumar कोरी
    user_Jitendra kumar कोरी
    Jitendra kumar कोरी
    Architect मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मौदहा नगर में पुरानी स्टेट बैंक के पास लगे एक बिजली के पोल में करंट उतरने की आशंका से स्थानीय लोगों में गहरी दहशत है। लोगों का कहना है कि हल्की बारिश होते ही इस पोल में चिंगारी निकलने लगती है, जिससे उन्हें हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से तुरंत पोल की जाँच करवाकर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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    मौदहा नगर में पुरानी स्टेट बैंक के पास लगे एक बिजली के पोल में करंट उतरने की आशंका से स्थानीय लोगों में गहरी दहशत है। लोगों का कहना है कि हल्की बारिश होते ही इस पोल में चिंगारी निकलने लगती है, जिससे उन्हें हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से तुरंत पोल की जाँच करवाकर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
    user_ISLAM
    ISLAM
    Local News Reporter मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बांदा में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा संपन्न हुआ, जहां उन्होंने जनपद को 710 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इस दौरान उन्होंने कुल 229 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया, जिससे बांदा की अलग-अलग विधानसभाओं को विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। अपने दौरे के क्रम में योगी आदित्यनाथ ने महारानी अवन्तीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया और पुलिस लाइन में नवनिर्मित पुलिस आवासीय भवन का लोकार्पण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने पंडित जेएन पीजी कॉलेज में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा की और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर आगामी चुनावी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की। सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और डीएम तथा एसपी स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं।
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    उत्तर प्रदेश के बांदा में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा संपन्न हुआ, जहां उन्होंने जनपद को 710 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इस दौरान उन्होंने कुल 229 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया, जिससे बांदा की अलग-अलग विधानसभाओं को विकास कार्यों का लाभ मिलेगा।

अपने दौरे के क्रम में योगी आदित्यनाथ ने महारानी अवन्तीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया और पुलिस लाइन में नवनिर्मित पुलिस आवासीय भवन का लोकार्पण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने पंडित जेएन पीजी कॉलेज में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा की और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर आगामी चुनावी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की। सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और डीएम तथा एसपी स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • नगर पालिका परिषद बांदा की घोर लापरवाही के कारण तीन दिनों की लगातार बारिश से शहर के अधिकतर मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर चारों तरफ गंदगी फैली है, जिसके चलते आम जनता अपने घरों में कैद रहने को मजबूर है और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। सबसे भयावह स्थिति लोहिया पुल से अतर्रा चुंगी के बीच बनी हुई है, जहाँ सफाई न होने के कारण नाला पूरी तरह चोक है। विराट पैलेस से अतर्रा चुंगी के बीच नाला सफाई का कार्य नहीं किया गया और सेढू तलैया से विराट पैलेस तक का निर्माण कार्य भी अधूरा पड़ा है, जहाँ ठेकेदार द्वारा मिट्टी का बांध बना देने से पानी की निकासी ठप हो गई है। छोटी काली देवी मंदिर के पास 30-40 साल पुरानी पुलिया चोक होने से कालू कुआं सहित करीब एक दर्जन मोहल्लों का पानी ईदगाह रोड तक घरों में घुस गया है, जिससे पिछले 15 घंटों से सैकड़ों मकान डूबे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदारों को फोन करने पर केवल यही जवाब मिल रहा है कि मुख्यमंत्री जी का कार्यक्रम है, इसलिए अभी कोई मदद नहीं हो सकती। बांदा की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाते हुए लोगों ने पूछा है कि आखिर लाखों का नुकसान और जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है? अधिशासी अधिकारी से वार्ता के बाद पंप भेजने का आश्वासन तो मिला, लेकिन धरातल पर पंप की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। स्थानीय निवासियों को रात भर जागकर अपने घरों की रक्षा करनी पड़ी, जिससे न खाना बन सका और न ही सुबह का नाश्ता। पिछले तीन वर्षों से मुख्यमंत्री कार्यालय, मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी को अवगत कराने के बावजूद नाले के निर्माण में बरती जा रही अनियमितताओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकारी रिकॉर्ड में 14 फीट चौड़े दर्ज इस नाले को मात्र 4-5 फीट में समेट दिया गया है, जबकि नया बन रहा नाला भी मात्र 6-7 फीट चौड़ा है। सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद बाकर ने इस स्थिति को विस्फोटक बताया है और चेतावनी दी है कि यदि नाले को 15-20 फीट चौड़ा और 10-15 फीट गहरा नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर पालिका, सांसदों और विधायकों से तत्काल प्रभाव से एक विस्तृत प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नाले पर अतिक्रमण के खिलाफ कोई एक्शन न लेना इस समस्या को और गंभीर बना रहा है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन पंप लगाकर भरे हुए पानी को निकलवाकर जनता की मुसीबत कम करेगा, या फिर लोग बारिश के दौरान इसी तरह जलभराव और जान-माल के खतरे के बीच पिसते रहेंगे।
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    नगर पालिका परिषद बांदा की घोर लापरवाही के कारण तीन दिनों की लगातार बारिश से शहर के अधिकतर मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर चारों तरफ गंदगी फैली है, जिसके चलते आम जनता अपने घरों में कैद रहने को मजबूर है और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। सबसे भयावह स्थिति लोहिया पुल से अतर्रा चुंगी के बीच बनी हुई है, जहाँ सफाई न होने के कारण नाला पूरी तरह चोक है। विराट पैलेस से अतर्रा चुंगी के बीच नाला सफाई का कार्य नहीं किया गया और सेढू तलैया से विराट पैलेस तक का निर्माण कार्य भी अधूरा पड़ा है, जहाँ ठेकेदार द्वारा मिट्टी का बांध बना देने से पानी की निकासी ठप हो गई है। छोटी काली देवी मंदिर के पास 30-40 साल पुरानी पुलिया चोक होने से कालू कुआं सहित करीब एक दर्जन मोहल्लों का पानी ईदगाह रोड तक घरों में घुस गया है, जिससे पिछले 15 घंटों से सैकड़ों मकान डूबे हुए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदारों को फोन करने पर केवल यही जवाब मिल रहा है कि मुख्यमंत्री जी का कार्यक्रम है, इसलिए अभी कोई मदद नहीं हो सकती। बांदा की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाते हुए लोगों ने पूछा है कि आखिर लाखों का नुकसान और जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है? अधिशासी अधिकारी से वार्ता के बाद पंप भेजने का आश्वासन तो मिला, लेकिन धरातल पर पंप की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। स्थानीय निवासियों को रात भर जागकर अपने घरों की रक्षा करनी पड़ी, जिससे न खाना बन सका और न ही सुबह का नाश्ता। पिछले तीन वर्षों से मुख्यमंत्री कार्यालय, मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी को अवगत कराने के बावजूद नाले के निर्माण में बरती जा रही अनियमितताओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकारी रिकॉर्ड में 14 फीट चौड़े दर्ज इस नाले को मात्र 4-5 फीट में समेट दिया गया है, जबकि नया बन रहा नाला भी मात्र 6-7 फीट चौड़ा है।

सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद बाकर ने इस स्थिति को विस्फोटक बताया है और चेतावनी दी है कि यदि नाले को 15-20 फीट चौड़ा और 10-15 फीट गहरा नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर पालिका, सांसदों और विधायकों से तत्काल प्रभाव से एक विस्तृत प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नाले पर अतिक्रमण के खिलाफ कोई एक्शन न लेना इस समस्या को और गंभीर बना रहा है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन पंप लगाकर भरे हुए पानी को निकलवाकर जनता की मुसीबत कम करेगा, या फिर लोग बारिश के दौरान इसी तरह जलभराव और जान-माल के खतरे के बीच पिसते रहेंगे।
    user_Rahul Verma journalist
    Rahul Verma journalist
    Media house बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 9 जुलाई को बांदा और बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ रुपये से अधिक की कुल 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने यह घोषणा एक जनसभा को संबोधित करते हुए की। जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में बुंदेलखंड की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो क्षेत्र कभी पलायन, प्यास और डकैतों के लिए जाना जाता था, वह आज विकास, सुरक्षा और निवेश का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री ने जनता से विकास की राजनीति को समर्थन देने और 'विकास विरोधी सोच' को खारिज करने की अपील की। उन्होंने 'डबल इंजन सरकार' की सराहना करते हुए बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज, पेयजल, सिंचाई और रोजगार जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को एक नई पहचान मिली है। इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, चेक, आवास की चाबी और आयुष्मान कार्ड सहित कई प्रकार के लाभ भी वितरित किए।
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 9 जुलाई को बांदा और बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ रुपये से अधिक की कुल 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने यह घोषणा एक जनसभा को संबोधित करते हुए की।

जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में बुंदेलखंड की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो क्षेत्र कभी पलायन, प्यास और डकैतों के लिए जाना जाता था, वह आज विकास, सुरक्षा और निवेश का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री ने जनता से विकास की राजनीति को समर्थन देने और 'विकास विरोधी सोच' को खारिज करने की अपील की। उन्होंने 'डबल इंजन सरकार' की सराहना करते हुए बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज, पेयजल, सिंचाई और रोजगार जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को एक नई पहचान मिली है।

इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, चेक, आवास की चाबी और आयुष्मान कार्ड सहित कई प्रकार के लाभ भी वितरित किए।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • हमीरपुर के मौदहा में शिक्षकों पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के विलंब के बाद तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह घटना मंगलवार सुबह सिसोलर मार्ग स्थित रेलवे अंडरपास के पास हुई थी, जहाँ विद्यालय जा रहे शिक्षक राजेंद्र गोस्वामी और अवध बिहारी पटेरिया पर बाइक सवार तीन युवकों ने गोली चलाई थी। हालांकि, दोनों शिक्षक सुरक्षित बच गए थे। मुकदमा दर्ज करने में हुई देरी के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में शिक्षक कोतवाली पहुंचे और अपना विरोध जताया। शिक्षकों के इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अंततः एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार, "पीड़ित की तहरीर पर तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।" अब सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इन आरोपियों की गहन तलाश की जा रही है। पुलिस ने विश्वास दिलाया है कि आरोपियों की जल्द ही पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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    हमीरपुर के मौदहा में शिक्षकों पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के विलंब के बाद तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह घटना मंगलवार सुबह सिसोलर मार्ग स्थित रेलवे अंडरपास के पास हुई थी, जहाँ विद्यालय जा रहे शिक्षक राजेंद्र गोस्वामी और अवध बिहारी पटेरिया पर बाइक सवार तीन युवकों ने गोली चलाई थी। हालांकि, दोनों शिक्षक सुरक्षित बच गए थे।

मुकदमा दर्ज करने में हुई देरी के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में शिक्षक कोतवाली पहुंचे और अपना विरोध जताया। शिक्षकों के इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अंततः एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार, "पीड़ित की तहरीर पर तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।" अब सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इन आरोपियों की गहन तलाश की जा रही है।

पुलिस ने विश्वास दिलाया है कि आरोपियों की जल्द ही पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
    user_Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • हमीरपुर में राठ-बिखराया मार्ग पर काजीपुरा पुलिया के पास सड़क के बीच बना एक विशाल गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) खंड संख्या-2 की घोर उदासीनता के कारण यह गड्ढा पिछले लगभग एक वर्ष से बिना मरम्मत के पड़ा है, जिससे हर पल दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में, जब गड्ढे में पानी भर जाता है, तो इसकी गहराई का अनुमान लगाना असंभव हो जाता है। ऐसी स्थिति में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी हर कदम पर दुर्घटना का जोखिम रहता है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, और विभाग की लापरवाही लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने पर मजबूर कर रही है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस स्थान पर कई छोटे-बड़े हादसे पहले भी हो चुके हैं, फिर भी लोक निर्माण विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और न ही जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान दिया। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभाग केवल आश्वासन देता रहा, जबकि सड़क की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल इस जानलेवा गड्ढे की मरम्मत कर सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जवाबदेही संबंधित विभाग की होगी। अब यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या लोक निर्माण विभाग किसी बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा कर रहा है, या फिर लोगों के जीवन को बचाने के लिए इस खतरनाक गड्ढे की मरम्मत समय पर की जाएगी?
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    हमीरपुर में राठ-बिखराया मार्ग पर काजीपुरा पुलिया के पास सड़क के बीच बना एक विशाल गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) खंड संख्या-2 की घोर उदासीनता के कारण यह गड्ढा पिछले लगभग एक वर्ष से बिना मरम्मत के पड़ा है, जिससे हर पल दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है।

विशेष रूप से बरसात के मौसम में, जब गड्ढे में पानी भर जाता है, तो इसकी गहराई का अनुमान लगाना असंभव हो जाता है। ऐसी स्थिति में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी हर कदम पर दुर्घटना का जोखिम रहता है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, और विभाग की लापरवाही लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने पर मजबूर कर रही है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस स्थान पर कई छोटे-बड़े हादसे पहले भी हो चुके हैं, फिर भी लोक निर्माण विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और न ही जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान दिया। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभाग केवल आश्वासन देता रहा, जबकि सड़क की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल इस जानलेवा गड्ढे की मरम्मत कर सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जवाबदेही संबंधित विभाग की होगी। अब यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या लोक निर्माण विभाग किसी बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा कर रहा है, या फिर लोगों के जीवन को बचाने के लिए इस खतरनाक गड्ढे की मरम्मत समय पर की जाएगी?
    user_Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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