कलेक्टर ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में 41 आवेदनों पर की सुनवाई अनूपपुर - कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में प्राप्त 41 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने भी आवेदकों से उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही की। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए पात्रतानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में तहसील अनूपपुर के ग्राम देवहरा निवासी श्रीमती लाली बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने, तहसील जैतहरी के ग्राम गुवारी निवासी संतोष राम राठौर ने मोजर वेयर द्वारा अधिकृत भूमि के एवज में मुआवजा दिलाए जाने, नगर पालिका बिजुरी निवासी श्रीमती राधा बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने तथा तहसील कोतमा के ग्राम थानगांव निवासी राजेश कुमार बैगा ने जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम गोंदा निवासी श्रीमती कलकतिया बाई ने भूमि का पट्टा दिलाए जाने, ग्राम करौंदी निवासी राम लखन महरा ने बीपीएल राशन कार्ड बनाए जाने, तहसील अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 10 निवासी श्रीमती विनीता चतुर्वेदी ने भूमि का सीमांकन कराए जाने तथा ग्राम बैरीबांध निवासी श्रीमती सुंदरबाई ने किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलबीर रमन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में 41 आवेदनों पर की सुनवाई अनूपपुर - कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में प्राप्त 41 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने भी आवेदकों से उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही की। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए पात्रतानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में तहसील अनूपपुर के ग्राम देवहरा निवासी श्रीमती लाली बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने, तहसील जैतहरी के ग्राम गुवारी निवासी संतोष राम राठौर ने मोजर वेयर द्वारा अधिकृत भूमि के एवज में मुआवजा दिलाए जाने, नगर पालिका बिजुरी निवासी श्रीमती राधा बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने तथा तहसील कोतमा के ग्राम थानगांव निवासी राजेश कुमार बैगा ने जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम गोंदा निवासी श्रीमती कलकतिया बाई ने भूमि का पट्टा दिलाए जाने, ग्राम करौंदी निवासी राम लखन महरा ने बीपीएल राशन कार्ड बनाए जाने, तहसील अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 10 निवासी श्रीमती विनीता चतुर्वेदी ने भूमि का सीमांकन कराए जाने तथा ग्राम बैरीबांध निवासी श्रीमती सुंदरबाई ने किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलबीर रमन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- कलेक्टर ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में 41 आवेदनों पर की सुनवाई अनूपपुर - कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में प्राप्त 41 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने भी आवेदकों से उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही की। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए पात्रतानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में तहसील अनूपपुर के ग्राम देवहरा निवासी श्रीमती लाली बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने, तहसील जैतहरी के ग्राम गुवारी निवासी संतोष राम राठौर ने मोजर वेयर द्वारा अधिकृत भूमि के एवज में मुआवजा दिलाए जाने, नगर पालिका बिजुरी निवासी श्रीमती राधा बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने तथा तहसील कोतमा के ग्राम थानगांव निवासी राजेश कुमार बैगा ने जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम गोंदा निवासी श्रीमती कलकतिया बाई ने भूमि का पट्टा दिलाए जाने, ग्राम करौंदी निवासी राम लखन महरा ने बीपीएल राशन कार्ड बनाए जाने, तहसील अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 10 निवासी श्रीमती विनीता चतुर्वेदी ने भूमि का सीमांकन कराए जाने तथा ग्राम बैरीबांध निवासी श्रीमती सुंदरबाई ने किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलबीर रमन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- गोपालपुर हादसा: पेड़ कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिड़ला माइंस क्षेत्र में कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी, अधेड़ मजदूर केशव साहू की गई जान; ठेकेदार और वन विभाग की निगरानी पर उठ रहे सवाल शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि लकड़ी काटने के दौरान अचानक एक पेड़/लकड़ी का हिस्सा मजदूर के ऊपर आ गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान केशव साहू, निवासी शाहपुर के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू, चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी कर रहा था। इसी दौरान कटाई का काम करते समय वह लकड़ी की चपेट में आ गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचा वन अमला और पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बुढ़ार वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जंगल में पेड़ कटाई जैसे जोखिमपूर्ण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या मजदूरों को हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? क्या कटाई क्षेत्र को सुरक्षित तरीके से चिन्हित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या सुपरवाइजर मौजूद था? और क्या ठेकेदार द्वारा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। डिप्टी रेंजर की भूमिका पर भी उठे सवाल घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि यदि कटाई स्थल की नियमित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की समुचित जांच होती तो हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि, डिप्टी रेंजर की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी अथवा किसी प्रकार की लापरवाही जांच में प्रमाणित होना बाकी है। ऐसे में निष्पक्ष विभागीय जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय की जा सकती है। मुआवजे की बात, लेकिन परिवार को न्याय का इंतजार वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को कम्पनसेशन/मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। परिजनों के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि हादसे की निष्पक्ष जांच और यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी। TMC बिड़ला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की जानकारी प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिड़ला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि कटाई किस अनुमति और प्रक्रिया के तहत कराई जा रही थी तथा कार्य में लगे मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। अब जांच से सामने आएगा सच गोपालपुर हादसे ने जंगल कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी। सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ था, तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?1
- रिपोर्टर योगेश कुमार वर्मन संभाग शहडोल जिला शहडोल मप्र स्वास्तिक गैलेक्सी में भक्तिमय हुआ गणेशोत्सव 56 भोग, महंत उमेश शरण जी महाराज का सत्संग, महाआरती व सुंदरकांड पाठ का हुआ आयोजन शहडोल। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्वास्तिक गैलेक्सी परिवार द्वारा गणेशोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। 15 सितंबर 2026 को गैलेक्सी कम्पाउंड में सुखदाता-दुःखहर्ता भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से स्थापना की गई। गणेश जन्मोत्सव के क्रम में 19 सितंबर को भगवान श्री गणेश जी को 56 भोग अर्पित किया गया। संध्याकालीन महाआरती के पश्चात गणेश जी के भजनों पर गैलेक्सी परिवार के सदस्यों ने नृत्य एवं भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 20 सितंबर को रामसखा आश्रम के महंत श्री उमेश शरण जी महाराज द्वारा भगवान गणेश एवं राम नाम की महिमा पर भजन, कीर्तन और सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया गया। इसके बाद 21 सितंबर को महाआरती तथा 22 सितंबर को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। ये रहे उपस्थित: मोहन दुबे, डॉ. संदीप ताम्रकार, महेंद्र सराफ, श्रीचंद नारवानी, नंदकिशोर मंगलानी, डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, गोविंद सिंह परिहार, देवेंद्र तिवारी, राजेश मिश्रा, दिलीप तिवारी, एस.के. भैया, राजेश सिंह बघेल, संजय रुपचंदानी, बबलू जगवानी, बलराम गुप्ता, अमित जगवानी, महेंद्र मोटवानी (गुड्डू), मुकेश गुप्ता, सुमित अग्रवाल, आकाश आहूजा, सोनू हिंदुजा, किशकेदू घोष, अतुल द्विवेदी, कमलेश मंगलानी, आनंद श्रीवास्तव, यश सोनी, विभा ताम्रकार, सावित्री दुबे, अनीता सराफ, सुधा, कंचन नारवानी, मीना देवी, दीपा मंगलानी, मंजु जगवानी, जिया, देवलीना घोष, तृप्ति सेठिया, सारधा मौर्य, आरोही, कुसुम, रेखा, सोनिका मंगलानी, मयूरी, नीलू, रीमा रुपचंदानी, अंकिता, सुधा, गौरवी, स्वाती, योगिता, नूतन मून सहित गैलेक्सी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। रिपोर्टर योगेश कुमार वर्मन संभाग शहडोल जिला शहडोल मप्र स्वास्तिक गैलेक्सी में भक्तिमय हुआ गणेशोत्सव 56 भोग, महंत उमेश शरण जी महाराज का सत्संग, महाआरती व सुंदरकांड पाठ का हुआ आयोजन शहडोल। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्वास्तिक गैलेक्सी परिवार द्वारा गणेशोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। 15 सितंबर 2026 को गैलेक्सी कम्पाउंड में सुखदाता-दुःखहर्ता भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से स्थापना की गई। गणेश जन्मोत्सव के क्रम में 19 सितंबर को भगवान श्री गणेश जी को 56 भोग अर्पित किया गया। संध्याकालीन महाआरती के पश्चात गणेश जी के भजनों पर गैलेक्सी परिवार के सदस्यों ने नृत्य एवं भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 20 सितंबर को रामसखा आश्रम के महंत श्री उमेश शरण जी महाराज द्वारा भगवान गणेश एवं राम नाम की महिमा पर भजन, कीर्तन और सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया गया। इसके बाद 21 सितंबर को महाआरती तथा 22 सितंबर को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। ये रहे उपस्थित: मोहन दुबे, डॉ. संदीप ताम्रकार, महेंद्र सराफ, श्रीचंद नारवानी, नंदकिशोर मंगलानी, डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, गोविंद सिंह परिहार, देवेंद्र तिवारी, राजेश मिश्रा, दिलीप तिवारी, एस.के. भैया, राजेश सिंह बघेल, संजय रुपचंदानी, बबलू जगवानी, बलराम गुप्ता, अमित जगवानी, महेंद्र मोटवानी (गुड्डू), मुकेश गुप्ता, सुमित अग्रवाल, आकाश आहूजा, सोनू हिंदुजा, किशकेदू घोष, अतुल द्विवेदी, कमलेश मंगलानी, आनंद श्रीवास्तव, यश सोनी, विभा ताम्रकार, सावित्री दुबे, अनीता सराफ, सुधा, कंचन नारवानी, मीना देवी, दीपा मंगलानी, मंजु जगवानी, जिया, देवलीना घोष, तृप्ति सेठिया, सारधा मौर्य, आरोही, कुसुम, रेखा, सोनिका मंगलानी, मयूरी, नीलू, रीमा रुपचंदानी, अंकिता, सुधा, गौरवी, स्वाती, योगिता, नूतन मून सहित गैलेक्सी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।2
- चीता प्रोजेक्ट में जुड़ा नया अध्याय, कूनो से गांधीसागर पहुंची मादा चीता CCB-2 मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम जुड़ गया है। बोत्सवाना से भारत लाई गई मादा चीता CCB-2 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 सितंबर 2026 को गांधीसागर अभयारण्य में CCB-2 को निर्धारित बाड़े में विमुक्त किया। इस अवसर पर CCB-2 को नया नाम ‘राधा’ भी दिया गया। CCB-2 को 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना के घांजी से भारत लाया गया था। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद मई 2026 में उसे कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया था। कूनो की परिस्थितियों के अनुकूल होने के बाद अब उसे गांधीसागर अभयारण्य में नया आवास मिला है। CCB-2 के गांधीसागर पहुंचने के बाद अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जिनमें दो नर और दो मादा चीते शामिल हैं। इसे मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण और पुनर्स्थापना के दायरे को कूनो से आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।1
- फार्म हाउस के लुक के लिए हरे भरे वृक्ष को सुखा कर काटे यूके लिपटिस की आड़ में बमूर के पेड़ भी काटे गए। नेशनल हाईवे NH43 के किनारे लगे यूकेलिप्टस और बमूर के पेड़ों पर चलीआरी, टालों में बिक रही भरी लकड़ी बिरसिंहपुर पाली के ग्राम मुदरिया में नेशनल हाईवे के किनारे लगे सैकड़ों यूकेलिप्टस और बमूर के पेड़ों पर अवैध कटाई का साया मंडरा रहा है। आरोप है कि रात के अंधेरे में हरे-भरे पेड़ों को काटकर हाइड्रा से उठा कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पिकप से अग्रवाल से मिल (लकड़ी टालों )तक पहुंचाया जा रहा है, जहां से यह लकड़ी धड़ल्ले से फर्नीचर ,दरवाजे चौखट बना कर महगे दामों बेचे जा रहे है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक पखवाड़े से मुदरिया के पास हाईवे के दोनों ओर पेड़ों की संख्या लगातार घट रही है। सुबह होते ही कटे हुए ठूंठ और बिखरी डालियां कटाई की गवाही देती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कटाई वन विभाग और राजस्व विभाग की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। पेड़ काटने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिनदहाड़े भी लकड़ी ढोई जा रही है। सूत्रों की मानें तो हाईवे किनारे बन रहे माकान आली सान बिल्डिंग फार्म हाउस के मालिकों के द्वारा लुक के लिए पेड़ों की कटाई की जा रही है और औने-पौने दामों में प्रति ट्रॉली लकड़ी टाल संचालकों को 8 से 10 हजार रुपये में बेची जा रही है। टालों में इस अवैध लकड़ी को वैध लकड़ी के साथ मिलाकर खपाया जा रहा है। राजस्व विभाग कहता है वन विभाग जाने कोई कहता है मां के नाम एक पेड़ लगाने को तो कोई कहता है सारे पेड़ काट दो घर बनाने को तो कोई कहता है सारे पेड़ काट कर मुझे दे दो फर्नीचर बनाने को इन सब के बीच कहां गया पर्यावरणीय सुरक्षा इस अवैध पेड़ो के कटने से शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंच रही है। हाईवे किनारे लगे ये पेड़ न केवल छाया देते थे, बल्कि प्रदूषण को भी सोखते थे। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वहीं पर्यावरण प्रेमियों ने इस अवैध कटाई पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हाईवे किनारे का हरियाला क्षेत्र पूरी तरह उजड़ जाएगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और टालों पर छापा मार कड़ी कार्यवाही की मांग की है।1
- उमरिया मुख्यालय पहुंचने पर जन संकल्प यात्रा का किया गया आत्मीय स्वागत उमरिया मुख्यालय पहुंचने पर जन संकल्प यात्रा का किया गया आत्मीय स्वागत जिला चिकित्सालय में मरीजों को किया गया फल वितरण यात्रा दल ने गौ संस्थान में गायों को खिलाया गौ ग्रास रक्दान शिविर का हुआ आयोजन मध्य प्रदेश उमरिया 22 सितंबर - सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से वाराणसी से रवाना होकर बड़नगर जाने वाली जन संकल्प यात्रा का उमरिया पहुंचने पर आत्मीय स्वागत किया गया। यात्रा का घंघरी तिराहा, गांधी चौक, जय स्तंभ चौक में गाजे बाजे के साथ तिलक लगाकर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। यात्रा दल के सदस्यों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों को फल का वितरण किया । उन्होने उपचाररत मरीजों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री जी व्दारा प्रारंभ किए गए आयुष्मान भारत योजना के संबंध में जानकारी ली तथा इसका लाभ लेने की अपेक्षा की । उन्होने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रूपये तक के निशुल्क इलाज की सुविधा है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मुक्त भारत बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए जा रहे है। इस अवसर पर यात्रा दल के सदस्यों ने रक्तदान भी किया । जिला चिकित्सालय में क्षय रोग एवं सिकल सेल के उपचार से स्वस्थ्य हुए मरीजों ने प्रधानमंत्री जी को हदय से धन्यवाद देते हुए उनके सुदीर्घ जीवन की कामना की तथा कहा कि समुचित चिकित्सा उपचार से वह अब स्वस्थ्य हो चुके है। जन संकल्प यात्रा उमरिया जिला मुख्यालय स्थित गौ संस्थान पहुंची जहां यात्रा दल के सदस्यो ने गौ वंश को गौ ग्रास खिलाया। उल्लेखनीय है कि ताला में रात्रि विश्राम करने के उपरांत यात्रा परासी होते हुए बरबसपुर पहुंची थी। बरबसपुर में यात्रा दल ने ग्राम चौपाल लगाई । इस अवसर पर बताया गया कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश भर के गांव, शहर व कस्बो की तस्वीर बदल रही है। हमारा देश हर दिशा में नये नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री जी का सपना है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाएं। उन्होने युवा , महिला, किसान एवं सभी वर्ग के लोगो से विकसित राष्ट्र के निर्माण में सहयोग की अपेक्षा की है। प्रधानमंत्री जी व्दारा लोगो को सशक्त और आत्म निर्भर बनाने के उददेश्य से विभिन्न जन कल्याण कारी योजनाएं संचालित की जा रही है। पात्र व्यक्तियो को इन सभी योजनाओ का लाभ लेना चाहिए । ग्राम चौपाल में विभिन्न योजनाओ से लाभांवित हितग्राहियों ने योजनाओ से लाभ लेकर बदलाव की कहानी को साझा किया। यात्रा दल ने बरबसपुर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया तथा नागरिकों से अपील की , कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित करते हुए ग्रीन इंडिया अभियान में अपनी सहभागिता निभाएं । मध्य प्रदेश उमरिया मुख्यालय में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के उपरांत जन संकल्प यात्रा ग्राम निगहरी पहुंची जहां उन्होंने लाभार्थी चौपाल लगाकर शासन की योजनाओ से प्राप्त होने वाले लाभ की जानकारी ली। यात्रा दल के सदस्यों ने कहा कि प्रधानमंत्री जी व्दारा विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओ के माध्यम से ग्रामीण जनो के संर्वागीण विकास का कार्य किया जा रहा है ताकि अंतिम छोर तक के व्यक्ति को भी मुख्य धारा से जोडा जा सके। इस अवसर पर आसुतोष अग्रवाल,मिथिलेश पयासी, अमित सिंह, नम्रता यादव, ज्ञानवती सिंह, राजेंद्र पांडेय,सुमित गौतम, धनुषधारी सिंह, हरीश विश्वकर्मा, राधे लाल कोल, मनीष सिंह, शंभू लाल खटटर, शैलेंद्र सिंह, सुजीत भदौरिया, राकेश दर्दवंशी, कौशल विश्वकर्मा सहित बडी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित रहे।2
- कलेक्टर उमरिया श्रीमती राखी सहाय ने जन सुनवाई में सुनी 118 आवेदकों की समस्याएं l मुकेश कुमार के संवाददाता की खास रिपोर्ट l उमरिया 22 सितंबर। साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह सहित अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता ने 118 आवेदकों की समस्याओं को सुना तथा आवेदनों के निराकरण के लिए आवेदन संबंधित विभाग की ओर प्रेषित कर विभागीय अधिकारियों को समुचित कार्यवाही के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विजय सिंह राठौर ने खरीफ मौसम में अत्यधिक वर्षा के कारण सोयाबीन फसल को क्षति का सर्वेक्षण कराकर उचित राहत प्रदान करनें, पंकज काछी चंदवार ने पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने, खेमराज सिंह बिरसिंहपुर पाली ने प्रसूति सहायता योजना का लाभ दिलाने, गेंदा रैदास धौरई ने सड़क बनाए जाने, सिया बाई यादव बिलासपुर ने नाम पुनरू खसरे मे दर्ज कराने, मीरा बाई व्दिवेदी अमरपुर ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने, संतोष कुमार सुभाषगंज ने सेवाकला के दौरान काटी गई पीएफ की राशि का भुगतान कराने, लालमन सेन बचहा ने सीमांकन, नक्शा तरमीम कराने, धन्नू बैगा महरोई ने वृध्दावस्था पेंशन दिलाने तथा गीता मिश्रा बडेरी ने गरीबी रेखा में नाम जोड़ने संबंधी आवेदन दिये। इसके साथ ही अन्य आवेदकों व्दारा पेंशन भुगतान , राजस्व संबंधी कार्याे एवं खाद्यान्न वितरण से संबंधित आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए । कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में एसडीएम बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, प्रत्युष श्रीवास्तव, प्रिया अग्रवाल ने भी आवेदको की समस्याएं सुनी ।इस दौरान विभिन्न विभागो के अधिकारी उपस्थित रहे।2
- गोपालपुर हादसा: पेड़ कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिड़ला माइंस क्षेत्र में कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी, अधेड़ मजदूर केशव साहू की गई जान; ठेकेदार और वन विभाग की निगरानी पर उठ रहे सवाल शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि लकड़ी काटने के दौरान अचानक एक पेड़/लकड़ी का हिस्सा मजदूर के ऊपर आ गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान केशव साहू, निवासी शाहपुर के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू, चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी कर रहा था। इसी दौरान कटाई का काम करते समय वह लकड़ी की चपेट में आ गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचा वन अमला और पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बुढ़ार वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जंगल में पेड़ कटाई जैसे जोखिमपूर्ण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या मजदूरों को हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? क्या कटाई क्षेत्र को सुरक्षित तरीके से चिन्हित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या सुपरवाइजर मौजूद था? और क्या ठेकेदार द्वारा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। डिप्टी रेंजर की भूमिका पर भी उठे सवाल घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि यदि कटाई स्थल की नियमित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की समुचित जांच होती तो हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि, डिप्टी रेंजर की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी अथवा किसी प्रकार की लापरवाही जांच में प्रमाणित होना बाकी है। ऐसे में निष्पक्ष विभागीय जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय की जा सकती है। मुआवजे की बात, लेकिन परिवार को न्याय का इंतजार वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को कम्पनसेशन/मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। परिजनों के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि हादसे की निष्पक्ष जांच और यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी। TMC बिड़ला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की जानकारी प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिड़ला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि कटाई किस अनुमति और प्रक्रिया के तहत कराई जा रही थी तथा कार्य में लगे मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। अब जांच से सामने आएगा सच गोपालपुर हादसे ने जंगल कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी। सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ था, तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?1