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कर्म प्रधान है राम भैया भगत जी यूपी 14 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
रामअवतार कश्यप गाजियाबाद
कर्म प्रधान है राम भैया भगत जी यूपी 14 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
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- गाजियाबाद राजनगर एक्सटेंशन की राज एम्पायर सोसाइटी में, कुत्ता टहलाने पर विवाद, मारपीट के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू गाजियाबाद :- थाना नंदग्राम क्षेत्र स्थित, राजनगर एक्सटेंशन की राज एम्पायर सोसाइटी में, आज शाम लगभग 5:00 बजे कुत्ता टहलाने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के साथ, जमकर मारपीट कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, ताकि चोटों की गंभीरता का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित पक्ष से लिखित तहरीर प्राप्त की जा रही है, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सोसाइटी में शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है और पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। घटना के संबंध में अधिक जानकारी देते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) नंदग्राम, जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- गाजियाबाद शास्त्र की शिक्षा के साथ साथ शस्त्र की शिक्षा की अनिवार्यता शास्त्र की शिक्षा के साथ साथ शस्त्र की शिक्षा की अनिवार्यता::- संघ सेवा भाव, समर्पण,स्वास्थ्य,शास्त्र की शिक्षा तो प्रदान करता है लेकिन शस्त्र की शिक्षा को भी नकारा नहीं जा सकता।अतः संघ में अपनी भागीदारी निभाने वाले राष्ट्रीय सैनिक संस्था के सदस्य एवं अवकाश प्राप्त सैनिक शस्त्र शिक्षा की महत्ता को समझते हुए इस प्रक्रिया में अपना योगदान देना भी अपना कर्तव्य समझते है।अतः राष्ट्रीय सैनिक संस्था के सदस्य इस दिशा में अपना योगदान देना शुरू भी कर दिया है।इस संदर्भित ट्रेनिंग के कुछ पिक साझा किए जा रहे हैं।1
- कनावनी किसानों का ऐलान—अब मुआवजा नहीं, जमीन वापस चाहिए सुप्रीम कोर्ट की प्राधिकरण को दिया समय-सीमा भी खत्म दिनांक: 6 सितम्बर 2026 स्थान: ग्राम मोहिउद्दीनपुर कनावनी, गाजियाबाद कनावनी किसानों का धरना लगातार 24 वें दिन भी जारी, पंचायत में लिया निर्णायक फैसला गाजियाबाद। ग्राम मोहिउद्दीनपुर कनावनी के किसानों का धरना रविवार को लगातार 24 वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर आयोजित किसानों की पंचायत में किसानों ने एक राय होकर निर्णायक फैसला लिया कि अब किसी भी कीमत पर प्राधिकरण को अपनी जमीन नहीं देंगे। किसानों का कहना है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में प्राधिकरण को छह माह के अंदर गांव की भूमि के संबंध में वैध अवार्ड घोषित करने का समय दिया गया था छह माह की निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बावजूद प्राधिकरण गांव के लिए अवार्ड घोषित नहीं कर सका किसानों ने पंचायत में स्पष्ट कहा कि अब वे मुआवजा नहीं, अपनी जमीन वापस चाहते हैं। किसानों का कहना है कि प्राधिकरण ने जिन जमीनों के राजस्व अभिलेखों में किसानों के नाम काटकर अपने नाम दर्ज कर लिए हैं, उन जमीनों पर किसानों के नाम दोबारा बहाल किए जाएं और जमीन किसानों को वापस की जाए। किसान पृथ्वी राज कसाना और प्रवीण नागर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई छह माह की समय-सीमा भी पूरी हो चुकी है और प्राधिकरण निर्धारित अवधि में गांव की भूमि के लिए अवार्ड नहीं बना सका ऐसे में किसानों ने एक राय होकर फैसला लिया है कि अब किसी भी कीमत पर अपनी जमीन प्राधिकरण को नहीं देंगे किसानों के नाम राजस्व अभिलेखों से काटकर प्राधिकरण के नाम दर्ज की गई जमीन किसानों को वापस करनी होगी। धरना स्थल पर हुई पंचायत में किसानों ने एकजुट होकर कहा कि “अब मुआवजा नहीं, जमीन वापस चाहिए” और “अब किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे।” किसानों ने कहा कि वे माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने और अपनी भूमि पर अपना अधिकार बहाल कराने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। इस दौरान धरना स्थल पर मथन सिंह नागर, श्रीचंद नागर,सुखबीर सिंह नागर, जयपाल नागर, कबूल सिंह नागर, चतर सिंह नागर, सतीश नागर, लखीराम शर्मा, भगवत सिंह नागर, अशोक कसाना सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। #kanawani #gdaghaziabad #dmghaziabad #धरना #indirapuramvitar #indirapuram1
- कर्म प्रधान है राम भैया भगत जी यूपी 14 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏1
- ट्रोनिका सिटी में बैग फैक्ट्री में भीषण आग,12 गाड़ियां मौके पर पहुंची ! ट्रोनिका सिटी में बैग फैक्ट्री में भीषण आग 📍 ट्रोनिका सिटी इलाके में शुक्रवार देर रात बैग बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। 🚒 आग की सूचना मिलते ही साहिबाबाद, लोनी और बागपत से दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। ⏱️ दमकल कर्मियों ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद रात करीब 2 बजे आग पर काबू पाया। ⚠️ आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।1
- लोनी में फिर गरमाई सियासत: दो समुदायों की प्रेसवार्ता के बाद विधायक से नोकझोंक, हाजी सलमान पर 25 हजार का इनाम गाजियाबाद के लोनी में टोली मोहल्ले में हिंदू रक्षा दल कार्यकर्ताओं से मारपीट के विवाद के बाद लोनी का माहौल एक बार फिर गरमा गया है। शनिवार को दो नंबर स्थित एक रेस्टोरेंट में दोनों समुदायों के लोगों ने प्रेसवार्ता कर लोगों से शांति बनाए रखने और मामले को राजनीतिक रंग न देने की अपील की। प्रेसवार्ता की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने पर आपत्ति जताई। इसके बाद लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी मौके पर पहुंचे। प्रेसवार्ता के बाद रेस्टोरेंट के बाहर विधायक और आयोजकों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। मामले में रेस्टोरेंट प्रबंधक समेत दो लोगों ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। वहीं, मारपीट के मामले में फरार आरोपी हाजी सलमान पर गाजियाबाद पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। एसीपी लोनी के मुताबिक सलमान के खिलाफ करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रेसवार्ता के जरिए लोनी का माहौल खराब करने और कानूनी कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।1
- 🚨 भाड़ा इतना कम कि अब पोर्टर में 'घोड़ा-गाड़ी' ही अटैच करनी पड़ेगी! 🐎😂 | Apna Cargo Partner अहमदाबाद के आदिल भाई और कस्टमर सपोर्ट की यह असली कॉल रिकॉर्डिंग (Real Call Recording) सुनिए। जब एसी कमरों में बैठी कंपनी कहती है कि "भाड़ा तो सिस्टम तय करता है", तो ड्राइवर का करारा जवाब सुनकर सिस्टम भी हिल जाएगा! 💯 क्या गाड़ी सिस्टम से चलती है या फ्यूल (CNG/Diesel) से? कंपनियों को ग्राउंड रियलिटी (Ground Reality) समझनी ही होगी। 👉 इस कम भाड़े पर आपका क्या कहना है? क्या सच में गाड़ियों को घोड़ा-गाड़ी समझ लिया है? 💬 कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं! 👍 अगर आपको वीडियो पसंद आया तो Like करें और चैनल को Subscribe करना ना भूलें! 🔄 वीडियो को अपने सभी ड्राइवर भाइयों के साथ शेयर करें! #youtube #youtubeshorts #trending #viralvideo #apnacargopartner ⚠️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह वीडियो केवल जागरूकता, रचनात्मक अभिव्यक्ति और कमर्शियल ड्राइवरों की जमीनी हकीकत को सामने लाने के उद्देश्य से बनाया गया है। विजुअल्स (Visuals): वीडियो में इस्तेमाल किए गए दृश्य (जैसे बोलने वाला घोड़ा और एजेंट का गिरना) पूरी तरह से काल्पनिक और एक व्यंग्य (Satire) मात्र हैं। ऑडियो (Audio): वीडियो में सुनाई गई कॉल रिकॉर्डिंग असली है, जिसका उद्देश्य ड्राइवर भाइयों की वास्तविक समस्याओं और दर्द को साझा करना है। उद्देश्य (Purpose): हमारा इरादा किसी भी कंपनी, ब्रांड (पोर्टर या अन्य), या व्यक्ति विशेष की छवि खराब करना, उन्हें ठेस पहुँचाना या उनकी मानहानि (Defamation) करना नहीं है। यह कंटेंट 'Fair Use' (उचित उपयोग) पॉलिसी के तहत आलोचना (Criticism) और टिप्पणी (Commentary) के दायरे में आता है।1
- कनावनी में किसानों का ऐलान—अब मुआवजा नहीं, जमीन वापस चाहिए गाजियाबाद के ग्राम मोहिउद्दीनपुर कनावनी में किसानों का धरना रविवार को लगातार 24वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर किसानों की पंचायत हुई, जिसमें किसानों ने एकजुट होकर बड़ा फैसला लिया है। किसानों ने साफ ऐलान किया कि अब उन्हें मुआवजा नहीं, बल्कि अपनी जमीन वापस चाहिए और किसी भी कीमत पर अपनी जमीन प्राधिकरण को नहीं देने का फैसला किया है। किसानों का कहना है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्राधिकरण को गांव की भूमि के संबंध में वैध अवार्ड घोषित करने के लिए छह महीने का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय-सीमा पूरी होने के बावजूद प्राधिकरण अवार्ड घोषित नहीं कर सका। किसानों का आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में कई जमीनों से किसानों के नाम हटाकर प्राधिकरण का नाम दर्ज कर दिया गया है। अब किसान इन जमीनों पर अपना नाम दोबारा दर्ज कराने और भूमि वापस दिए जाने की मांग कर रहे हैं। किसान श्रीचन्द नागर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई छह माह की समय-सीमा भी पूरी हो चुकी है, लेकिन प्राधिकरण निर्धारित अवधि में अवार्ड नहीं बना सका। ऐसे में किसानों ने पंचायत में एक राय होकर निर्णय लिया है कि अब किसी भी कीमत पर जमीन प्राधिकरण को नहीं दी जाएगी। पंचायत में किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा—“अब मुआवजा नहीं, जमीन वापस चाहिए” और “अब किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे।” किसानों का कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने और राजस्व अभिलेखों में अपना अधिकार बहाल कराने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे। 24 दिन से चल रहे इस धरने के बीच किसानों के इस नए ऐलान के बाद अब प्रशासन और प्राधिकरण पर भी उनकी मांगों को लेकर दबाव बढ़ गया है।1