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मध्य प्रदेश के सीएम ने जब संभाली शिक्षक की जिम्मेदारी... बच्चों के सपने सुने, पढ़ाई परखी और शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजा! चॉक, ब्लैकबोर्ड और मुख्यमंत्री... भोपाल के स्कूल में दिखी शिक्षा सुधार की नई तस्वीर।
Lavkesh singh
मध्य प्रदेश के सीएम ने जब संभाली शिक्षक की जिम्मेदारी... बच्चों के सपने सुने, पढ़ाई परखी और शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजा! चॉक, ब्लैकबोर्ड और मुख्यमंत्री... भोपाल के स्कूल में दिखी शिक्षा सुधार की नई तस्वीर।
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- एक तरफ आय दोगनी का दावा दूसरी तरफ यूरिया के लिए लाइन में किसान खाद के लिए मारामारी प्रयागराज। केंद्र और राज्य सरकार जहां किसानों की आय दोगुनी करने का बखान कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यूरिया खाद के लिए किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। इसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद किसानों में आक्रोश है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि धूप में सैकड़ों किसान बोरे लेकर खाद केंद्र के बाहर कतार में खड़े हैं। किसी के सिर पर गमछा है तो कोई छाता लगाकर घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। आरोप है कि खाद समय पर और पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही, जिससे रबी की बुवाई प्रभावित हो रही है। किसानों का दर्द लाइन में लगे किसान ने वीडियो में कहा, "सरकार कहती है किसान की आय दोगुनी करेंगे। पहले समय पर खाद तो दे दो। सुबह 5 बजे से लगे हैं, नंबर ही नहीं आ रहा। काला बाजारी भी हो रही है।सोशल मीडिया पर गुस्सा वीडियो वायरल होते ही कमेंट में किसान अपनी परेशानी बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि "वादा बड़े-बड़े और हालात जमीनी स्तर पर खराब। खाद, बीज, डीजल महंगा और मिलता भी नहीं। क्या है मांग किसान संगठनों ने मांग की है: खाद की कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगेहर सहकारी समिति और निजी दुकानों पर पर्याप्त यूरिया की सप्लाई हो पारदर्शी वितरणके लिए टोकन सिस्टम लागू हो इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति कराई जा रही है और कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई होगी। सरकार के दावों और किसानों की जमीनी हकीकत के बीच का यह फर्क वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर चर्चा में है।1
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