कोटपुतली-बहरोड़ जिले में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 'नया सफर योजना' के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें ट्रक एवं बस यूनियन के पदाधिकारियों, बहरोड़, बानसूर, नीमराना के ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन कार्यालयों के प्रतिनिधियों और जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के संचालकों ने भाग लिया। एडीएम ओमप्रकाश सहारण और डीटीओ सुनील कुमार सैनी ने योजना के तहत मिलने वाले लाभों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला कलक्टर ने बताया कि 'नया सफर योजना' का मुख्य उद्देश्य बीएस-4 और उससे कम मानकों वाले पुराने वाहनों को नए बीएस-6, इलेक्ट्रिक या सीएनजी वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसका लक्ष्य अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप करके स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन को बढ़ावा देना है। योजना के अंतर्गत, बीएस-4 ट्रक और बसों को बेचने या बीएस-3 तथा निम्नतर मानक के ट्रक और बसों को पंजीकृत स्क्रैप सेंटर पर स्क्रैप करवाकर नए वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर और पंजीयन शुल्क में छूट का प्रावधान है। साथ ही, वाहन ऋण पर 5 वर्ष तक 5 प्रतिशत की ब्याज छूट, अधिकतम 4800 रुपये तक के प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र शुल्क में छूट, पुराने वाहन पर बकाया कर में छूट और वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा वाहन की कीमत में 8 प्रतिशत तक की छूट भी प्रदान की जाएगी। डीटीओ ने जानकारी दी कि उनके कार्यालय क्षेत्राधिकार में पंजीकृत 230 एलजीवी/एमजीवी/एचजीवी भार वाहन, 85 यात्री वाहन और 131 स्कूल बसें (बीएस-4 एवं निम्नतर श्रेणी के) इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीएस-4 वाहनों का प्रतिस्थापन एनसीआर क्षेत्र और नॉन अटेनमेंट सिटीज को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सकता है। बैठक में शिक्षण संस्थानों के संचालकों को बताया गया कि वे अपनी पुरानी बसों को नई और सुरक्षित बसों से बदलकर योजना का लाभ ले सकते हैं, जिससे विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने 'नया सफर योजना' को स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संस्थानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक वाहन स्वामियों और हितधारकों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाएं, ताकि पात्र लोग इसका लाभ उठाकर पुराने वाहनों के स्थान पर आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल वाहनों को अपना सकें। बैठक में जिला रसद अधिकारी शशि शेखर शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद, जिला परिवहन निरीक्षक पवन कुमार, तकनीकी शिक्षक रवि अश्विनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के संचालक व संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कोटपुतली-बहरोड़ जिले में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 'नया सफर योजना' के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें ट्रक एवं बस यूनियन के पदाधिकारियों, बहरोड़, बानसूर, नीमराना के ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन कार्यालयों के प्रतिनिधियों और जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के संचालकों ने भाग लिया। एडीएम ओमप्रकाश सहारण और डीटीओ सुनील कुमार सैनी ने योजना के तहत मिलने वाले लाभों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला कलक्टर ने बताया कि 'नया सफर योजना' का मुख्य उद्देश्य बीएस-4 और उससे कम मानकों वाले पुराने वाहनों को नए बीएस-6, इलेक्ट्रिक या सीएनजी वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसका लक्ष्य अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप करके स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन को बढ़ावा देना है। योजना के अंतर्गत, बीएस-4 ट्रक और बसों को बेचने या बीएस-3 तथा निम्नतर मानक के ट्रक और बसों को पंजीकृत स्क्रैप सेंटर पर स्क्रैप करवाकर नए वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर और पंजीयन शुल्क में छूट का प्रावधान है। साथ ही, वाहन ऋण पर 5 वर्ष तक 5 प्रतिशत की ब्याज छूट, अधिकतम 4800 रुपये तक के प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र शुल्क में छूट, पुराने वाहन पर बकाया कर में छूट और वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा वाहन की कीमत में 8 प्रतिशत तक की छूट भी प्रदान की जाएगी। डीटीओ ने जानकारी दी कि उनके कार्यालय क्षेत्राधिकार में पंजीकृत 230 एलजीवी/एमजीवी/एचजीवी भार वाहन, 85 यात्री वाहन और 131 स्कूल बसें (बीएस-4 एवं निम्नतर श्रेणी के) इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीएस-4 वाहनों का प्रतिस्थापन एनसीआर क्षेत्र और नॉन अटेनमेंट सिटीज को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सकता है। बैठक में शिक्षण संस्थानों के संचालकों को बताया गया कि वे अपनी पुरानी बसों को नई और सुरक्षित बसों से बदलकर योजना का लाभ ले सकते हैं, जिससे विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने 'नया सफर योजना' को स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संस्थानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक वाहन स्वामियों और हितधारकों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाएं, ताकि पात्र लोग इसका लाभ उठाकर पुराने वाहनों के स्थान पर आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल वाहनों को अपना सकें। बैठक में जिला रसद अधिकारी शशि शेखर शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद, जिला परिवहन निरीक्षक पवन कुमार, तकनीकी शिक्षक रवि अश्विनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के संचालक व संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- कोटपुतली-बहरोड़ जिले में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 'नया सफर योजना' के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें ट्रक एवं बस यूनियन के पदाधिकारियों, बहरोड़, बानसूर, नीमराना के ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन कार्यालयों के प्रतिनिधियों और जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के संचालकों ने भाग लिया। एडीएम ओमप्रकाश सहारण और डीटीओ सुनील कुमार सैनी ने योजना के तहत मिलने वाले लाभों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला कलक्टर ने बताया कि 'नया सफर योजना' का मुख्य उद्देश्य बीएस-4 और उससे कम मानकों वाले पुराने वाहनों को नए बीएस-6, इलेक्ट्रिक या सीएनजी वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसका लक्ष्य अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप करके स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन को बढ़ावा देना है। योजना के अंतर्गत, बीएस-4 ट्रक और बसों को बेचने या बीएस-3 तथा निम्नतर मानक के ट्रक और बसों को पंजीकृत स्क्रैप सेंटर पर स्क्रैप करवाकर नए वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर और पंजीयन शुल्क में छूट का प्रावधान है। साथ ही, वाहन ऋण पर 5 वर्ष तक 5 प्रतिशत की ब्याज छूट, अधिकतम 4800 रुपये तक के प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र शुल्क में छूट, पुराने वाहन पर बकाया कर में छूट और वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा वाहन की कीमत में 8 प्रतिशत तक की छूट भी प्रदान की जाएगी। डीटीओ ने जानकारी दी कि उनके कार्यालय क्षेत्राधिकार में पंजीकृत 230 एलजीवी/एमजीवी/एचजीवी भार वाहन, 85 यात्री वाहन और 131 स्कूल बसें (बीएस-4 एवं निम्नतर श्रेणी के) इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीएस-4 वाहनों का प्रतिस्थापन एनसीआर क्षेत्र और नॉन अटेनमेंट सिटीज को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सकता है। बैठक में शिक्षण संस्थानों के संचालकों को बताया गया कि वे अपनी पुरानी बसों को नई और सुरक्षित बसों से बदलकर योजना का लाभ ले सकते हैं, जिससे विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने 'नया सफर योजना' को स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संस्थानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक वाहन स्वामियों और हितधारकों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाएं, ताकि पात्र लोग इसका लाभ उठाकर पुराने वाहनों के स्थान पर आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल वाहनों को अपना सकें। बैठक में जिला रसद अधिकारी शशि शेखर शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद, जिला परिवहन निरीक्षक पवन कुमार, तकनीकी शिक्षक रवि अश्विनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के संचालक व संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने हेतु प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इच्छुक अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आज ही 9829802933 और 9636241144 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।1
- भिवाड़ी के बिलाहेड़ी गांव में स्थानीय निवासियों को रास्ते में पानी भरने के कारण भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह जलभराव एक साल से भी अधिक समय से बना हुआ है, और अभी तक इसके निकास के लिए कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा सका है, जिससे लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर भिवाड़ी नगर पालिका परिषद को अवगत कराया गया है।2
- खैरथल-तिजारा के मुंडावर नगर पालिका क्षेत्र के ग्रामीण किसानों ने मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के तहत मिलने वाली 2000 यूनिट बिजली छूट को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर विद्युत विभाग मुंडावर के AEN को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उनके बिजली कनेक्शनों के टैरिफ कोड बदल दिए गए, जिससे उन्हें मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ मिलना बंद हो गया। किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई अनुचित और नियमों के विपरीत है। किसानों ने बताया कि 4000 टैरिफ कोड को 4000 AX में बदलने के बाद उन्हें 24 घंटे की बजाय अब केवल 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की अन्य नगर पालिकाओं में ग्रामीण किसानों को 2000 यूनिट की छूट मिल रही है, जबकि मुंडावर के किसानों को इससे वंचित रखा जा रहा है। किसानों ने ज्ञापन में कृषि भूमि का दर्जा बरकरार रखते हुए मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ तुरंत बहाल करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने पहले हुई कथित अवैध वसूली की राशि को 6 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने और भविष्य में किसानों से कोई अतिरिक्त वसूली न करने की भी मांग रखी है। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में उन्होंने SE भिवाड़ी को भी एक ज्ञापन सौंपा था। SE भिवाड़ी ने किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक किसानों के बिल बंद रहेंगे और कृषि कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए सात दिन का समय मांगा, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।1
- हरियाणा में कबीर दास महाराज जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया।4
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अजीतपुरा कला में स्थानीय लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार जलवा पूजन, जिसे कुआं पूजन भी कहा जाता है, मनाते हैं। इस प्रथा के साथ ही, राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर यहाँ विशेष रूप से 'जलवा तेरा जलवा' कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है।1
- नागौर से जोधपुर तक एक डम्पर ने पूरे रास्ते में हड़कंप मचा दिया। इस स्थिति के चलते, चार थानों की पुलिस को लगातार इस डम्पर का पीछा करना पड़ा।1