रिपोर्टर योगेश कुमार वर्मन संभाग शहडोल जिला शहडोल मप्र स्वास्तिक गैलेक्सी में भक्तिमय हुआ गणेशोत्सव 56 भोग, महंत उमेश शरण जी महाराज का सत्संग, महाआरती व सुंदरकांड पाठ का हुआ आयोजन शहडोल। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्वास्तिक गैलेक्सी परिवार द्वारा गणेशोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। 15 सितंबर 2026 को गैलेक्सी कम्पाउंड में सुखदाता-दुःखहर्ता भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से स्थापना की गई। गणेश जन्मोत्सव के क्रम में 19 सितंबर को भगवान श्री गणेश जी को 56 भोग अर्पित किया गया। संध्याकालीन महाआरती के पश्चात गणेश जी के भजनों पर गैलेक्सी परिवार के सदस्यों ने नृत्य एवं भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 20 सितंबर को रामसखा आश्रम के महंत श्री उमेश शरण जी महाराज द्वारा भगवान गणेश एवं राम नाम की महिमा पर भजन, कीर्तन और सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया गया। इसके बाद 21 सितंबर को महाआरती तथा 22 सितंबर को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। ये रहे उपस्थित: मोहन दुबे, डॉ. संदीप ताम्रकार, महेंद्र सराफ, श्रीचंद नारवानी, नंदकिशोर मंगलानी, डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, गोविंद सिंह परिहार, देवेंद्र तिवारी, राजेश मिश्रा, दिलीप तिवारी, एस.के. भैया, राजेश सिंह बघेल, संजय रुपचंदानी, बबलू जगवानी, बलराम गुप्ता, अमित जगवानी, महेंद्र मोटवानी (गुड्डू), मुकेश गुप्ता, सुमित अग्रवाल, आकाश आहूजा, सोनू हिंदुजा, किशकेदू घोष, अतुल द्विवेदी, कमलेश मंगलानी, आनंद श्रीवास्तव, यश सोनी, विभा ताम्रकार, सावित्री दुबे, अनीता सराफ, सुधा, कंचन नारवानी, मीना देवी, दीपा मंगलानी, मंजु जगवानी, जिया, देवलीना घोष, तृप्ति सेठिया, सारधा मौर्य, आरोही, कुसुम, रेखा, सोनिका मंगलानी, मयूरी, नीलू, रीमा रुपचंदानी, अंकिता, सुधा, गौरवी, स्वाती, योगिता, नूतन मून सहित गैलेक्सी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। रिपोर्टर योगेश कुमार वर्मन संभाग शहडोल जिला शहडोल मप्र स्वास्तिक गैलेक्सी में भक्तिमय हुआ गणेशोत्सव 56 भोग, महंत उमेश शरण जी महाराज का सत्संग, महाआरती व सुंदरकांड पाठ का हुआ आयोजन शहडोल। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्वास्तिक गैलेक्सी परिवार द्वारा गणेशोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। 15 सितंबर 2026 को गैलेक्सी कम्पाउंड में सुखदाता-दुःखहर्ता भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से स्थापना की गई। गणेश जन्मोत्सव के क्रम में 19 सितंबर को भगवान श्री गणेश जी को 56 भोग अर्पित किया गया। संध्याकालीन महाआरती के पश्चात गणेश जी के भजनों पर गैलेक्सी परिवार के सदस्यों ने नृत्य एवं भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 20 सितंबर को रामसखा आश्रम के महंत श्री उमेश शरण जी महाराज द्वारा भगवान गणेश एवं राम नाम की महिमा पर भजन, कीर्तन और सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया गया। इसके बाद 21 सितंबर को महाआरती तथा 22 सितंबर को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। ये रहे उपस्थित: मोहन दुबे, डॉ. संदीप ताम्रकार, महेंद्र सराफ, श्रीचंद नारवानी, नंदकिशोर मंगलानी, डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, गोविंद सिंह परिहार, देवेंद्र तिवारी, राजेश मिश्रा, दिलीप तिवारी, एस.के. भैया, राजेश सिंह बघेल, संजय रुपचंदानी, बबलू जगवानी, बलराम गुप्ता, अमित जगवानी, महेंद्र मोटवानी (गुड्डू), मुकेश गुप्ता, सुमित अग्रवाल, आकाश आहूजा, सोनू हिंदुजा, किशकेदू घोष, अतुल द्विवेदी, कमलेश मंगलानी, आनंद श्रीवास्तव, यश सोनी, विभा ताम्रकार, सावित्री दुबे, अनीता सराफ, सुधा, कंचन नारवानी, मीना देवी, दीपा मंगलानी, मंजु जगवानी, जिया, देवलीना घोष, तृप्ति सेठिया, सारधा मौर्य, आरोही, कुसुम, रेखा, सोनिका मंगलानी, मयूरी, नीलू, रीमा रुपचंदानी, अंकिता, सुधा, गौरवी, स्वाती, योगिता, नूतन मून सहित गैलेक्सी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
रिपोर्टर योगेश कुमार वर्मन संभाग शहडोल जिला शहडोल मप्र स्वास्तिक गैलेक्सी में भक्तिमय हुआ गणेशोत्सव 56 भोग, महंत उमेश शरण जी महाराज का सत्संग, महाआरती व सुंदरकांड पाठ का हुआ आयोजन शहडोल। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्वास्तिक गैलेक्सी परिवार द्वारा गणेशोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। 15 सितंबर 2026 को गैलेक्सी कम्पाउंड में सुखदाता-दुःखहर्ता भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से स्थापना की गई। गणेश जन्मोत्सव के क्रम में 19 सितंबर को भगवान श्री गणेश जी को 56 भोग अर्पित किया गया। संध्याकालीन महाआरती के पश्चात गणेश जी के भजनों पर गैलेक्सी परिवार के सदस्यों ने नृत्य एवं भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 20 सितंबर को रामसखा आश्रम के महंत श्री उमेश शरण जी महाराज द्वारा भगवान गणेश एवं राम नाम की महिमा पर भजन, कीर्तन और सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया गया। इसके बाद 21 सितंबर को महाआरती तथा 22 सितंबर को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। ये रहे उपस्थित: मोहन दुबे, डॉ. संदीप ताम्रकार, महेंद्र सराफ, श्रीचंद नारवानी, नंदकिशोर मंगलानी, डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, गोविंद सिंह परिहार, देवेंद्र तिवारी, राजेश मिश्रा, दिलीप तिवारी, एस.के. भैया, राजेश सिंह बघेल, संजय रुपचंदानी, बबलू जगवानी, बलराम गुप्ता, अमित जगवानी, महेंद्र मोटवानी (गुड्डू), मुकेश गुप्ता, सुमित अग्रवाल, आकाश आहूजा, सोनू हिंदुजा, किशकेदू घोष, अतुल द्विवेदी, कमलेश मंगलानी, आनंद श्रीवास्तव, यश सोनी, विभा ताम्रकार, सावित्री दुबे, अनीता सराफ, सुधा, कंचन नारवानी, मीना देवी, दीपा मंगलानी, मंजु जगवानी, जिया, देवलीना घोष, तृप्ति सेठिया, सारधा मौर्य, आरोही, कुसुम, रेखा, सोनिका मंगलानी, मयूरी, नीलू, रीमा रुपचंदानी, अंकिता, सुधा, गौरवी, स्वाती, योगिता, नूतन मून सहित गैलेक्सी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। रिपोर्टर
योगेश कुमार वर्मन संभाग शहडोल जिला शहडोल मप्र स्वास्तिक गैलेक्सी में भक्तिमय हुआ गणेशोत्सव 56 भोग, महंत उमेश शरण जी महाराज का सत्संग, महाआरती व सुंदरकांड पाठ का हुआ आयोजन शहडोल। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्वास्तिक गैलेक्सी परिवार द्वारा गणेशोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। 15 सितंबर 2026 को गैलेक्सी कम्पाउंड में सुखदाता-दुःखहर्ता भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से स्थापना की गई। गणेश जन्मोत्सव के क्रम में 19 सितंबर को भगवान श्री गणेश जी को 56 भोग अर्पित किया गया। संध्याकालीन महाआरती के पश्चात गणेश जी के भजनों पर गैलेक्सी परिवार के सदस्यों ने नृत्य एवं भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 20 सितंबर को रामसखा आश्रम के महंत श्री उमेश शरण जी महाराज द्वारा भगवान गणेश एवं राम नाम की महिमा पर भजन, कीर्तन और सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया गया। इसके बाद 21 सितंबर को महाआरती तथा 22 सितंबर को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। ये रहे उपस्थित: मोहन दुबे, डॉ. संदीप ताम्रकार, महेंद्र सराफ, श्रीचंद नारवानी, नंदकिशोर मंगलानी, डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, गोविंद सिंह परिहार, देवेंद्र तिवारी, राजेश मिश्रा, दिलीप तिवारी, एस.के. भैया, राजेश सिंह बघेल, संजय रुपचंदानी, बबलू जगवानी, बलराम गुप्ता, अमित जगवानी, महेंद्र मोटवानी (गुड्डू), मुकेश गुप्ता, सुमित अग्रवाल, आकाश आहूजा, सोनू हिंदुजा, किशकेदू घोष, अतुल द्विवेदी, कमलेश मंगलानी, आनंद श्रीवास्तव, यश सोनी, विभा ताम्रकार, सावित्री दुबे, अनीता सराफ, सुधा, कंचन नारवानी, मीना देवी, दीपा मंगलानी, मंजु जगवानी, जिया, देवलीना घोष, तृप्ति सेठिया, सारधा मौर्य, आरोही, कुसुम, रेखा, सोनिका मंगलानी, मयूरी, नीलू, रीमा रुपचंदानी, अंकिता, सुधा, गौरवी, स्वाती, योगिता, नूतन मून सहित गैलेक्सी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
- बिरसिंहपुर पाली के लाइनमैन द्वारा फर्जी मीटर लगाकर ठेकेदार से उगाही 10000 तीसरी रेलवे लाईन के किनारे चल रहे ठेकेदारी कार्य में लाइनमैन ने ₹10000 लेकर लगाया फर्जी मीटर उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में रेलवे के तीसरी लाइन के किनारे की मिट्टी को रोकने के लिए बाउंड्री वॉल के कार्य के लिए ठेकेदार द्वारा बिजली विभाग से टीसी कनेक्शन मांगा गया इसमें बिज्चौलिया बना लाइनमैन धर्मेंद्र नामदेव टीसी कनेक्शन के नाम पर फर्जी मीटर लगाकर ठेकेदार से वसूले ₹10000 फर्जी मीटर लगाकर बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा बिजली चोरी करवाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार को बिजली विभाग के कर्मचारी धर्मेंद्र नामदेव ने ₹10,000 लेकर अवैध रूप से मीटर लगा दिया था, लेकिन इसकी कोई रसीद नहीं काटी थी। इस अवैध कनेक्शन से ठेकेदार करीब 10 दिनों से कटर मशीन से राड सरिया काटनें का काम चला रहा था। सूत्रों के अनुसार, धर्मेंद्र नामदेव ने नियमों को ताक पर रखकर यह मीटर लगाया और विभाग को भुगतान भी नहीं दीया। जब बिजली के खंबे के आखिरी छोर में बिजली की तार शॉर्ट हो गई और शॉर्ट सर्किट नहीं मिल रही थी तब खभों की जांच की गई तब दूसरे लाईनमैनों को यह कंफर्म हुआ कि यहां पर दो टीसी मीटर लगे हैं तीसरा मीटर कब लग गया और उन्होंने फोन करके बिजली ऑफिस में पूछा कि इस खंबे में तीन टी सी मी लगे हैं तब बिजली ऑफिस से पता चला कि वहां पर मात्र दो ही टीसी मीटर लगे हैं तीसरे की हमें जानकारी नहीं है तब जाकर फर्जी मीटर का मामला उजागर हुआ मामले की जानकारी जब उच्च अधिकारियों को मिली तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिजली की लाइन काट दी और मौके पर मीटर उखाड़ कर लें गए अब दूसरा मीटर लगाने के लिए ₹35000 मांगने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार को रेलवे कार्य के लिए विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता थी, लेकिन नियमानुसार औपचारिक कनेक्शन लेने के लिए ₹10000 लाइनमैन धर्मेंद्र नामदेव ने लिया था। रसीद कटवाने के लिए कहा लाइनमैन द्वारा मीटर लगा दिया गया लेकिन रसीद नहीं काटी गई लाइनमैन के द्वाराअवैध रास्ता अपनाया गया। इस दौरान किसी भी तरह का कानूनी दस्तावेज या भुगतान का प्रमाण मौजूद नहीं था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विद्युत विभाग में भ्रष्टाचार और अवैध कनेक्शन को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति है। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी और ठेकेदार दोनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि एक ओर आम उपभोक्ताओं से हर महीने उपयोग से अधिक बिल अधिभार के नाम पर वसूला जाता है, वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग के कर्मचारी मिलीभगत से अवैध कनेक्शन दे रहे हैं। लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल विभाग ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और जप्त मीटर को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।3
- कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जनसुनवाई में सनी आवेदको की समस्याएंl मुकेश कुमार दुबे संवाददाता जिला उमरिया मध्य प्रदेश कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जनसुनवाई में जिलेभर से आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।1
- साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने निम्नलिखित आवेदकों की समस्याओं को सुना साप्ताहिक जनसुनवाई में सुनीं आवेदकों की समस्याएं मध्य प्रदेश उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जनसुनवाई में जिलेभर से आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।1
- उमरिया जिले के ग्राम पंचायत उमरिया बकेली के चौधरी मोहल्ले से बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की परेशानी सामने आई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम आवेदन देकर 63 KVA की जगह 100 KVA का ट्रांसफार्मर लगाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लगाया गया 63 KVA ट्रांसफार्मर बार-बार जल रहा है, जिससे बिजली और पानी की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक चौधरी मोहल्ले में 63 KVA का ट्रांसफार्मर लगाया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में ट्रांसफार्मर जल गया। इसके बाद दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया गया, वह भी करीब 7 दिन के अंदर जल गया। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार ट्रांसफार्मर जलने से कृषि कार्य, पेयजल व्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आवेदन में करीब 30 किसानों के पंप कनेक्शन का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि अधिक कनेक्शन और लोड के कारण 63 KVA का ट्रांसफार्मर पर्याप्त क्षमता से काम नहीं कर पा रहा है। इसलिए उन्होंने 100 KVA का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है, ताकि बार-बार ट्रांसफार्मर जलने की समस्या से राहत मिल सके। आवेदन में बिजली विभाग के एक अधिकारी पर 15 हजार रुपये लेने का आरोप भी लगाया गया है। यह ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द 100 KVA का ट्रांसफार्मर लगाए जाने की मांग की है।1
- चीता प्रोजेक्ट में जुड़ा नया अध्याय, कूनो से गांधीसागर पहुंची मादा चीता CCB-2 मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम जुड़ गया है। बोत्सवाना से भारत लाई गई मादा चीता CCB-2 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 सितंबर 2026 को गांधीसागर अभयारण्य में CCB-2 को निर्धारित बाड़े में विमुक्त किया। इस अवसर पर CCB-2 को नया नाम ‘राधा’ भी दिया गया। CCB-2 को 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना के घांजी से भारत लाया गया था। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद मई 2026 में उसे कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया था। कूनो की परिस्थितियों के अनुकूल होने के बाद अब उसे गांधीसागर अभयारण्य में नया आवास मिला है। CCB-2 के गांधीसागर पहुंचने के बाद अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जिनमें दो नर और दो मादा चीते शामिल हैं। इसे मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण और पुनर्स्थापना के दायरे को कूनो से आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।1
- गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था? क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे? और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं। TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है। जांच से तय होगी जिम्मेदारी घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है। नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था? क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे? और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं। TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है। जांच से तय होगी जिम्मेदारी घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है। नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।1
- गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था? क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे? और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं। TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है। जांच से तय होगी जिम्मेदारी घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है। नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। खबर में इन्हें आरोप/सवाल के रूप में रखना अधिक उचित रहेगा।1
- मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्कूटी योजना बनी वरदान, मेधावी विद्यार्थियों को मिली बड़ी सुविधा” “मेधावी विद्यार्थियों के लिए सरकार की बड़ी सौगात, स्कूटी योजना बनी सहारा” “स्कूटी मिलने से आसान होगा विद्यार्थियों का सफर, पढ़ाई के लिए आने-जाने में मिलेगी सुविधा” भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री स्कूटी योजना विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। योजना के तहत कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जा रही है। स्कूटी मिलने से विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी। खासकर दूर-दराज के क्षेत्रों से पढ़ाई के लिए आने वाले विद्यार्थियों को रोजाना आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। इससे उनका समय भी बचेगा और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। विद्यार्थियों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की योजनाएं बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना से विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने का अवसर भी मिलेगा। सरकार की इस पहल को विद्यार्थियों की शिक्षा और सुगम आवागमन से जोड़कर देखा जा रहा है।1
- *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 22 09 2026 मंगलवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩* *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 22 09 2026 मंगलवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩*1