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बिरसिंहपुर पाली के लाइनमैन द्वारा फर्जी मीटर लगाकर ठेकेदार से उगाही 10000 तीसरी रेलवे लाईन के किनारे चल रहे ठेकेदारी कार्य में लाइनमैन ने ₹10000 लेकर लगाया फर्जी मीटर उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में रेलवे के तीसरी लाइन के किनारे की मिट्टी को रोकने के लिए बाउंड्री वॉल के कार्य के लिए ठेकेदार द्वारा बिजली विभाग से टीसी कनेक्शन मांगा गया इसमें बिज्चौलिया बना लाइनमैन धर्मेंद्र नामदेव टीसी कनेक्शन के नाम पर फर्जी मीटर लगाकर ठेकेदार से वसूले ₹10000 फर्जी मीटर लगाकर बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा बिजली चोरी करवाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार को बिजली विभाग के कर्मचारी धर्मेंद्र नामदेव ने ₹10,000 लेकर अवैध रूप से मीटर लगा दिया था, लेकिन इसकी कोई रसीद नहीं काटी थी। इस अवैध कनेक्शन से ठेकेदार करीब 10 दिनों से कटर मशीन से राड सरिया काटनें का काम चला रहा था। सूत्रों के अनुसार, धर्मेंद्र नामदेव ने नियमों को ताक पर रखकर यह मीटर लगाया और विभाग को भुगतान भी नहीं दीया। जब बिजली के खंबे के आखिरी छोर में बिजली की तार शॉर्ट हो गई और शॉर्ट सर्किट नहीं मिल रही थी तब खभों की जांच की गई तब दूसरे लाईनमैनों को यह कंफर्म हुआ कि यहां पर दो टीसी मीटर लगे हैं तीसरा मीटर कब लग गया और उन्होंने फोन करके बिजली ऑफिस में पूछा कि इस खंबे में तीन टी सी मी लगे हैं तब बिजली ऑफिस से पता चला कि वहां पर मात्र दो ही टीसी मीटर लगे हैं तीसरे की हमें जानकारी नहीं है तब जाकर फर्जी मीटर का मामला उजागर हुआ मामले की जानकारी जब उच्च अधिकारियों को मिली तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिजली की लाइन काट दी और मौके पर मीटर उखाड़ कर लें गए अब दूसरा मीटर लगाने के लिए ₹35000 मांगने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार को रेलवे कार्य के लिए विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता थी, लेकिन नियमानुसार औपचारिक कनेक्शन लेने के लिए ₹10000 लाइनमैन धर्मेंद्र नामदेव ने लिया था। रसीद कटवाने के लिए कहा लाइनमैन द्वारा मीटर लगा दिया गया लेकिन रसीद नहीं काटी गई लाइनमैन के द्वाराअवैध रास्ता अपनाया गया। इस दौरान किसी भी तरह का कानूनी दस्तावेज या भुगतान का प्रमाण मौजूद नहीं था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विद्युत विभाग में भ्रष्टाचार और अवैध कनेक्शन को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति है। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी और ठेकेदार दोनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि एक ओर आम उपभोक्ताओं से हर महीने उपयोग से अधिक बिल अधिभार के नाम पर वसूला जाता है, वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग के कर्मचारी मिलीभगत से अवैध कनेक्शन दे रहे हैं। लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल विभाग ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और जप्त मीटर को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

14 hrs ago
user_Om Agrawal
Om Agrawal
पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago

बिरसिंहपुर पाली के लाइनमैन द्वारा फर्जी मीटर लगाकर ठेकेदार से उगाही 10000 तीसरी रेलवे लाईन के किनारे चल रहे ठेकेदारी कार्य में लाइनमैन ने ₹10000 लेकर लगाया फर्जी मीटर उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में रेलवे के तीसरी लाइन के किनारे की मिट्टी को रोकने के लिए बाउंड्री वॉल के कार्य के लिए ठेकेदार द्वारा बिजली विभाग से टीसी कनेक्शन मांगा गया इसमें बिज्चौलिया बना लाइनमैन धर्मेंद्र नामदेव टीसी कनेक्शन के नाम पर फर्जी मीटर लगाकर ठेकेदार से वसूले ₹10000 फर्जी मीटर लगाकर बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा बिजली चोरी करवाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार को बिजली विभाग के कर्मचारी धर्मेंद्र नामदेव ने ₹10,000 लेकर अवैध रूप से मीटर लगा दिया था, लेकिन इसकी कोई रसीद नहीं काटी थी। इस अवैध कनेक्शन से ठेकेदार करीब 10 दिनों से कटर मशीन से राड सरिया काटनें का काम चला रहा था। सूत्रों के अनुसार, धर्मेंद्र नामदेव ने नियमों को ताक पर रखकर यह मीटर लगाया और विभाग को भुगतान भी नहीं दीया।

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जब बिजली के खंबे के आखिरी छोर में बिजली की तार शॉर्ट हो गई और शॉर्ट सर्किट नहीं मिल रही थी तब खभों की जांच की गई तब दूसरे लाईनमैनों को यह कंफर्म हुआ कि यहां पर दो टीसी मीटर लगे हैं तीसरा मीटर कब लग गया और उन्होंने फोन करके बिजली ऑफिस में पूछा कि इस खंबे में तीन टी सी मी लगे हैं तब बिजली ऑफिस से पता चला कि वहां पर मात्र दो ही टीसी मीटर लगे हैं तीसरे की हमें जानकारी नहीं है तब जाकर फर्जी मीटर का मामला उजागर हुआ मामले की जानकारी जब उच्च अधिकारियों को मिली तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिजली की लाइन काट दी और मौके पर मीटर उखाड़ कर लें गए अब दूसरा मीटर लगाने के लिए ₹35000 मांगने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार को रेलवे कार्य के लिए विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता थी, लेकिन नियमानुसार औपचारिक कनेक्शन लेने के लिए ₹10000 लाइनमैन धर्मेंद्र नामदेव ने लिया था। रसीद कटवाने के

लिए कहा लाइनमैन द्वारा मीटर लगा दिया गया लेकिन रसीद नहीं काटी गई लाइनमैन के द्वाराअवैध रास्ता अपनाया गया। इस दौरान किसी भी तरह का कानूनी दस्तावेज या भुगतान का प्रमाण मौजूद नहीं था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विद्युत विभाग में भ्रष्टाचार और अवैध कनेक्शन को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति है। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी और ठेकेदार दोनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि एक ओर आम उपभोक्ताओं से हर महीने उपयोग से अधिक बिल अधिभार के नाम पर वसूला जाता है, वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग के कर्मचारी मिलीभगत से अवैध कनेक्शन दे रहे हैं। लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल विभाग ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और जप्त मीटर को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जनसुनवाई में सनी आवेदको की समस्याएंl मुकेश कुमार दुबे संवाददाता जिला उमरिया मध्य प्रदेश कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जनसुनवाई में जिलेभर से आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
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    कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जनसुनवाई में सनी आवेदको की समस्याएंl
मुकेश कुमार दुबे संवाददाता जिला उमरिया मध्य प्रदेश 
कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जनसुनवाई में जिलेभर से आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
    user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने निम्नलिखित आवेदकों की समस्याओं को सुना साप्ताहिक जनसुनवाई में सुनीं आवेदकों की समस्याएं मध्य प्रदेश उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जनसुनवाई में जिलेभर से आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
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    साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर  एवं सीईओ जिला पंचायत ने निम्नलिखित आवेदकों की समस्याओं को सुना
साप्ताहिक जनसुनवाई में सुनीं आवेदकों की समस्याएं
मध्य प्रदेश उमरिया
कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जनसुनवाई में जिलेभर से आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • गोपालपुर हादसा: पेड़ कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिड़ला माइंस क्षेत्र में कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी, अधेड़ मजदूर केशव साहू की गई जान; ठेकेदार और वन विभाग की निगरानी पर उठ रहे सवाल शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि लकड़ी काटने के दौरान अचानक एक पेड़/लकड़ी का हिस्सा मजदूर के ऊपर आ गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान केशव साहू, निवासी शाहपुर के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू, चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी कर रहा था। इसी दौरान कटाई का काम करते समय वह लकड़ी की चपेट में आ गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचा वन अमला और पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बुढ़ार वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जंगल में पेड़ कटाई जैसे जोखिमपूर्ण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या मजदूरों को हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? क्या कटाई क्षेत्र को सुरक्षित तरीके से चिन्हित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या सुपरवाइजर मौजूद था? और क्या ठेकेदार द्वारा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। डिप्टी रेंजर की भूमिका पर भी उठे सवाल घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि यदि कटाई स्थल की नियमित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की समुचित जांच होती तो हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि, डिप्टी रेंजर की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी अथवा किसी प्रकार की लापरवाही जांच में प्रमाणित होना बाकी है। ऐसे में निष्पक्ष विभागीय जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय की जा सकती है। मुआवजे की बात, लेकिन परिवार को न्याय का इंतजार वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को कम्पनसेशन/मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। परिजनों के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि हादसे की निष्पक्ष जांच और यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी। TMC बिड़ला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की जानकारी प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिड़ला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि कटाई किस अनुमति और प्रक्रिया के तहत कराई जा रही थी तथा कार्य में लगे मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। अब जांच से सामने आएगा सच गोपालपुर हादसे ने जंगल कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी। सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ था, तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?
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    गोपालपुर हादसा: पेड़ कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
बिड़ला माइंस क्षेत्र में कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी, अधेड़ मजदूर केशव साहू की गई जान; ठेकेदार और वन विभाग की निगरानी पर उठ रहे सवाल
शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि लकड़ी काटने के दौरान अचानक एक पेड़/लकड़ी का हिस्सा मजदूर के ऊपर आ गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान केशव साहू, निवासी शाहपुर के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू, चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी कर रहा था। इसी दौरान कटाई का काम करते समय वह लकड़ी की चपेट में आ गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर पहुंचा वन अमला और पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही बुढ़ार वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल
हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जंगल में पेड़ कटाई जैसे जोखिमपूर्ण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे?
क्या मजदूरों को हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे?
क्या कटाई क्षेत्र को सुरक्षित तरीके से चिन्हित किया गया था?
क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या सुपरवाइजर मौजूद था?
और क्या ठेकेदार द्वारा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
डिप्टी रेंजर की भूमिका पर भी उठे सवाल
घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि यदि कटाई स्थल की नियमित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की समुचित जांच होती तो हादसे को टाला जा सकता था।
हालांकि, डिप्टी रेंजर की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी अथवा किसी प्रकार की लापरवाही जांच में प्रमाणित होना बाकी है। ऐसे में निष्पक्ष विभागीय जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
मुआवजे की बात, लेकिन परिवार को न्याय का इंतजार
वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को कम्पनसेशन/मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
परिजनों के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि हादसे की निष्पक्ष जांच और यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी।
TMC बिड़ला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिड़ला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि कटाई किस अनुमति और प्रक्रिया के तहत कराई जा रही थी तथा कार्य में लगे मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी।
अब जांच से सामने आएगा सच
गोपालपुर हादसे ने जंगल कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी।
सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ था, तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कलेक्टर ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में 41 आवेदनों पर की सुनवाई अनूपपुर - कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में प्राप्त 41 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने भी आवेदकों से उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही की। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए पात्रतानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में तहसील अनूपपुर के ग्राम देवहरा निवासी श्रीमती लाली बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने, तहसील जैतहरी के ग्राम गुवारी निवासी संतोष राम राठौर ने मोजर वेयर द्वारा अधिकृत भूमि के एवज में मुआवजा दिलाए जाने, नगर पालिका बिजुरी निवासी श्रीमती राधा बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने तथा तहसील कोतमा के ग्राम थानगांव निवासी राजेश कुमार बैगा ने जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम गोंदा निवासी श्रीमती कलकतिया बाई ने भूमि का पट्टा दिलाए जाने, ग्राम करौंदी निवासी राम लखन महरा ने बीपीएल राशन कार्ड बनाए जाने, तहसील अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 10 निवासी श्रीमती विनीता चतुर्वेदी ने भूमि का सीमांकन कराए जाने तथा ग्राम बैरीबांध निवासी श्रीमती सुंदरबाई ने किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलबीर रमन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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    कलेक्टर ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में 41 आवेदनों पर की सुनवाई
अनूपपुर  - 
कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में प्राप्त 41 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने भी आवेदकों से उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही की। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए पात्रतानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में तहसील अनूपपुर के ग्राम देवहरा निवासी श्रीमती लाली बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने, तहसील जैतहरी के ग्राम गुवारी निवासी संतोष राम राठौर ने मोजर वेयर द्वारा अधिकृत भूमि के एवज में मुआवजा दिलाए जाने, नगर पालिका बिजुरी निवासी श्रीमती राधा बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने तथा तहसील कोतमा के ग्राम थानगांव निवासी राजेश कुमार बैगा ने जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।
इसी प्रकार तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम गोंदा निवासी श्रीमती कलकतिया बाई ने भूमि का पट्टा दिलाए जाने, ग्राम करौंदी निवासी राम लखन महरा ने बीपीएल राशन कार्ड बनाए जाने, तहसील अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 10 निवासी श्रीमती विनीता चतुर्वेदी ने भूमि का सीमांकन कराए जाने तथा ग्राम बैरीबांध निवासी श्रीमती सुंदरबाई ने किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।
जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलबीर रमन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • कलेक्टर ने जिला जेल का किया औचक निरीक्षण ... कैदियों से की चर्चा, ली अपराध, सजा एवं विधिक सहायता की जानकारी .... जेल के किचन में साफ-सफाई रखने के निर्देश, अपने समक्ष कराई सामग्रियों की जांच ..... शहडोल 22 सितम्बर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज जिला मुख्यालय स्थित जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल में उपलब्ध विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला जेल के औषधालय एवं पुस्तकालय का निरीक्षण किया तथा वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने जेल अधीक्षक से कैदियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जेल अधीक्षक ने बताया कि माह में 10 दिन डॉक्टर द्वारा जेल का भ्रमण कर कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है तथा आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर उपचार सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने बताया कि औषधालय में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं। कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम का निरीक्षण कर कैदियों की ऑनलाइन पेशी के संबंध में जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए जिला जेल में 7 कक्ष बनाए गए हैं। पेशी की तिथि आने पर कैदियों की ऑनलाइन न्यायालय में उपस्थिति दर्ज कराई जाती है। कलेक्टर ने जेल अधीक्षक को किचन में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, जेल परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, सीसीटीवी कैमरे चालू रखने तथा ब्लैक स्पॉट की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जेल में बंद कैदियों से चर्चा की तथा उनके अपराध, सजा एवं विधिक सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कैदियों द्वारा रखी गई सामग्रियों की अपने समक्ष जांच भी कराई। कलेक्टर ने माफी रजिस्टर, ओपीडी रजिस्टर एवं बंदी हिस्ट्री टिकट रजिस्टर का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने कैदियों से जेल में उपलब्ध कराए जाने वाले चाय, नाश्ता एवं भोजन के संबंध में जानकारी ली। कैदियों ने बताया कि निर्धारित मीनू के अनुसार चाय, नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही प्रत्येक रविवार को विशेष भोज भी उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर ने पेयजल, शौचालय, स्नानागार सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली तथा कैदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं व्यवस्थाओं को नियमित रूप से बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, जेल अधीक्षक श्री भास्कर पांडे एवं जेलर श्री सुनील कुमार बैसवाड़े उपस्थित रहे। कलेक्टर ने जिला जेल का किया औचक निरीक्षण ... कैदियों से की चर्चा, ली अपराध, सजा एवं विधिक सहायता की जानकारी .... जेल के किचन में साफ-सफाई रखने के निर्देश, अपने समक्ष कराई सामग्रियों की जांच ..... शहडोल 22 सितम्बर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज जिला मुख्यालय स्थित जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल में उपलब्ध विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला जेल के औषधालय एवं पुस्तकालय का निरीक्षण किया तथा वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने जेल अधीक्षक से कैदियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जेल अधीक्षक ने बताया कि माह में 10 दिन डॉक्टर द्वारा जेल का भ्रमण कर कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है तथा आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर उपचार सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने बताया कि औषधालय में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं। कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम का निरीक्षण कर कैदियों की ऑनलाइन पेशी के संबंध में जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए जिला जेल में 7 कक्ष बनाए गए हैं। पेशी की तिथि आने पर कैदियों की ऑनलाइन न्यायालय में उपस्थिति दर्ज कराई जाती है। कलेक्टर ने जेल अधीक्षक को किचन में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, जेल परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, सीसीटीवी कैमरे चालू रखने तथा ब्लैक स्पॉट की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जेल में बंद कैदियों से चर्चा की तथा उनके अपराध, सजा एवं विधिक सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कैदियों द्वारा रखी गई सामग्रियों की अपने समक्ष जांच भी कराई। कलेक्टर ने माफी रजिस्टर, ओपीडी रजिस्टर एवं बंदी हिस्ट्री टिकट रजिस्टर का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने कैदियों से जेल में उपलब्ध कराए जाने वाले चाय, नाश्ता एवं भोजन के संबंध में जानकारी ली। कैदियों ने बताया कि निर्धारित मीनू के अनुसार चाय, नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही प्रत्येक रविवार को विशेष भोज भी उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर ने पेयजल, शौचालय, स्नानागार सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली तथा कैदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं व्यवस्थाओं को नियमित रूप से बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, जेल अधीक्षक श्री भास्कर पांडे एवं जेलर श्री सुनील कुमार बैसवाड़े उपस्थित रहे।
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    कलेक्टर ने जिला जेल का किया औचक निरीक्षण
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कैदियों से की चर्चा, ली अपराध, सजा एवं विधिक सहायता की जानकारी
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जेल के किचन में साफ-सफाई रखने के निर्देश, अपने समक्ष कराई सामग्रियों की जांच
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शहडोल 22 सितम्बर 2026:-  कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज जिला मुख्यालय स्थित जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल में उपलब्ध विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जिला जेल के औषधालय एवं पुस्तकालय का निरीक्षण किया तथा वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने जेल अधीक्षक से कैदियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जेल अधीक्षक ने बताया कि माह में 10 दिन डॉक्टर द्वारा जेल का भ्रमण कर कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है तथा आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर उपचार सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने बताया कि औषधालय में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं।

कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम का निरीक्षण कर कैदियों की ऑनलाइन पेशी के संबंध में जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए जिला जेल में 7 कक्ष बनाए गए हैं। पेशी की तिथि आने पर कैदियों की ऑनलाइन न्यायालय में उपस्थिति दर्ज कराई जाती है।

कलेक्टर ने जेल अधीक्षक को किचन में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, जेल परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, सीसीटीवी कैमरे चालू रखने तथा ब्लैक स्पॉट की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जेल में बंद कैदियों से चर्चा की तथा उनके अपराध, सजा एवं विधिक सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कैदियों द्वारा रखी गई सामग्रियों की अपने समक्ष जांच भी कराई। कलेक्टर ने माफी रजिस्टर, ओपीडी रजिस्टर एवं बंदी हिस्ट्री टिकट रजिस्टर का भी अवलोकन किया।

कलेक्टर ने कैदियों से जेल में उपलब्ध कराए जाने वाले चाय, नाश्ता एवं भोजन के संबंध में जानकारी ली। कैदियों ने बताया कि निर्धारित मीनू के अनुसार चाय, नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही प्रत्येक रविवार को विशेष भोज भी उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर ने पेयजल, शौचालय, स्नानागार सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली तथा कैदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं व्यवस्थाओं को नियमित रूप से बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, जेल अधीक्षक श्री भास्कर पांडे एवं जेलर श्री सुनील कुमार बैसवाड़े उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने जिला जेल का किया औचक निरीक्षण
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कैदियों से की चर्चा, ली अपराध, सजा एवं विधिक सहायता की जानकारी
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जेल के किचन में साफ-सफाई रखने के निर्देश, अपने समक्ष कराई सामग्रियों की जांच
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शहडोल 22 सितम्बर 2026:-  कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज जिला मुख्यालय स्थित जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल में उपलब्ध विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिला जेल के औषधालय एवं पुस्तकालय का निरीक्षण किया तथा वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने जेल अधीक्षक से कैदियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जेल अधीक्षक ने बताया कि माह में 10 दिन डॉक्टर द्वारा जेल का भ्रमण कर कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है तथा आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर उपचार सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने बताया कि औषधालय में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं।
कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम का निरीक्षण कर कैदियों की ऑनलाइन पेशी के संबंध में जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए जिला जेल में 7 कक्ष बनाए गए हैं। पेशी की तिथि आने पर कैदियों की ऑनलाइन न्यायालय में उपस्थिति दर्ज कराई जाती है।
कलेक्टर ने जेल अधीक्षक को किचन में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, जेल परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, सीसीटीवी कैमरे चालू रखने तथा ब्लैक स्पॉट की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जेल में बंद कैदियों से चर्चा की तथा उनके अपराध, सजा एवं विधिक सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कैदियों द्वारा रखी गई सामग्रियों की अपने समक्ष जांच भी कराई। कलेक्टर ने माफी रजिस्टर, ओपीडी रजिस्टर एवं बंदी हिस्ट्री टिकट रजिस्टर का भी अवलोकन किया।
कलेक्टर ने कैदियों से जेल में उपलब्ध कराए जाने वाले चाय, नाश्ता एवं भोजन के संबंध में जानकारी ली। कैदियों ने बताया कि निर्धारित मीनू के अनुसार चाय, नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही प्रत्येक रविवार को विशेष भोज भी उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर ने पेयजल, शौचालय, स्नानागार सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली तथा कैदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं व्यवस्थाओं को नियमित रूप से बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, जेल अधीक्षक श्री भास्कर पांडे एवं जेलर श्री सुनील कुमार बैसवाड़े उपस्थित रहे।
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    54 min ago
  • बंगाल: मछुआरों ने नन्हे हाथी की ऐसे बचाई जान, मां से मिलाया पश्चिम बंगाल में मछुआरों और वन विभाग के अधिकारियों ने समय रहते तीस्ता नदी में बहकर लगभग चार किलोमीटर दूर चले गए चार दिन के हाथी के बच्चे को बचाया. मछुआरों ने एक छोटी नाव ली और बच्चे को बचाने के लिए तेजी से आगे बढ़े. थोड़ी देर में वे डूबते हुए बछड़े तक पहुंचने में सफल रहे. उन्होंने उसे छोटी नाव में सवार होकर बचाया और नन्हे हाथी को उसकी मां से मिलाया. सोशल मीडिया पर इन मछुआरों की जमकर सराहना हो रही है. देखिए वीडियो -
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    बंगाल: मछुआरों ने नन्हे हाथी
की ऐसे बचाई जान, मां से मिलाया
पश्चिम बंगाल में मछुआरों और वन विभाग के अधिकारियों ने समय रहते तीस्ता नदी में बहकर लगभग चार किलोमीटर दूर चले गए चार दिन के हाथी के बच्चे को बचाया. मछुआरों ने एक छोटी नाव ली और बच्चे को बचाने के लिए तेजी से आगे बढ़े. थोड़ी देर में वे डूबते हुए बछड़े तक पहुंचने में सफल रहे. उन्होंने उसे छोटी नाव में सवार होकर बचाया और नन्हे हाथी को उसकी मां से मिलाया. सोशल मीडिया पर इन मछुआरों की जमकर सराहना हो रही है.
देखिए वीडियो -
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    55 min ago
  • गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था? क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे? और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं। TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है। जांच से तय होगी जिम्मेदारी घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है। नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। खबर में इन्हें आरोप/सवाल के रूप में रखना अधिक उचित रहेगा।
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    गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग
शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे?
क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था?
क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था?
क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे?
और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं।
TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात
प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी।
मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं
बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
जांच से तय होगी जिम्मेदारी
घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है।
अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है।
नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। खबर में इन्हें आरोप/सवाल के रूप में रखना अधिक उचित रहेगा।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था? क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे? और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं। TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है। जांच से तय होगी जिम्मेदारी घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है। नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था? क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे? और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं। TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है। जांच से तय होगी जिम्मेदारी घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है। नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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    गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग

शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे?

क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था?
क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था?
क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे?
और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं।

TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात

प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी।

मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं

बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है।

जांच से तय होगी जिम्मेदारी

घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है।

अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है।

नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग
शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे?
क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था?
क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था?
क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे?
और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं।
TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात
प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी।
मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं
बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
जांच से तय होगी जिम्मेदारी
घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है।
अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है।
नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • चंडिका नगर की महिला ने SP कार्यालय में लगाई गुहार नाबालिग बेटी को स्कूल मार्ग पर परेशान करने का आरोप, ASP ने जांच का दिया आश्वासन
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    चंडिका नगर की महिला ने SP कार्यालय में लगाई गुहार
नाबालिग बेटी को स्कूल मार्ग पर परेशान करने का आरोप, ASP ने जांच का दिया आश्वासन
    user_विकास श्रीवास्तव
    विकास श्रीवास्तव
    पत्रकार कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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