बर थाना परिसर में पुलिसकर्मियों ने मनाई गुलाल की होली, उत्सवपूर्ण रहा माहौल रिपोर्टर शीतल कुमारी प्रजापत बर थाना क्षेत्र में होली का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। त्यौहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीम लगातार मुस्तैद रही। पर्व के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद गुरुवार को बर थाना परिसर में पुलिसकर्मियों ने आपसी सौहार्द के साथ गुलाल की होली खेली। थाना परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में थाना प्रभारी पन्नालाल सैनी सहित समस्त पुलिस स्टाफ ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने होली के पारंपरिक गीतों पर जमकर नृत्य भी किया। पूरे परिसर में हंसी-खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। थाना प्रभारी पन्नालाल सैनी ने कहा कि होली जैसे बड़े पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना पुलिस के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। सभी पुलिसकर्मियों की सतर्कता और टीम वर्क की बदौलत क्षेत्र में त्यौहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर भाईचारे और एकता का संदेश भी दिया। गुलाल की रंगत और होली के गीतों से थाना परिसर का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
बर थाना परिसर में पुलिसकर्मियों ने मनाई गुलाल की होली, उत्सवपूर्ण रहा माहौल रिपोर्टर शीतल कुमारी प्रजापत बर थाना क्षेत्र में होली का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। त्यौहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीम लगातार
मुस्तैद रही। पर्व के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद गुरुवार को बर थाना परिसर में पुलिसकर्मियों ने आपसी सौहार्द के साथ गुलाल की होली खेली। थाना परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में थाना प्रभारी पन्नालाल सैनी सहित समस्त पुलिस स्टाफ ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस
दौरान पुलिसकर्मियों ने होली के पारंपरिक गीतों पर जमकर नृत्य भी किया। पूरे परिसर में हंसी-खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। थाना प्रभारी पन्नालाल सैनी ने कहा कि होली जैसे बड़े पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना पुलिस के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। सभी पुलिसकर्मियों की
सतर्कता और टीम वर्क की बदौलत क्षेत्र में त्यौहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर भाईचारे और एकता का संदेश भी दिया। गुलाल की रंगत और होली के गीतों से थाना परिसर का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
- सेंदड़ा (ब्यावर) रिपोर्टर शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर के “बादशाह” चंद्रशेखर अग्रवाल की अंतिम सवारी निकली, शहर की आंखें हुई नम, प्रशासन ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, शहर भर में शोक का माहौल ब्यावर के ऐतिहासिक बादशाह मेले में “बादशाह” की भूमिका निभाने वाले चंद्रशेखर अग्रवाल की गुरुवार को शहर में बादशाही अंदाज में अंतिम यात्रा निकाली गई। अपने चहेते “बादशाह” की अंतिम झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी सड़कों पर उमड़ पड़े। पूरे शहर का माहौल भावुक हो गया और हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं। अंतिम यात्रा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पहुंचकर दिवंगत चंद्रशेखर अग्रवाल को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शहर के कई व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे और नागरिकों ने अपने प्रिय “बादशाह” को श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी। परिजन और इष्ट-मित्रों ने उन्हें उसी बादशाही अंदाज में विदा किया, जिसके लिए वे वर्षों से शहर में प्रसिद्ध रहे। अंतिम यात्रा के दौरान परंपरा के अनुसार गुलाल और खर्ची लुटाई गई, वहीं बीरबल के नाच के साथ लोगों ने अपने “बादशाह” को भावुक माहौल में अंतिम सलाम किया। गौरतलब है कि बुधवार को ऐतिहासिक बादशाह मेले के दौरान महादेवजी की छतरी के पास सवारी के समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि हार्ट अटैक के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया। अंतिम यात्रा के दौरान सैकड़ो लोग मौजूद रहे, सभी की आंखें नम नजर आई , घर से निकली अंतिम यात्रा मुक्तिधाम पहुंची जहां उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी, शहर के विभिन्न मंचों पर अपनी हंसी-ठिठोली और अदाकारी से लोगों का मनोरंजन करने वाले चंद्रशेखर अग्रवाल आज भले ही इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें और उनका निभाया “बादशाह” का किरदार हमेशा शहरवासियों के दिलों में जीवित रहेगा।4
- बादशाह मेला ब्यावर1
- गुरलां स्थित लगभग 1100 साल पुराने लक्ष्मीनाथ मंदिर के नवनिर्माण को लेकर गुरुवार को विधिवत भूमिपूजन एवं नींव पूजन किया गया। पंडितों के सानिध्य में शुभ मुहूर्त पर पांच ईंटों का नींव पूजन कर मंदिर नवनिर्माण की आधारशिला रखी गई। पंडित पंकज दाधीच एवं पंडित प्रकाश दाधीच ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना करवाई। मंदिर को भव्य स्वरूप देने के लिए दानदाताओं द्वारा सहयोग राशि दी जा रही है। इस अवसर पर गुरला ठिकाना के कुं. महेन्द्र सिंह पुरावत सहित कजोडी मल सेन, घनश्याम शर्मा, गोवर्धन दाधीच, सूर्यप्रकाश पारीक, रतन सोत्रीय, रामचंद्र सुवालका, कमल किशोर त्रिपाठी, बालूराम दरोगा, रामपाल दाधीच, सत्यनारायण शर्मा, उदयराम सेन, हरकलाल सेन, ललित दाधीच, दीपक दाधीच, मुकेश सोनी, सत्यनारायण वर्मा, किशनदास, वासुदेव दाधीच, बाबूलाल दाधीच सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर नवनिर्माण समिति ने बताया कि सभी धर्मप्रेमियों के सहयोग से निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन पर भक्तों को मिठाई वितरित की गई और लक्ष्मीनाथ ठाकुर के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा1
- रायपुर (ब्यावर) ब्यावर के “बादशाह” चंद्रशेखर अग्रवाल की अंतिम सवारी निकली, शहर की आंखें हुई नम प्रशासन ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, शहरभर में शोक का माहौल ब्यावर के ऐतिहासिक बादशाह मेले में “बादशाह” की भूमिका निभाने वाले चंद्रशेखर अग्रवाल की गुरुवार को शहर में बादशाही अंदाज में अंतिम यात्रा निकाली गई। अपने चहेते “बादशाह” की अंतिम झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी सड़कों पर उमड़ पड़े। पूरे शहर का माहौल भावुक हो गया और हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं। अंतिम यात्रा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पहुंचकर दिवंगत चंद्रशेखर अग्रवाल को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शहर के कई व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे और नागरिकों ने अपने प्रिय “बादशाह” को श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी। परिजन और इष्ट-मित्रों ने उन्हें उसी बादशाही अंदाज में विदा किया, जिसके लिए वे वर्षों से शहर में प्रसिद्ध रहे। अंतिम यात्रा के दौरान परंपरा के अनुसार गुलाल और खर्ची लुटाई गई, वहीं बीरबल के नाच के साथ लोगों ने अपने “बादशाह” को भावुक माहौल में अंतिम सलाम किया। गौरतलब है कि बुधवार को ऐतिहासिक बादशाह मेले के दौरान महादेवजी की छतरी के पास सवारी के समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि हार्ट अटैक के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया। अंतिम यात्रा के दौरान सैकड़ो लोग मौजूद रहे, सभी की आंखें नम नजर आई , घर से निकली अंतिम यात्रा मुक्तिधाम पहुंची जहां उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी, शहर के विभिन्न मंचों पर अपनी हंसी-ठिठोली और अदाकारी से लोगों का मनोरंजन करने वाले चंद्रशेखर अग्रवाल आज भले ही इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें और उनका निभाया “बादशाह” का किरदार हमेशा शहरवासियों के दिलों में जीवित रहेगा।1
- जैतारण ग्राम के पिपलिया खुर्द में गुर्जर गोड़ समाज के अध्यक्ष श्री मोतीलाल जी उपाध्याय एवं श्री सोहनलाल जी उपाध्याय पुतूर के व्यवसायी को महर्षि गोतम जी एवं माता अहिल्याबाई बाई कि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के कार्यक्रम में सबको सपरिवार सहित आमंत्रित करने का निमंत्रण गुर्जर गोड़ समाज के गणमान्य नागरिक श्री घेवर चन्द जी ठाकुरवास एवं श्रीं राजेश जी शर्मा, श्री मुकेश जी सेवरिया, भंवरलाल जी पंचारिया, सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।1
- भारत की बात हमारे साथ1
- नागौर जिले के मेड़ता सिटी में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब कोर्ट परिसर को लेकर एक धमकी भरा ईमेल मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और मेड़ता सिटी कोर्ट परिसर की सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया।1
- बर थाना परिसर में पुलिसकर्मियों ने मनाई गुलाल की होली, उत्सवपूर्ण रहा माहौल रिपोर्टर शीतल कुमारी प्रजापत बर थाना क्षेत्र में होली का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। त्यौहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीम लगातार मुस्तैद रही। पर्व के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद गुरुवार को बर थाना परिसर में पुलिसकर्मियों ने आपसी सौहार्द के साथ गुलाल की होली खेली। थाना परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में थाना प्रभारी पन्नालाल सैनी सहित समस्त पुलिस स्टाफ ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने होली के पारंपरिक गीतों पर जमकर नृत्य भी किया। पूरे परिसर में हंसी-खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। थाना प्रभारी पन्नालाल सैनी ने कहा कि होली जैसे बड़े पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना पुलिस के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। सभी पुलिसकर्मियों की सतर्कता और टीम वर्क की बदौलत क्षेत्र में त्यौहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर भाईचारे और एकता का संदेश भी दिया। गुलाल की रंगत और होली के गीतों से थाना परिसर का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।4