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churu लापता होने के बाद परिजनों ने समझ लिया था मृत, आश्रम ने मिलवाया 10 साल पहले लापता हुए मुन्नू को विमला देवी सेवा आश्रम की पहल से परिवार से मिलाया गया। परिजनों ने उसे मृत मान लिया था, लेकिन आश्रम और पुलिस की मदद से उसकी पहचान हुई और वह अपने परिवार के पास पहुंचा। चूरू: 10 साल बाद जिंदा लौटा ‘मन्नू’, लापता होने के बाद परिजनों ने समझ लिया था मृत, आश्रम ने मिलवाया 10 साल पहले लापता हुए मुन्नू को विमला देवी सेवा आश्रम की पहल से परिवार से मिलाया गया। परिजनों ने उसे मृत मान लिया था, लेकिन आश्रम और पुलिस की मदद से उसकी पहचान हुई और वह अपने परिवार के पास पहुंचा। Missing Youth Found After 10 year: दस साल पहले परिवार से बिछड़ा मुन्नू जब अचानक अपनों के बीच पहुंचा तो वर्षों का इंतजार आंसुओं और खुशियों में बदल गया। परिजनों ने लंबे समय तक तलाश के बाद उसे मृत मान लिया था लेकिन चूरू के सादुलपुर विमला देवी सेवा आश्रम के संचालक समाजसेवी मनीष शर्मा की पहल से परिवार को उसका जीवित होने का पता चला। परिवार के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था। जिस व्यक्ति के लौटने की उम्मीद परिजनों ने वर्षों पहले छोड़ दी थी, उसके अचानक सामने आने से घर में खुशी का माहौल बन गया। आश्रम में मिला, पुलिस ने परिवार तक पहुंचाया मनीष शर्मा ने बताया कि करीब दो-तीन महीने पहले मुन्नू शहर में घूमता मिला था। सूचना पर उसे आश्रम लाया गया। पहचान संबंधी जानकारी मिलने के बाद देवरिया पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इसके बाद रुद्रपुर थाना पुलिस ने मुन्नू के गांव हल्लादपुर मड़कड़ी के सरपंच से संपर्क कर परिजनों तक खबर पहुंचाई। शेखावाटी समाचार: खोया हुआ 5 साल का बेटा मिला, एक महीने बाद कलेजे के टुकड़े को देखते ही रो पड़े माता-पिता आश्रम संचालक के अनुसार मुन्नू के बारे में जानकारी जुटाने के दौरान उसके गांव और परिवार से जुड़े लोगों की पहचान करने का प्रयास किया गया। पुलिस और स्थानीय स्तर पर जानकारी शेयर करने के बाद उसके परिजनों तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद परिवार को बताया गया कि मुन्नू जीवित है और आश्रम में सुरक्षित है। चाचा को देखते ही गले लग गए भतीजे गुरुवार शाम आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आश्रम संचालक ने मुन्नू को परिजनों के सुपुर्द किया। उसे लेने पहुंचे भतीजे आकाश और अंकित यादव ने जैसे ही अपने चाचा को देखा, भावुक होकर गले लगा लिया। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। भतीजों ने बताया कि इतने वर्षों बाद उनके सामने आने की कल्पना नहीं की थी। मुलाकात के दौरान परिवार के सदस्यों ने मुन्नू से बातचीत की और उसे घर ले जाने की तैयारी की। लंबे समय बाद परिवार के बीच लौटने पर मुन्नू भी भावुक नजर आया। 10 साल की तलाश का हुआ सुखद अंत परिजनों ने बताया कि मुन्नू के लापता होने के बाद उन्होंने रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतने के साथ उम्मीद टूटती गई और परिवार ने उसे मृत मान लिया। दस साल बाद उसके सकुशल लौटने की खबर ने परिवार की बुझ चुकी उम्मीदों को फिर जगा दिया। परिजनों ने आश्रम संचालक और पुलिस का आभार जताया।

7 hrs ago
user_कुमार राजेश चौधरी
कुमार राजेश चौधरी
Voice of people चूरू, चूरू, राजस्थान•
7 hrs ago

churu लापता होने के बाद परिजनों ने समझ लिया था मृत, आश्रम ने मिलवाया 10 साल पहले लापता हुए मुन्नू को विमला देवी सेवा आश्रम की पहल से परिवार से मिलाया गया। परिजनों ने उसे मृत मान लिया था, लेकिन आश्रम और पुलिस की मदद से उसकी पहचान हुई और वह अपने परिवार के पास पहुंचा। चूरू: 10 साल बाद जिंदा लौटा ‘मन्नू’, लापता होने के बाद परिजनों ने समझ लिया था मृत, आश्रम ने मिलवाया 10 साल पहले लापता हुए मुन्नू को विमला देवी सेवा आश्रम की पहल से परिवार से मिलाया गया। परिजनों ने उसे मृत मान लिया था, लेकिन आश्रम और पुलिस की मदद से उसकी पहचान हुई और वह अपने परिवार के पास पहुंचा। Missing Youth Found After 10 year: दस साल पहले परिवार से बिछड़ा मुन्नू जब अचानक अपनों के बीच पहुंचा तो वर्षों का इंतजार आंसुओं और खुशियों में बदल गया। परिजनों ने लंबे समय तक तलाश के बाद उसे मृत मान लिया था लेकिन चूरू के सादुलपुर विमला देवी सेवा आश्रम के संचालक समाजसेवी मनीष शर्मा की पहल से परिवार को उसका जीवित होने का पता चला। परिवार के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था। जिस व्यक्ति के लौटने की उम्मीद परिजनों ने वर्षों पहले छोड़ दी थी, उसके अचानक सामने आने से घर में खुशी का माहौल बन गया। आश्रम में मिला, पुलिस ने परिवार तक पहुंचाया मनीष शर्मा ने बताया कि करीब दो-तीन महीने पहले मुन्नू शहर में घूमता मिला था। सूचना पर उसे आश्रम लाया गया। पहचान संबंधी जानकारी मिलने के बाद देवरिया पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इसके बाद रुद्रपुर थाना पुलिस ने मुन्नू के गांव हल्लादपुर मड़कड़ी के सरपंच से संपर्क कर परिजनों तक खबर पहुंचाई। शेखावाटी समाचार: खोया हुआ 5 साल का बेटा मिला, एक महीने बाद कलेजे के टुकड़े को देखते ही रो पड़े माता-पिता आश्रम संचालक के अनुसार मुन्नू के बारे में जानकारी जुटाने के दौरान उसके गांव और परिवार से जुड़े लोगों की पहचान करने का प्रयास किया गया। पुलिस और स्थानीय स्तर पर जानकारी शेयर करने के बाद उसके परिजनों तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद परिवार को बताया गया कि मुन्नू जीवित है और आश्रम में सुरक्षित है। चाचा को देखते ही गले लग गए भतीजे गुरुवार शाम आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आश्रम संचालक ने मुन्नू को परिजनों के सुपुर्द किया। उसे लेने पहुंचे भतीजे आकाश और अंकित यादव ने जैसे ही अपने चाचा को देखा, भावुक होकर गले लगा लिया। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। भतीजों ने बताया कि इतने वर्षों बाद उनके सामने आने की कल्पना नहीं की थी। मुलाकात के दौरान परिवार के सदस्यों ने मुन्नू से बातचीत की और उसे घर ले जाने की तैयारी की। लंबे समय बाद परिवार के बीच लौटने पर मुन्नू भी भावुक नजर आया। 10 साल की तलाश का हुआ सुखद अंत परिजनों ने बताया कि मुन्नू के लापता होने के बाद उन्होंने रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतने के साथ उम्मीद टूटती गई और परिवार ने उसे मृत मान लिया। दस साल बाद उसके सकुशल लौटने की खबर ने परिवार की बुझ चुकी उम्मीदों को फिर जगा दिया। परिजनों ने आश्रम संचालक और पुलिस का आभार जताया।

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  • churu लापता होने के बाद परिजनों ने समझ लिया था मृत, आश्रम ने मिलवाया 10 साल पहले लापता हुए मुन्नू को विमला देवी सेवा आश्रम की पहल से परिवार से मिलाया गया। परिजनों ने उसे मृत मान लिया था, लेकिन आश्रम और पुलिस की मदद से उसकी पहचान हुई और वह अपने परिवार के पास पहुंचा। चूरू: 10 साल बाद जिंदा लौटा ‘मन्नू’, लापता होने के बाद परिजनों ने समझ लिया था मृत, आश्रम ने मिलवाया 10 साल पहले लापता हुए मुन्नू को विमला देवी सेवा आश्रम की पहल से परिवार से मिलाया गया। परिजनों ने उसे मृत मान लिया था, लेकिन आश्रम और पुलिस की मदद से उसकी पहचान हुई और वह अपने परिवार के पास पहुंचा। Missing Youth Found After 10 year: दस साल पहले परिवार से बिछड़ा मुन्नू जब अचानक अपनों के बीच पहुंचा तो वर्षों का इंतजार आंसुओं और खुशियों में बदल गया। परिजनों ने लंबे समय तक तलाश के बाद उसे मृत मान लिया था लेकिन चूरू के सादुलपुर विमला देवी सेवा आश्रम के संचालक समाजसेवी मनीष शर्मा की पहल से परिवार को उसका जीवित होने का पता चला। परिवार के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था। जिस व्यक्ति के लौटने की उम्मीद परिजनों ने वर्षों पहले छोड़ दी थी, उसके अचानक सामने आने से घर में खुशी का माहौल बन गया। आश्रम में मिला, पुलिस ने परिवार तक पहुंचाया मनीष शर्मा ने बताया कि करीब दो-तीन महीने पहले मुन्नू शहर में घूमता मिला था। सूचना पर उसे आश्रम लाया गया। पहचान संबंधी जानकारी मिलने के बाद देवरिया पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इसके बाद रुद्रपुर थाना पुलिस ने मुन्नू के गांव हल्लादपुर मड़कड़ी के सरपंच से संपर्क कर परिजनों तक खबर पहुंचाई। शेखावाटी समाचार: खोया हुआ 5 साल का बेटा मिला, एक महीने बाद कलेजे के टुकड़े को देखते ही रो पड़े माता-पिता आश्रम संचालक के अनुसार मुन्नू के बारे में जानकारी जुटाने के दौरान उसके गांव और परिवार से जुड़े लोगों की पहचान करने का प्रयास किया गया। पुलिस और स्थानीय स्तर पर जानकारी शेयर करने के बाद उसके परिजनों तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद परिवार को बताया गया कि मुन्नू जीवित है और आश्रम में सुरक्षित है। चाचा को देखते ही गले लग गए भतीजे गुरुवार शाम आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आश्रम संचालक ने मुन्नू को परिजनों के सुपुर्द किया। उसे लेने पहुंचे भतीजे आकाश और अंकित यादव ने जैसे ही अपने चाचा को देखा, भावुक होकर गले लगा लिया। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। भतीजों ने बताया कि इतने वर्षों बाद उनके सामने आने की कल्पना नहीं की थी। मुलाकात के दौरान परिवार के सदस्यों ने मुन्नू से बातचीत की और उसे घर ले जाने की तैयारी की। लंबे समय बाद परिवार के बीच लौटने पर मुन्नू भी भावुक नजर आया। 10 साल की तलाश का हुआ सुखद अंत परिजनों ने बताया कि मुन्नू के लापता होने के बाद उन्होंने रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतने के साथ उम्मीद टूटती गई और परिवार ने उसे मृत मान लिया। दस साल बाद उसके सकुशल लौटने की खबर ने परिवार की बुझ चुकी उम्मीदों को फिर जगा दिया। परिजनों ने आश्रम संचालक और पुलिस का आभार जताया।
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    churu लापता होने के बाद परिजनों ने समझ लिया था मृत, आश्रम ने मिलवाया
10 साल पहले लापता हुए मुन्नू को विमला देवी सेवा आश्रम की पहल से परिवार से मिलाया गया। परिजनों ने उसे मृत मान लिया था, लेकिन आश्रम और पुलिस की मदद से उसकी पहचान हुई और वह अपने परिवार के पास पहुंचा।
चूरू: 10 साल बाद जिंदा लौटा ‘मन्नू’, लापता होने के बाद परिजनों ने समझ लिया था मृत, आश्रम ने मिलवाया
10 साल पहले लापता हुए मुन्नू को विमला देवी सेवा आश्रम की पहल से परिवार से मिलाया गया। परिजनों ने उसे मृत मान लिया था, लेकिन आश्रम और पुलिस की मदद से उसकी पहचान हुई और वह अपने परिवार के पास पहुंचा।
Missing Youth Found After 10 year: दस साल पहले परिवार से बिछड़ा मुन्नू जब अचानक अपनों के बीच पहुंचा तो वर्षों का इंतजार आंसुओं और खुशियों में बदल गया। परिजनों ने लंबे समय तक तलाश के बाद उसे मृत मान लिया था लेकिन चूरू के सादुलपुर विमला देवी सेवा आश्रम के संचालक समाजसेवी मनीष शर्मा की पहल से परिवार को उसका जीवित होने का पता चला।
परिवार के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था। जिस व्यक्ति के लौटने की उम्मीद परिजनों ने वर्षों पहले छोड़ दी थी, उसके अचानक सामने आने से घर में खुशी का माहौल बन गया।
आश्रम में मिला, पुलिस ने परिवार तक पहुंचाया
मनीष शर्मा ने बताया कि करीब दो-तीन महीने पहले मुन्नू शहर में घूमता मिला था। सूचना पर उसे आश्रम लाया गया। पहचान संबंधी जानकारी मिलने के बाद देवरिया पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इसके बाद रुद्रपुर थाना पुलिस ने मुन्नू के गांव हल्लादपुर मड़कड़ी के सरपंच से संपर्क कर परिजनों तक खबर पहुंचाई।
शेखावाटी समाचार: खोया हुआ 5 साल का बेटा मिला, एक महीने बाद कलेजे के टुकड़े को देखते ही रो पड़े माता-पिता
आश्रम संचालक के अनुसार मुन्नू के बारे में जानकारी जुटाने के दौरान उसके गांव और परिवार से जुड़े लोगों की पहचान करने का प्रयास किया गया। पुलिस और स्थानीय स्तर पर जानकारी शेयर करने के बाद उसके परिजनों तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद परिवार को बताया गया कि मुन्नू जीवित है और आश्रम में सुरक्षित है।
चाचा को देखते ही गले लग गए भतीजे
गुरुवार शाम आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आश्रम संचालक ने मुन्नू को परिजनों के सुपुर्द किया। उसे लेने पहुंचे भतीजे आकाश और अंकित यादव ने जैसे ही अपने चाचा को देखा, भावुक होकर गले लगा लिया। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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10 साल की तलाश का हुआ सुखद अंत
परिजनों ने बताया कि मुन्नू के लापता होने के बाद उन्होंने रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतने के साथ उम्मीद टूटती गई और परिवार ने उसे मृत मान लिया। दस साल बाद उसके सकुशल लौटने की खबर ने परिवार की बुझ चुकी उम्मीदों को फिर जगा दिया। परिजनों ने आश्रम संचालक और पुलिस का आभार जताया।
    user_कुमार राजेश चौधरी
    कुमार राजेश चौधरी
    Voice of people चूरू, चूरू, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • Post by Hanuman Prasad(मिठू शर्मा )
    1
    Post by Hanuman Prasad(मिठू शर्मा )
    user_Hanuman Prasad(मिठू शर्मा )
    Hanuman Prasad(मिठू शर्मा )
    Voice of people चूरू, चूरू, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • बगड़ न्यूज़ की खबर का बड़ा असर! जर्जर स्कूल पर जागा प्रशासन, शुरू हुई कार्रवाई माखर ग्राम पंचायत के अशोकनगर स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत को लेकर बगड़ न्यूज़ की खबर का बड़ा असर सामने आया है। टूटी चारदीवारी, जर्जर भवन और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले का संज्ञान लिया। अब ग्रामीणों और अभिभावकों को उम्मीद है कि विद्यालय की जर्जर चारदीवारी और भवन की समस्या का जल्द स्थायी समाधान होगा।
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    बगड़ न्यूज़ की खबर का बड़ा असर! जर्जर स्कूल पर जागा प्रशासन, शुरू हुई कार्रवाई
माखर ग्राम पंचायत के अशोकनगर स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत को लेकर बगड़ न्यूज़ की खबर का बड़ा असर सामने आया है। टूटी चारदीवारी, जर्जर भवन और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले का संज्ञान लिया। अब ग्रामीणों और अभिभावकों को उम्मीद है कि विद्यालय की जर्जर चारदीवारी और भवन की समस्या का जल्द स्थायी समाधान होगा।
    user_BAGAR NEWS RAJASTHAN
    BAGAR NEWS RAJASTHAN
    Media company झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • Jay Gurudev Malik Vyapar Kripa hai Pal aur Rakshabandhan ke Satsang per Aakar Rakshabandhan ka Satsang Uttar Pradesh Mein hoga vahan per jao aur Malik ke Apar Kripa paalu Jay Gurudev Naam Prabhu Ka Hai FIR mauka Mile Ya Na Mile Jay Gurudev Naam Prabhu Ka Prabhu Ka Pawan Naam Jay Gurudev Prabhu ka bhav Naam Jay Gurudev Prabhu Ka jhagada Ramdev Bimari se Kaun bachayega Jay Gurudev Baba Jay Gurudev ka Kahana Hai shakahari Rahana
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    Jay Gurudev Malik Vyapar Kripa hai Pal aur Rakshabandhan ke Satsang per Aakar Rakshabandhan ka Satsang Uttar Pradesh Mein hoga vahan per jao aur Malik ke Apar Kripa paalu Jay Gurudev Naam Prabhu Ka Hai FIR mauka Mile Ya Na Mile
Jay Gurudev Naam Prabhu Ka Prabhu Ka Pawan Naam Jay Gurudev Prabhu ka bhav Naam Jay Gurudev Prabhu Ka jhagada Ramdev Bimari se Kaun bachayega Jay Gurudev Baba Jay Gurudev ka Kahana Hai shakahari Rahana
    user_Jay Gurudev Vaani
    Jay Gurudev Vaani
    झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • लोसल निकाय चुनाव: सियासी रण तैयार ब्रेकिंग न्यूज: लोसल में निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही सियासी पारा चढ़ा। 35 वार्डों में कांग्रेस ने फिर बोर्ड बनाने का दावा ठोका, वहीं भाजपा भी चुनावी मैदान में पूरी ताकत से उतरने की तैयारी में। अब देखना होगा कि इस बार लोसल की जनता किसके सिर सजाती है शहरी सरकार का ताज।
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    लोसल निकाय चुनाव: सियासी रण तैयार
ब्रेकिंग न्यूज: लोसल में निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही सियासी पारा चढ़ा। 35 वार्डों में कांग्रेस ने फिर बोर्ड बनाने का दावा ठोका, वहीं भाजपा भी चुनावी मैदान में पूरी ताकत से उतरने की तैयारी में। अब देखना होगा कि इस बार लोसल की जनता किसके सिर सजाती है शहरी सरकार का ताज।
    user_RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर
    RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर
    Sikar, Rajasthan•
    3 hrs ago
  • सुरजगढ़ के चौराड़ी में चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में दहशत, 10 दिन में 4 चोरी सूरजगढ़। क्षेत्र के चौराड़ी गांव में लगातार सुरजगढ़ के चौराड़ी में चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में दहशत, 10 दिन में 4 चोरी सूरजगढ़। क्षेत्र के चौराड़ी गांव में लगातार हो रही चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब 10 दिनों में चोरी की चार वारदातें सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में रोष है। लगातार चोरी की घटनाओं से परेशान ग्रामीण बड़ी संख्या में सूरजगढ़ थाने पहुंचे और पुलिस से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने तथा चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार घटनाओं के चलते रात के समय लोगों में भय बना हुआ है। उन्होंने पुलिस से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, नियमित गश्त बढ़ाने और पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है। वहीं, सूरजगढ़ थाना पुलिस से ग्रामीणों ने चोरों को जल्द पकड़कर चोरी का सामान बरामद करने की भी मांग की है। सूरजगढ़ क्षेत्र में पहले भी बाइक चोरी समेत चोरी की घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं। ग्रामीणों की मांग: 👉 रात में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए 👉 चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा हो 👉 संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाए 👉 गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि चोरी की घटनाओं पर जल्द अंकुश नहीं लगा तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
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    सुरजगढ़ के चौराड़ी में चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में दहशत, 10 दिन में 4 चोरी
सूरजगढ़। क्षेत्र के चौराड़ी गांव में लगातार
सुरजगढ़ के चौराड़ी में चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में दहशत, 10 दिन में 4 चोरी
सूरजगढ़। क्षेत्र के चौराड़ी गांव में लगातार हो रही चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब 10 दिनों में चोरी की चार वारदातें सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में रोष है।
लगातार चोरी की घटनाओं से परेशान ग्रामीण बड़ी संख्या में सूरजगढ़ थाने पहुंचे और पुलिस से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने तथा चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार घटनाओं के चलते रात के समय लोगों में भय बना हुआ है। उन्होंने पुलिस से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, नियमित गश्त बढ़ाने और पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है।
वहीं, सूरजगढ़ थाना पुलिस से ग्रामीणों ने चोरों को जल्द पकड़कर चोरी का सामान बरामद करने की भी मांग की है। सूरजगढ़ क्षेत्र में पहले भी बाइक चोरी समेत चोरी की घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं।
ग्रामीणों की मांग:
👉 रात में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
👉 चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा हो
👉 संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाए
👉 गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि चोरी की घटनाओं पर जल्द अंकुश नहीं लगा तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
    user_खबर आस पास झुंझुनूं
    खबर आस पास झुंझुनूं
    Local News Reporter सूरजगढ़, झुंझुनू, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • Available for Sale Item : organic खेती के लिए organic spray Quantity Available : Agro 90, PGPR Price : 1000 City / Locality : Bhiwani, Jhunjhunu belt Farming Sector : Farm Supplies organic kheti k liye organic products ka use krne ka tarika btate huye
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    Available for Sale
Item : organic खेती के लिए organic spray
Quantity Available : Agro 90, PGPR 
Price : 1000
City / Locality : Bhiwani, Jhunjhunu belt
Farming Sector : Farm Supplies
organic kheti k liye organic products ka use krne ka tarika btate huye
    user_Sunil Kumar
    Sunil Kumar
    Entrepreneur सूरजगढ़, झुंझुनू, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • गांव आबसर से बॉलीवुड तक पहुंचा गिरधर स्वामी 18 साल से बॉलीवुड में सक्रिय, 75 से अधिक फीचर फिल्मों और कई शॉर्ट फिल्मों में निभा चुके हैं कास्टिंग डायरेक्टर की भूमिका छापर। कस्बे के निकटवर्ती छोटे से गांव आबसर की मिट्टी से निकलकर मुंबई की मायानगरी में अपनी अलग पहचान बनाने वाले गिरधर स्वामी का सफर संघर्ष, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण की कहानी है। महज 19 वर्ष की उम्र में घर से निकलकर मुंबई पहुंचे स्वामी ने फिल्म इंडस्ट्री की बारीकियों को समझते हुए कास्टिंग के क्षेत्र में कदम रखा और निरंतर मेहनत के दम पर बतौर कास्टिंग डायरेक्टर अपनी पहचान कायम की। फिल्म इंडस्ट्री में करीब 18 वर्षों से सक्रिय गिरधर स्वामी अब तक 75 से अधिक फीचर फिल्मों, 10 से अधिक शॉर्ट फिल्मों और 15 से अधिक म्यूजिक वीडियो की कास्टिंग में योगदान दे चुके हैं। उनके अनुभव की फेहरिस्त में ‘अंधाधुन’, ‘राउड़ी राठौर’, ‘वजीर’, ‘सनम तेरी कसम’, ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’, ‘कुली नंबर 1’, ‘यारियां 2’, ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘वेलकम 3’ जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं। 19 साल की उम्र में छोड़ा गांव, मुंबई को बनाया कर्मभूमि आबसर से मुंबई तक का सफर गिरधर स्वामी के लिए आसान नहीं था। 19 वर्ष की उम्र में घर से निकलकर उन्होंने मायानगरी का रुख किया। शुरुआत में फिल्म इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली को समझना और सही लोगों से जुड़ना उनके सामने बड़ी चुनौती थी। करीब तीन-चार वर्ष तक लगातार काम करने और सीखने के बाद उन्होंने इंडस्ट्री की कार्यशैली को करीब से समझा। स्वामी बताते हैं कि शुरुआत के चार साल बड़ी कठिनाई के साथ बीते लेकिन लक्ष्य स्पष्ट था,मंजिल तक पहुंचने के लिए धैर्य के साथ लगातार सीखना और मेहनत करना जरूरी था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया। उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और धैर्य बेहद जरूरी है।समय के साथ आज मुझे इंडस्ट्री में अच्छी पहचान मिली है। ‘3 इडियट्स’ से मिली बड़ी शुरुआत गिरधर स्वामी के फिल्मी सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव राजकुमार हिरानी की चर्चित फिल्म ‘3 इडियट्स’ रहा। स्वामी इसे अपने करियर की बड़ी शुरुआत मानते हैं। उस समय वे इंडस्ट्री में नए थे और उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह फिल्म इतनी बड़ी सफलता हासिल करेगी। ‘3 इडियट्स’ के अनुभव ने उन्हें फिल्म जगत को करीब से समझने और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। इसके बाद उनके काम का दायरा लगातार बढ़ता गया और वे फिल्मों में कलाकारों की तलाश तथा उनके चयन से जुड़े कार्यों में सक्रिय होते गए। चेहरे से ज्यादा किरदार की जरूरत को समझना जरूरी गिरधर स्वामी के अनुसार कास्टिंग डायरेक्टर का काम केवल किसी कलाकार का चेहरा देखकर चयन करना नहीं है। इसके लिए यह समझना जरूरी होता है कि कोई कलाकार किसी विशेष किरदार के लिए कितना उपयुक्त है। कलाकार की अभिनय क्षमता, संवाद अदायगी और किरदार की जरूरत को समझकर सही चयन करना कास्टिंग डायरेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। अब ‘तेरा साईं’ की कास्टिंग की जिम्मेदारी इन दिनों गिरधर स्वामी बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा की फिल्म ‘तेरा साईं’ की कास्टिंग से जुड़े हुए हैं। फिल्म प्रेम, करुणा और सेवा के संदेश पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म के लिए कलाकारों के चयन की जिम्मेदारी भी स्वामी निभा रहे हैं। युवाओं के लिए प्रेरणा बना आबसर से मुंबई तक का सफर गांव आबसर से निकलकर बॉलीवुड तक पहुंचे गिरधर स्वामी की कहानी ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनका सफर बताता है कि बड़े शहरों और बड़ी इंडस्ट्री तक पहुंचने के लिए केवल बड़े शहर से होना जरूरी नहीं, बल्कि लक्ष्य के प्रति स्पष्टता, लगातार मेहनत और सीखने का जज्बा भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आबसर की गलियों से शुरू हुआ गिरधर स्वामी का सफर आज मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री तक पहुंच चुका है। करीब दो दशक के अनुभव के बाद भी वे लगातार नए प्रोजेक्ट्स और नए कलाकारों के साथ काम कर रहे हैं। यही निरंतरता उनके सफर को खास बनाती है।
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    गांव आबसर से बॉलीवुड तक पहुंचा गिरधर स्वामी 

18 साल से बॉलीवुड में सक्रिय, 75 से अधिक फीचर फिल्मों और कई शॉर्ट फिल्मों में निभा चुके हैं कास्टिंग डायरेक्टर की भूमिका
छापर। कस्बे के निकटवर्ती छोटे से गांव आबसर की मिट्टी से निकलकर मुंबई की मायानगरी में अपनी अलग पहचान बनाने वाले गिरधर स्वामी का सफर संघर्ष, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण की कहानी है। महज 19 वर्ष की उम्र में घर से निकलकर मुंबई पहुंचे स्वामी ने फिल्म इंडस्ट्री की बारीकियों को समझते हुए कास्टिंग के क्षेत्र में कदम रखा और निरंतर मेहनत के दम पर बतौर कास्टिंग डायरेक्टर अपनी पहचान कायम की।
फिल्म इंडस्ट्री में करीब 18 वर्षों से सक्रिय गिरधर स्वामी अब तक 75 से अधिक फीचर फिल्मों, 10 से अधिक शॉर्ट फिल्मों और 15 से अधिक म्यूजिक वीडियो की कास्टिंग में योगदान दे चुके हैं। उनके अनुभव की फेहरिस्त में ‘अंधाधुन’, ‘राउड़ी राठौर’, ‘वजीर’, ‘सनम तेरी कसम’, ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’, ‘कुली नंबर 1’, ‘यारियां 2’, ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘वेलकम 3’ जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं।
19 साल की उम्र में छोड़ा गांव, मुंबई को बनाया कर्मभूमि
आबसर से मुंबई तक का सफर गिरधर स्वामी के लिए आसान नहीं था। 19 वर्ष की उम्र में घर से निकलकर उन्होंने मायानगरी का रुख किया। शुरुआत में फिल्म इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली को समझना और सही लोगों से जुड़ना उनके सामने बड़ी चुनौती थी। करीब तीन-चार वर्ष तक लगातार काम करने और सीखने के बाद उन्होंने इंडस्ट्री की कार्यशैली को करीब से समझा।
स्वामी बताते हैं कि शुरुआत के चार साल बड़ी कठिनाई के साथ बीते लेकिन लक्ष्य स्पष्ट था,मंजिल तक पहुंचने के लिए धैर्य के साथ लगातार सीखना और मेहनत करना जरूरी था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया। उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और धैर्य बेहद जरूरी है।समय के साथ आज मुझे इंडस्ट्री में अच्छी पहचान मिली है।
‘3 इडियट्स’ से मिली बड़ी शुरुआत
गिरधर स्वामी के फिल्मी सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव राजकुमार हिरानी की चर्चित फिल्म ‘3 इडियट्स’ रहा। स्वामी इसे अपने करियर की बड़ी शुरुआत मानते हैं। उस समय वे इंडस्ट्री में नए थे और उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह फिल्म इतनी बड़ी सफलता हासिल करेगी।
‘3 इडियट्स’ के अनुभव ने उन्हें फिल्म जगत को करीब से समझने और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। इसके बाद उनके काम का दायरा लगातार बढ़ता गया और वे फिल्मों में कलाकारों की तलाश तथा उनके चयन से जुड़े कार्यों में सक्रिय होते गए।
चेहरे से ज्यादा किरदार की जरूरत को समझना जरूरी
गिरधर स्वामी के अनुसार कास्टिंग डायरेक्टर का काम केवल किसी कलाकार का चेहरा देखकर चयन करना नहीं है। इसके लिए यह समझना जरूरी होता है कि कोई कलाकार किसी विशेष किरदार के लिए कितना उपयुक्त है। कलाकार की अभिनय क्षमता, संवाद अदायगी और किरदार की जरूरत को समझकर सही चयन करना कास्टिंग डायरेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
अब ‘तेरा साईं’ की कास्टिंग की जिम्मेदारी
इन दिनों गिरधर स्वामी बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा की फिल्म ‘तेरा साईं’ की कास्टिंग से जुड़े हुए हैं। फिल्म प्रेम, करुणा और सेवा के संदेश पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म के लिए कलाकारों के चयन की जिम्मेदारी भी स्वामी निभा रहे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना आबसर से मुंबई तक का सफर
गांव आबसर से निकलकर बॉलीवुड तक पहुंचे गिरधर स्वामी की कहानी ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनका सफर बताता है कि बड़े शहरों और बड़ी इंडस्ट्री तक पहुंचने के लिए केवल बड़े शहर से होना जरूरी नहीं, बल्कि लक्ष्य के प्रति स्पष्टता, लगातार मेहनत और सीखने का जज्बा भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
आबसर की गलियों से शुरू हुआ गिरधर स्वामी का सफर आज मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री तक पहुंच चुका है। करीब दो दशक के अनुभव के बाद भी वे लगातार नए प्रोजेक्ट्स और नए कलाकारों के साथ काम कर रहे हैं। यही निरंतरता उनके सफर को खास बनाती है।
    user_Bhagirath Suthar
    Bhagirath Suthar
    सुजानगढ़, चूरू, राजस्थान•
    9 hrs ago
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