करम के रंग में रंगा सकरौली गांव , लोक गीतों पर रात भर झूमे श्रद्धालु व ग्रामीण सिसई प्रखंड अंतर्गत भदौली पंचायत के राजस्व ग्राम सकरौली में उत्साह के साथ बड़ी धूम धाम से करम पूजा किया गया। महावीर साहु के द्वारा विधिवत् पूजा अर्चना करा कर व करम कथा सुना कर पूजा सम्पन्न कराया गया। श्रद्धालु भक्त नागपुरी गीत पर रात भर झूमते रहे। वार्ड सदस्य कृष्णा कुमार साहु ने श्रद्धालु भक्तों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि करम पर्व केवल पूजा-पाठ और उत्सव का पर्व नहीं है। यह हमारी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। करम देव की पूजा के माध्यम से हम प्रकृति के प्रति सम्मान, परिवार के प्रति प्रेम और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश प्राप्त करते हैं। हमारी पहचान हमारी संस्कृति से है। जगरनाथ साहु ने कहा आज के आधुनिक दौर में जब हमारी नई पीढ़ी तेजी से बदलती दुनिया की ओर बढ़ रही है, ऐसे समय में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों और युवाओं को अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़कर रखें।
करम के रंग में रंगा सकरौली गांव , लोक गीतों पर रात भर झूमे श्रद्धालु व ग्रामीण सिसई प्रखंड अंतर्गत भदौली पंचायत के राजस्व ग्राम सकरौली में उत्साह के साथ बड़ी धूम धाम से करम पूजा किया गया। महावीर साहु के द्वारा विधिवत् पूजा अर्चना करा कर व करम कथा सुना कर पूजा सम्पन्न कराया गया। श्रद्धालु भक्त नागपुरी गीत पर रात भर झूमते रहे। वार्ड सदस्य कृष्णा कुमार साहु ने श्रद्धालु भक्तों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि करम पर्व केवल पूजा-पाठ और उत्सव का पर्व नहीं है। यह हमारी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। करम देव की पूजा के माध्यम से हम प्रकृति के प्रति सम्मान, परिवार के प्रति प्रेम और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश प्राप्त करते हैं। हमारी पहचान हमारी संस्कृति से है। जगरनाथ साहु ने कहा आज के आधुनिक दौर में जब हमारी नई पीढ़ी तेजी से बदलती दुनिया की ओर बढ़ रही है, ऐसे समय में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों और युवाओं को अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़कर रखें।
- चोरी में संलिप्त दो युवकों को अंजुमन ने पुलिस को सौंपा सिसई अंजुमन इस्लामिया बघनी ने चोरी के आरोपी गांव के दो युवकों, सद्दाम अंसारी और एहतेशाम अंसारी, को पुलिस के हवाले किया है। आरोप है कि दोनों ने गांव निवासी कबीरउद्दीन अंसारी के घर से एक वेल्डिंग मशीन और 12 हजार रुपये की चोरी की थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद अंजुमन इस्लामिया बघनी के सदस्यों ने बैठक कर दोनों युवकों से पूछताछ की। अंजुमन के अनुसार, पूछताछ के दौरान सद्दाम अंसारी ने चोरी की बात स्वीकार की और साथ में एहतेशाम अंसारी का भी चोरी में शामिल होने की बात कही। इसके बाद अंजुमन के पदाधिकारियों ने दोनों को सिसई पुलिस को सौंप दिया ताकि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा सके। अंजुमन इस्लामिया बघनी के सदर आजाद अंसारी ने कहा कि गांव में किसी भी तरह की गलत गतिविधि को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में कानून को हाथ में लेने के बजाय संबंधित व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कराना ही उचित है। उन्होंने कहा कि गांव के जो भी व्यक्ति चोरी या गलत कामों में शामिल पाए जाएंगे उनको भी कानून के हवाले किया जाएगा l सेक्रेटरी तंमजीद अंसारी ने कहा कि गांव में अमन-चैन और आपसी विश्वास बनाए रखना अंजुमन की प्राथमिकता है। चोरी या किसी भी गलत गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में अंजुमन पुलिस और प्रशासन का सहयोग करेगी और कानून के तहत ही कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास करेगी। मौके पर अंजुमन के सभी मेंबर और काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे1
- सिसई : प्रकृति पर्व करमा महोत्सव में झूमा सिसई, पारंपरिक संस्कृति में रंगे गांव अखरों में करम डाली स्थापित कर विधिवत् पूजा - अर्चना, मांदर की थाप पर रातभर थिरके महिला -पुरुष व युवक -युवतियां सिसई (गुमला)। प्रकृति, आस्था और भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक प्रकृति पर्व करमा महोत्सव सिसई प्रखंड के विभिन्न गांवों में हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। गांवों के अखरों और घर-आंगनों में करम डाली स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र पारंपरिक लोकगीत, नृत्य और मांदर की थाप से गूंज उठा। करमा पर्व को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के अखरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शाम को पाहान-पुजारों की अगुवाई में विधि-विधान के साथ करम डाली स्थापित की गई। इसके बाद व्रतियों ने करम राजा की पूजा-अर्चना कर अपने भाइयों की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद अखरों में पारंपरिक लोकनृत्य का दौर शुरू हुआ। मांदर की थाप और लोकगीतों की धुन पर महिला-पुरुषों के साथ युवक-युवतियां भी देर रात तक नाचते-गाते रहे। ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति के रंग में रंगकर करमा महोत्सव का आनंद उठाया। कई स्थानों पर अखरा देर रात तक सांस्कृतिक उल्लास का केंद्र बना रहा। मान्यता के अनुसार करमा पर्व भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और पारिवारिक सुख-समृद्धि से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। भाद्रपद एकादशी के अवसर पर बहनें व्रत रखकर करम वृक्ष की डाली को विधिवत लाकर अखरा या घर के आंगन में स्थापित करती हैं। पूजा के दौरान करम राजा से भाइयों की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। पूजा के बाद करमा से जुड़ी पारंपरिक कथा सुनी जाती है और फिर रातभर लोकगीत एवं नृत्य के माध्यम से पर्व का उल्लास मनाया जाता है। करमा महोत्सव ने एक बार फिर सिसई की समृद्ध आदिवासी एवं लोक संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकजुटता की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।4
- Post by Anil Gope1
- ⚠️ DSP रोड पर जलजमाव का कहर, छोटे बच्चों को पानी के बीच से गुजरने की मजबूरी! गुमला के डीएसपी रोड में जलजमाव की समस्या एक बार फिर सामने आई है। महज 20 से 25 मिनट की बारिश में पूरा डीएसपी रोड पानी से भर गया, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को उठानी पड़ी। स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों को जमा पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कई बच्चे पानी से बचकर निकलने की कोशिश करते नजर आए। वहीं आसपास के स्थानीय लोगों और बुजुर्गों को भी काफी परेशानी हुई। कुछ घरों में बारिश का पानी घुसने की बात भी सामने आई है। खास बात यह है कि डीएसपी रोड की इस समस्या को लेकर लगातार खबरें दिखाई जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद आज भी मौके पर समाधान की कोई खास तस्वीर नजर नहीं आई। अब सवाल है कि आखिर छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को इस परेशानी से कब राहत मिलेगी और डीएसपी रोड की जलनिकासी व्यवस्था कब सुधरेगी?1
- करमा त्यौहार भाई बहन के अटूट प्यार को दर्शाता है सरना एवं सनातन समुदाय में धूमधाम से मनाया पर्व लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड क्षेत्र में करमा त्यौहार मंगलवार देर रात और बुधवार दिन भर करमा गीत से क्षेत्र गुजमान रहा यह पर्व भाई बहन के अटूट प्यार को दर्शाती है और प्राकृति की रक्षा के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में पर्व मनाया गया और करम डाली का विधिवत पूजन कर बुधवार को विधि विधान के साथ विसर्जन किया गया।1
- करमा पर्व पर पहान पुजार ने कराया पूजा, डीसी-एसपी ने अखड़ा में बजाया मांदर गुमला में करमा पर्व के मौके पर कृष्णा छात्रावास परिसर में पारंपरिक करमा पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान पाहन-पुजार द्वारा विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ करम देवता की पूजा-अर्चना कराई गई। पूजा में छात्रावास के विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हरीश बिन जमा मुख्य रूप से मौजूद रहे। करमा पर्व की पारंपरिक संस्कृति और उत्साह के बीच दोनों अधिकारियों ने अखड़ा में पहुंचकर मांदर बजाया और लोगों का उत्साह बढ़ाया। मांदर की थाप पर अखड़ा में पारंपरिक नृत्य और गीतों का दौर भी चला। इस दौरान पूरा परिसर करमा पर्व के उल्लास में डूबा नजर आया।करमा पर्व प्रकृति, भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक देखने को मिली।1
- एसआईआर में मतदाता सूची की त्रुटियों के सुधार और समय सीमा बढ़ाने की मांग, खूंटी से आंदोलन की चेतावनी। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। आदिवासी समन्वय समिति एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने और सुधार की समय सीमा 15 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की। समिति ने इस संबंध में ज्ञापन के माध्यम से जनहित में कई प्रस्ताव रखे। समिति ने कहा कि SIR स्वच्छ लोकतंत्र की प्रक्रिया है, जिसका संगठन स्वागत करता है। हालांकि, खूंटी में लगभग 1,34,587 और पूरे जिले में करीब 4,30,453 नागरिकों का मतदाता सूची में पेंडिंग होना चिंता का विषय है। पिछले मतदाता सूची की डाटा एंट्री में हुई त्रुटियों के कारण स्थानीय नागरिकों और BLO समेत संबंधित कर्मियों को दस्तावेजों के नाम पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठनों ने मांग की कि BLO और स्थानीय ग्राम सभा के सत्यापन के आधार पर मतदाता सूची की त्रुटियों का सुधार एवं डाटा एंट्री सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी योग्य मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हो। साथ ही, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में लोगों की कठिनाइयों को देखते हुए मतदाता सूची के प्रकाशन और सुधार की प्रक्रिया को 15 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में लोकसभा एवं विधानसभा सीटों का 100 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने, सभी आदिवासी निवास क्षेत्रों का पुनरावलोकन कर उन्हें पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में शामिल करने तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल होने की शिकायतों की जांच की मांग भी उठाई गई। समिति ने कहा कि आदिवासी मूलवासियों के अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सकारात्मक निर्णय आवश्यक है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर खूंटी से जन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई, जिसे पूरे झारखंड में विस्तार देने की बात कही गई। कार्यक्रम में मार्शल बरला, दामु मुंडा, चन्द्र प्रभात मुंडा, बिनसाय मुंडा, जोनसन होरो, नरेश तिर्की, बासिंह मुंडा, सोमा मुंडा, बिरतुस ओड़ेया, संतोष हस्सा, अमित पुर्ती, जोसेफ ढोडराय, डेविड हमसोय, अजीत हस्सा पुर्ती, जितेन सोय समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- करम के रंग में रंगा सकरौली गांव , लोक गीतों पर रात भर झूमे श्रद्धालु व ग्रामीण सिसई प्रखंड अंतर्गत भदौली पंचायत के राजस्व ग्राम सकरौली में उत्साह के साथ बड़ी धूम धाम से करम पूजा किया गया। महावीर साहु के द्वारा विधिवत् पूजा अर्चना करा कर व करम कथा सुना कर पूजा सम्पन्न कराया गया। श्रद्धालु भक्त नागपुरी गीत पर रात भर झूमते रहे। वार्ड सदस्य कृष्णा कुमार साहु ने श्रद्धालु भक्तों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि करम पर्व केवल पूजा-पाठ और उत्सव का पर्व नहीं है। यह हमारी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। करम देव की पूजा के माध्यम से हम प्रकृति के प्रति सम्मान, परिवार के प्रति प्रेम और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश प्राप्त करते हैं। हमारी पहचान हमारी संस्कृति से है। जगरनाथ साहु ने कहा आज के आधुनिक दौर में जब हमारी नई पीढ़ी तेजी से बदलती दुनिया की ओर बढ़ रही है, ऐसे समय में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों और युवाओं को अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़कर रखें।1