Shuru
Apke Nagar Ki App…
ऋषभ शुक्ला को सौपा गया जनपद सीईओ करकेली का प्रभार उमरिया //। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत करकेली का प्रभार कमलेशराम नीरज,डिप्टी कलेक्टर,को सौपा गया था। उक्त अदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए मध्यप्रदेश शासन,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के परिपत्र के प्रावधान अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत करकेली, जिला उमरिया का प्रभार ऋषभ शुक्ला,सहायक यंत्री, जनपद पंचायत करकेली को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक सौंपा है।
Neeraj Singh Raghuvanshi
ऋषभ शुक्ला को सौपा गया जनपद सीईओ करकेली का प्रभार उमरिया //। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत करकेली का प्रभार कमलेशराम नीरज,डिप्टी कलेक्टर,को सौपा गया था। उक्त अदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए मध्यप्रदेश शासन,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के परिपत्र के प्रावधान अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत करकेली, जिला उमरिया का प्रभार ऋषभ शुक्ला,सहायक यंत्री, जनपद पंचायत करकेली को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक सौंपा है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- ऋषभ शुक्ला को सौपा गया जनपद सीईओ करकेली का प्रभार उमरिया //। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत करकेली का प्रभार कमलेशराम नीरज,डिप्टी कलेक्टर,को सौपा गया था। उक्त अदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए मध्यप्रदेश शासन,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के परिपत्र के प्रावधान अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत करकेली, जिला उमरिया का प्रभार ऋषभ शुक्ला,सहायक यंत्री, जनपद पंचायत करकेली को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक सौंपा है।1
- कोर्ट के सामने बवाल: खाकी पर हाथ, वीडियो वायरल होते ही एक्शन उमरिया में कोर्ट परिसर के सामने हुई मारपीट की घटना ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शासकीय ड्यूटी से लौट रहे एक आरक्षक के साथ सार्वजनिक स्थल पर हाथापाई की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया और पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी। थाना कोतवाली उमरिया में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 10 मुकेश सिंह पिता स्व. आनंद सिंह परस्ते, उम्र 40 वर्ष, ने थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि डाक वितरण संबंधी शासकीय कार्य से लौटने के बाद वे अपने किराये के कमरे की ओर जा रहे थे। उसी दौरान न्यायालय के सामने उन्होंने देखा कि न्यायालय कर्मचारी विमल लडिया एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति से मारपीट कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, जब आरक्षक ने बीच-बचाव कर समझाइश देने की कोशिश की तो आरोपित कर्मचारी ने उनसे अभद्र भाषा में गाली-गलौज की और विवाद करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद दीपक मरावी, अनिल कुमार कोल और बाहिद खान ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और आरक्षक को छुड़ाया। घटना में आरक्षक की वर्दी फटने और चेहरे व गर्दन में चोट लगने की बात सामने आई है। मारपीट का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। इस संबंध में पन्नू सिंह परस्ते, एसडीओपी उमरिया ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कर्मचारी के साथ सार्वजनिक स्थान पर की गई मारपीट गंभीर विषय है। कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। फिलहाल गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है।1
- शांति का टापू कहे जाने वाले उमरिया जिला मुख्यालय से एक ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी पर सरे राह गाली गलौज और मारपीट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है आपको बता दें कि यह पूरा मामला दरअसल उमरिया के मुख्य स्थल रणविजय चौक का है जहां पर एक शख्स के द्वारा वहां पर तैनात पुलिसकर्मी द्वारा रोके जाने पर उसके साथ न सिर्फ गाली-गलौज किया गया बल्कि मारपीट भी की गई यह सब देखकर वहां पर मौजूद कुछ जिम्मेदार लोगों ने आकर बीच बचाव किया तब जाकर आरोपी द्वारा पुलिस कर्मी का कलर छोड़ा गया अब आगे देखना होगा कि शांति के टापू के नाम से मशहूर उमरिया जिले में इस कदर अंधेर गर्दी मचाने वाले कानून से भी ना डरने वाले ऐसे शख्स पर जिले के जिम्मेदार कब तक कितनी कार्यवाही कर पाते हैं बहरहाल इस घटना के बाद से लोगों की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मी ही दहशत में है तो फिर आम लोगों का क्या होगा।1
- मनोज सिंह पत्रकार, 9407012812, शहडोल। शहर के चर्चित पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय में होली का जश्न उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गया, जब रंग-गुलाल के बीच डीजे की धुनों पर झूम रहे छात्र-छात्राओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। चंद मिनटों में उत्सव का माहौल चीख-पुकार और भगदड़ में तब्दील हो गया। जान बचाने के लिए छात्र-छात्राएं परिसर में इधर-उधर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विश्वविद्यालय परिसर में होली का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। रंगों की बौछार और फिल्मी गानों पर डांस के बीच अचानक मधुमक्खियों का झुंड आ धमका। हमले से घबराए कई छात्र जमीन पर गिरते-पड़ते दिखे। परिसर में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए। राहत की बात यह रही कि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ( रंग में भंग, फिर गुटों में तकरार ) मामला यहीं नहीं थमा। अफरा-तफरी के बीच किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। कहासुनी ने देखते ही देखते धक्का-मुक्की का रूप ले लिया। कुछ देर तक परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति को काबू में किया गया। ( वायरल हुआ वीडियो, उठे सवाल ) पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और आयोजन प्रबंधन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भी दूषित और बदबूदार भोजन को लेकर सुर्खियों में रहा था। अब होली जश्न के दौरान मधुमक्खियों का हमला और छात्रों के बीच झड़प ने प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा इंतजामों पर फिर बहस छेड़ दी है। हालांकि किसी गंभीर घायल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कैंपस सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर जवाबदेही तय होना अब जरूरी माना जा रहा है।2
- मझौली/कतरबार (28 फरवरी 2026)। क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब निवासी झल्लू कुशवाहा के 6 माह के पुत्र को कथित रूप से एक महिला और पुरुष द्वारा उठाकर जंगल की ओर भागने की बात सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संदिग्धों को भागते हुए देख ग्रामीणों ने शोर मचाया और चारों तरफ से हल्ला-गुहार शुरू कर दी। ग्रामीणों की सक्रियता देखकर कथित बच्चा चोर शिशु को जंगल के बीच तड़पती हालत में छोड़कर फरार हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि समय रहते बच्चा मिल गया और किसी बड़े अनहोनी से बचाव हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। ⚠️ प्रशासन और पुलिस से अपील मामले की सत्यता की जांच कर आधिकारिक जानकारी जारी की जाए। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए। 📢 आमजन से अपील अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। भीड़तंत्र या खुद से कार्रवाई करने के बजाय कानून व्यवस्था पर भरोसा रखें। सतर्क रहें, सावधान रहें और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। जिले के बुढ़ार स्थित अतिराज वाटिका में शुक्रवार, 28 फरवरी 2026 को आध्यात्मिक वातावरण के बीच “भक्ति कुंज” ग्रंथ का गरिमामय विमोचन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक छोटे लाल सरावगी द्वारा विधिवत रूप से ग्रंथ का विमोचन किया गया। समारोह में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर महामंडलेश्वर पंचकुईया पीठाधीश्वर श्री श्री 108 राम गोपाल दास जी तथा पूज्य महंत श्री श्री 108 अर्जुन दास जी महाराज, श्रीराम जानकी मंदिर बुढ़ार मंचासीन रहे और अपने आशीर्वचन से उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। वक्ताओं ने “भक्ति कुंज” ग्रंथ को भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला महत्वपूर्ण प्रकाशन बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रंथ समाज में सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे। आयोजन का वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण रहा।1
- बिजलीघर के गेट पर जंगल का मेहमान, बिरसिंहपुर पाली में बाघ की एंट्री से हड़कंप उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में शनिवार शाम एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। औद्योगिक गतिविधियों से गुलजार रहने वाले इलाके में अचानक जंगल का सबसे खतरनाक शिकारी दिखाई दे गया। मामला संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के पास का है, जहां प्लांट की ओर जाने वाली सड़क से कुछ ही दूरी पर बाघ नजर आया। शाम के समय कर्मचारी अपनी ड्यूटी के लिए प्लांट की ओर बढ़ रहे थे। तभी डैम क्षेत्र के पास सड़क किनारे हलचल दिखी। देखते ही देखते साफ हो गया कि वह कोई सामान्य जानवर नहीं, बल्कि बाघ है। कुछ पल के लिए वहां सन्नाटा छा गया। कई लोग रुक गए, कुछ ने दूरी बनाकर खड़े रहना बेहतर समझा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ कुछ देर तक इलाके में घूमता रहा। ऐसा माना जा रहा है कि वह पानी पीने के लिए डैम की ओर आया था और फिर वापस वन क्षेत्र की तरफ बढ़ गया। इस दौरान किसी को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन घटना ने कर्मचारियों की धड़कनें जरूर बढ़ा दीं। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद कुछ श्रमिकों ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। यह इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है और पास में ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व स्थित है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कभी-कभी शिकार या पानी की तलाश में बाघ अपने निर्धारित क्षेत्र से बाहर भी निकल आते हैं। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, फिर भी सवाल उठ रहे हैं कि रोजाना सैकड़ों कर्मचारियों की आवाजाही वाले औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। श्रमिकों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि इलाके में नियमित गश्त हो, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाए। फिलहाल प्लांट परिसर के आसपास सतर्कता बढ़ा दी गई है। लोग समूह में आना-जाना कर रहे हैं और शाम के समय विशेष सावधानी बरती जा रही है। जंगल और उद्योग के इस अप्रत्याशित आमने-सामने ने पूरे क्षेत्र को चौकन्ना कर दिया है।1